पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल, महाविद्यालय में बने 600 सीडबॉल

श्री माखनलाल चतुर्वेदी महाविद्यालय में  600 सीडबॉल का किया निर्माण

माखननगर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को लेकर श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय माखननगर में सीडबॉल निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पौधारोपण को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता चौबे ने “एक बीज से ही पौधे का निर्माण होता है” की अवधारणा को आधार बनाते हुए सीडबॉल निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की। इस योजना को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, नेशनल टास्क फोर्स, स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, एनसीसी, स्पोर्ट्स विभाग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

सीडबॉल निर्माण के लिए मिट्टी, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, एलोवेरा जेल, गोमूत्र तथा विभिन्न प्रकार के बीजों का संग्रहण किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता वनस्पति शास्त्र विभाग के डॉ. मनीष शर्मा ने सीडबॉल निर्माण की पूरी प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया। वहीं प्रो. अजय मेहरा एवं पंकज बैरवा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. राजकुमार पटवा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-02 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कविता दुबे के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सीडबॉल निर्माण किया। छात्र-छात्राओं के अथक प्रयासों से नींबू, जामुन, अरीठा, गुलमोहर, चीकू, आम, जैकल जूजूबी, मीठा नीम, बेलपत्र, खुबानी एवं इमली जैसे पौधों के लगभग 600 सीडबॉल तैयार किए गए। निर्माण से पूर्व बीजों को गोमूत्र, एलोवेरा एवं बीजामृत से उपचारित कर सुखाया गया।

इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. आई.एस. कनेश, डॉ. अमिताभ शुक्ला, डॉ. आकांक्षा यादव, अशोक मेहरा एवं अशोक पाटिल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण हेतु सीडबॉल को भूमि में स्थापित करने तथा अधिक से अधिक पौधे तैयार करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-01 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किया। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. राजकुमार पटवा ने बताया कि सीडबॉल निर्माण पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी माध्यम है और इसके माध्यम से आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाया जा सकता है।

कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

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