
इंदौर जिले के महू क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर (महू) की उपयंत्री सावित्री मुवेल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पंचायत और निर्माण कार्यों में फैले भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला
ग्राम पंचायत यशवंत नगर के सचिव रमेशचन्द्र चौहान ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत 4 लाख 52 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य कराया गया था।
इस कार्य के भौतिक सत्यापन और माप पुस्तिका (एमबी) में मूल्यांकन दर्ज करने के एवज में उपयंत्री सावित्री मुवेल द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
सत्यापन के बाद हुई ट्रैप कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को ट्रैप दल का गठन कर कार्रवाई की गई।
जैसे ही आरोपी उपयंत्री ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक रेनू अग्रवाल के नेतृत्व में टीम में आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक शैलेंद्र बघेल, मनीष माथुर, श्रीकृष्ण अहिरवार सहित महिला आरक्षक गायत्री और अर्चना शामिल रहीं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त की आमजन से अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में करें। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।