
नर्मदापुरम। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्राम नया चूरना और शुक्करवाड़ा में महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन एकलव्य संस्था द्वारा एकिडना के वित्तीय सहयोग से दोनों गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं के साथ “न आसमान गिरा न चांद बौखलाया” पुस्तक का वाचन किया गया तथा उस पर चर्चा की गई। इसके साथ ही “क्या मीना को स्कूल छोड़ना पड़ेगा?” विषय पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसके माध्यम से बालिका शिक्षा और उसके महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में रचनात्मक गतिविधियों के तहत ओरिगेमी के माध्यम से महिलाओं ने तितली बनाई, जिसे स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने समाज में अपनी भूमिका, अधिकारों, रोजमर्रा की चुनौतियों और उनके समाधान पर खुलकर विचार-विमर्श किया। साथ ही महिलाओं ने जनगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बनाया।
इस कार्यक्रम में शुक्करवाड़ा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लीला मैडम, चूरना की सरोज यादव मैडम, शिक्षा प्रोत्साहन केंद्र (SPK) की संचालिका संजना धुर्वे सहित एकलव्य संस्था से मुकेश, श्रद्धा, मैलोडी, नीति और रामभरोस ने सहभागिता की।