
माखननगर | मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के माखननगर निवासी प्रख्यात शिक्षाविद्, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अमजद खान को शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं निरंतर योगदान के लिए ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवा रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जीवन जागृति सेवा संस्थान (इंडिया) द्वारा प्रदान किया गया, जो समाज में शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर कार्य कर रहा है।
यह सम्मान भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, आदर्शों और सेवा भावना से प्रेरित होकर उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हों। डॉ. अमजद खान को यह सम्मान उनके बहुआयामी योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
डॉ. अमजद खान ने एक शिक्षक, लेखक और समाजसेवी के रूप में वर्षों से विद्यार्थियों, युवाओं और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को भी विद्यार्थियों के बीच स्थापित करने का प्रयास किया। साहित्य के क्षेत्र में उनकी रचनाएं समाज को सोचने, समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

इसके साथ ही डॉ. खान सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने शिक्षा जागरूकता, साहित्यिक आयोजनों, सामाजिक संवाद और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में निरंतर सहभागिता निभाई है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिला है।
इस अवसर पर जीवन जागृति सेवा संस्थान (इंडिया) के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. अमजद खान का कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उनका समर्पण अनुकरणीय है और यह सम्मान उनके वर्षों के निस्वार्थ प्रयासों का प्रतीक है। संस्था को विश्वास है कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक उत्साह और ऊर्जा के साथ समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. अमजद खान ने इस उपलब्धि को समाज, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग का परिणाम बताते हुए जीवन जागृति सेवा संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।
संस्था की ओर से डॉ. अमजद खान को इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की स्वीकृति है, बल्कि शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी है।