जनपद पंचायत नर्मदापुरम एवं माखननगर में E-Office हेतु प्रशिक्षण संपन्न

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश सरकार के डिजिटलीकरण प्रयासों को गति देते हुए नर्मदापुरम जिले में ई-ऑफिस (E-Office) व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व में जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली प्रारंभ की गई है। इसी क्रम में आज जनपद पंचायत नर्मदापुरम एवं जनपद पंचायत माखननगर के कर्मचारियों को ई-ऑफिस (E-Office) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

ई-ऑफिस (E-Office) व्यवस्था से होगी पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही

ई-ऑफिस (E-Office) के माध्यम से अब सभी नस्तियां ऑनलाइन चलाई जाएँगी। इसमें नोटशीट तैयार करने से लेकर ड्राफ्टिंग और अनुमोदन तक की सभी प्रक्रियाएँ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगी। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि समय की भी बचत होगी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ई-ऑफिस (E-Office) से वरिष्ठ कार्यालयों को दस्तावेज़ और पत्राचार भेजने में कुछ ही सेकंड का समय लगेगा। इसी तरह वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशों को भी तुरंत अमल में लाया जा सकेगा।

प्रशिक्षण का आयोजन

आज आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर कार्यालय से आए रफीक खान एवं प्रज्ज्वल शुक्ला ने जनपद पंचायत के कर्मचारियों को ई-ऑफिस (E-Office) प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत कर समझाया कि किस प्रकार नोटशीट बनाई जाए, फाइल कैसे फॉरवर्ड की जाए और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किस तरह किया जाए।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा उठाई गई शंकाओं एवं समस्याओं का समाधान भी प्रशिक्षकों द्वारा किया गया। नर्मदापुरम जनपद पंचायत के सभागार में मुख्य कार्यक्रम हुआ, वहीं माखननगर के अमले ने वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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सीईओ का वक्तव्य

जनपद पंचायत नर्मदापुरम के सीईओ रंजीत ताराम ने कहा कि दोनों जनपद पंचायतों – नर्मदापुरम और माखननगर – में अब ई-ऑफिस(E-Office) से ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया,
“ई-ऑफिस (E-Office) के दौरान कुछ तकनीकी समस्याएँ आती हैं, लेकिन इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम से उन समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। यह व्यवस्था हमारे लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इससे समय, ऊर्जा और कागज़ की बचत होगी। साथ ही दस्तावेज़ सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।”

ई-ऑफिस (E-Office) के लाभ

प्रशिक्षकों ने विस्तार से बताया कि ई-ऑफिस(E-Office) प्रणाली से कई फायदे होंगे:

  • वरिष्ठ कार्यालयों को पत्राचार तत्काल भेजा जा सकेगा।
  • आने वाले निर्देशों पर तुरंत कार्यवाही संभव होगी।
  • कर्मचारियों और अधिकारियों का समय बचेगा।
  • कागज़ का अनावश्यक खर्च कम होगा।
  • दस्तावेज़ों का सुरक्षित डिजिटलीकरण होगा और रिकॉर्ड हमेशा संरक्षित रहेगा।

इस व्यवस्था से शासन-प्रशासन की कार्यशैली में तेजी और दक्षता आएगी तथा जनता को भी बेहतर सेवाएँ मिल सकेंगी।

स्वच्छता की शपथ

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में ब्लॉक समन्वयक रामकुमार गौर ने सभी कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि “स्वच्छता ही सेवा अभियान” के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियाँ निरंतर चलाई जा रही हैं। इसी तारतम्य में आज के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी स्वच्छता का संकल्प लिया गया।

गौर ने कहा कि जैसे हम ई-ऑफिस(E-Office) के माध्यम से अपने कार्य को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बना रहे हैं, वैसे ही हमें अपने कार्यस्थल और ग्राम पंचायतों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने का प्रयास भी करना चाहिए।

आज का प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कर्मचारियों को डिजिटल युग में कार्य संस्कृति के नए आयामों से अवगत कराया। नर्मदापुरम और माखननगर दोनों जनपद पंचायतों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया और इसे कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व में जिले में ई-ऑफिस (E-Office) प्रणाली का सफल क्रियान्वयन प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ठोस पहल है।

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