
माखन नगर। श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखन नगर में स्वदेशी (Swadeshi) जागरण मंच द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग और जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर पूरे महाविद्यालय परिसर में जागरण सप्ताह मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य: स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर बनाओ
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों को स्वदेशी (Swadeshi) वस्तुओं के महत्व से अवगत कराया गया। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की भावना को आगे बढ़ाने के लिए इस कार्यशाला में स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि देश का हर नागरिक स्वदेशी (Swadeshi) उत्पादों का उपयोग करेगा, तो न केवल भारतीय बाजार सशक्त होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता चौबे ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि –
“स्वदेशी (Swadeshi) अपनाना केवल एक विचार नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ाया गया ठोस कदम है। जब हम अपनी दैनिक जीवनशैली में स्वदेशी (Swadeshi) वस्तुओं का उपयोग करेंगे, तो यह देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीक से निर्मित भारतीय उत्पाद अब गुणवत्ता और मजबूती में किसी भी विदेशी उत्पाद से कम नहीं हैं। ऐसे में युवाओं को आगे आकर अपने परिवार और समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के प्रभारी डॉ. आई.एस. कनेश ने अपने विचार रखते हुए कहा –
“स्वदेशी (Swadeshi) उत्पादों के बढ़ते उपयोग से देश के छोटे कारोबारी, किसान और उद्यमियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत परिकल्पना का सपना भी साकार होगा।”
उन्होंने बताया कि स्वदेशी (Swadeshi)जागरण मंच न केवल विचारधारा है बल्कि यह देश की आर्थिक स्वतंत्रता का आंदोलन है। इसके माध्यम से गाँव-गाँव और घर-घर तक यह संदेश पहुँचाना है कि जब तक हम विदेशी वस्तुओं पर निर्भर रहेंगे, तब तक हमारा पूंजी बाहर जाएगी।
रैली और संकल्प का आयोजन
कार्यशाला के बाद स्वदेशी जागरण मंच की ओर से महाविद्यालय परिसर और नगर में जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियाँ लेकर ‘स्वदेशी अपनाओ – भारत बनाओ’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करो’ जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया।
साथ ही, सभी उपस्थित लोगों ने स्वदेशी संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में भारतीय उत्पादों का अधिकतम उपयोग करेंगे और अपने मित्रों व परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
सांस्कृतिक रंग: स्वदेशी (Swadeshi) पर रचना पाठ
कार्यक्रम में डॉ. सुमन अवस्थी ने स्वदेशी पर आधारित अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया, जिसने वहाँ मौजूद छात्र-छात्राओं और अतिथियों को खूब प्रभावित किया। उनकी रचना में स्वदेशी की महत्ता, आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और राष्ट्र निर्माण में योगदान की झलक साफ़ दिखाई दी।
सहयोग और सहभागिता
इस कार्यशाला के सफल आयोजन में जन अभियान परिषद के मेंटर श्री सुरेश यादव और नीकेश कीर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्वदेशी(Swadeshi)अपनाने से होने वाले लाभ
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वदेशी अपनाने के कई फायदे भी गिनाए, जिनमें प्रमुख हैं:
- रोजगार सृजन – स्थानीय स्तर पर उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- आर्थिक मजबूती – विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम होगी और देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।
- सांस्कृतिक गौरव – भारतीय कला, शिल्प और परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा।
- गुणवत्ता व विश्वास – आधुनिक तकनीक से बने स्वदेशी उत्पाद अब विश्व स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
- आत्मनिर्भर भारत – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को सशक्त आधार मिलेगा।
निष्कर्ष
माखन नगर में आयोजित यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा सामाजिक जागरण अभियान था जिसने युवाओं को स्वदेशी अपनाने की दिशा में प्रेरित किया। इस अवसर पर दिए गए संदेश और संकल्प निश्चित ही आने वाले समय में बड़े बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
आज जब पूरा देश आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर है, ऐसे आयोजनों से जनता को जागरूक करने में मदद मिल रही है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देगा, तो भारत आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर और अधिक समृद्ध होगा।