सोनम वांगचुक की NSA के तहत गिरफ्तारी पर पत्नी गीतांजलि अंगमो के गंभीर आरोप, कहा– यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, लोकतंत्र का सवाल

दिल्ली/ जलवायु कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का कोई ठोस आधार नहीं है, इसी वजह से सरकार अदालत में लगातार तारीख पर तारीख मांग रही है।

एक साक्षात्कार में गीतांजलि अंगमो ने कहा कि यह मामला सिर्फ सोनम वांगचुक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दुरुपयोग के जरिए देश के लिए काम करने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा रहा है।

NSA प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप

गीतांजलि अंगमो ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत किसी भी आरोपी को 5 से 10 दिनों के भीतर हिरासत से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए। लेकिन सोनम वांगचुक को अहम वीडियो सबूत 28वें दिन सौंपे गए। उन्होंने इसे NSA की धारा 8 और 11 का स्पष्ट उल्लंघन बताया और कहा कि इसी आधार पर हिरासत आदेश शुरू से ही अवैध हो जाता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हिरासत आदेश पुलिस के प्रस्ताव का “कॉपी-पेस्ट” है और उसमें स्वतंत्र रूप से विचार नहीं किया गया। कई एफआईआर में सोनम वांगचुक का नाम तक दर्ज नहीं है, जबकि जिन वीडियो का हवाला दिया गया है, वे एक से डेढ़ साल पुराने बताए जा रहे हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया पर सवाल

गीतांजलि अंगमो ने लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा सहित उन नेताओं का आभार जताया जिन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर जितनी मजबूत राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया होनी चाहिए थी, वह देखने को नहीं मिली।

उन्होंने देश में बढ़ते ध्रुवीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि नागरिकों को पार्टी और विचारधाराओं से ऊपर उठकर लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के बारे में सोचना चाहिए।

शैक्षणिक परियोजनाओं पर असर

इस गिरफ्तारी का असर सोनम वांगचुक से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों और परियोजनाओं पर भी पड़ा है। गीतांजलि अंगमो के अनुसार, HIAL और SECMOL से जुड़े नए शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही है और कुछ फंडर्स पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने इसे “सिल्वर लाइनिंग” बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले के बाद अब ज्यादा लोग उनके संस्थानों और कार्यों को जानने लगे हैं।

लोकतंत्र पर उठते सवाल

सोनम वांगचुक की NSA के तहत गिरफ्तारी और उस पर उठ रहे सवाल एक बार फिर यह बहस तेज कर रहे हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में और किस तरह किया जाना चाहिए। गीतांजलि अंगमो का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ उनके पति की नहीं, बल्कि उन सभी नागरिकों की है जो लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं।

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