
मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम (weather) का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार देर रात से ही कई जिलों में बादल छाए रहे और शनिवार सुबह से हल्की बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। दिनभर कई इलाकों में रुक-रुक कर फुहारें गिरती रहीं। इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और मौसम में ठंडक घुलने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दो अलग-अलग अवदाब (Low Pressure) के सिस्टम की वजह से प्रदेश में नमी बढ़ी है और इसी कारण लगातार बादल छाए हुए हैं।
राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, बैतूल, नर्मदापुरम और आसपास के जिलों में शनिवार को बादल छाने और हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं बैतूल में 18 मिमी, सागर में 17 मिमी और उज्जैन में 10 मिमी वर्षा हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, रविवार से मंगलवार के बीच यह प्रणाली और सक्रिय हो सकती है जिससे राज्य के दक्षिण-पश्चिम और मध्य हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
37 जिलों में वर्षा की संभावना
मौसम (weather) विभाग ने मध्य प्रदेश के कुल 37 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
इन जिलों में शामिल हैं —
इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, आगर मालवा, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और उज्जैन।
इन जिलों में अगले तीन से चार दिन तक गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बना दबाव तंत्र
वरिष्ठ मौसम (weather) विज्ञानी पी.के. रायकवार के अनुसार, वर्तमान में मौसम को प्रभावित करने वाले दो मुख्य सिस्टम सक्रिय हैं —
- पूर्व-मध्य अरब सागर का अवदाब क्षेत्र:
यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और इसके कारण नमी का प्रवाह प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों तक पहुंच रहा है। - दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब:
यह रविवार तक गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील हो सकता है। अनुमान है कि सोमवार तक यह सिस्टम पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचकर चक्रवातीय तूफान में बदल जाएगा। यदि ऐसा होता है तो इसका असर मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में ज्यादा देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, हिमालयी क्षेत्र में सोमवार से नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय होने जा रहा है, जिससे उत्तर भारत के साथ मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा।
तापमान में आई गिरावट
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
- खजुराहो में शनिवार को अधिकतम तापमान 32.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री कम रहा।
- भोपाल में अधिकतम तापमान 29.6°C और न्यूनतम 20.2°C दर्ज किया गया।
- इंदौर में दिन का तापमान 28°C तक गिर गया, जबकि सुबह-शाम की ठंडक में बढ़ोतरी हुई।
- जबलपुर और नर्मदापुरम में भी तापमान में 3-4 डिग्री की कमी दर्ज की गई है।
मौसम (weather) वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार दिनों में ठंडी हवाएं चलने से रात के तापमान में और गिरावट संभव है। इससे सर्दी का शुरुआती अहसास जल्द होने लगेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए सावधानी बरतने की अपील जारी की है।
- तेज बारिश या आंधी-तूफान की स्थिति में खुले में न रहें।
- कच्चे मकानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- बिजली गिरने के खतरे के दौरान मोबाइल का उपयोग और खुले मैदानों में खड़ा होना टालें।
- किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटाई की गई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि नमी और फुहारों से नुकसान हो सकता है।
विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बादल, ठंडी हवाएं और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
जहां एक ओर यह बारिश रबी फसलों की बुवाई से पहले नमी बढ़ाने में सहायक होगी, वहीं दूसरी ओर उन किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है जिन्होंने खरीफ फसल की कटाई कर ली है।
- सोयाबीन, मूंग और धान की फसलें बारिश में भीगने से नुकसान में आ सकती हैं।
- वहीं जिन क्षेत्रों में गेहूं और चना की बुवाई की तैयारी चल रही है, वहां यह बारिश भूमि की नमी के लिए फायदेमंद साबित होगी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चक्रवातीय असर ज्यादा नहीं बढ़ा तो यह सीजन की अंतिम मानसूनी (weather) बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी ठंड
सोमवार से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इसका असर मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं के रूप में देखने को मिलेगा।
मौसम (weather) विभाग ने संकेत दिए हैं कि नवंबर की शुरुआत में ठंड का पहला बड़ा झोंका मध्य भारत तक पहुंच सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है और रातें ठंडी होने लगेंगी।
अगले चार दिन का संभावित मौसम पूर्वानुमान
| दिन | मौसम का हाल | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|
| रविवार (27 अक्टूबर) | दक्षिण-पश्चिम जिलों में हल्की से मध्यम बारिश | तापमान में गिरावट शुरू |
| सोमवार (28 अक्टूबर) | बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से प्रदेश के मध्य हिस्सों में प्रभाव | तेज हवाएं और गरज-चमक |
| मंगलवार (29 अक्टूबर) | अधिकांश जिलों में बारिश जारी, ठंडी हवाएं चलेंगी | नमी बढ़ेगी, रातें ठंडी होंगी |
| बुधवार (30 अक्टूबर) | बारिश का असर कम होगा, पर बादल छाए रहेंगे | दिन के तापमान में और गिरावट |
मध्य प्रदेश में मौसम (weather)ने अचानक करवट बदल ली है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठे दो सिस्टमों ने प्रदेश में ठंडक और फुहारों का माहौल बना दिया है। अगले चार दिन तक अधिकांश जिलों में बारिश, बादल और ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम (weather)वैज्ञानिकों ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसानों से फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
अक्टूबर के अंत तक यह दौर जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद नवंबर की शुरुआत में ठंड का आगाज़ होने की पूरी उम्मीद है।