मास्क पहनें और कोरोना वायरस की जांच के लिए जाएं, आईसीएमआर की सलाह

इस बीच कोरोना पर लंबी स्टडी करने वाले संस्थान ICMR ने भी नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें बताया गया है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जाएं, वे तुरंत अलग हो जाएं और आइसोलेशन में रहें। इसके अलावा कोरोना के लक्षण वाले 60 साल से अधिक आयु के लोगों की पहले टेस्टिंग की जाए। वहीं डायबिटीज, हाइपरटेंशन, लंग्स और किडनी की बीमारी के शिकार और मोटापे से पीड़ित लोगों को भी लक्षण पाए जाने पर तत्काल टेस्टिंग की सलाह दी गई है। ICMR का कहना है कि बचाव के लिए यह जरूरी है कि टेस्टिंग प्राथमिकता के आधार पर हो ताकि नए वैरिएंट को फैलने से रोका जा सकता है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि खांसी, बुखार, गले में खराश, स्वाद और महक न आना, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लें और टेस्ट कराएं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को टेस्टिंग में प्राथमिकता दी जाए। इस बीच केरल और गोवा जैसे राज्यों में कोरोना के केसों में तेजी से इजाफा हुआ है। वहीं एनसीआर की बात करें तो गाजियाबाद और गुरुग्राम में नए मामले मिले हैं। केरल में तो ऐक्टिव केसों की संख्या 2,341 हो गई है, जहां बुधवार को ही आंकड़ा 2 हजार के पार पहुंचा था। गुरुवार सुबह आए आंकड़ों में केरल में 300 नए केस मिले हैं और तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं 211 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है।
एक्सपर्ट्स बोले- कोरोना से सावधान रहना जरूरी, वरना आगे भी खतरा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही कोरोना का नया वैरिएंट JN.1 बहुत खतरनाक नहीं है और इससे जान का खतरा भी अन्य वैरिएंट्स से कम है। लेकिन मास्क लगाने जैसी सावधानियां अपनानी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी वजह यह है कि कोरोना का असर शरीर में लंबे अरसे तक रहता है और इसके चलते दूसरी परेशानियां भी हो सकती हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों हेल्थ मिनिस्टर ने भी कहा था कि कोरोना से पीड़ित लोगों को कुछ साल तक बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए।