करूर रैली त्रासदी के बाद विजय का भावुक वीडियो बयान: “मेरे जीवन में कभी करूर जैसा दर्द नहीं देखा”

तमिलनाडु की राजनीति इस समय करूर में हुई एक भीषण त्रासदी से हिल चुकी है। 27 सितंबर, 2025 को तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) अध्यक्ष और अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय (vijay) की रैली में अचानक भगदड़ मच गई। इस दुर्घटना में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।

इस हादसे के तीन दिन बाद, 30 सितंबर को विजय ने एक वीडियो बयान जारी कर घटना पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से भावुक अपील की।


“दिल दर्द से भारी है”

अपने संदेश में विजय (vijay) ने कहा:

“मेरे जीवन में कभी भी करूर जैसी दर्दनाक स्थिति का सामना नहीं किया। मेरा दिल दर्द से भारी है। जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।”

उन्होंने कहा कि पूरे राज्यव्यापी दौरे में उन्हें जनता से अपार स्नेह मिला और करूर में भी लोग उनके प्रति प्रेम और समर्थन दिखाने आए थे। विजय (vijay) ने बताया कि उनकी पार्टी ने हमेशा कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और प्रशासन से अनुमति ली।

उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि वे जल्द ही प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।


मुख्यमंत्री स्टालिन को संदेश: “मेरे खिलाफ कार्रवाई करें, कार्यकर्ताओं पर नहीं”

विजय (vijay) ने अपने बयान में सीधे मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से कहा:

“अगर आप बदला लेना चाहते हैं, तो मुझ पर लें — मेरे कार्यकर्ताओं पर नहीं। मेरा घर हो या दफ्तर, आप मेरे खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। लेकिन मेरी पार्टी के लोगों को मत सताइए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रैली पार्टी को आधिकारिक तौर पर आवंटित स्थल पर हुई थी और सभी नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पांच जिलों में रैली बिना किसी हादसे के हुई, तो केवल करूर में ही यह त्रासदी क्यों घटी? विजय (vijay) ने कहा कि “लोग सच्चाई जानते हैं, जल्द ही सब कुछ सामने आएगा।”


पुलिस और प्रशासन पर सवाल

घटना के बाद पुलिस ने टीवीके पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की और कुछ गिरफ्तारियाँ भी कीं। आरोप है कि भीड़ प्रबंधन में गंभीर लापरवाही हुई। वहीं, विपक्षी नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। एआईएडीएमके नेता एडापडी पलानीस्वामी ने कहा कि अगर पूरी पुलिस सुरक्षा होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़ नियंत्रित करने में खामियाँ, समय पर एंट्री और एग्जिट प्रबंधन का अभाव और आपातकालीन व्यवस्था की कमी इस त्रासदी के कारण बने।


टीवीके की राजनीतिक यात्रा जारी रहेगी

विजय (vijay) ने अपने संदेश में कहा कि उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी। “टीवीके की राजनीतिक यात्रा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और बहादुर होकर जारी रहेगी।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम रखने और जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।


आगे का रास्ता

राज्य सरकार ने इस हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। अदालत ने कुछ टीवीके नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा है। यह त्रासदी तमिलनाडु की राजनीति में गहरी हलचल पैदा कर चुकी है। विजय का भावुक बयान जहां समर्थकों के लिए साहस का संदेश है, वहीं यह सवाल भी खड़ा करता है कि भविष्य में राजनीतिक रैलियों की सुरक्षा और व्यवस्था को कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।

करूर की यह घटना केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि उन परिवारों की गाथा है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। अब पूरे राज्य की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच से क्या निष्कर्ष निकलते हैं और जिम्मेदार लोगों को कैसे कटघरे में खड़ा किया जाता है।

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