उज्जैन। मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार “सबको हुनर, सबको काम” योजना के तहत युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
आईटीआई उज्जैन में आधुनिक कोर्स
उज्जैन के आईटीआई में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत युवाओं को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग और वेब 3.0 जैसी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि दो माह के इस प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। इच्छुक युवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार की गारंटी
इस योजना के तहत:
- 12वीं पास युवाओं को 2 माह के प्रशिक्षण के बाद सोलर इंडस्ट्री में रोजगार मिलेगा।
- 10वीं पास युवाओं को गारमेंट इंडस्ट्री में काम का अवसर दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्रियल एक्सपोजर और ऑन-जॉब ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
ये भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2026 LIVE: 2 अप्रैल को मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
उद्योगों से समन्वय
रोजगार सुनिश्चित करने के लिए एमपीआईडीसी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और जिला उद्योग केंद्र मिलकर काम कर रहे हैं।
हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और प्लेसमेंट
संभागीय आईटीआई उज्जैन द्वारा हब एंड स्पोक मॉडल के तहत छात्रों को 2 से 4 सप्ताह की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें CNC मशीन प्रोग्रामिंग भी सिखाई जा रही है।
Quest Alliance के सहयोग से छात्रों को सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें। कई छात्रों का बेंगलुरु में कैंपस प्लेसमेंट भी हुआ है।
एमओयू से बढ़े अवसर
संभागीय आईटीआई उज्जैन और लघु उद्योग भारती के बीच 9 मार्च को एमओयू साइन किया गया है। इससे छात्रों को अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री प्लेसमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही आईटीआई के आधुनिकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार मेलों से भी मिला लाभ
वर्ष 2025-26 में आयोजित 10 रोजगार एवं स्वरोजगार युवा संगम मेलों में:
- 1779 आवेदकों का प्रारंभिक चयन हुआ
- 214 छात्रों को अप्रेंटिसशिप मिली
- 2313 युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए
इस पहल से प्रदेश के युवाओं को न केवल कौशल विकास का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में रोजगार हासिल करने में भी मदद मिलेगी।