तृणमूल कांग्रेस का जेपीसी से बहिष्कार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को संसद में गठित संयुक्त समिति (जेपीसी) को “तमाशा” करार देते हुए ऐलान किया कि वह इसमें अपना कोई सदस्य नहीं भेजेगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने तीन विधेयक पेश किए हैं—
1. केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025
2. संविधान (130वाँ संशोधन) विधेयक 2025
3. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025
ये विधेयक गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्षी नारेबाजी के बीच पेश किए थे और बाद में इन्हें संयुक्त समिति को भेजा गया।
टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि समिति पर भरोसा नहीं है क्योंकि यह सत्तारूढ़ बहुमत की ओर झुकी रहती है और विपक्ष के सुझाव हमेशा खारिज कर दिए जाते हैं।
राज्यसभा में टीएमसी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जेपीसी को “नौटंकी” में बदल रही है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से ध्यान भटकाना है।
उन्होंने कहा कि किसी को इस हथकंडे को “हथकंडा” कहना ही था और टीएमसी ने वही किया।