देनवापोस्ट इंपेक्ट:खबर के बाद मचा हड़कंप, शाला प्रभारी को थमाया कारण बताओ नोटिस

जीरो छात्र संख्या वाले स्कूल में फिर पहुंचे 7 विद्यार्थी, अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें।

माखननगर। देनवापोस्ट द्वारा “क्या बच्चों को बहला-फुसलाकर बंद कराई जा रही है सरकारी स्कूल? नयापुरा कीरपुरा प्राथमिक शाला को लेकर उठे गंभीर सवाल” शीर्षक से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शाला प्रभारी ब्रजेश पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि पालकों से यह क्यों कहा गया कि स्कूल बंद होने वाला है? बच्चों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) निकालकर पालकों को क्यों दी गई? आखिर किस आधार पर ऐसी कार्रवाई की गई? विभाग ने शाला प्रभारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्कूल बंद होने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं था, तो फिर पालकों को स्कूल बंद होने की जानकारी किसके निर्देश पर दी गई? क्या बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने का दबाव बनाया जा रहा था? क्या छात्र संख्या शून्य दिखाकर स्कूल बंद करने की जमीन तैयार की जा रही थी?

देनवापोस्ट की खबर और जागरूक पाठकों के सहयोग का असर यह हुआ कि जिस स्कूल की छात्र संख्या शून्य बताई जा रही थी, वहां अब पुनः 7 बच्चों का प्रवेश हो चुका है। यह साबित करता है कि यदि सही जानकारी पालकों तक पहुंचे और स्कूल संचालन की मंशा हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

अब नजरें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं। क्या शाला प्रभारी के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई होगी या फिर यह पूरा मामला सिर्फ नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाने तक सीमित रह जाएगा? ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस मामले में विभाग की अगली कार्रवाई ही तय करेगी कि शासन बच्चों के भविष्य को लेकर कितना गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कितनी जवाबदेही तय होती है।

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