शव रखकर डेढ़ घंटे जाम: पुलिस की कार्रवाई के आश्वासन के बाद माने परिजन

माखननगर। माखननगर क्षेत्र में रविवार दोपहर 3:30 बजे उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मृतक जीतेंद्र अहिरवाल के परिजनों ने सिरवाड़ तिराहे पर शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम कर दिया। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बयान दर्ज किए जाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन माने और जाम समाप्त किया।

क्या है पूरा मामला

मृतक के पिता गुलाब अहिरवार के अनुसार घटना की शुरुआत 13 नवंबर की रात से हुई। उन्होंने बताया कि रात लगभग 11 बजे आरोपी राकेश सिन्हा और निहाल खान ने जीतेंद्र के साथ झगड़ा किया था। घर लौटने पर जीतेंद्र ने पूरी घटना अपने परिवार को बताई थी। परिजनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जीतेंद्र राकेश सिन्हा के डीजे पर ऑपरेटर का काम करता था।

अगले दिन सुबह राकेश और निहाल घर पहुंचे और पिछली रात की घटना पर माफी मांगते हुए जीतेंद्र को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे उसे डीजे पर काम के सिलसिले में ले जा रहे हैं और रात 12 बजे तक लौटा देंगे। लेकिन जीतेंद्र घर नहीं लौटा। परिजनों का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने जीतेंद्र के साथ मारपीट की और गंभीर अवस्था में उसे सरकारी अस्पताल में छोड़ दिया, लेकिन इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी।

इलाज के दौरान मौत

परिजनों के अनुसार स्थानीय अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद जीतेंद्र का इलाज भोपाल के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उसके गंभीर हालत में जीवन बचाने की कोशिश की गई, लेकिन 30 नवंबर 2025 को सुबह उसकी मृत्यु हो गई। बाद में उसका पोस्टमार्टम एम्स भोपाल में किया गया। शव के माखननगर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए और सिरवाड़ तिराहे पर चक्काजाम कर दिया।

परिजनों का आरोप: पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी

मृतक के पिता गुलाब अहिरवार ने माखननगर थाने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने प्रारंभिक शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती, तो शायद हालात कुछ और होते।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुले रास्ते

भीड़ और जाम की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाते हुए एसडीओपी संजू चौहान ने कहा कि उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पूरे मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

अधिकारियों के आश्वासन, कार्रवाई की जानकारी और लिखित बयान के बाद परिजन शांत हुए और चक्काजाम खत्म किया गया। डेढ़ घंटे तक बंद रहे इस मार्ग को खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

परिजनों में आक्रोश, न्याय की मांग

घटना से इलाके के लोगों में रोष है। मनीष् अहिरवाल का कहना है कि यदि पुलिस समय पर FIR दर्ज करती और आरोपियों पर शुरुआती कार्रवाई होती, तो शायद मामला इतना गंभीर नहीं होता। परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाई की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This will close in 0 seconds

error: Content is protected !!