Umaria News : प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का मामला उमरिया, पंचायत सचिव हेतराम चतुर्वेदी निलंबित

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और लापरवाही के आरोप में ग्राम पंचायत बल्हौड़ के सचिव हेतराम चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच के बाद यह कार्रवाई की।

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत कमिश्नर शहडोल से की गई थी। इसके बाद कमिश्नर के निर्देश पर सहायक परियोजना अधिकारी ने जांच की, जिसमें पंचायत सचिव हेतराम चतुर्वेदी दोषी पाए गए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया।

कागजी हेरफेर से दिया गया योजना का लाभ

मामले की जांच में सामने आया कि पंचायत सचिव ने अपात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिलाने के लिए कागजी हेरफेर किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (प्लस-2) के तहत पूनम चतुर्वेदी को 2024-25 में आवास स्वीकृत किया गया था, जिसके तहत उन्हें पहली किस्त के रूप में ₹25,000 की राशि जारी की गई।

लेकिन जांच में यह तथ्य सामने आया कि पूनम चतुर्वेदी का विवाह चार वर्ष पूर्व मानपुर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 6 निवासी विकास शुक्ला से हुआ था और वह वर्तमान में वहीं निवास कर रही हैं। पंचायत सचिव ने योजना का लाभ दिलाने के लिए पूनम चतुर्वेदी की आईडी मानपुर नगर पंचायत से स्थानांतरित कर ग्राम पंचायत बल्हौड़ में दर्ज करवाई। इस तरह, नियमों को दरकिनार कर उन्हें योजना का लाभ दिया गया।

अनियमितता पर हुई कार्रवाई

गड़बड़ी के स्पष्ट प्रमाण मिलने पर जिला पंचायत के सीईओ अभय सिंह ने पंचायत सचिव हेतराम चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जनपद पंचायत मुख्यालय मानपुर में अटैच कर दिया। पंचायत सचिव का यह कृत्य मध्य प्रदेश पंचायत सेवा आचरण संहिता के विरुद्ध पाया गया, जिससे उनके खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई।




Umaria News : गेहूं बिक्री के लिए किसान पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च

उमरिया जिले में किसानों को गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराने का अवसर दिया जा रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारी बी. एस. परिहार ने बताया कि पंजीयन का काम जिले के 35 खरीदी केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर पर भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब तक जिले में 3,615 किसान अपना पंजीयन करवा चुके हैं, यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन उमरिया के माध्यम से किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार, पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 मार्च से 5 मई 2025 तक जिले के 35 गेहूं उपार्जन केंद्रों पर की जाएगी। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य शासन द्वारा 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस प्रदान किया जाएगा। इस तरह, किसानों को कुल 2,600 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा। यह समर्थन मूल्य उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने तय समय-सीमा में अपना पंजीयन कराया होगा।

जिले में गेहूं विक्रय करने के इच्छुक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और 31 मार्च तक अपना पंजीयन सुनिश्चित करें। किसान नजदीकी पंजीयन केंद्र या कियोस्क सेंटर पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन करवा कर इस योजना का लाभ उठाएं।