उज्जैन के महाकाल लोक में सीएम मोहन यादव की बड़ी पहल: लाइट एंड साउंड शो, महाकालेश्वर बैंड और ‘श्री अन्न’ लड्डू बने आकर्षण का केंद्र

mahakal lok
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उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन आज एक बार फिर आस्था और नवाचार का केंद्र बन गई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को महाकाल लोक ( mahakal lok) परिसर में कई नई योजनाओं और सांस्कृतिक पहलों की शुरुआत की। इनमें लाइट एंड साउंड शो, महाकालेश्वर बैंड, और श्री अन्न (मिलेट्स) से बने लड्डुओं को महाकाल प्रसाद में शामिल करने की घोषणा प्रमुख रही। इन पहलों ने न केवल भक्तों में उत्साह भर दिया बल्कि उज्जैन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक रंगों से जोड़ने का संदेश भी दिया।

“प्रधानमंत्री मोदी ने श्री अन्न का महत्व बताया, मध्यप्रदेश उसे अपनाएगा” — सीएम मोहन यादव

सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में श्री अन्न (मिलेट्स) को “सुपरफूड” के रूप में पहचान दिलाई है।
अब मध्यप्रदेश इसे पूरी तरह अपनाने की दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने कहा —“श्री अन्न हमारे देश की प्राचीन आहार परंपरा का हिस्सा रहा है। आज हम इसे फिर से महाकाल ( mahakal lok) के प्रसाद के रूप में लौटा रहे हैं। यह न केवल सेहत के लिए लाभकारी है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।”

अब प्रसाद में मिलेंगे श्री अन्न से बने पौष्टिक लड्डू

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले महाकाल मंदिर ( mahakal temple) में बेसन के लड्डू प्रसाद के रूप में दिए जाते थे।
कई भक्त उपवास के दौरान बेसन नहीं खाते, जिससे उन्हें असुविधा होती थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए अब प्रसाद में रागी, कोदो-कुटकी और ज्वार-बाजरा जैसे अनाजों से तैयार किए गए ‘श्री अन्न लड्डू’ वितरित किए जाएंगे।

इन लड्डुओं में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होंगे।
साथ ही यह बदलाव आदिवासी किसानों और लघु अनाज उत्पादकों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।
सीएम ने कहा कि “यह सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भारतीय परंपरा का संगम है।”

महाकालेश्वर बैंड: शंख, नगाड़े और घड़ियाल की ध्वनि से गूंजा परिसर

उद्घाटन समारोह का दूसरा बड़ा आकर्षण रहा ‘महाकालेश्वर बैंड’ की स्थापना।
यह बैंड पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों — शंख, नगाड़े, घड़ियाल, ढोल और बांसुरी — से सुसज्जित है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा —“प्राचीन भारत में शंख और नगाड़े न केवल संगीत के उपकरण थे, बल्कि धार्मिक संदेश और ऊर्जा के प्रतीक भी थे। आज महाकाल ( mahakal lok ) के दरबार में इन ध्वनियों की वापसी हुई है।”

यह बैंड हर उत्सव, धार्मिक सवारी और विशेष आयोजन में भोलेनाथ की महिमा का संगीत रूप में गुणगान करेगा।
इसके संगीत में शिवपुराण के मंत्र, महाकाव्यात्मक धुनें और लोक वाद्यों की लय का समावेश किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभव प्राप्त होगा।

महाकाल लोक (mahakal lok) में शुरू हुआ लाइट एंड साउंड शो: शिवपुराण की कथाओं से सजी आस्था की रात

उज्जैन के महाकाल लोक ( mahakal lok) परिसर में अब प्रतिदिन भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित होगा।
इस शो में भगवान शिव की कथाओं, शिवपुराण, और प्राचीन अवंतिका नगरी (उज्जैन) के गौरवशाली इतिहास को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

शो के दौरान प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर लाइट्स, ध्वनि प्रभाव और सांस्कृतिक संगीत का ऐसा संयोजन किया गया कि पूरा परिसर शिवमय हो उठा। शिव की तांडव कथा, सृष्टि की उत्पत्ति, और काल भैरव की लीला जैसे प्रसंगों को दृश्य रूप में दिखाया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।

मुख्यमंत्री ने कहा —“यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था का संगम है। इससे आने वाली पीढ़ियाँ भी हमारी सनातन संस्कृति को जान सकेंगी।”

महाकाल लोक(mahakal lok) में दीपों की रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दिव्य संगम

कार्यक्रम के दौरान पूरा महाकाल लोक परिसर दीपों की श्रृंखला और आतिशबाजी से जगमगा उठा।
शिव आरती, नृत्य नाटिका, और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को दिव्यता का रूप दे दिया।
देशभर से आए श्रद्धालुओं ने इस पल को कैमरे में कैद किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी भक्तों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और कहा — “बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन आज एक नई पहचान के साथ विश्व मंच पर स्थापित हो रहा है। महाकाल लोक सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक बन चुका है।”

महाकाल लोक (mahakal lok) : धर्म, पर्यटन और अर्थव्यवस्था का संगम

महाकाल लोक (mahakal lok) परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और राज्य सरकार के समन्वय से तैयार की गई है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही है।
यहाँ रोज़ाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, जिससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और खाद्य उद्योगों को भी लाभ मिल रहा है।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में महाकाल लोक (mahakal lok) को “विश्व स्तर के तीर्थ अनुभव केंद्र” के रूप में विकसित किया जाएगा।इसके लिए स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक हेरिटेज ज़ोन, और डिजिटल गाइड सिस्टम की योजनाएँ भी तैयार की जा रही हैं।

श्री अन्न से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

सीएम ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “श्री अन्न मिशन” से देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषक कल्याण, और पोषण सुरक्षा को नई गति मिली है। मध्यप्रदेश सरकार अब हर ज़िले में मिलेट्स मिशन लागू करेगी।
उन्होंने बताया कि महाकाल मंदिर के प्रसाद से इसकी शुरुआत करना प्रतीकात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है — क्योंकि यह आस्था और आत्मनिर्भरता का संगम है।

श्रद्धालुओं में खुशी, बोले — यह नवाचार महाकाल की महिमा बढ़ाएगा

महाकाल लोक में मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक इस पहल से बेहद उत्साहित दिखे।
उज्जैन निवासी रितेश शर्मा ने कहा, “महाकालेश्वर बैंड और लाइट शो ने पूरे माहौल को भक्ति और गौरव से भर दिया। ऐसा लगा जैसे महाकाल स्वयं उपस्थित हैं।”

वहीं एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि “अब प्रसाद में मिलने वाले श्री अन्न लड्डू न केवल स्वादिष्ट होंगे बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी। यह एक दूरदर्शी निर्णय है।”

महाकाल लोक (mahakal lok) में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम

उज्जैन का महाकाल लोक (mahakal lok)अब सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत प्रतीक बन गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ये पहलें न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को भी जोड़ती हैं।

जहाँ एक ओर लाइट एंड साउंड शो से श्रद्धालु शिवपुराण और अवंतिका के इतिहास से परिचित होंगे, वहीं दूसरी ओर श्री अन्न लड्डू और महाकालेश्वर बैंड जैसी पहलें नवाचार के साथ भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित करेंगी।उज्जैन की यह पहल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकती है — कि आस्था और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, विरोधी नहीं।




Ujjain News: सांप ने युवक को डसा, फिर भी युवक ने पकड़कर अस्पताल पहुंचा

उज्जैन। देवासगेट क्षेत्र में गुरुवार को एक अजीबोगरीब घटना हुई। शास्त्री नगर निवासी ड्राइवर सागर चौधरी (34) को कार पार्क करते समय सांप ने युवक को डस लिया। घबराने के बजाय सागर ने तुरंत सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद किया और सीधे जिला अस्पताल चरक भवन पहुंच गया।

अस्पताल में जब युवक ने सांप दिखाया तो कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों ने तुरंत सागर का इलाज किया और सांप को सर्प विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षित जंगली क्षेत्र में छोड़ दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक सांप जहरीला नहीं था।

सागर ने बताया कि सांप उसकी कार के डैशबोर्ड पर स्टेयरिंग के सामने बैठा था। काटने के बाद उसने हिम्मत दिखाकर सांप को काबू में ले लिया। डॉक्टरों के अनुसार सागर की हालत अब सामान्य है। इस साहसिक कदम की शहरभर में चर्चा हो रही है।

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Ujjain News : उज्जैन में जीरो पॉइंट ब्रिज बना सुसाइड पॉइंट! रविवार को भी एक व्यक्ति को कूदने से रोका

उज्जैन शहर का जीरो पॉइंट ओवरब्रिज अब धीरे-धीरे “सुसाइड पॉइंट” बनता जा रहा है। इस पुल से आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे क्षेत्रवासी और पुलिस प्रशासन दोनों चिंतित हैं। रविवार शाम एक बार फिर इसी पुल पर आत्मघाती कदम उठाने पहुंचे युवक को पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बचा लिया गया।
घटना देवासगेट थाना क्षेत्र की है, जहां एक युवक फ्रीगंज के जीरो पॉइंट ओवरब्रिज पर रेलिंग चढ़कर नीचे कूदने की कोशिश कर रहा था। युवक नशे की हालत में था और खुद को गुना बीना का निवासी बता रहा था। इसी दौरान हीरामील की चाल के कुछ स्थानीय लोगों ने युवक को देखा और तत्काल उसे पकड़ लिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची देवासगेट पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतारा और थाने ले गई।

हालांकि युवक ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाना चाहता था, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इस ओर ध्यान आकर्षित कराया है कि जीरो पॉइंट ओवरब्रिज आत्महत्या का अड्डा बनता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में यहां से कूदने की दर्जनों घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।

8 अगस्त 2024 की घटना ने किया था सबको विचलित

जीरो पॉइंट ओवरब्रिज से आत्महत्या की घटनाओं में 8 अगस्त 2024 की घटना खास चर्चा में रही थी। उस दिन प्रिया बैरागी नाम की छात्रा ने अपने जन्मदिन के दिन ही पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। दुखद यह था कि आत्महत्या से पहले उसने अपने शिक्षक से 12वीं कक्षा में टॉप करने का आशीर्वाद लिया था, लेकिन घर लौटते समय पुल से छलांग लगा दी।

प्रशासन के लिए चेतावनी की घंटी

इस पुल से लगातार आत्महत्या की घटनाएं सामने आने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी रोकथाम नहीं की गई है। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग इस पुल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन को अब जल्द से जल्द ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था, जैसे हाई रेलिंग, CCTV कैमरे और गश्त व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।




Ujjain News : आतंकी मोहम्मद शफीक अंसारी दो दिन की पैरोल पर अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने उज्जैन आया

वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आतंकी मोहम्मद शफीक अंसारी दो दिन की पैरोल पर उज्जैन लाया गया है। शफीक अंसारी अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अदालत की अनुमति के बाद उज्जैन आया है। उसके घर पर गुजरात और उज्जैन पुलिस की सख्त निगरानी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आतंकी शफीक अंसारी ने पैरोल के लिए न्यायालय में आवेदन किया था, जिसे कुछ शर्तों के साथ मंजूर किया गया। इसके बाद गुजरात पुलिस देर रात उसे उज्जैन लेकर पहुंची। शफीक अंसारी के साथ गुजरात पुलिस के दो एसीपी, तीन थाना प्रभारी सहित कुल 25 पुलिसकर्मी भी उज्जैन आए हैं।

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि अंसारी को गुजरात पुलिस की कड़ी अभिरक्षा में लाया गया है। उज्जैन पुलिस के जीवाजीगंज और चिमनगंज थाना स्टाफ भी अंसारी के मित्र नगर और विराट नगर स्थित घरों पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। शादी समारोह में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पुलिस की निगरानी रखी जा रही है।

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: एक झकझोर देने वाली घटना

साल 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल बम धमाकों में 56 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस आतंकवादी साजिश में उज्जैन निवासी कमरूद्दीन नागौरी, मोहम्मद शफीक अंसारी, मोहम्मद अबरार और महिदपुर के सफदर नागौरी समेत 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गुजरात की अदालत ने नागौरी, अंसारी सहित 49 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सभी आरोपी गुजरात की जेल में सजा काट रहे हैं।




Baba Mahakal : निर्जला एकादशी पर बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक से शृंगार किया

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी के अवसर पर शुक्रवार तड़के भोर 4 बजे भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के उपरांत बाबा को भस्म रमाई गई और भक्ति के इस पावन दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन के साथ ही पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा।
वैष्णव तिलक और मोगरे की माला से हुआ विशेष श्रृंगार

महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने जानकारी दी कि मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों द्वारा गर्भगृह में विराजित समस्त देव प्रतिमाओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया।

इसके पश्चात घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पण किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल के मस्तक पर वैष्णव तिलक लगाया गया। साथ ही उन्हें मोगरे की माला पहनाई गई और नवीन मुकुट से श्रृंगारित किया गया।

महानिर्वाणी अखाड़े ने की भस्म अर्पण

बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पित की गई। इसके बाद कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरे वातावरण को “जय श्री महाकाल” के नारों से गुंजायमान कर दिया।

क्या है निर्जला एकादशी का महत्व?

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। साल भर में 24 एकादशियां होती हैं, लेकिन जब अधिकमास या मलमास आता है तो इनकी संख्या 26 हो जाती है। इन सभी में सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत निर्जला एकादशी को माना गया है, जो ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। इस दिन जल का भी सेवन नहीं किया जाता, इसलिए इसे “निर्जला” कहा जाता है। इस व्रत को रखने से साल भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है।




Bhasma Aarti : सोमवार को त्रिनेत्र स्वरूप में सजा बाबा महाकाल

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सोमवार की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।

कालों के काल विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सोमवार पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।

आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल ने अपने भक्तों को आकर्षक स्वरूप मे दर्शन दिए। इस दौरान भगवान का भांग से शृंगार कर मस्तक पर त्रिनेत्र व मोगरे की माला अर्पित की गई। साथ ही मस्तक पर नवीन मुकुट शृंगारित किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।

भस्म आरती श्रृंगार

भस्म आरती श्रृंगार

भस्म आरती श्रृंगार

भस्म आरती श्रृंगार




Ujjain News : 12वीं क्लास के टॉपर विधायक ने एक दिन के लिए समस्याओं का समाधान किया, उद्घाटन और भूमि पूजन भी किया

आपने अनिल कपूर की फिल्म नायक देखी होगी, जिसमें अनिल कपूर एक दिन के लिए सीएम बनता है और ताबड़तोड़ एक्शन लेता है। कुछ ऐसा ही उज्जैन से 60 किलोमीटर दूर नागदा विधानसभा में देखने को मिला। जहां 18 साल के एक युवक को एक दिन के लिए विधायक बनाया और उसने न केवल लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किया, बल्कि एक करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

उज्जैन जिले के नागदा में एक दिन का विधायक बनने वाले 18 साल के युवक का नाम साहित्य श्री सेन है। एक दिन का विधायक बनने पर साहित्य ने सबसे पहले वर्तमान विधायक तेजबहादुर सिंह के कार्यालय में पहुंचकर जनसुनवाई की। जनसुनवाई में साहित्य ने एक छात्रा की समस्या सुन बीआरसी को फोन कर समस्या का समाधान कराया तो वहीं आधार कार्ड से जुड़ी कुछ अन्य शिकायतों को भी निराकरण कराया। साहित्य श्री सेन ने एक दिन का विधायक बनने पर नागदा विधानसभा क्षेत्र में एक करोड़ से ज्यादा की लागत से होने वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। जब साहित्य कार्यक्रम में पहुंचे तो उनका स्वागत एक विधायक की ही तरह फूल मालाओं से किया गया और कार्यकर्ता व अधिकारी-जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। एक दिन का विधायक बनकर साहित्य ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है उनके शिलालेखों पर भी उनका ही नाम दर्ज है।

जिले में टॉप करने पर मिला विधायक बनने का मौका

साहित्य को एक दिन का विधायक बनने का मौका मिलने की वजह की बात की जाए तो आपको बता दें कि साहित्य सेन ने हाल ही में जारी हुए रिजल्ट में 12वीं क्लास में पूरे उज्जैन जिले में टॉप किया है। साहित्य के 96.20% बने हैं और माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं परीक्षा में प्रदेश की मेरिट लिस्ट में 10वें स्थान पर रहे हैं। साहित्य के एक दिन के विधायक बनने पर मौजूदा नागदा विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि सीबीएसई या माध्यमिक शिक्षा मंडल से 10वीं और 12वीं में जिले का नाम रोशन करने वाले छात्रों को एक दिन का विधायक बनने का मौका दिया जाएगा।

शिलालेख पर दर्ज हुआ नाम

ग्राम पंचायत बैरछा में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य ने सीसी रोड, उप-स्वास्थ्य केंद्र, और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर साहित्य का नाम विकास कार्यों की शिलालेख पर भी दर्ज किया गया, जो उसके जीवन का एक ऐतिहासिक पल बन गया। बैरछा में 65 लाख रुपए की लागत से उप-स्वास्थ्य केंद्र, 98 लाख की लागत से विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष, और आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत सीसी रोड का निर्माण जैसी परियोजनाओं में भी साहित्य की मौजूदगी रही।

विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना उद्देश्य- विधायक

इस पूरे कार्यक्रम के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने कहा हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले होनहार छात्र साहित्य को एक दिन का विधायक बनाकर हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मेहनत और लगन से कोई भी ऊंचाई प्राप्त की जा सकती है।

एक दिन के विधायक का हुआ स्वागत

एक दिन के विधायक साहित्य श्री सेन के सम्मान में अच्छे-अच्छे नेता ऐसे दीवाने हुए कि पुष्पमाला पहनाने के लिए होड़ मच गई। बाद में तो इन नए विधायक साहब का ऐसा रुतबा चला कि वह एक गांव में नवनिर्मित विकास कार्य का लोकार्पण एवं प्रस्तावित कार्य का भूमिपूजन करने भी पहुंच गए। साहित्य मुख्य अतिथि की कुर्सी पर आसीन हुए और कई अन्य नेता उनके सामने बैठे नजर आए। नए विधायक के कार्यक्रम के लिए बाकायदा निमंत्रण पत्र भी छापा गया।

साहित्य सेन, एक दिन का विधायक

साहित्य श्री सेन, एक दिन का विधायक

साहित्य सेन, एक दिन का विधायक

साहित्य श्री सेन, एक दिन का विधायक

साहित्य सेन, एक दिन का विधायक

साहित्य श्री सेन, एक दिन का विधायक




Baba Mahakal : सिर पर गूलर की माला और मुकुट

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर शुक्रवार की सुबह हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर अभिषेक किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को आंकड़े की माला अर्पित की गई और नवीन मुकुट से श्रृंगारित किया गया। बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति में लीन होकर “जय श्री महाकाल” का उद्घोष करने लगे।

2 टन का चिलर कॉपर पाइप कंप्रेसर दान किया गया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गाजियाबाद से पधारी श्रीमती उर्मिला देवी द्वारा 2 टन क्षमता और 200 लीटर पानी की क्षमता वाला चिलर, कॉपर पाइप कंप्रेसर सहित, भगवान श्री महाकालेश्वर के चरणों में अर्पित किया गया। इसे मानसरोवर भवन की छत पर आरओ प्लांट में लगाया गया। मंदिर प्रबंध समिति के उपप्रशासक एसएल सोनी द्वारा विधिवत रसीद प्रदान कर दानदाता का सम्मान किया गया।

स्वर्ण छत्र भेंट किया गया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में छत्तीसगढ़ के रायपुर से पधारे तेजस सतपथी द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर को एक स्वर्ण छत्र भेंट किया गया, जिसका वजन लगभग 09.130 ग्राम है। इसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विधिवत प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया गया और रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार शाखा के मनीष पांचाल द्वारा दी गई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं के संबंध में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम, उज्जैन स्मार्ट सिटी तथा उज्जैन विकास प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंदिर के बाहरी एवं आंतरिक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

बाबा महाकाल की आरती
बाबा महाकाल की आरती
बाबा महाकाल की आरती



Ujjain News : प्याज ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए, सही दाम नहीं मिलने पर किसानों ने मुफ्त में बांटे प्याज

उज्जैन में इन दिनों किसान प्याज की फसल के सही दाम न मिलने से काफी परेशान हैं। किसान फसल को लेकर मंडी तो आ रहे हैं, लेकिन यहां इसके दाम एक से दो रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं। इससे गुस्साए किसानों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए करीब 50 क्विंटल प्याज निशुल्क बांट दिया। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी शुरू नहीं की तो किसानों को आत्मघाती कदम उठाने पड़ सकते हैं।
पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश ने प्याज की फसल बर्बाद कर दी है। एक ओर किसानों को खेतों में फसल खराब होने से बड़ा नुकसान हुआ है, तो वहीं मंडी में भी इन फसलों के दाम मात्र एक से दो रुपए प्रति किलो मिल रहे हैं। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि किसानों को फसल मंडी तक लाने का किराया भी नहीं निकल रहा है। इसी बात से नाराज होकर संयुक्त कृषक संगठन ने कृषि उपज मंडी में विरोध प्रदर्शन करते हुए निशुल्क प्याज का वितरण किया और सरकार से 24 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज खरीदी की मांग की।

संयुक्त कृषक संगठन के जिला अध्यक्ष संदीप पाटीदार ने बताया कि मंडी में 1 से 2 रुपए प्रति किलो के दाम पर प्याज की खरीदी की जा रही है, जबकि इसकी पैदावार की लागत लगभग 12 से 15 रुपए प्रति किलो है। प्याज के उचित दाम न मिलने पर मजबूर होकर किसानों को अपनी फसल निशुल्क बांटना पड़ रही है। उन्होंने बताया कि संयुक्त कृषक संगठन प्रदेश स्तर का संगठन है। अभी उज्जैन में यह प्रदर्शन किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में पूरे जिले भर में ऐसे प्रदर्शन किए जाएंगे। सरकार को किसानों की मजबूरी समझनी चाहिए और जल्द से जल्द प्याज की खरीदी समर्थन मूल्य पर शुरू करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो हम पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे।

किसानों को दोहरी मार

मंडी में प्याज लेकर पहुंचे किसान अपनी फसल को कम दाम पर ही बेचने को मजबूर हैं। फसल नहीं बिकने पर किसान प्याज मंडी में ही छोड़कर जा रहे हैं। मौसम खराब होने से किसानों को कृषि मंडी में दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बारिश के कारण खुले में पड़ा प्याज खराब हो रहा है। करीब एक हफ्ते से जारी बारिश के दौर की वजह से प्याज उत्पादक किसानों की लागत भी बढ़ गई है और दाम भी गिर गए हैं।

मंडी में छोड़कर चले गए प्याज

कृषि उपज मंडी में प्याज की फसल लेकर पहुंचे किसान कैलाश पाटीदार का कहना है कि वे 70 किलोमीटर दूर से ट्रैक्टर-ट्रॉली का भाड़ा लगाकर मंडी में फसल बेचने आए थे। आज की नीलामी में उनकी फसल 100 से 150 रुपए प्रति क्विंटल ही बिकी है, जिससे स्थिति कुछ ऐसी बन गई है कि किसान कैलाश को फसल बेचने के बाद घर जाने का भाड़ा भी नहीं बचा है। किसान का कहना है कि अगर प्याज इसी दाम में बिकता रहा तो इस फसल के लिए लिया गया कर्ज कैसे चुकाया जाएगा। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, वरना किसानों के लिए यह फसल जानलेवा साबित हो सकती है।




Bhopal News : पीएम मोदी क्षिप्रा नदी पर 778 करोड़ रुपये के घाट निर्माण कार्य का वर्चुअल करेंगे भूमि पूजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल के जंबूरी मैदान से वर्चुअल माध्यम से ‘नमामि क्षिप्रा परियोजना’ के तहत क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्यों और स्टॉप डैम/बैराज/वेटेड कॉजवे निर्माण का भूमि-पूजन करेंगे। ये कार्य सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के अंतर्गत उज्जैन, धार, इंदौर और देवास जिलों में प्रस्तावित हैं। प्रधानमंत्री मोदी 778.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले घाटों और 83.39 करोड़ रुपये के जल संरचनाओं (बैराज, स्टॉप डैम, वेटेड कॉजवे) के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही 1.39 करोड़ रुपये की लागत से कालियादेह स्टॉप डैम के मरम्मत कार्य का भी भूमि-पूजन किया जाएगा।

29 किलोमीटर तक होगा घाट निर्माण

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि शनि मंदिर से नागदा बायपास तक क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर 29.21 किलोमीटर लंबाई में घाटों का निर्माण होगा। इन घाटों पर स्नान और आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए वेटेड कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए नदी को अविरल एवं प्रवाहमान बनाए रखने हेतु स्टॉप डैम व बैराज निर्माण और पुरानी संरचनाओं की मरम्मत की योजना तैयार की गई है।

21 नए बैराज और स्टॉप डैम होंगे तैयार

नमामि क्षिप्रा और जल संसाधन विभाग द्वारा क्षिप्रा और कान्ह नदी पर कुल 21 बैराज/स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। देवास जिले में 7 बैराज जैसे गाजनोद खेड़ा, दखनाखेड़ी, पटाड़ा, रनायर, टिगरियागोगा, सिरोंज, बरोदपिपलिया (लगभग 27 करोड़ रुपये) उज्जैन जिले में 6 स्टॉप डैम जैसे किट्ठोदाराव, पंथपिपलई, जमालपुरा, गोठड़ा, पिपलियाराघौ, रामवासा (लगभग 36 करोड़ रुपये) इंदौर जिले में 6 जल संरचनाएं जैसे ब्राम्हणपिपलिया, दर्जीकराड़िया, कुडाना, कायस्थखेड़ी, साहदा, मेलकलमा बैराज सह पुलिया (लगभग 20 करोड़ रुपये) कालियादेह स्टॉप डैम की मरम्मत उज्जैन नगर निगम द्वारा की जाएगी। इन संरचनाओं से क्षिप्रा नदी में जल प्रवाह नियंत्रित रहेगा, जिससे सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

विकास की दिशा में अहम कदम

यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के ‘नदी संरक्षण और तीर्थ विकास’ विजन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। घाटों के निर्माण और जल संरचनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, जल स्तर का नियंत्रण और स्थानीय रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। सिंहस्थ-2028 को भव्य और व्यवस्थित रूप देने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।