Ujjain News: महाकाल की भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, पंचामृत और फलों के रस से हुआ बाबा का दिव्य अभिषेक

उज्जैन। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की नवमी पर बुधवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

ब्रह्ममुहूर्त में सुबह करीब 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। सबसे पहले भगवान महाकाल का पंचामृत और विभिन्न फलों के रस से अभिषेक किया गया। इसके बाद सुगंधित चंदन, भांग, त्रिपुंड और आकर्षक पुष्पमालाओं से बाबा का मनमोहक श्रृंगार किया गया।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण भक्तिभाव से सराबोर हो गया। श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए।

मान्यता है कि महाकाल की प्रातःकालीन भस्म आरती के दर्शन से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि प्रतिदिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचते हैं।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और दर्शन की समुचित व्यवस्था की थी। निर्धारित व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक बाबा महाकाल के दर्शन किए।




Baba Mahakal: ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी पर बाबा महाकाल के हनुमान स्वरूप के दिव्य दर्शन, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

उज्जैन। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर शनिवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह चार बजे से शुरू हुई भस्म आरती में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए। देर रात से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में कतारबद्ध होकर अपने आराध्य के दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते रहे। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि प्रातः 4 बजे वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत एवं फलों के रस से संपन्न हुआ।

पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात पुजारियों एवं पुरोहितों ने बाबा महाकाल का मनोहारी श्रृंगार किया और कपूर आरती के बाद उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच पारंपरिक विधि-विधान से भस्म आरती संपन्न हुई।

इस दिन के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का हनुमान स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। भक्तों ने इन अलौकिक दर्शनों का लाभ लेकर स्वयं को धन्य महसूस किया। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।

महाकाल मंदिर की आरतियों का समय

  • भस्म आरती: प्रातः 4:00 बजे से 6:00 बजे तक
  • दद्योदक आरती: प्रातः 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • भोग आरती: प्रातः 10:00 बजे से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन: सायं 5:00 बजे से 5:45 बजे तक
  • संध्या आरती: सायं 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • शयन आरती: रात्रि 10:30 बजे से 11:00 बजे तक

मंदिर प्रशासन के अनुसार आरतियों के समय में किया गया यह परिवर्तन आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक प्रभावी रहेगा।

 




Madhya Pradesh News:उज्जैन में पुलिस नौकरी के नाम पर 25 लाख की ठगी, खुद को डीजीपी का रिश्तेदार बताकर लोगों को बनाया शिकार

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी खुद को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का रिश्तेदार बताकर लोगों को भरोसे में लेता था और पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर रकम वसूलता था। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार झारखेड़ी निवासी बालूसिंह पिता भेरूलाल वाड़िया के खिलाफ कई लोगों ने एसपी कार्यालय उज्जैन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने खुद को डीजीपी कैलाश मकवाना का रिश्तेदार बताते हुए पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था।

10 लोगों से वसूले करीब 25 लाख रुपये

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग 10 लोगों से तीन से चार लाख रुपये तक लिए और कुल मिलाकर करीब 25 लाख रुपये की ठगी की। आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद आरोपी किसी भी व्यक्ति की नौकरी नहीं लगवा सका।

जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। इसके बाद सभी पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली।

किसी ने जमीन गिरवी रखी, किसी ने जमा पूंजी दी

एसडीओपी जेंडर लिंगजेरपा ने बताया कि आरोपी ने लोगों की मजबूरी और बेरोजगारी का फायदा उठाया। किसी ने जमीन गिरवी रखकर रुपये दिए तो किसी ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी आरोपी को सौंप दी।

शिकायतकर्ताओं में जितेंद्र पिता रणजीत, फतेसिंह पिता अंबाराम, बलराम पिता रमेश, रमेश बोड़ाना, विकास पिता अंतरसिंह, विक्रम पिता रमेश, मुकेश पिता रामेश, लालूबाई पति स्वर्गीय अनिल, कमलाबाई पति स्वर्गीय सत्यनारायण निवासी उज्जैन तथा हेमंत पिता रणजीत और विकास यादव पिता वासुदेव निवासी देवास शामिल हैं।

तीन साल से देता रहा झांसा

पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ितों ने करीब तीन साल पहले आरोपी को रुपये दिए थे। नौकरी को लेकर पूछताछ करने पर आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। लंबे समय तक इंतजार के बाद जब किसी की भी भर्ती नहीं हुई तो लोगों को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी बालूसिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।




मध्यप्रदेश में जल संकट पर हाहाकार, 42 फीसदी शहरों में रोज नहीं मिल रहा पानी

भोपाल। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई शहरों में लोगों को रोजाना पानी तक नसीब नहीं हो रहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश की जल व्यवस्था की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 413 नगरीय निकायों में से 162 निकाय ऐसे हैं जहां प्रतिदिन जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है। यानी प्रदेश के करीब 42 फीसदी शहर पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

स्थिति इतनी खराब है कि 8 नगरीय निकायों में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया जा रहा है, जबकि जबलपुर संभाग के दो निकायों में तीन दिन में एक बार पानी पहुंच रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी, घटते जलस्तर और कमजोर जल प्रबंधन ने हालात को और चिंताजनक बना दिया है।

जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा चिंता

रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर संभाग के कुल 56 नगरीय निकायों में से केवल 46 निकायों में ही प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो रही है। बाकी शहरों में लोगों को एक दिन छोड़कर या उससे भी ज्यादा अंतराल में पानी मिल रहा है। कई इलाकों में नागरिकों को पानी भरने के लिए रातभर जागना पड़ रहा है।
इंदौर संभाग की स्थिति भी गंभीर
प्रदेश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर संभाग में भी जल संकट गहराता दिखाई दे रहा है। यहां 55 नगरीय निकायों में से 42 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की जा रही है। यानी करीब 76 फीसदी शहर नियमित जलप्रदाय से वंचित हैं। टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता और सूखते जल स्रोत प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं।

उज्जैन संभाग में भी बिगड़े हालात

उज्जैन संभाग में भी हालात बेहतर नहीं हैं। यहां 67 में से 43 नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है। करीब 64 फीसदी शहर जल संकट से प्रभावित बताए गए हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

भोपाल संभाग में बढ़ा दबाव

राजधानी भोपाल संभाग भी जल संकट की मार से अछूता नहीं है। संभाग के 43 नगरीय निकायों में से 17 में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। वहीं जावर-MPUDC और मंडीदीप में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ जल स्रोतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार पर उठे सवाल

प्रदेश में बिगड़ती जल व्यवस्था को लेकर अब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन विभाग जल संकट को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण और नई पेयजल योजनाओं पर तेजी से काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। फिलहाल प्रदेश के लाखों लोग भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं।




Ujjain News: नर्मदा पाइप लाइन की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, 15 दिन में समाधान नहीं तो भूख हड़ताल की चेतावनी

घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा पाइप लाइन योजना से वंचित किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। करणी सेना के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान किसान तख्तियां और बैनर लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम राजाराम करजरे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

60 से अधिक गांवों में जल संकट

किसानों का कहना है कि क्षेत्र के लगभग 60 से 65 गांव आज भी नर्मदा पाइप लाइन योजना से वंचित हैं, जिसके कारण उन्हें गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार लगातार गिरते भूजल स्तर से खेती करना कठिन होता जा रहा है और सिंचाई के अभाव में फसलें प्रभावित हो रही हैं।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि पानी की समस्या के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

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25 मई से भूख हड़ताल की चेतावनी

आंदोलन कर रहे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर नर्मदा पाइप लाइन को मंजूरी देकर कार्य शुरू नहीं किया गया, तो 25 मई से 60-65 गांवों के किसान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समाधान चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

एसडीएम राजाराम करजरे ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मोहन यादव से मांग की है कि जल्द से जल्द नर्मदा पाइप लाइन योजना को स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई और पेयजल संकट से राहत मिल सके।




Ujjain News: “सबको हुनर, सबको काम” योजना से मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार

उज्जैन। मध्यप्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार “सबको हुनर, सबको काम” योजना के तहत युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

आईटीआई उज्जैन में आधुनिक कोर्स

उज्जैन के आईटीआई में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत युवाओं को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग और वेब 3.0 जैसी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि दो माह के इस प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। इच्छुक युवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

प्रशिक्षण के साथ रोजगार की गारंटी

इस योजना के तहत:

  • 12वीं पास युवाओं को 2 माह के प्रशिक्षण के बाद सोलर इंडस्ट्री में रोजगार मिलेगा।
  • 10वीं पास युवाओं को गारमेंट इंडस्ट्री में काम का अवसर दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्रियल एक्सपोजर और ऑन-जॉब ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।

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उद्योगों से समन्वय

रोजगार सुनिश्चित करने के लिए एमपीआईडीसी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और जिला उद्योग केंद्र मिलकर काम कर रहे हैं।

हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और प्लेसमेंट

संभागीय आईटीआई उज्जैन द्वारा हब एंड स्पोक मॉडल के तहत छात्रों को 2 से 4 सप्ताह की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें CNC मशीन प्रोग्रामिंग भी सिखाई जा रही है।

Quest Alliance के सहयोग से छात्रों को सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें। कई छात्रों का बेंगलुरु में कैंपस प्लेसमेंट भी हुआ है।

एमओयू से बढ़े अवसर

संभागीय आईटीआई उज्जैन और लघु उद्योग भारती के बीच 9 मार्च को एमओयू साइन किया गया है। इससे छात्रों को अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री प्लेसमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही आईटीआई के आधुनिकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार मेलों से भी मिला लाभ

वर्ष 2025-26 में आयोजित 10 रोजगार एवं स्वरोजगार युवा संगम मेलों में:

  • 1779 आवेदकों का प्रारंभिक चयन हुआ
  • 214 छात्रों को अप्रेंटिसशिप मिली
  • 2313 युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए

इस पहल से प्रदेश के युवाओं को न केवल कौशल विकास का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में रोजगार हासिल करने में भी मदद मिलेगी।




Ujjain News: चैत्र शुक्ल चतुर्दशी पर बाबा महाकाल के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, भस्म आरती में गूंजा “जय श्री महाकाल”

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के सुबह 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों के लिए हजारों भक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी आस्था प्रकट की।

भव्य शृंगार और दिव्य भस्म आरती

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, मंदिर के पट खुलते ही सबसे पहले वीरभद्र जी से आज्ञा ली गई। इसके बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।

भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान घंटाल बजाकर “हरि ओम” का उच्चारण करते हुए जल अर्पित किया गया।

इसके पश्चात बाबा महाकाल का भव्य शृंगार किया गया, जिसमें विशेष रूप से बेलपत्र और चंद्रमा के साथ अलंकरण किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान को नवीन मुकुट धारण कराया गया।

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महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पण

भस्म आरती के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच संपन्न हुई इस आरती ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।

मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

गूंज उठा मंदिर परिसर

भक्तों ने “जय श्री महाकाल” के जयघोष के साथ बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

यह है आरती का समय

मंदिर प्रशासन द्वारा आरतियों का समय निर्धारित किया गया है:

  • भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक
  • दद्योदक आरती: प्रातः 7:00 से 7:45 बजे तक
  • भोग आरती: प्रातः 10:00 से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन: सायं 5:00 से 5:45 बजे तक
  • संध्या आरती: सायं 7:00 से 7:45 बजे तक
  • शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक

मंदिर प्रशासन के अनुसार, आरतियों के इन समयों में किया गया परिवर्तन शरद पूर्णिमा (आश्विन मास की पूर्णिमा) तक प्रभावी रहेगा।

ऐसे हुई भस्म आरती

ऐसे हुई भस्म आरती- फोटो : credit

ऐसे हुई भस्म आरती
ऐसे हुई भस्म आरती- फोटो : credit




Ujjain News: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

उज्जैन। अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने आज महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकाल के दर्शन किए।

तीनों कलाकार सुबह आयोजित भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा और पंडित यश गुरु ने बताया कि दर्शन के दौरान सभी कलाकार पूरी श्रद्धा और भक्ति में लीन नजर आए और “जय श्री महाकाल” के जयघोष किए।

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार- फोटो : credit

देश की खुशहाली की कामना

दर्शन के बाद अक्षय कुमार ने कहा कि वे देश की खुशहाली और प्रगति की कामना लेकर बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे हैं। साथ ही उन्होंने अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की।

मंदिर समिति ने किया स्वागत

दर्शन उपरांत मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने तीनों कलाकारों का स्वागत किया और उन्हें प्रसाद भेंट किया।

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार- फोटो : credit

पहले भी आ चुके हैं अक्षय कुमार

जानकारी के अनुसार, अक्षय कुमार पहले भी कई बार महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आ चुके हैं। इस बार वे टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया के साथ पहुंचे।
दर्शन के दौरान उन्होंने माथे पर तिलक लगाया, गले में “जय श्री महाकाल” का दुपट्टा धारण किया और नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।

महाकालेश्वर मंदिर में फिल्मी सितारों की इस उपस्थिति से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार

अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया पहुंचे बाबा महाकाल के दरबार- फोटो : credit




Ujjain News: आत्महत्या की धमकियां बनीं हकीकत, देर से अस्पताल पहुंचने पर व्यक्ति की मौत

पत्नी को वीडियो कॉल पर जहर खाने की बात बताई, मजाक समझते रहे परिजन

चिमनगंज। चिमनगंज थाना क्षेत्र के बजरंग नगर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बार-बार आत्महत्या की धमकी देना आखिरकार एक व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो गया। पत्नी को वीडियो कॉल पर जहर खाने की जानकारी देने के बावजूद परिजनों ने इसे मजाक समझा, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बजरंग नगर निवासी जितेंद्र पिता प्रेमनारायण (42) की जहर सेवन करने से मौत हो गई। जितेंद्र पेशे से ड्राइवर था, लेकिन वर्ष 2003 में लकवा मारने के बाद से वह घर पर ही रह रहा था। परिवार का भरण-पोषण उसकी पत्नी माया और बेटा यश कर रहे थे।

वीडियो कॉल पर दी थी जहर खाने की जानकारी

परिजनों ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते जितेंद्र अक्सर पत्नी और बेटों को फोन कर आत्महत्या की धमकी देता रहता था। शनिवार शाम उसने पत्नी माया को वीडियो कॉल कर बताया कि उसने जहर खा लिया है। पहले की घटनाओं को देखते हुए पत्नी और परिजनों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मजाक समझ लिया।

कुछ देर बाद जितेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। रात में हालत अधिक खराब होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

ऑनलाइन मंगाया था जहर
पुलिस जांच में सामने आया है कि जितेंद्र ने 6 दिसंबर को ऑनलाइन जहर की गोलियां ऑर्डर की थीं, जिनकी डिलीवरी 10 दिसंबर को हुई थी। इस ऑर्डर की जानकारी परिवार को घटना के बाद लगी। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, ऑनलाइन ऑर्डर और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस कर रही जांच

चिमनगंज थाना पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि जहर किस माध्यम से मंगाया गया और आत्महत्या के पीछे किन कारणों ने भूमिका निभाई। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।




महाकालेश्वर मंदिर में फिर विवाद: गर्भगृह में पुजारी-महंत के बीच झगड़ा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, प्रशासन सख्त

mahakaleshwar
mahakaleshwar

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर (mahakaleshwar) मंदिर में एक बार फिर अनुशासन और मर्यादा को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। मंगलवार सुबह भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में सेवा दे रहे एक महंत और पुजारी के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मंदिर प्रशासन और महाकाल(mahakaleshwar) मंदिर समिति हरकत में आ गई है।

विवाद का कारण: ड्रेस कोड और पगड़ी पहनने को लेकर मतभेद

जानकारी के मुताबिक यह पूरा विवाद ड्रेस कोड और पगड़ी पहनने को लेकर हुआ। बताया गया कि सुबह की भस्म आरती के दौरान एक पुजारी ने दूसरे महंत के पोशाक पर आपत्ति जताई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और अपशब्दों का प्रयोग शुरू हो गया।
गर्भगृह में भगवान महाकाल(mahakaleshwar) की पूजा के समय उपस्थित भक्तों और सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह दोनों को अलग किया। हालांकि, इस दौरान कई श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर असहज और निराश नजर आए।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि “भस्म आरती के समय जब पूरा माहौल भक्तिभाव में डूबा हुआ था, तभी अचानक आवाज़ें तेज़ होने लगीं। हमें लगा कोई आपात स्थिति है, लेकिन बाद में पता चला कि यह महंत-पुजारी का विवाद है। यह दृश्य देखकर सभी भक्त हैरान रह गए।”

गर्भगृह का पवित्र वातावरण और मर्यादा पर सवाल

महाकालेश्वर(mahakaleshwar)मंदिर के गर्भगृह को अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। यहां केवल कुछ चुनिंदा पुजारी और सेवादार ही प्रवेश कर सकते हैं। इसीलिए गर्भगृह के भीतर इस तरह का विवाद मंदिर की मर्यादा और अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जहां भगवान महाकाल की पूजा हो रही थी, वहीं कुछ सेकंड तक धक्का-मुक्की और ऊँची आवाज़ें सुनाई दीं। वीडियो के सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे “महाकाल की मर्यादा का अपमान” बताया है।

प्रशासन हरकत में: दोनों पक्षों से जवाब-तलब, जांच शुरू

घटना सामने आने के बाद महाकाल(mahakaleshwar)मंदिर प्रबंध समिति ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “गर्भगृह जैसे पवित्र स्थान पर इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

अधिकारी ने यह भी कहा कि मंदिर में सेवा दे रहे सभी पुजारियों और सेवादारों के लिए ड्रेस कोड और अनुशासन संबंधी नियम पहले से निर्धारित हैं। कोई भी व्यक्ति चाहे वह महंत हो या पुजारी, यदि इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

पहले भी उठ चुका है ड्रेस कोड का मुद्दा

महाकाल(mahakaleshwar)मंदिर में ड्रेस कोड और पगड़ी पहनने को लेकर पहले भी विवाद हो चुके हैं। कुछ महीने पहले भी कुछ पुजारियों के बीच इसी मुद्दे पर मतभेद हुआ था। प्रशासन ने उस समय स्पष्ट किया था कि गर्भगृह में सेवा देने वालों को केवल निर्धारित पारंपरिक वस्त्र ही पहनने होंगे और किसी भी प्रकार की नई या भव्य पोशाक की अनुमति नहीं है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह व्यवस्था श्रद्धा, एकरूपता और शुचिता बनाए रखने के लिए की गई है। किंतु बार-बार इस तरह के विवाद सामने आने से ऐसा लगता है कि नियमों के पालन में ढिलाई बरती जा रही है।

श्रद्धालुओं में नाराज़गी और आक्रोश

इस घटना ने उज्जैन के धार्मिक माहौल में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि गर्भगृह जैसे पवित्र स्थल में इस तरह की हरकतें आस्था को ठेस पहुँचाने वाली हैं।
एक स्थानीय श्रद्धालु ने लिखा – “जहां भगवान स्वयं विराजमान हैं, वहां झगड़ा और अपशब्द शर्मनाक हैं। प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।”
दूसरे भक्त ने कहा – “महाकाल की नगरी में इस तरह की घटनाएँ उज्जैन की छवि को धूमिल करती हैं। मंदिर में अनुशासन सर्वोपरि होना चाहिए।”

प्रशासन की सफाई और आगे की कार्रवाई

महाकाल (mahakaleshwar) मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू हो चुकी है। CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है। समिति ने दोनों संबंधित पुजारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह साबित हुआ कि उन्होंने गर्भगृह में अनुशासन भंग किया या आपसी विवाद को सार्वजनिक किया, तो उन्हें सेवा से निलंबित भी किया जा सकता है।

इसके साथ ही प्रशासन ने मंदिर में आचार संहिता के पालन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब हर पुजारी और महंत को गर्भगृह में प्रवेश से पहले निर्धारित ड्रेस कोड, पहचान पत्र और समयबद्ध ड्यूटी सूची के अनुसार ही सेवा देनी होगी।

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महाकाल मंदिर की गरिमा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी

महाकालेश्वर(mahakaleshwar)मंदिर न केवल उज्जैन बल्कि पूरे भारत की आस्था का केंद्र है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में गर्भगृह में किसी भी तरह का विवाद या अनुशासनहीनता सीधे तौर पर भक्तों की भावनाओं को आहत करती है।
धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारी और महंत संयम, विनम्रता और आचरण के प्रतीक माने जाते हैं। यदि वही आचार संहिता का उल्लंघन करें तो यह परंपरा के लिए भी नुकसानदायक है। उज्जैन के एक धर्माचार्य ने कहा – “महाकाल(mahakaleshwar)मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि हिंदू धर्म की मर्यादा का प्रतीक है। यहां सेवा देना पुण्य का कार्य है, परंतु अनुशासन तोड़ना पाप के समान है। सभी पक्षों को आत्मचिंतन करना चाहिए।”

सरकार और मंदिर समिति की सख्त नीति की मांग

घटना के बाद से ही कई धार्मिक संगठनों और स्थानीय भक्त मंडलों ने सरकार से सख्त नियंत्रण व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर में नियमित रूप से होने वाले झगड़े और विवाद मंदिर की अंतरराष्ट्रीय छवि को खराब करते हैं।
सुझाव दिया गया है कि मंदिर में CCTV निगरानी, अनुशासन परिषद और साप्ताहिक आचार समीक्षा बैठकें अनिवार्य की जाएँ ताकि ऐसे विवाद दोबारा न हों।

महाकालेश्वर(mahakaleshwar)मंदिर में मंगलवार को हुआ यह विवाद भले ही एक छोटे से मतभेद से शुरू हुआ हो, लेकिन इसने अनुशासन और मर्यादा की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।
अब सबकी निगाहें मंदिर प्रबंधन समिति की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। श्रद्धालु चाहते हैं कि दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएँ और गर्भगृह जैसे पवित्र स्थल की गरिमा भविष्य में किसी भी कीमत पर आहत न हो।

महाकाल(mahakaleshwar)की नगरी उज्जैन से निकला यह विवाद एक चेतावनी है – कि श्रद्धा के स्थान पर केवल पूजा ही नहीं, अनुशासन भी परम आवश्यक है।