Bandhavgarh Tiger Reserve : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघिन ने फिर मचाया उत्पात, महिला की मौत, ग्रामीण भयभीत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बाघिन के हमले में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान राखी गांव निवासी गल्ली यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि महिला शौच के लिए भितरी नाले की ओर गई थी, तभी झाड़ियों में छिपी बाघिन ने उस पर अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने तक महिला की मौत हो चुकी थी।

इलाके में फैली दहशत

घटना के बाद क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है। वन अमले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मानपुर रेंज के रेंजर मुकेश अहिरवार ने बताया कि पगमार्क से हमलावर बाघिन की पहचान की जा रही है। इसके लिए हाथी दल की मदद से सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

वन विभाग की सुरक्षा सलाह

ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने की हिदायत वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शौच या लकड़ी काटने जैसी गतिविधियों के लिए समूह में ही निकलें। गांव के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि लोग सतर्क रहें।

इस साल बांधवगढ़ में 10वीं बार हुई टकराव की घटना

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस साल अब तक 10 बार मानव-वन्यजीव टकराव हो चुका है। 12 फरवरी से 6 जून के बीच 4 लोग मारे गए हैं और 8 लोग घायल हुए हैं। पनपथा रेंज में सबसे ज्यादा 4 हमले हुए हैं, पतौर में 3, धमोखर में 2 और मानपुर में यह पहली घटना है। यह हमला ताला कोर रेंज की सीमा के पास हुआ, जिससे बाघिन के कोर से बफर क्षेत्र में आने की आशंका जताई जा रही है।

लगातार हमलों से ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है। वे वन विभाग से उचित मुआवजा और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। साथ ही, क्षेत्र में शौचालय निर्माण और बाघों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की भी मांग उठ रही है। वन विभाग अब बाघिन को पहचानकर पकड़ने की चुनौती का सामना कर रहा है ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।




Tiger Attacks : फॉरेस्ट के चौकीदार को मोबाइल पर बात करना पड़ा भारी,अचानक टाइगर ने किया हमला

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई कोर क्षेत्र स्थित लगदा कैंप में तैनात फॉरेस्ट के चौकीदार को मोबाइल पर बात करना भारी पड़ गया। अचानक उस पर टाइगर ने हमला कर दिया।
दरअसल, चौकीदार बृजेंद्र तेकाम बीती रात मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण कैंप से बाहर आकर फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान एक टाइगर ने उस पर अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बृजेंद्र के कंधे पर गंभीर चोट आई। घटना के समय मौजूद दूसरे चौकीदार रामदास ने उसकी चीख-पुकार सुनकर उसे टाइगर से बचाया और तुरंत कैंप के भीतर लाया। रामदास ने बताया कि बृजेंद्र कैंप से करीब 10 मीटर की दूरी पर जाकर मोबाइल पर बात कर रहा था, तभी टाइगर ने पीछे से उस पर झपट्टा मार दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। इस दौरान टाइगर लगभग आधे घंटे तक कैंप के आसपास ही घूमता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। घायल चौकीदार को तत्काल सरकारी वाहन से मढ़ई लाया गया और प्राथमिक उपचार के लिए सोहागपुर अस्पताल भेजा गया। वहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

मढ़ई क्षेत्र के रेंजर प्रेमनारायण ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना रात करीब 8 बजे की है। चौकीदार मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण कैंप से बाहर गया था, उसी दौरान टाइगर ने हमला कर दिया। दूसरे चौकीदार की सतर्कता और साहस से घायल बृजेंद्र की जान बचाई जा सकी। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने की बात कही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं रोकी जा सकें।




Seoni News : जंगल में तेंदू पत्ता तोड़ने पर महिला पर बाघ ने किया हमला, गर्दन पर पंजे और दांतों के निशान

सिवनी जिले के कुरई वन परिक्षेत्र के बिछुआ गांव के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक 50 वर्षीय महिला पर बाघ ने हमला कर उदिया। हमला इतना घातक था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

जनकारी के अनुसार, मृतका की पहचान हेमलता डहरवाल (उम्र 50 वर्ष) के रूप में हुई है। वह शनिवार सुबह अन्य ग्रामीण महिलाओं के साथ बिछुआ गांव के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी। इस दौरान झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। कुरई थाना प्रभारी कृपाल सिंह तेकाम के अनुसार, बाघ ने महिला की गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजे और दांतों से गंभीर वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

100 मीटर तक घसीटा शव, फिर शोर सुनकर भागा बाघ

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के बाद बाघ मृतका के शव को घसीटते हुए करीब 100 मीटर भीतर घने जंगल में ले गया। साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने जब शोर मचाया तो गांव से करीब 50 ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भीड़ को देख बाघ शव छोड़कर जंगल में भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वन अमले ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सिवनी जिला पहले भी बाघों की सक्रियता के कारण सुर्खियों में रहा है। जंगल से सटे गांवों में बाघों की आमद अब चिंता का विषय बनती जा रही है। वन विभाग ने तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान सतर्कता बरतने और समूह में जाने की सलाह दी है।