FIFA World Cup:जॉर्डन के खिलाफ बेंच से शुरुआत करेंगे लियोनेल मेसी, नॉकआउट मुकाबलों से पहले अर्जेंटीना ने अपनाई रणनीति
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
लियोनेल मेसी के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए, अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने जॉर्डन के खिलाफ ग्रुप J के आखिरी मैच में कप्तान को बेंच पर बिठाने का फैसला किया है।
(Photo/ANI)
ग्रुप-जे में शीर्ष स्थान पहले ही पक्का, कोच स्कालोनी ने स्टार कप्तान को आराम देने का लिया फैसला
स्पोर्ट्स डेस्क। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना रविवार को ग्रुप-जे के अपने अंतिम मुकाबले में पहली बार विश्व कप खेल रही जॉर्डन की टीम से भिड़ेगा। हालांकि इस मैच में अर्जेंटीना के कप्तान और स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं होंगे। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने नॉकआउट चरण से पहले मेसी का कार्यभार संतुलित रखने के उद्देश्य से उन्हें शुरुआती लाइनअप से बाहर रखने का फैसला किया है।
अर्जेंटीना पहले ही ग्रुप-जे में शीर्ष स्थान सुनिश्चित कर चुका है। ऐसे में टीम प्रबंधन आगामी चुनौतीपूर्ण मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए अपने सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी को पर्याप्त आराम देना चाहता है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्कालोनी ने पुष्टि की कि मेसी मैच की शुरुआत बेंच से करेंगे, हालांकि वे बाद में मैदान पर उतरेंगे।
उन्होंने कहा, “मेसी गेम की शुरुआत बेंच से करेंगे, लेकिन वह थोड़ी देर बाद मैदान पर आएंगे।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मेसी किस समय मैदान में उतरेंगे और शुरुआती एकादश में किन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।
शानदार फॉर्म में हैं मेसी
39वें जन्मदिन के दो दिन बाद मैदान पर उतरने जा रहे मेसी इस विश्व कप में शानदार फॉर्म में हैं। अब तक अर्जेंटीना द्वारा किए गए सभी पांच गोल उनके नाम हैं। उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाकर पुरुष फुटबॉल के ऑल-टाइम स्कोरिंग रिकॉर्ड की बराबरी की थी, जबकि ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने के रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।
फिटनेस को लेकर नहीं लेना चाहते कोई जोखिम
विश्व कप से पहले इंटर मियामी के लिए खेलते हुए मेसी हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ चुके थे। हालांकि टूर्नामेंट के दौरान उनकी फिटनेस को लेकर कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन अर्जेंटीना टीम प्रबंधन नॉकआउट मुकाबलों से पहले किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
यदि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने के अपने अभियान को सफल बनाना चाहता है, तो उसे अगले 17 दिनों में संभावित रूप से पांच कठिन मुकाबले खेलने होंगे। ऐसे में जॉर्डन जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ मेसी को आराम देना टीम की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि मेसी बतौर स्थानापन्न खिलाड़ी मैदान पर कब उतरते हैं और क्या अर्जेंटीना ग्रुप चरण का समापन जीत के साथ कर नॉकआउट दौर में मजबूत लय के साथ प्रवेश करता है।
फीफा विश्व कप 2026: कनाडा ने ड्रॉ से बचाई लाज, अमेरिका ने पराग्वे को रौंदकर किया विजयी आगाज
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में दूसरे दिन खेले गए मुकाबलों में सह-मेजबान टीमों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला। जहां कनाडा ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, वहीं अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की।
पिछड़ने के बाद कनाडा की शानदार वापसी
टोरंटो में खेले गए ग्रुप-बी मुकाबले में कनाडा को शुरुआती झटका लगा, जब 21वें मिनट में जोवो ल्युकिक ने गोल कर बोस्निया-हर्जेगोविना को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ में कनाडाई टीम बराबरी नहीं कर सकी और दबाव में दिखाई दी।
दूसरे हाफ में कनाडा ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार विपक्षी गोल पर दबाव बनाया। आखिरकार 78वें मिनट में बतौर विकल्प मैदान पर उतरे साइल लैरिन ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराया
लॉस एंजिलिस में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने शुरुआत से ही दबदबा कायम रखा। सातवें मिनट में पराग्वे के डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल से अमेरिका को बढ़त मिली। इसके बाद फोलारिन बालोगुन ने दो गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पहले हाफ तक अमेरिका 3-0 की बढ़त बना चुका था। दूसरे हाफ में पराग्वे के मॉरिसियो ने एक गोल कर अंतर कम किया, लेकिन अमेरिका ने अंत में चौथा गोल दागकर 4-1 की शानदार जीत दर्ज की। बालोगुन को मैच का हीरो माना गया, जिन्होंने दो गोल कर अमेरिकी जीत में अहम भूमिका निभाई।
आज पांच मुकाबलों पर रहेंगी नजरें
विश्व कप के तीसरे दिन फुटबॉल प्रशंसकों को पांच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। दिन का पहला मुकाबला कतर और स्विट्जरलैंड के बीच खेला जाएगा। इसके बाद ब्राजील का सामना मोरक्को से होगा। अन्य मुकाबलों में हैती बनाम स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया बनाम तुर्किये और जर्मनी बनाम कुराकाओ की टीमें आमने-सामने होंगी।
विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों ने ही संकेत दे दिया है कि इस बार का टूर्नामेंट रोमांच, उलटफेर और यादगार प्रदर्शनों से भरपूर रहने वाला है।
गुजरात के सामने ढही हैदराबाद की बल्लेबाजी, 86 रन पर सिमटी SRH; IPL इतिहास का सबसे शर्मनाक स्कोर
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
आईपीएल 2026 में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में Gujarat Titans ने Sunrisers Hyderabad को 82 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में हैदराबाद की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई और पूरी टीम सिर्फ 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह स्कोर आईपीएल इतिहास में एसआरएच का सबसे छोटा स्कोर बन गया।
169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। गुजरात के तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही दबाव बना दिया। Mohammed Siraj और Jason Holder की घातक गेंदबाजी के सामने हैदराबाद का कोई बल्लेबाज टिक नहीं पाया। लगातार विकेट गिरने के कारण पूरी टीम महज 14.5 ओवर में पवेलियन लौट गई।
गुजरात टाइटंस की इस धमाकेदार जीत के साथ टीम 16 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद को सीजन की पांचवीं हार का सामना करना पड़ा।
IPL इतिहास में SRH के 5 सबसे छोटे स्कोर
1. 86 रन vs गुजरात टाइटंस (अहमदाबाद, 2026)
यह मुकाबला एसआरएच फैंस के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात के गेंदबाजों ने हैदराबाद की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। सिराज और होल्डर की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी टीम 86 रन पर सिमट गई।
2. 96 रन vs मुंबई इंडियंस (हैदराबाद, 2019)
Mumbai Indians के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में Alzarri Joseph ने ऐतिहासिक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट झटके थे। 137 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एसआरएच सिर्फ 96 रन पर ढेर हो गई थी।
3. 113 रन vs कोलकाता नाइट राइडर्स (चेन्नई, 2024 Final)
Kolkata Knight Riders के खिलाफ आईपीएल 2024 के फाइनल में एसआरएच की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। टीम सिर्फ 113 रन बना सकी और केकेआर ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर ट्रॉफी जीत ली। यह आईपीएल फाइनल इतिहास का सबसे छोटा टीम स्कोर भी बना।
4. 113 रन vs मुंबई इंडियंस (हैदराबाद, 2015)
मुंबई इंडियंस के खिलाफ इस मैच में Lasith Malinga और Mitchell McClenaghan ने शानदार गेंदबाजी की थी। एसआरएच की टीम 113 रन से आगे नहीं बढ़ सकी।
5. 114 रन vs पंजाब किंग्स (दुबई, 2022)
Punjab Kings के खिलाफ दुबई की धीमी पिच पर रन चेज करते हुए हैदराबाद की टीम दबाव में आ गई थी। लगातार विकेट गिरने के कारण पूरी टीम 114 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी-20 क्रिकेट में मजबूत बल्लेबाजी क्रम भी खराब दिन पर पूरी तरह बिखर सकता है। वहीं गुजरात टाइटंस ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से यह संकेत दे दिया है कि टीम इस सीजन खिताब की मजबूत दावेदार बन चुकी है।
MS Dhoni IPL 2026 : आईपीएल 2026 से पहले एमएस धोनी का खास अभ्यास, लाल गेंद और डिफेंसिव अंदाज ने बढ़ाई फैंस की उत्सुकता
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
चेन्नई | स्पोर्ट्स डेस्क : चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर एमएस धोनी ने आईपीएल 2026 से पहले अभ्यास शुरू कर दिया है। सीएसके के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धोनी के अभ्यास सत्र की लगातार वीडियो साझा की जा रही हैं, जिसे देखकर फैंस एक बार फिर माही को मैदान पर देखने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं।
धोनी साल में केवल एक बार आईपीएल के दौरान ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलते हैं, ऐसे में उनके हर अभ्यास सत्र पर फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों की पैनी नजर रहती है। इसी बीच सामने आए एक वीडियो ने फैंस के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।
डिफेंसिव अंदाज में दिखे माही
आमतौर पर टी20 और आईपीएल जैसे फॉर्मेट में बल्लेबाज नेट्स में बड़े शॉट्स—चौके और छक्के—लगाने का अभ्यास करते नजर आते हैं। लेकिन धोनी इस बार बिल्कुल अलग अंदाज में अभ्यास करते दिखाई दिए। वीडियो में माही पैड्स पहनकर, बिना हेलमेट लगाए नेट्स में बेहद डिफेंसिव बल्लेबाजी करते नजर आ रहे हैं। यही नहीं, एक यूजर ने यह भी दावा किया कि धोनी लाल गेंद से अभ्यास कर रहे हैं। इस बात ने फैंस के बीच तरह-तरह के कयासों को जन्म दे दिया।
फैंस की प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “धोनी को पता है कि वह टी20 में टेस्ट मैच खेलने वाले हैं, इसलिए लाल गेंद से तैयारी कर रहे हैं।” हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि धोनी वाकई लाल गेंद से ही अभ्यास कर रहे थे या नहीं। बावजूद इसके, माही के अभ्यास के इस अनोखे अंदाज ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं।
अगर पिछले सीजन की बात करें तो आईपीएल 2025 में एमएस धोनी ने 14 मुकाबले खेले थे। इनमें 13 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 24.50 की औसत और 135.17 के स्ट्राइक रेट से कुल 196 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 12 छक्के देखने को मिले थे। वहीं उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 30* रन रहा था।
फैंस को फिर उम्मीद
आईपीएल 2026 से पहले धोनी का यह अभ्यास यह संकेत देता है कि वह एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरने की योजना बना रहे हैं। चाहे अंदाज बदला हुआ हो या अभ्यास का तरीका, माही की मौजूदगी ही आईपीएल को खास बना देती है—और फैंस को इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
IND vs NZ 1st T20: भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराया, 5 खिलाड़ियों ने पलट दिया मैच का रुख
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
IND vs NZ 1st T20I:
नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त देकर सीरीज की शानदार शुरुआत की। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने तूफानी अंदाज में 239 रन ठोक दिए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद 7 विकेट पर 190 रन ही बना सकी। इस तरह भारत ने मुकाबला 48 रन से जीत लिया।
इस जीत में भारतीय टीम के पांच खिलाड़ियों का योगदान सबसे अहम रहा, जिन्होंने मिलकर कीवी टीम को उसकी सीमाएं याद दिला दीं।
अभिषेक शर्मा की आक्रामक शुरुआत ने तय की मैच की दिशा
भारतीय पारी की शुरुआत अभिषेक शर्मा ने जिस विस्फोटक अंदाज में की, उसने मैच की दिशा शुरुआती ओवरों में ही तय कर दी। अभिषेक ने 240 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 35 गेंदों में 84 रन जड़ दिए। उनकी इस धुआंधार पारी में 8 छक्के और 5 चौके शामिल रहे। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को विशाल स्कोर की मजबूत नींव दी।
रिंकू सिंह की तूफानी वापसी
मिडिल ऑर्डर में रिंकू सिंह ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लंबे समय बाद टी20 टीम में वापसी करने वाले रिंकू ने यह साबित कर दिया कि वे बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। रिंकू की इस तेज पारी ने भारत के स्कोर को 230 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अर्शदीप सिंह की कसी हुई गेंदबाजी
गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके देकर दबाव बना दिया। उन्होंने पारी के पहले ही ओवर में सिर्फ 1 रन देकर एक विकेट चटकाया। पावरप्ले में अर्शदीप के दो ओवरों में केवल 13 रन बने। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने कीवी बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।
हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड योगदान
हार्दिक पांड्या ने एक बार फिर अपनी ऑलराउंड क्षमता का प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में उन्होंने 16 गेंदों पर 25 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। इसके बाद गेंदबाजी में भी हार्दिक ने असर दिखाया और अपने पहले ही ओवर में एक अहम विकेट हासिल किया। उनका अनुभव पूरे मैच में टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
अक्षर पटेल का टर्निंग पॉइंट विकेट
हालांकि अक्षर पटेल गेंदबाजी में थोड़े महंगे साबित हुए, लेकिन उन्होंने मैच का सबसे अहम विकेट हासिल किया। अक्षर ने ग्लेन फिलिप्स को आउट किया, जो उस समय आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे और न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापस लाते नजर आ रहे थे। फिलिप्स ने 40 गेंदों पर 78 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही कीवी टीम की जीत की उम्मीदें टूट गईं।
भारत ने सीरीज में बनाई बढ़त
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दमदार प्रदर्शन से भारत ने साफ संदेश दे दिया है कि सीरीज में उसे हल्के में लेना न्यूजीलैंड के लिए भारी पड़ सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को मौका देने पर विचार, 21 जनवरी को आईसीसी लेगा फैसला
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ता तनाव अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इस पूरे मामले पर 21 जनवरी 2026 को आईसीसी अहम फैसला लेने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार करता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया जा सकता है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को शामिल करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक आईसीसी ने इस संबंध में क्रिकेट स्कॉटलैंड से कोई आधिकारिक बातचीत नहीं की है।
सुरक्षा कारणों से भारत आने से बांग्लादेश का इनकार
दरअसल, बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आईसीसी से अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच भारत की बजाय श्रीलंका में आयोजित कराने की मांग की थी। लेकिन आईसीसी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद बीसीबी ने संकेत दिए कि वह मौजूदा परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकता।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी ने बीसीबी से 21 जनवरी तक यह स्पष्ट करने को कहा है कि वह वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगा या नहीं। यदि बांग्लादेश भारत आने से आधिकारिक रूप से मना करता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को मौका दिया जा सकता है।
विवाद की जड़: आईपीएल और भारत दौरा
आईसीसी और बीसीबी के बीच यह विवाद तब गहराया, जब बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर 2026 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से बाहर कर दिया गया। इसके बाद बीसीबी ने अपनी राष्ट्रीय टीम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कोलकाता व मुंबई में होने वाले ग्रुप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया।
जबकि टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है और भारत इसके मुख्य मेज़बान देशों में शामिल है। ऐसे में आईसीसी ने बांग्लादेश के मैचों को सह-मेज़बान श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग को अस्वीकार कर दिया।
आईसीसी के फैसले पर टिकी नजरें
अब क्रिकेट जगत की निगाहें 21 जनवरी को होने वाले आईसीसी के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश आखिरी समय में अपना रुख बदलता है या फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार स्कॉटलैंड को खेलने का मौका मिलता है।
इंदौर में भारत की हार के 5 बड़े कारण: कोहली का शतक भी नहीं दिला सका जीत, पहली बार न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज में हराया
written by govind yadav | 27/06/2026
न्यूजीलैंड ने इतिहास रचते हुए पहली बार भारत को उसकी धरती पर वनडे सीरीज में शिकस्त दी। इंदौर में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में कीवी टीम ने भारत को 41 रनों से हरा दिया। मुकाबले में विराट कोहली, डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने शतक जड़े, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया जीत से दूर रह गई।
भारत को 338 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला था। विराट कोहली अंत तक क्रीज पर टिके रहे और 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिलने के कारण टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। आइए जानते हैं इंदौर वनडे में भारत की हार के 5 बड़े कारण—
नितीश कुमार रेड्डी बने टीम पर बोझ
हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया एक भरोसेमंद ऑलराउंडर की तलाश में है। इस सीरीज में नितीश कुमार रेड्डी को मौका मिला, लेकिन वह इसे भुना नहीं सके। इंदौर वनडे में उन्होंने 8 ओवर में 53 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं लिया। मिडिल ओवरों में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने उनकी 125–130 किमी प्रति घंटे की गेंदबाजी को आसानी से खेला।
न्यूजीलैंड के गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क इस पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों पर भारी पड़े। राजकोट के बाद इंदौर में भी उन्होंने विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और नितीश रेड्डी के अहम विकेट लेकर भारत की कमर तोड़ दी।
डेथ ओवरों में लुट गए रन
न्यूजीलैंड की पारी एक समय मुश्किल में थी, लेकिन डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने शानदार साझेदारी कर मैच पलट दिया। आखिरी 10 ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने 99 रन लुटा दिए। हर्षित राणा ने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन 10 ओवर में 84 रन देना टीम को भारी पड़ा।
टॉप ऑर्डर की नाकामी
338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की बल्लेबाजी शुरुआत में ही बिखर गई।
रोहित शर्मा
शुभमन गिल
श्रेयस अय्यर तीनों बड़े नाम फ्लॉप रहे। वहीं केएल राहुल सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। 71 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद विराट कोहली ने अकेले संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
स्पिन गेंदबाजी फिर रही फीकी
पूरी सीरीज में भारतीय स्पिनर्स असरदार साबित नहीं हुए। इंदौर वनडे में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव ने मिलकर 12 ओवर में 89 रन दे दिए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीम मैनेजमेंट को एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरना चाहिए था?
विराट कोहली का शतक, न्यूजीलैंड की आक्रामक बल्लेबाजी और भारत की कमजोर गेंदबाजी—इन सबका नतीजा रहा कि टीम इंडिया को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए आत्ममंथन का बड़ा मौका बनकर सामने आया है।
हरलीन देओल का जबरदस्त जवाब: ‘रिटायर्ड आउट’ के बाद जबरदस्त पारी से UPW को दिलाई जीत
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
नई दिल्ली। यूपी वॉरियर्स की ऑलराउंडर हरलीन देओल ने मात्र 24 घंटों के भीतर विवाद से विजय तक का शानदार सफर तय किया है। सोमवार (14 जनवरी) को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में टीम हित में ‘रिटायर्ड आउट’ होने के बाद, मंगलवार (15 जनवरी) को उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 64 रनों की मैच-विजेता पारी खेलकर अपनी प्रतिभा और मानसिक दृढ़ता का लोहा मनवाया।
कल का कठिन फैसला, आज का शानदार प्रदर्शन पिछले मैच में, यूपी वॉरियर्स की टीम प्रबंधन ने रन रेट बढ़ाने के लिए एक साहसिक फैसला लेते हुए हरलीन देओल को ‘रिटायर्ड आउट’ घोषित कर मैदान से वापस बुलाया था। क्रिकेट का यह दुर्लभ निर्णय चर्चा का विषय बना। लेकिन हरलीन ने अगले ही दिन शानदार जवाब दिया। उनकी धमाकेदार 64 रनों की पारी (7 चौके, 2 छक्के) की बदौलत यूपी वॉरियर्स ने मुंबई इंडियंस के 160 रनों के लक्ष्य को 7 विकेट और 11 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
विपक्षी कप्तान ने की तारीफ हरलीन के प्रदर्शन ने विपक्षी कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी दिल जीत लिया। मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा, “उसने दिखा दिया है कि वह टीम में क्यों है… आज उसने बहुत अच्छी बैटिंग की।” हालांकि, उन्होंने पिछले मैच के ‘रिटायर्ड आउट’ फैसले पर हैरानी भी जताई। हरलीन खुद मैच के बाद भावुक नजर आईं।
हरमनप्रीत ने बताई हार की वजह टीम की दूसरी हार पर बात करते हुए मुंबई इंडियंस की कप्तान ने कहा कि वे पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन का स्कोर चाहते थे। उन्होंने कहा, “इस ट्रैक पर पहले बैटिंग करना आसान नहीं था… बोर्ड पर रन काफी नहीं थे।” उन्होंने यह भी कहा कि ओस भरी परिस्थितियों में गेंद को पकड़ना और गेंदबाजी करना मुश्किल हो रहा था, जिससे रक्षात्मक स्कोर को चेज करना आसान हो गया।
हरलीन देओल की यह कहानी खेल में मानसिक सुदृढ़ता और पेशेवर प्रतिक्रिया देने की शक्ति को दर्शाती है। एक कठिन टीम निर्णय के बाद, उन्होंने नकारात्मकता से ध्यान हटाकर अपने प्रदर्शन से जवाब दिया, जिससे न सिर्फ उनकी टीम को जीत मिली, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में उनकी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया।
भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप पर कब्ज़ा जमाया: तिलक वर्मा और कुलदीप यादव बने नायक
written by govind yadav | 27/06/2026
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार की रात एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने एशिया कप के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह जीत न केवल स्कोरबोर्ड पर भारत की मजबूती को दिखाती है बल्कि टीम की मानसिक दृढ़ता और रणनीतिक समझ का भी परिचायक है।
Asia Cup 2025 Final:: गेंदबाजी का बड़ा फैसला
मैच की शुरुआत में भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। आमतौर पर बड़े मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी का दबाव प्रतिद्वंद्वी पर डालना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन ने हालात और विपक्ष की कमजोरियों का आकलन करते हुए गेंदबाजी से शुरुआत करने का निर्णय लिया। यह फैसला बाद में पूरी तरह से सही साबित हुआ।
पाकिस्तान की पारी: तेज़ शुरुआत, लेकिन कुलदीप की जाल में फंसी
पाकिस्तान ने शुरुआत अच्छी की। उनके ओपनरों ने पावरप्ले में रन बनाने की कोशिश की और शुरुआती 6 ओवर में टीम ने 45 से अधिक रन जोड़ लिए। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्द ही लय पकड़ ली।
कुलदीप यादव, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की है, ने एक बार फिर अपनी फिरकी से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को उलझा दिया। उनकी गेंदें हवा में लहरातीं और पिच पर टर्न लेकर बल्लेबाजों को चौंकाती रहीं। उन्होंने अहम मौके पर लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान की पारी को लड़खड़ा दिया।
अन्य गेंदबाजों ने भी उनका अच्छा साथ दिया। जसप्रीत बुमराह ने अपनी सटीक यॉर्कर और तेज़ गेंदबाजी से बल्लेबाजों को रोकने का काम किया, जबकि हार्दिक पांड्या ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान की टीम 19.1 ओवर में महज़ 146 रन पर ऑल आउट हो गई।
लक्ष्य का पीछा: भारत की शुरुआत लड़खड़ाई
147 रनों का लक्ष्य छोटा तो था, लेकिन फाइनल मैच (Asia Cup 2025 Final) का दबाव अलग ही होता है। भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए और स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 20 रन के भीतर ही तीन विकेट गिर गए।
इस समय तक पाकिस्तान का मनोबल ऊंचा था और उनके गेंदबाज आक्रामक नज़र आ रहे थे। लेकिन तभी मैदान पर तिलक वर्मा आए और उन्होंने अपनी संयमित बल्लेबाजी से भारत को संभालना शुरू किया।
तिलक वर्मा की मैच जिताऊ पारी
तिलक वर्मा की पारी इस फाइनल (Asia Cup 2025 Final) का सबसे सुनहरा पल रही। उन्होंने शुरुआत में डिफेंसिव खेलते हुए विकेट पर समय बिताया और धीरे-धीरे अपनी पारी को संवारना शुरू किया। उन्होंने 53 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और चार शानदार छक्के शामिल थे।
उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। जब भी टीम को बाउंड्री की जरूरत पड़ी, तिलक ने बेझिझक बड़े शॉट लगाए। उनकी यह पारी न सिर्फ भारत को जीत दिलाने में अहम रही बल्कि उन्हें एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित भी कर गई।
साथियों का योगदान
तिलक वर्मा को अन्य बल्लेबाजों से भी अच्छा सहयोग मिला। संजू सैमसन ने 24 रनों की उपयोगी पारी खेली और चौथे विकेट पर तिलक के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की। इसके बाद शिवम दुबे ने तिलक के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दुबे ने सिर्फ 22 गेंदों पर 33 रन बनाए और तिलक के साथ 60 रन की साझेदारी कर भारत को जीत की दहलीज़ तक पहुंचाया।
अंततः, भारत ने 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर 150 रन बना लिए और लक्ष्य हासिल कर लिया।
Asia Cup 2025 Final: कुलदीप यादव गेंदबाजी के असली हीरो
यदि तिलक वर्मा भारतीय जीत के बल्लेबाजी नायक बने, तो गेंदबाजी में यह मुकाम कुलदीप यादव के नाम रहा। उन्होंने मैच के निर्णायक पलों पर विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी को चरमराया। उनकी हर गेंद पर बल्लेबाजों के चेहरे पर उलझन साफ दिख रही थी। कुलदीप की फिरकी ने पाकिस्तान के मध्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनकी गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके और अंततः टीम 146 रन पर ही सिमट गई।
Asia Cup 2025 Final: फाइनल का माहौल
दुबई स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ जुटी थी। भारत और पाकिस्तान के मुकाबलों का जुनून हमेशा चरम पर रहता है और इस बार भी माहौल कुछ ऐसा ही था। दर्शक हर चौके-छक्के और हर विकेट पर शोर मचाते रहे। मैच के दौरान दोनों देशों के समर्थकों के बीच उत्साह देखने लायक था। भारत की जीत के बाद स्टेडियम “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठा।
भारत का एशिया कप में दबदबा
इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड नौवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट का सबसे सफल दल है। पाकिस्तान और श्रीलंका की तुलना में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है।भारत की यह जीत टीम की गहराई को भी दर्शाती है। युवा खिलाड़ी लगातार टीम के लिए योगदान दे रहे हैं और वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ मिलकर टीम को मजबूत बना रहे हैं।
आगे की राह
भारत की इस जीत से आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम का आत्मविश्वास और भी बढ़ेगा। खासकर तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों की शानदार पारी से यह संकेत मिलता है कि टीम इंडिया का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। कुलदीप यादव की गेंदबाजी और बुमराह की फिटनेस भी सकारात्मक संकेत हैं। कोच और चयनकर्ताओं के लिए यह राहत की बात होगी कि टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो मुश्किल हालात में भी प्रदर्शन कर सकते हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ यह एशिया कप फाइनल (Asia Cup 2025 Final)क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी दावत से कम नहीं था। एक ओर कुलदीप यादव की फिरकी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी को जकड़ दिया, वहीं दूसरी ओर तिलक वर्मा की नाबाद 69 रनों की पारी ने भारत को विजय दिलाई।
भारत ने 19.4 ओवर में 150 रन बनाकर 5 विकेट से जीत हासिल की और रिकॉर्ड नौवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह जीत न केवल खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है बल्कि भारतीय क्रिकेट के सुनहरे भविष्य का संकेत भी है।
भारतीय क्रिकेट प्रशंसक इस जीत को लंबे समय तक याद रखेंगे क्योंकि यह केवल एक खिताबी जीत नहीं, बल्कि पड़ोसी और सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन का प्रतीक भी है।
super-4: भारत ने पाकिस्तान को दी जोरदार शिकस्त, अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की विस्फोटक बल्लेबाज़ी
written by Denva Post Bureau | 27/06/2026
नई दिल्ली। एशिया कप 2025 के सुपर-4(Super-4) राउंड में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबले में एक बार फिर टीम इंडिया ने जीत का परचम लहराया। लीग मैच में पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम ने सुपर-4 में भी उसी अंदाज में खेल दिखाते हुए आसानी से जीत दर्ज की। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, लेकिन भारत ने इसे 18.5 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है।
भारत बनाम पाकिस्तान सुपर-4 (Super-4): अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की विस्फोटक शुरुआत
171 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। पावरप्ले (Super-4) में दोनों बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। महज 4.4 ओवर में 50 रनों की साझेदारी पूरी करके दोनों ने साफ कर दिया कि यह लक्ष्य भारतीय बल्लेबाजों के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं है।
पावरप्ले खत्म होते ही भारतीय स्कोरबोर्ड पर 69 रन बिना विकेट के दर्ज थे। अभिषेक ने पहले सावधानी से शुरुआत की, लेकिन जल्द ही अपने पावरहिटिंग अंदाज में आ गए। उन्होंने केवल 24 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। इस दौरान उनके बल्ले से गगनचुंबी छक्के और चौके निकलते रहे।
दूसरी ओर शुभमन गिल ने क्लासिक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग से रन बटोरे। गिल ने 28 गेंदों में 47 रनों की शानदार पारी खेली और अभिषेक के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़े।
भारतीय टीम का पहला झटका (Super-4) 10वें ओवर में लगा जब गिल फहीम अशरफ की बेहतरीन गेंद पर बोल्ड हो गए। गिल उस समय 47 रन बनाकर सेट दिख रहे थे। इसके तुरंत बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव भी बिना खाता खोले आउट हो गए, जिससे भारतीय डगआउट में थोड़ी चिंता दिखी।
हालांकि, अभिषेक शर्मा एक छोर से रन बरसाते रहे। उनका शतक बनने की ओर बढ़ रहा था, लेकिन 74 रनों के निजी स्कोर पर वे अबरार अहमद की गेंद पर कैच थमा बैठे। भले ही उनका शतक छिन गया, लेकिन उनकी पारी ने टीम इंडिया को जीत की दहलीज तक पहुँचा दिया था।
इसके बाद तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचाया। दोनों ने बिना किसी दबाव के साझेदारी निभाई और भारत ने 19वें ओवर से पहले ही जीत दर्ज कर ली।
पाकिस्तान की धमाकेदार शुरुआत और फिर ढहती बल्लेबाजी
इससे पहले पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। शुरुआत में यह फैसला सही साबित होता दिखा। ओपनर्स ने भारतीय गेंदबाजों पर आक्रमण करते हुए पहले 10 ओवर में ही (Super-4)91 रन जोड़ दिए। इस समय ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान का स्कोर 200 से ऊपर जाएगा।
साहिबजादा फरहान (58 रन) ने शानदार बल्लेबाजी की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। लेकिन मिडिल ओवर्स में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की।
मोहम्मद नवाज ने 19 गेंदों में सिर्फ 21 रन बनाए।
हुसैन तलत 11 गेंदों में केवल 10 रन ही जोड़ सके।
सलमान अली आगा भी स्ट्राइक रोटेट करने में असफल रहे।
इन धीमी पारियों की वजह से पाकिस्तान का रनरेट तेजी से गिरा और टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुँच सकी।
अंतिम ओवरों में फहीम अशरफ की तेजी
पाकिस्तान का स्कोर जब 160 के करीब अटक गया था, तब फहीम अशरफ ने आखिरी ओवरों में तेज बैटिंग कर स्थिति संभाली। उन्होंने केवल 8 गेंदों में नाबाद 20 रन ठोकते हुए टीम को किसी तरह (Super-4)171 रन तक पहुँचाया।
हालांकि, यह स्कोर भारतीय बल्लेबाजों के लिए पर्याप्त नहीं रहा और उन्होंने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाजी में मिडिल ओवर्स में शानदार अनुशासन देखने को मिला।
शिवम दुबे सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 2 विकेट चटकाए।
कुलदीप यादव और हार्दिक पंड्या ने एक-एक विकेट लिया।
हालांकि, जसप्रीत बुमराह महंगे साबित हुए। उन्होंने अपने 4 ओवर में 45 रन लुटा दिए और कोई सफलता नहीं मिल सकी।
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बांधे रखा।
मैच का टर्निंग प्वाइंट
इस मुकाबले का असली टर्निंग प्वाइंट था भारतीय टीम की शुरुआत। पाकिस्तान के 171 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण लग रहा था, लेकिन अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी ने पहले ही (Super-4) 10 ओवरों में पाकिस्तान की उम्मीदें तोड़ दीं।
दूसरा अहम पहलू रहा पाकिस्तान की मिडिल ओवर्स की धीमी बल्लेबाजी। पहले 10 ओवर में 91 रन बनाने के बाद टीम केवल अगले 7 ओवरों में 45 रन ही जोड़ सकी। यही स्लोडाउन उन्हें भारी पड़ा।
भारत बनाम पाकिस्तान सुपर-4( Super-4)मैच की प्लेइंग-11 और नतीजा
भारत: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह।
पाकिस्तान: सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, फखर जमान, सलमान अली आगा (कप्तान), फहीम अशरफ, तलत हुसैन, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, शाहीन शाह अफरीदी, हारिस रउफ और अबरार अहमद।
निष्कर्ष
भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा क्रिकेट का रोमांच चरम पर रहता है। सुपर-4 (Super-4) में खेले गए इस मुकाबले में भी उम्मीद थी कि यह कड़ा संघर्ष होगा। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों, खासकर अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की धुआंधार बल्लेबाजी ने इसे एकतरफा बना दिया। पाकिस्तान ने जहाँ पहले 10 ओवर में शानदार शुरुआत की, वहीं भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में उन्हें रोककर स्कोर नियंत्रित कर दिया।
भारत की ओर से ओपनिंग पार्टनरशिप ने मैच का रुख पहले ही तय कर दिया था। यही कारण रहा कि भारत ने सुपर-4 (Super-4) में पाकिस्तान को एक बार फिर आराम से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली।