3500 किलो की ऐतिहासिक तोप चोरी: 3000 फीट ऊंचे नरवर किले से तीन टन धरोहर गायब, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से लगभग 3500 किलोग्राम (साढ़े तीन टन) वजनी बहुमूल्य ऐतिहासिक तोप की चोरी ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात हुई इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित दुर्गम नरवर किले से इतनी भारी-भरकम तोप का गायब होना अपने आप में बेहद असाधारण घटना मानी जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वारदात को पूरी योजना, रेकी और संसाधनों के साथ अंजाम दिया गया।

किले के पिछले हिस्से से घुसे बदमाश

जानकारी के अनुसार, बदमाश किले के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। पुलिस को आशंका है कि अपराधियों ने पहले से इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी। इतनी भारी तोप को हटाने के लिए संभवतः लोडिंग वाहनों, क्रेन अथवा अन्य भारी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया होगा। हालांकि पुलिस अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है।

चोरी के तरीके को लेकर कई चर्चाएं

घटना के बाद चोरी के तरीके को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि बदमाशों ने तोप को रजाई और गद्दों में लपेटकर किले की ऊंचाई से नीचे सरका दिया, ताकि गिरने की आवाज कम हो और आसपास किसी को भनक न लगे। हालांकि इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह पर शक

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस वारदात के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय पुरातात्विक तस्कर गिरोह का हाथ हो सकता है। माना जा रहा है कि ऐतिहासिक और दुर्लभ धरोहरों की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

30 से 35 लोगों के शामिल होने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, वारदात में लगभग 30 से 35 बदमाश शामिल हो सकते हैं। हालांकि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने इस संख्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

सुरक्षा कर्मियों को धमकाने का दावा

नरवर किले के ओपन कचहरी परिसर में कुल 14 ऐतिहासिक तोपें रखी थीं, जिनमें से अब केवल 13 तोपें बची हैं। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने हथियारों के बल पर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि पुलिस ने इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पहले से हो रही थी रेकी?

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से पहले कई दिनों तक किले के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। आशंका है कि अपराधियों ने वारदात से पहले पूरे इलाके की बारीकी से रेकी की और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद चोरी को अंजाम दिया।

पुलिस ने शुरू की व्यापक जांच

घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। किले के आसपास और आने-जाने वाले सभी मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें संभावित रूटों पर जांच और नाकाबंदी कर रही हैं।

शिवपुरी पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने कहा,

“यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। पुलिस की विशेष टीमें जांच में जुटी हुई हैं। किले की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है।”

पुरातत्व विभाग ने जताई चिंता

पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने कहा,

“इतिहास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण धरोहर का गायब होना देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ा नुकसान है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वारदात में 30 से 35 लोगों के शामिल होने की जानकारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

देश की धरोहरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

इतनी भारी ऐतिहासिक तोप का एक संरक्षित किले से चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। आखिर इतनी बड़ी धरोहर को बिना किसी की नजर में आए कैसे हटाया गया? क्या सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही हुई या फिर यह किसी संगठित तस्कर गिरोह की महीनों की योजना थी? इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल पूरे मामले ने प्रशासन, पुरातत्व विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि देश की इस ऐतिहासिक धरोहर को कब और कैसे बरामद किया जाता है।




Mp News:इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ मगरमच्छ से क्रूरता का वीडियो, दो आरोपी गिरफ्तार

शिवपुरी। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए मगरमच्छ के साथ क्रूरता का वीडियो बनाकर वायरल करना दो युवकों को भारी पड़ गया। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दो युवक मगरमच्छ को पकड़कर उसके साथ छेड़छाड़ करते, उसे घसीटते और पटकते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश के निर्देश पर एसटीएसएफ ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान वीडियो में दिखाई देने वाले आरोपियों की पहचान शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील अंतर्गत ग्राम गरेठा निवासी सुखनंदन केवट और गुलई सिंह के रूप में हुई। इसके बाद एसटीएसएफ की क्षेत्रीय इकाई शिवपुरी तथा वनमंडल शिवपुरी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बुधना नदी में मछली पकड़ने के लिए बिजली के करंट का उपयोग करते थे। इसी दौरान मगरमच्छ भी करंट की चपेट में आ जाते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो उन्होंने ही बनाया और इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था।

वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 2 जून 2026 को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय पिछोर, जिला शिवपुरी में पेश किया गया।

अनुसूची-1 में शामिल है मगरमच्छ

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार, उत्पीड़न, चोट पहुंचाने या किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर न्यूनतम तीन वर्ष से लेकर अधिकतम सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

सोशल मीडिया की सनक बनी मुसीबत

वन अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में कई लोग वन्यजीवों के साथ खतरनाक और अमानवीय हरकतें करते हुए वीडियो बनाते हैं। ऐसे कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी भी वन्यजीव के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न या क्रूर व्यवहार न करें। वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




कोलारस में प्रेमी की हत्या के बाद प्रेमिका ने दी जान, दो मौतों से दहला शिवपुरी

शिवपुरी : मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां प्रेमी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद उसकी प्रेमिका ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लगातार दो मौतों से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कोलारस में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही मृतक की प्रेमिका मानसिक तनाव में बताई जा रही थी। परिजनों का कहना है कि वह लगातार परेशान थी और घटना के बाद से ही गुमसुम रहने लगी थी।
इसी बीच, गुरुवार को युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग और मानसिक आघात से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है, इसको लेकर जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि युवक की हत्या के पीछे क्या कारण थे और क्या युवती की आत्महत्या उसी घटना से जुड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और युवक की मौत के बाद युवती पूरी तरह टूट गई थी। इस दोहरी घटना ने क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया है।
फिलहाल, कोलारस पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और दोनों घटनाओं के तार जोड़ने का प्रयास कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।




Shivpuri News : भारी बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियां पानी में डूबी

शिवपुरी में हो रही झमाझम बारिश के बाद शहरी क्षेत्र के इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। शिवपुरी शहर के नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के आगे रेलवे स्टेशन रोड, यहां पास स्थित पुलिस लाइन कॉलोनी, रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, पीएस होटल के पास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक एक बछोरा, वार्ड एक में ही तुलसी कॉलोनी आदि स्थान पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात की स्थिति निर्मित हो गई है। शनिवार को सुबह जब यहां पर लोग उठे तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखी गई। नमोनगर में तो हालत बाढ़ जैसे निर्मित हो गए। यहां पर कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी ऊपर तक रहा। रात को तीन से चार घंटे तक तेज बारिश हुई इसके कारण यह स्थिति बनी।

नालों पर अतिक्रमण से बिगड़े हालात

शिवपुरी शहर में पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर अतिक्रमण किए जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। शहर में अतिक्रमण की चपेट में आए नालों पर पानी निकासी के कोई साधन नहीं है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के आसपास के खेतों में अवैध कॉलोनी काटने के कारण लोग बारिश के बाद परेशानी के हालात में पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जनता परेशानी में हैं।

ग्रामीण इलाकों के गांवों में पानी भरा

शिवपुरी जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिले के बैराढ़, कोलारस, बदरवास आदि स्थानों पर भी गई गांव पानी से लबालब हो गए। जिले के कोलारस जनपद के लुकवासा से सेवन बसाई सोनपुरा होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोड तो बनाई लेकिन विभाग पुल बनना भूल गया। इसके कारण 15 से 20 गांवों के लोग परेशान हैं। यहां पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है इसमें एक ग्रामीण जोखिमपूर्ण तरीके से पानी से भरी पुलिया से टैक्टर निकाल रहा है। वहीं जिले के बैराड़ के ग्राम जोराई में बाढ़ जैसे हालात बन गए यहां पर एक गाड़ी पानी में डूब गई। वहीं कुंवरपुर गांव में भी नाले पर पानी का बहाव तेज देखा गया।

सिंध नदी उफान पर है

वहीं दूसरी ओर जिले से निकली सिंध नदी उफान पर है। जिले के कोलारस, बदरवास व देहरदा सहित अन्य इलाकों में निकली सिंध नदी में बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ा है। इसके कारण कई जगह पर जलभराव व नालों पर रपटों पर पानी का लेवल बढ़ गया है। इसके कारण कई ग्रामों में आने-जाने में परेशानी हो रही है।




Shivpuri News : शिवपुरी-विकसित कृषि संकल्प अभियान में गांव-गांव पहुंच रही टीमें

शिवपुरी जिले में इस समय विकसित कृषि संकल्प अभियान जारी है। इस अभियान के तहत अधिकारियों का दल किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की जानकारियों के अलावा कृषि क्षेत्र में किए गए नए नवाचारों की जानकारी भी दे रहा है। इस दल में शामिल कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र व अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा ग्रामों में पहुंचकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न गांव में पहुंचकर किसानों को नए नवाचार, मुद्रा परीक्षण, उन्नत खेती की तकनीक के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत तीन टीमें शिवपुरी, पोहरी, नरवर, कोलारस, बदरवास, करेरा, पिछोर खनियाधाना में रूट चार्ट अनुसार पहुंचकर किसानों से चर्चा कर रही है और खरीफ फसलों के बारे में आवश्यक जानकारी दी जा रही है। शिवपुरी जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत 29 मई से हुई है और यह अभियान 12 जून तक चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत केंद्रीय योजनाओं व प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं की जानकारी किसानों को दी जाएगी।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एमके भार्गव ने बताया कि इस अभियान के तहत गांव-गांव में जाकर हमारी टीम द्वारा किसानों से चर्चा की जा रही है। चौपालें लगाई जा रही हैं और कृषि के क्षेत्र में नए नवाचारों को किसानों को बताया जा रहा है। कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी बृजमोहन शर्मा ने बताया कि हमारी टीम गांवों में पहुंचकर किसानों को मुद्रा परीक्षण की जानकारी दी जा रही है। किसानों के लिए कौन सी योजनाएं हैं इसकी भी जानकारी दी जा रही है।




Mp News : शिवपुरी में महिला ट्रेन से गिरी, पति ने उसे अस्पताल पहुंचाया, पहुंचने पर मृत घोषित किया गया

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रातौर रोड रेलवे ट्रैक के पास बीती रात एक हैरान करने वाली घटना घटी। ट्रेन में सफर कर रही एक नवविवाहिता उल्टी करते समय नीचे गिर गई। पता चलते ही पति ने चेन खींचकर ट्रेन रोकी और करीब एक किमी पीछे गया, वहां पत्नी घायल हालत में पड़ी थी। पति ने पत्नी को गोद में उठाकर दौड़ लगाई और फिर जैसे-तैसे जिला अस्पताल पहुंचा। लेकिन, डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

16 अप्रैल को हुई थी शादी

जानकारी के अनुसार, ग्वालियर के रहने वाले एडवोकेट विकास जोशी की शादी 16 अप्रैल 2025 को शिवानी शर्मा से हुई थी। शिवानी उरई (जालौन) की रहने वाली थी, वह एलएलबी की छात्रा थी। पति के साथ वह परीक्षा देने के लिए उरई गई थी। परीक्षा के बाद मंगलवार को दोनों ग्वालियर लौटे और बुधवार शाम ट्रेन से इंदौर के लिए रवाना हुए थे।

पत्नी नीचे गिरी, चेन खींचकर कूदा पति

विकास ने बताया कि वह इंदौर में रहकर वकालत करता है। वह अपनी पत्नी शिवानी के साथ मंगलवार रात ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। रात करीब 9 बजे शिवपुरी रेलवे स्टेशन से ट्रेन कुछ दूर निकल चुकी थी। इस दौरान शिवानी को उल्टी आने लगी तो वह कोच के गेट के पास खड़ी हो गई। उल्टी होने पर वह (विकास) पानी लेने अपनी सीट पर आ गया, वह वापस गेट पर पहुंचा तो शिवानी नहीं थी। पास खड़े एक यात्री ने बताया कि महिला का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई। यह सुनते ही विकास ने ट्रेन की चेन खींची और नीचे कूद गया।

अंधेरे में ही अपनी पत्नी की तलाश की

एडवोकेट विकास ने पुलिस को बताया है कि ट्रेन करीब एक किलोमीटर आगे निकल गई थी। नीचे उतर वह पीछे की तरफ दौड़ा। अंधेरे में उसने पत्नी शिवानी को तलाश किया और गोट में उठाकर रातौर क्रॉसिंग के पास सड़क पर ले आया। वहां एक कार सवार ने मदद की और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, जांच के बाद डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया।

आधी दूरी तक गोद में पत्नी को उठाकर लाया पति

विकास ने बताया कि घटना की सूचना के बाद भी जीआरपी ने उसकी कोई मदद नहीं की। वह खुद ही अंधेरे में पत्नी को देखता रहा। उसके मिलने के बाद, उसने पत्नी को गोद में उठाकर आधी दूरी तय की। बाद में जीआरपी वाले आए और नियम-कानून की बात कर पूरे मामले में कागजों पर साइन करने के लिए कहा, जबकि उस समय पत्नी को इलाज की जरूरत थी। इसके बाद बड़ी मुश्किल से एक कार वाला मिला, जिसमें हमें अस्पताल पहुंचा।




Shivpuri News : शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता गायत्री शर्मा के पुत्र रजत शर्मा के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। एक युवती द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र रजत शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले के बाद नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र ने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था लेकिन कोर्ट ने अग्रिम जमानत का आवेदन निरस्त कर दिया है।

मामला दर्ज होने के बाद फरार है आरोपी रजत शर्मा

दुष्कर्म मामले में मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के पुत्र रजत शर्मा पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर सालों तक दैहिक शोषण किए जाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। उक्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित रजत शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद से आरोपित रजत शर्मा फरार है।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार न करने पर उठ रहे हैं सवाल

दैहिक शोषण के उक्त मामले में पुलिस ने 30 अप्रैल को FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस सामान्य रूप से दुष्कर्म अथवा दैहिक शोषण के आरोपित को एफआईआर दर्ज करने के पहले या फिर तत्काल बाद गिरफ्तार कर लेती है, परंतु उक्त मामले में दैहिक शोषण का आरोपित घटना के 13 दिन बाद भी फरार चल रहा है। ऐसे में आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

न्यायालय में युवती ने किया अग्रिम जमानत का विरोध

आरोपी रजत शर्मा द्वारा 7 मई 2025 को अपने अधिवक्ता विजय तिवारी के माध्यम से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इस पर 9 मई को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुई और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया कि आरोपी रजत शर्मा और उसके परिजनों से उसे और उसके स्वजनों को जान का खतरा है। वहीं, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धीरज जामदार ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि मामले की विवेचना अभी अपूर्ण है और आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) भी अभी नहीं हुआ है। ऐसे में अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करना न्यायोचित नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी रजत शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।




Shivpuri News : शिवपुरी में शराब पीकर एंबुलेंस चला रहा था ड्राइवर, मामला दर्ज

शिवपुरी जिले में एक एंबुलेंस संचालक द्वारा नशे में वाहन चलाने का मामला सामने आया है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि एंबुलेंस का वाहन चालक कानूनी सीमा से सात गुना अधिक अल्कोहल यानी की शराब पीकर वाहन चला रहा था। यातायात पुलिस ने संदेह होने पर जब जांच की तो मामला खुला। पुलिस ने संबंधित वाहन चालक भानू धाकड़ (30) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया है।

पुलिस ने बताया है कि इस चेकिंग के दौरान वाहन चालक के शरीर में कानूनी सीमा से सात गुना अधिक अल्कोहल की मात्रा पाई गई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने न सिर्फ एम्बुलेंस जब्त की, बल्कि चालक भानू धाकड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस ने बताया है कि मंगलवार को यातायात थाना प्रभारी सूबेदार प्रियंका घोष के नेतृत्व में शहर में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पोहरी की ओर से आ रही 108 एम्बुलेंस (सीजी-04 एनआर-9465) तेज रफ्तार में आती दिखी, जिसे पुलिस ने संदेह के आधार पर रोका और जब वाहन चालक के मुंह में मशीन लगाकर चेक किया तो चालक शराब के नशे में था।

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ब्रीथ एनालाइजर से जांच तो शरीर में 227.5 एमजी अल्कोहल मिली

पुलिस ने अपनी चेकिंग के दौरान जब चालक की संदिग्ध हालत को देखते हुए पुलिस ने जब ब्रीथ एनालाइजर से जांच की, तो उसके शरीर में 227.5 मिलीग्राम प्रति 100 मिली लीटर अल्कोहल की मात्रा पाई गई। जबकि कानूनी सीमा मात्र 30 मिलीग्राम है, यानी यह मात्रा सात गुना अधिक थी।

पुलिस ने पकड़े गए चालक की पहचान भानू धाकड़ (उम्र 30 वर्ष) के रूप में की है, जो ग्राम सैजवारा, थाना तेंदुआ का निवासी है। भानू सरकारी 108 एम्बुलेंस चला रहा था, जो आपातकालीन चिकित्सा सेवा का हिस्सा है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।




Mp News : शिवपुरी नगर परिषद अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे पर रेप का आरोप

शिवपुरी की भाजपा नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे रजत शर्मा के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। शिवपुरी के वार्ड क्रमांक 7 शिव कॉलोनी में रहने वाली एक युवती ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे रजत शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है।

सोशल साइट से मुलाकात के बाद हुई दोस्ती

कोतवाली थाने में पीड़िता ने पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में उल्लेख किया है कि रजत शर्मा से उसकी जान-पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई। फिर हमारी दोस्ती आगे बढ़ी। फिर हमारी फोन से बात होने लगी। इसी क्रम में वह 20 अगस्त 2023 को रजत से पहली बार आमने-सामने मुलाकात हुई। तभी रजत ने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया था। इसके बाद रजत शादी का झांसा देकर कई बार मेरा शारीरिक शोषण करता रहा।

शादी की बात पर की बहानेबाजी

युवती का कहना है कि हम दोनों की सहमति से रजत ने हमारे शारीरिक संबंध की वीडियो बनाई थी। वह वीडियो मेरे पास मौजूद है। मेरे और रजत के संबंधों के बारे में मैंने अपने घर पर बताया था। मेरे माता जी और बहनें शादी के लिए तैयार थे। रजत के घर पर भी सबको पता था। युवती का आरोप है कि उसके बाद मेरे भाई मयंक को कैंसर हो गया था फिर रजत ने बोला भैया ठीक हो जाएं उसके बाद शादी कर लेंगे। 10 मार्च 2025 को उसका देहांत हो गया। फिर मैंने रजत को बोला अब मेरा कोई नहीं है और तुम शादी कर लो, लेकिन वो बहानेबाजी करने लगा।

पूर्व खेल मंत्री यशोधरा समर्थक हैं गायत्री शर्मा

शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहीं और पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया जब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक थीं तब उनकी ही पसंद के आधार पर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को अध्यक्ष के रूप में पार्षदों द्वारा चयनित किया गया था। इस चयन के दौरान भाजपा की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी के कारण नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव विवादों में भी रहा था, लेकिन तत्कालीन खेल मंत्री की जिद के कारण भाजपा नेत्री गायत्री शर्मा को नगर पालिका अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बनाया गया था। इसके बाद पार्षदों ने इनका चुनाव किया था।

युवती का आरोप नेताओं ने राजीनाम का बनाया दबाव

शिवपुरी की कोतवाली पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंची पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि शिवपुरी के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया और इस मामले में कार्रवाई न करने को लेकर राजीनामा करने का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इन नेताओं की एक नहीं सुनी। युवती का आरोप है कि नपाध्यक्ष के पुत्र ने उनसे शादी का झांसा देखा शारीरिक संबंध बनाए।

कोतवाली टीआई ने क्या कहा

इस मामले में कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि युवती की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले को जांच में लिया गया है।




Mp News : पीएम जनमन में शिवपुरी का नाम रोशन करने वाले अधिकारी को किया गया निलंबित, मंत्री की नाराजगी पड़ी महंगी

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल का अधिकारियों पर भड़कते हुए वीडियो वायरल होने के बाद अब इस मामले में शिवपुरी और पोहरी जनपद के सीईओ गिरिराज शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। भोपाल से निकले आदेश के बाद सीईओ गिरिराज शर्मा को सस्पेंड किया गया है।

सीईओ पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने मंत्री के दौरे के दौरान बिना पूर्व निर्धारित अनुमति के विभागीय गाइड लाइन के विरुद्ध वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। जबकि 20 जून के बाद वृक्षारोपण कार्य किया जाना है। इसके लिए आमजन को गुमराह कर कार्यक्रम में आमंत्रित किया। मीडिया में गलत संदेश प्रसारण कराए जाने से विभागीय छवि धूमिल हुई। इस तरह के आरोपों के बाद सीईओ गिरिराज शर्मा को सस्पेंड किया गया है। जनपद सीईओ के सस्पेंड निलंबित किए जाने के बाद यह मामला तूल पकड़ गया है।

सबसे ज्यादा आवास बनाने वाले अफसर पर गिरी गाज

शिवपुरी जिले में पीएम जनमन में पूरे देश में अच्छा काम हुआ है। खासकर जिले की शिवपुरी और पोहरी जनपद में पीएम जनमन के तहत सबसे ज्यादा आवास पूरे देश में बनाए गए हैं। यहां पर दोनों ही जनपदों में 8000 से ज्यादा आवास बनाए गए हैं। शिवपुरी और पोहरी जनपद में तो सहरिया आदिवासियों के लिए विशेष कालोनियां बनाई गई है, जिसमें पीएम जनमन के तहत उन्हें आवास दिए गए हैं। पीएम जनमन के आवास बनाए जाने की योजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर के सीएम मोहन यादव और राज्यपाल ने भी यहां के हितग्राहियों से संवाद किया और उन्हें योजना जो लाभ दिया गया, इसके बारे में जानकारी ली। इसके बाद भी पीएम जनमन में जिस अधिकारी ने सबसे अच्छा काम किया, उस पर मंत्री का वीडियो वायरल होने के बाद गाज गिर गई।

वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत मंत्री विवादों में

देखा जाए तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत पोहरी जनपद के ग्राम पंचायत देवपुरा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पहुंचे थे। इस दौरान यहां पर भी एकाएक नाराज हो गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह अधिकारियों के बाद में अभ्रद टिप्पणी कर रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इससे पहले मांग पत्र को भीख बताने के बयान पर भी पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल विवादों में घिर चुके हैं।