ट्रक के केबिन में फांसी पर लटका मिला मालिक-चालक, शहडोल-रीवा मार्ग पर सनसनी

शहडोल। जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत शहडोल-रीवा मार्ग पर सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के केबिन में उसके मालिक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक क्रमांक UP 70 GT 1771 के केबिन में वाहन मालिक इरफान खान का शव फंदे पर लटका मिला। इरफान खुद ट्रक चालक भी था और अपने वाहन का संचालन करता था। बताया जा रहा है कि उसके पास दो ट्रक हैं, जिनमें प्रयागराज से ईंट लोड कर ब्यौहारी लाया गया था।

साथ आए थे दोनों ट्रक चालक

दूसरे ट्रक के चालक आनंद कुमार ने पुलिस को बताया कि वह और इरफान दोनों ट्रक लेकर प्रयागराज से ब्यौहारी पहुंचे थे। रविवार रात दोनों ट्रक ब्यौहारी में पानी टंकी के पास खड़े किए गए। इसके बाद दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया और फिर अपने-अपने ट्रकों में सोने चले गए।

सोमवार सुबह जब आनंद कुमार, इरफान को जगाने उसके ट्रक में पहुंचा तो नजारा देख उसके होश उड़ गए। इरफान ट्रक के अंदर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। घबराए आनंद ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

जांच में जुटी पुलिस

सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि रात में खाना खाने के बाद इरफान अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहा था, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

प्रतापगढ़ का निवासी था मृतक
थाना प्रभारी जिया उल हक के अनुसार, मृतक इरफान खान उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का निवासी था। घटना की जानकारी उसके परिजनों को दे दी गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

एक सामान्य रात के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रक मालिक-चालक को यह कदम उठाना पड़ा? पुलिस जांच के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।




शहडोल : रसमोहनी में दो दिन से जारी भालू रेस्क्यू अभियान, अब तक नहीं मिली सफलता

शहडोल। जिले के जैतपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत रसमोहनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन अब तक विभाग को सफलता नहीं मिल सकी है। घनी आबादी के बीच घूम रहे भालू को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने के लिए पिंजरे के माध्यम से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार पहले दिन मौके पर लाया गया पिंजरा खराब निकला, जिसके बाद मुकुंदपुर से दूसरा पिंजरा मंगवाया गया। यह पिंजरा रसमोहनी स्थित पवन किराना स्टोर के पास लगाया गया है। भालू को आकर्षित करने के लिए पिंजरे के भीतर खाने-पीने की सामग्री भी रखी गई है।

रेस्क्यू के दौरान विवाद, पत्रकार से बदसलूकी का आरोप

रेस्क्यू अभियान के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब कुछ स्थानीय मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग से जानकारी लेने और पिंजरे की तस्वीर लेने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रभारी रेंजर इस पर नाराज हो गए और एक स्थानीय पत्रकार का मोबाइल फोन छीन लिया। यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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दो माह से क्षेत्र में सक्रिय है भालू

उल्लेखनीय है कि यह भालू पिछले करीब दो महीनों से रसमोहनी क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहा है। जिस किराना दुकान के पास पिंजरा लगाया गया है, उसी दुकान के बाहर रखी नमक की बोरियां खाते हुए भालू दो बार सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुका है। इसके अलावा एक लोड वाहन से कुरकुरे निकालकर खाते हुए भालू का वीडियो भी सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आ गया।

ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से वन विभाग से मांग कर रहे थे कि घनी आबादी में घूम रहे भालू को जल्द से जल्द रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए, क्योंकि इससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। आरोप है कि वन विभाग ने शुरुआती दौर में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

हाल ही में गोहपारू वन परिक्षेत्र में भालू के हमले में एक चरवाहे की मौत के बाद विभाग ने रसमोहनी क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान तेज किया।

विभाग का दावा: सभी तैयारियां पूरी

सोमवार रात लगाए गए पिंजरे तक भालू नहीं पहुंचा। मंगलवार को भी उसी मार्ग पर पिंजरा रखा गया है, जहां से भालू पिछले दो महीनों से आवाजाही कर रहा है।
दक्षिण वन मंडल की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो ने बताया कि भालू के रेस्क्यू के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाजार क्षेत्र में खाने की सामग्री के साथ पिंजरा लगाया गया है और वन विभाग की टीम लगातार मौके पर निगरानी कर रही है।




शहडोल–बुढ़ार हाईवे पर कोयला लदे ट्रक में भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

शहडोल। शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शहडोल–बुढ़ार राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया। धुरवार टोल प्लाजा के पास कोयले से भरे एक ट्रक की आगे चल रहे ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद ट्रक के इंजन में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बताया गया कि हादसे के समय ट्रक बुढ़ार से कटनी की ओर जा रहा था। टक्कर के बाद इंजन से उठती आग की लपटें देखकर चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। इस घटना में ट्रक का इंजन पूरी तरह जल गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि आग ट्रक में लदे कोयले तक नहीं पहुंच सकी।

टोल कर्मियों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल

घटना की जानकारी मिलते ही धुरवार टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो कोयले में आग लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।

कुछ समय तक बाधित रहा यातायात

आग लगने की घटना के कारण शहडोल–बुढ़ार राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा और जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और हालात सामान्य कराए।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग पर काबू पाने के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु रूप से बहाल हो सका।




Shahdol News: ब्यौहारी में 10 वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत, मिठाई खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के चरखरी गांव में रक्षाबंधन की मिठाई खाने के बाद 10 वर्षीय ईशानी कहार की तबीयत बिगड़ने से उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह मिठाई खाने के बाद उसके पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। शाम को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि बालिका पीलिया से पीड़ित थी और इस बीमारी में तेल एवं मिठाई का सेवन खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।




Shahdol News : शिक्षा विभाग में ऑयल पेंट घोटाला



 

मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग का एक नया घोटाला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि भ्रष्टाचार की परतें भी खोल दी हैं। शहडोल जिले के ब्यौहारी स्थित दो सरकारी स्कूलों में ऑयल पेंट खरीदने के नाम पर खर्च किए गए पैसे ने सबको चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन बिलों ने इस विवाद को और भी बढ़ा दिया है।

पहला मामला: हाई स्कूल सक्कन्दी, ब्यौहारी

 

हाई स्कूल सक्कन्दी में सिर्फ चार लीटर ऑयल पेंट की खरीद की गई थी, जिसकी कीमत 784 रुपये बताई गई है (196 रुपये प्रति लीटर)। वहीं इस पेंट को दीवार पर लगाने के लिए 168 मजदूरों और 65 मिस्त्रियों को काम पर लगाया गया, जिनका कुल भुगतान 1,06,984 रुपये पहुंच गया। यह खर्च केवल 4 लीटर पेंट लगाने के लिए किया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर ये मजदूर और मिस्त्री किस काम के लिए लगाये गए थे।

 

 

दूसरा मामला: उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, निपानिया ब्यौहारी

 

दूसरे मामले में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपानिया में कुल 20 लीटर पेंट खरीदा गया था, लेकिन यहां की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। 275 मजदूरों और 150 मिस्त्रियों को लगाया गया, जिनका कुल भुगतान 2,31,650 रुपये तक पहुंच गया। इस खर्च में खिड़कियों और दरवाजों की रंगाई का भी खर्च शामिल है, जो कि 20 लीटर पेंट के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

एक ही कांट्रेक्टर, एक ही तरीका

 

इन दोनों मामलों में एक ही ठेकेदार सुधाकर कंस्ट्रक्शन का नाम सामने आया है। खास बात तो यह है कि दोनों बिल 5 तारीख पांचवां महीना 2025 में कटे हैं। जिसने इन कार्यों के लिए भुगतान प्राप्त किया है। बिलों पर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर और सरकारी सील भी लगी हुई है, जो कि इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देती है।

प्रशासन की चुप्पी और सवालों के घेरे

 

सुग्रीव शुक्ला, प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल सक्कन्दी कैमरे से बचते हुए इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, फूल सिंह मारपाची, जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल बिल मामले में हमने जांच शुरू करवा दी है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।




Shahdol News : बाणसागर सोन नदी पर बने पुल का पिलर झुका

शहडोल रीवा मुख्य मार्ग में बाणसागर स्थित सोन नदी के ऊपर बने पुल का एक पिलर मंगलवार को अचानक कुछ नीचे झुक गया। साथ ही पुल के बीच एक गड्ढा भी हो गया। इस खतरे को देखते हुए वहां से आवाजाही बंद करा दी गई। दोनों ओर से आने वाले वाहनों की निकासी के लिए वैकल्पिक बुढ़वा, कूदरी व बघवार मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई है, ताकि उक्त मार्ग में जाम की स्थिति निर्मित न होने पाए।

पुलिस ने बताया कि मंगलावार सुबह उक्त मार्ग से पुलिस का एक वाहन गुजर रहा था, तभी पुल के एक ओर का पिलर झुका हुआ नजर आया। साथ ही पुलिया के बीच एक गड्ढा भी दिखाई दिया। उसके बाद उक्त मार्ग में संभावित खतरे को देखते हुए तत्काल ही थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इससे अवगत कराया। बाणसागर पुलिया में बैरिकेट्स लगाकर उससे आवाजाही बंद करवा दी गई। विदित हो कि बाणसागर स्थित सोन नदी में बने उक्त पुल शहडोल रीवा मार्ग का मुख्य केंद्र हैं।

इस मार्ग से सतना, रीवा समेत यूपी का सफर तय किया जाता है, लेकिन अचानक पुलिया का पिलर एक ओर झुक जाने से उक्त मार्ग से आवाजही करने से खतरे का अंदेशा है। इसलिए पुलिस द्वारा कलेक्टर, एसपी तथा एसडीएम समेत एम पी आरडीसी के जिम्मेदार अधिकारियों को इस संभावित खतरे की सूचना दे दी गई है। फिलहाल पुलिस द्वारा वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन उक्त वैकल्पिक मार्ग से क्या बड़े और भारी वाहन गुजर पाएंगे यह भी बड़ा सवाल है।

देवलौंद थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया है कि पुल का एक हिस्सा शहडोल जिले में आता है, और दूसरा हिस्सा रामनगर थाना जिला मैहर में आता है। हमने मैहर जिले में कंट्रोल रूम को सूचना दी है और रामनगर थाने को भी बताया है। दोनों ओर पुलिस बेरिकेड लगाकर मार्ग को बंद कर दिया गया है। एक वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को आने जाने दिया जा रहा है।




Jabalpur News: भ्रष्टाचार में फंसे सरपंच के पास नहीं होगा पैसे खर्च करने का हक, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपी सरपंच से पैसे खर्च करने का अधिकार वापस लेना सही फैसला है। कोर्ट ने सरपंच की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने अपने अधिकार छीने जाने को गलत बताया था।

जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने फैसला सुनाया है कि भ्रष्टाचार के आरोपी सरपंच से वित्तीय अधिकार वापस लेना सही कदम है। कोर्ट ने सरपंच की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उसने अपने अधिकार वापस लेने के फैसले को गलत बताया था। यह याचिका मंघु बैगा (पिता श्री धन्नू बैगा) ने दायर की थी। वह जिला शहडोल के तहसील सोहागपुर की ग्राम पंचायत मायकी का निर्वाचित सरपंच है। उसके खिलाफ लोकायुक्त ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने का केस दर्ज किया है, जो अभी लंबित है। इस मामले के बाद जिला पंचायत शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने उसके वित्तीय अधिकार छीन लिए और ये अधिकार पंचायत समन्वयक राजबहोर साकेत को दे दिए।

सरपंच ने कोर्ट में यह दलील दी थी कि उसके खिलाफ सिर्फ केस दर्ज हुआ है, फैसला नहीं आया है, इसलिए उसके अधिकार छीनना गलत है। लेकिन सरकार की ओर से बताया गया कि आरोप भ्रष्टाचार और अधिकारों के गलत इस्तेमाल से जुड़े हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया।

कोर्ट ने “मध्य प्रदेश पंचायत (मुख्य कार्यपालन अधिकारी की शक्तियाँ एवं कार्य) नियम, 1995” का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी को यह अधिकार है कि वह पंचायत के कार्यों की निगरानी करे और पंचायत की संपत्ति और धन की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इसलिए यदि कोई सरपंच भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाए, तो उसके वित्तीय अधिकार छीने जा सकते हैं। इस आधार पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।




Bageshwar Baba : पंडित धीरेंद्र शास्त्री को कोर्ट का समन, 20 मई को पेश होने का आदेश

शहडोल जिला न्यायालय ने बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया है। उन्हें 20 मई 2025 को सुबह 11 बजे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सीताशरण यादव की अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला 27 जनवरी 2025 को कुंभ मेले को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें पंडित शास्त्री ने कहा था, “महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए। जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा।” इस बयान को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने 3 मार्च को कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था।

एडवोकेट तिवारी का कहना है कि यह बयान भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और नागरिकों की स्वतंत्रता के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कर्तव्य पर तैनात सैनिक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी या अन्य नागरिक जो कुंभ में नहीं आ सके, उन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है? तिवारी ने यह भी तर्क दिया कि जब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है, तो सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

इससे पहले उन्होंने 4 फरवरी को शहडोल के सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा था। पुलिस कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया और पंडित शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। अदालत ने अब इस पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।




Shahdol News : घर के सामने से गुजरते थे रेत से भरे ट्रैक्टर, युवक ने किया विरोध तो…

शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ दबंगों ने बुरी तरह मारपीट की। मारपीट करने के बाद युवक का अपहरण कर आरोपी उसे अपने साथ ले गए और कार में दोबारा मारपीट की। इस दौरान गांव के एक व्यक्ति ने कार को देखकर सड़क पर अपने वाहन को रोका और दबंगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, इसके बाद पीड़ित युवक को उसके घर पहुंचाया गया। युवक को गंभीर चोटें आई हैं। दबंगों ने पीड़ित से कहा कि थाना प्रभारी हमारा रिश्तेदार है, तू कुछ भी कर ले, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। युवक ने बताया कि विवाद केवल इतना था कि अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर उसके घर के सामने से गुजर रहे थे। इसका उसने विरोध किया था। जिससे दबंग नाराज हो गए और अकेला पाकर युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी।

पीड़ित युवक तैयब खान पिता नासिर (26) ने बताया कि वह गोहपारू थाना क्षेत्र के बरहा गांव का रहने वाला है। राजेश सिंह, देवेंद्र ठाकुर, सूर्या सिंह गांव के दबंग लोग हैं। पीड़ित युवक का आरोप है कि ये सभी मिलकर पास के नदी-नालों से रेत का अवैध उत्खनन कर दिन-रात गांव में इसका परिवहन करते हैं। पीड़ित युवक ने बताया कि रेत से भरे ट्रैक्टर दिनभर उसके घर के सामने से गुजरते हैं, जो आरोपियों के हैं। उसने ट्रैक्टर चालकों से कहा था कि वे घर के सामने से रेत से भरे ट्रैक्टरों को तेजी से न ले जाया करें, क्योंकि घर के बाहर बच्चे खेलते हैं। इसी बात को लेकर ट्रैक्टर मालिक और गांव के दबंग राजेश सिंह, देवेंद्र, सूर्या और अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

यह घटना बीती रात घटी। युवक ने बताया कि वह मोटरसाइकिल से बाजार से वापस गांव लौट रहा था, तभी गांव के जंगल में आरोपी अपने कई साथियों के साथ पहले से ही मौजूद थे। तैयब को आता देख उन्होंने उसे जंगल में रोक लिया और बेरहमी से मारपीट की। इतने पर भी जब आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो वे युवक को कार में बैठाकर शहडोल-रीवा हाईवे पर स्थित एक ढाबे के सामने ले गए और वहां भी कार में उसकी पिटाई की। तभी मोटरसाइकिल से गुजर रहे गांव के एक शख्स ने कार को पहचान लिया और रुककर देखा तो उसमें मारपीट हो रही थी। उस व्यक्ति ने हस्तक्षेप कर समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

पीड़ित युवक ने बताया कि उसे गंभीर चोटें आई हैं। उसके चेहरे, हाथ और पैरों पर चोट के निशान हैं। दबंगों ने गांव के जंगल में ही उसकी मोटरसाइकिल को नदी में फेंक दिया। युवक का आरोप है कि दबंगों ने मारपीट के दौरान कहा था कि गोहपारू थाना प्रभारी हमारा रिश्तेदार है, तुझे जो करना है कर ले, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा। पुलिस का कहना है कि युवक थाने पहुंचा है, मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।




Shahdol News : शहडोल पुलिस समीक्षा बैठक में डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश

भाग प्रभारी और विशेष पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) योगेश मुद्रुल ने हाल ही में शहडोल में एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में संभाग के अपराध, कानून-व्यवस्था और पुलिस की जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में शहडोल जोन के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग शर्मा, शहडोल के एसपी रामजी श्रीवास्तव, उमरिया की एसपी श्रीमती निवेदिता नायडू और अनूपपुर के एसपी मोती उर रहमान शामिल हुए।

बैठक में योगेश मुद्रुल ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को कम करना बेहद जरूरी है। साथ ही, जो नाबालिग बच्चे लापता हैं, उनकी तलाश तेजी से करने को कहा गया। योगेश मुद्रुल ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य समाज में लोगों को सुरक्षित महसूस कराना है, इसके लिए हमें मजबूत और सख्त कदम उठाने होंगे।”

कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हुई बात

समीक्षा बैठक में कई और जरूरी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। खास तौर पर गंभीर अपराधों और बार-बार अपराध करने वालों की जमानत रद्द करने, लाउडस्पीकर के उपयोग पर नियंत्रण रखने और साइबर अपराध को लेकर लोगों को जागरूक करने की योजनाएं बनाई गईं। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि हमें हर स्तर पर अभियान चलाने होंगे ताकि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सही तरीके से लागू किया जा सके।

बैठक में यह भी तय हुआ कि नशे पर रोक लगाने के लिए खास अभियान चलाए जाएं और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो। इसके अलावा, शहडोल संभाग के सभी थानों में जब्त किए गए वाहनों और पुराने ई-वेस्ट को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया।

दिए गए ये निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पदों को जल्द भरा जाए। साथ ही, सरकारी आवासों और पुलिस वाहनों की कमी को दूर करने के लिए जरूरी प्रस्ताव भेजे जाएं। उमरिया की एसपी निवेदिता नायडू ने कहा, “हमें यह तय करना होगा कि हमारे पुलिसकर्मी सभी जरूरी संसाधनों के साथ काम करें ताकि वे जनता की बेहतर सेवा कर सकें।”

बैठक का समापन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देशों के साथ हुआ। यह भी जोर दिया गया कि पुलिस सिर्फ अपराध से निपटने में ही नहीं, बल्कि उनके खुद के भले के लिए भी काम किया जाए।

इन सभी उपायों से शहडोल संभाग में पुलिस व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है। इससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेष पुलिस महानिदेशक योगेश मुद्रुल के नेतृत्व में इस तरह की बैठकें आगे भी होती रहेंगी, जिससे पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध बन सके।