हेलमेट विशेष अभियान में नर्मदापुरम पुलिस की सख्त कार्रवाई
933 चालकों पर चालान, लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू

नर्मदापुरम। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए जिले में चलाए जा रहे विशेष हेलमेट अभियान के तहत नर्मदापुरम पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। महज छह दिनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 933 चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई है, वहीं उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

पुलिस द्वारा 26 अप्रैल से यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक साईकृष्ण एस. थोटा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में जिले के सभी 16 थाना क्षेत्रों एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम लगातार सघन चेकिंग कर रही है। अभियान के दौरान अब तक 3000 से अधिक दोपहिया वाहनों की जांच की गई, जिनमें बड़ी संख्या में चालक बिना हेलमेट के पाए गए। इन पर कुल ₹2.81 लाख का जुर्माना वसूला गया है।

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया हादसों में मरने वालों में करीब 80 प्रतिशत लोग हेलमेट नहीं पहनते। ऐसे में इस अभियान के दौरान सामने आए आंकड़े यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभी भी लोगों में जागरूकता की कमी बनी हुई है।

पुलिस केवल चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। जिलेभर में अब तक 91 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 4753 से अधिक नागरिकों को हेलमेट पहनने के महत्व, सही उपयोग और गुणवत्ता वाले हेलमेट के चयन के बारे में जानकारी दी गई है।

उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष मिश्रा के अनुसार, जांच के दौरान कई चालक ऐसे मिलते हैं जो हेलमेट तो पहनते हैं, लेकिन चिन स्ट्रैप नहीं बांधते या फेस शील्ड का उपयोग नहीं करते। ऐसे मामलों में उन्हें सही तरीके से हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी जा रही है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पुलिस का यह विशेष हेलमेट अभियान 10 मई तक जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

नर्मदापुरम पुलिस की अपील:
नागरिक स्वयं हेलमेट पहनें और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें, क्योंकि हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए जरूरी है।




नर्मदापुरम बस स्टैंड पर विशेष जांच अभियान, 11 बसों पर चालानी कार्रवाई

नर्मदापुरम | कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देशों के पालन में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के नेतृत्व में नर्मदापुरम बस स्टैंड पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा एवं परिवहन निरीक्षक अनिमेष जैन ने 25 से अधिक बसों की सघन जांच की।

जांच में कई बसों में यात्री सुरक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ बसों में 10 किलोग्राम से कम क्षमता के अग्निशामक यंत्र पाए गए, जबकि कुछ बसों में लगे अग्निशामक यंत्रों की एक्सपायरी तिथि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा कई बसों में अनधिकृत रूप से अतिरिक्त एलईडी लाइट लगाए जाने के मामले भी उजागर हुए। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए कुल 11 बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।

चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने बस चालकों और संचालकों को वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यात्री सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक बस में मेडिकल बॉक्स अनिवार्य रूप से रखने, 10 किलोग्राम क्षमता के वैध अग्निशामक यंत्र लगाने, अतिरिक्त एलईडी लाइट न लगाने, यात्रियों से निर्धारित से अधिक किराया न लेने एवं यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी गई।

आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई बस बिना वैध परमिट के संचालित पाई जाती है, तो मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की नवीन संशोधित धारा 13(2)(क) के तहत बैठक क्षमता के अनुसार प्रति सीट 1000 रुपये का कर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त मोटर यान अधिनियम की धारा 192(क) के अंतर्गत 10,000 रुपये का शमन शुल्क भी लगाया जाएगा।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।