मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए नर्मदापुरम पुलिस ने जारी की विशेष यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम पुलिस ने माखन नगर स्थित तहसील ग्राउंड पर दिनांक १५ जनवरी, गुरुवार को आयोजित होने वाले माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम के मद्देनज़र शहर में विशेष यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की घोषणा की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान सुचारू एवं सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।

यातायात प्रबंधन

कार्यक्रम के दिन प्रातः ०८ बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक कुछ मुख्य मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। मुख्यमंत्री के आवागमन या रोड शो के समय मुख्य मार्गों पर यातायात को कुछ देर के लिए रोका जा सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने तथा ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।

निर्धारित पार्किंग स्थल

कार्यक्रम में शामिल होने आने वाले लोगों की सुविधा के लिए निम्नलिखित क्षेत्रवार पार्किंग स्थल तय किए गए हैं:

· पिपरिया/सोहागपुर से आने वाले वाहनों के लिए:सुमित्रा पब्लिक स्कूल, माखन नगर

· नर्मदापुरम से आने वाले वाहनों के लिए: अनाज मंडी, माखन नगर

· बागरा तवा रोड से आने वाले वाहनों के लिए: मंगलदीप मैरिज गार्डन, बागरा रोड, माखन नगर

· वैकल्पिक पार्किंग: अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर आरी रोड पर पार्किंग उपलब्ध होगी।

विशेष निर्देश एवं प्रतिबंध

· हेलीपेड से सिरवाड़ रोड होते हुए माखन लाल चतुर्वेदी प्रतिमा तक के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा कारणों से पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी।

· अनाधिकृत पार्किंग करने पर कानूनी कार्रवाई एवं वाहन हटाने की कार्यवाही की जाएगी।

· आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर एम्बुलेंस के आवागमन को बिना रुकावट जारी रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

· शासकीय वाहनों की पार्किंग कार्यक्रम स्थल के सामने एमपीईबी परिसर में की जाएगी।

सहयोग की अपील

नर्मदापुरम पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि उनके सहयोग से ही यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रह सकती है और किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले नागरिकों से अनुरोध है कि समय से पहले पहुँचकर निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा स्थानीय पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

यहाँ उस समाचार लेख के लिए एक उपयुक्त डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) दिया गया है, जिसे आपने प्रदान की गई जानकारी के आधार पर तैयार किया है:


अस्वीकरण (Disclaimer) : यह समाचार लेख नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना एवं निर्देशों पर आधारित है। इसे सार्वजनिक सूचना एवं जनहित के उद्देश्य से तैयार किया गया है।





माखन नगर में युवक की नृशंस हत्या, कुएं में मिला शव

मोबाइल कॉल के बाद घर से निकला था मृतक, तीन नामजद आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज

नर्मदापुरम। माखन नगर थाना क्षेत्र में एक युवक की नृशंस हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम गुज़रवाड़ा मरघटा के पास से सूखा कुएं से 21 वर्षीय युवक का शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान संजय कहार (21 वर्ष) निवासी सिलारी कॉलोनी, माखन नगर के रूप में हुई है। मृतक के मामा देवेन्द्र कहार की शिकायत पर माखन नगर थाने में अपराध क्रमांक 831/25 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार 28 दिसंबर 2025 की रात करीब 9.30 बजे संजय के पास सागर कुचबंदिया का फोन आया, जिसमें उसे मिलने के लिए बुलाया गया। इसके बाद संजय घर से निकल गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

29 दिसंबर की रात करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम गुजरवाड़ा मरघटा के एक कुएं में शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने शव की पहचान संजय के रूप में की। शव को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि संजय की छाती, पेट और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई।

एफआईआर में सागर कुचबंदिया, उसका भाई पारस कुचबंदिया तथा कुलदीप अहिरवार (डोंगा मोहल्ला) को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि तीनों ने मिलकर संजय के साथ मारपीट कर उसे धारदार हथियार से घायल किया और शव को कुएं में फेंक दिया।

माखन नगर थाना प्रभारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।




रेत कंपनी को फंसाने की साजिश नाकाम, माखननगर में डबल मर्डर का खुलासा

नर्मदापुरम। माखननगर थाना क्षेत्र में हुए जघन्य दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि शराब के नशे में हुए विवाद के बाद मनवाड़ा निवासी दो युवकों की नृशंस हत्या की गई। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक शुभम कीर और उसका चचेरा भाई करन कीर का घटना की रात केवलराम कीर से विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि केवलराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों युवकों की हत्या की साजिश रच डाली।

रेत कंपनी कर्मचारियों पर झूठा आरोप लगाकर किया गुमराह

मुख्य आरोपी केवलराम कीर ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए यह कहानी गढ़ी थी कि घटना की रात करीब 12 बजे 4–5 बुलेरो वाहनों में आए रेत कंपनी के कर्मचारियों ने शुभम और करन से मारपीट की। लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की तकनीकी जांच के जरिए इस झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।

पटरी पर लिटाकर करन कीर की हत्या
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करन कीर को रेलवे ट्रैक पर लिटा दिया, जिसके बाद उसके ऊपर से ट्रेन गुजर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं शुभम कीर की हत्या कर शव को अलग स्थान पर फेंका गया।

पुलिस के अनुसार शुभम का शव घटनास्थल से 20 किलोमीटर, जबकि करन का शव 40 किलोमीटर दूर मिला।
हत्या के बाद ढाबे में मनाई मछली पार्टी
पुलिस खुलासे में यह भी चौंकाने वाली बात सामने आई कि दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी सोहागपुर के एक ढाबे में मछली पार्टी करते पाए गए। आरोपियों द्वारा घटना में प्रयुक्त ऑटो वाहन भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं—
केवलराम कीर (40) निवासी मनवाड़ा,
नवल कीर (30) निवासी सांगाखेड़ा,
अजय कीर (23) निवासी मनवाड़ा,
दिनेश इवने (35) निवासी सिंगवाड़ा, थाना सोहागपुर,सौरभ इवने (21) निवासी सिंगवाड़ा, थाना सोहागपुर

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुआ खुलासा

यह पूरा खुलासा पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में गठित पुलिस टीम द्वारा किया गया।
सराहनीय भूमिका इस मामले के खुलासे में जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, उनमें—
निरीक्षक उषा मरावी (थाना प्रभारी सोहागपुर), निरीक्षक अनूप कुमार उइके (थाना प्रभारी माखननगर), उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, अशोक बरबडे, लहानु उबनारे, सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र शुक्ला, दिनेश पाल, गोपाल पाल, प्रकाश राजपूत, प्रधान आरक्षक अजय रघुवंशी, नरेश मलिक,आरक्षक आयुष, रविंद्र, महिला आरक्षक सलोनी, सिंधू,
आरक्षक चेतन एवं साइबर सेल से आरक्षक संदीप और दीपेश शामिल हैं।




बागरा के जंगल में मिला युवक का शव, परिजनों ने की पहचान

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दूसरे युवक शुभम कीर का शव बागरा के जंगल में रेलवे ट्रैक के पास मिला है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि परिजनों द्वारा शव की पहचान कर ली गई है।

बताया जा रहा है कि शव रेलवे ट्रैक के समीप संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला,  फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।




न्याय की राह में ‘जाम’ – लोकतंत्र की परख

एक महीने में तीसरी बार ‘चक्का जाम’ की खबर न सिर्फ़ यातायात अवरोध की दास्तान है, बल्कि लोकतंत्र की नब्ज पर हाथ रखकर पूछने जैसा है: क्या न्याय पाने का आख़िरी रास्ता सड़कों को बंद करना ही रह गया है?

यह सवाल महज़ प्रशासनिक विफलता का नहीं, बल्कि हमारी पूरी शासन व्यवस्था और जनआकांक्षाओं के बीच बढ़ती खाई का है। ‘चक्का जाम’ या ऐसे अन्य विरोध प्रदर्शन, अक्सर हताशा की वह चरम अभिव्यक्ति होते हैं, जब लोगों को लगने लगता है कि उनकी आवाज़ सुनने के लिए कोई संवाद-मंच बचा ही नहीं है।

व्यवस्था पर उठते सवाल सही हैं, पर समाधान?

बार-बार के जाम निस्संदेह आम नागरिक की दिनचर्या बाधित करते हैं, आपातकालीन सेवाओं के लिए ख़तरा पैदा करते हैं और आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। यह विडंबना ही है कि न्याय की मांग करने वाले प्रदर्शन स्वयं कई लोगों के लिए अन्याय का कारण बन जाते हैं।

पर सवाल यह भी है कि जब शांतिपूर्ण याचनाएं, ज्ञापन और प्रशासनिक शिकायत दर्ज कराने के रास्ते बार-बार अवरुद्ध होने का अहसास दिलाएं, तो लोगों के पास विकल्प क्या बचता है? क्या व्यवस्था इतनी संवेदनशील और प्रतिक्रियाशील नहीं हो सकती कि समस्याओं का समाधान उनके विस्फोट का रूप लेने से पहले ही हो सके?

एक जिम्मेदार लोकतंत्र की पहचान
एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान यह नहीं कि उसमें विरोध न हों। पहचान यह है कि विरोध की आवाज़ों को सुनने, समझने और उन पर कार्रवाई के लिए मज़बूत, पारदर्शी और त्वरित संस्थागत तंत्र मौजूद हों। जब ये तंत्र कमज़ोर पड़ते हैं या उन पर जनता का भरोसा डगमगाता है, तो सड़कें ही अदालत बन जाती हैं।

यह समय प्रशासन के लिए केवल यातायात खोलने का नहीं, बल्कि जन-असंतोष के मूल कारणों तक पहुंचने का है। दण्ड-व्यवस्था से अधिक, संवाद-व्यवस्था को मज़बूत करने की आवश्यकता है। हर ‘चक्का जाम’ के पीछे कोई न कोई ऐसा मुद्दा ज़रूर होता है, जिसे लंबे समय से नज़रअंदाज़ किया गया हो।

‘चक्काजाम’ आख़िरी रास्ता नहीं होना चाहिए। यह लोकतंत्र के लिए एक चेतावनी संकेत है, जो बता रहा है कि हमारी शिकायत निवारण व्यवस्था में गंभीर रिसाव है। इसका समाधान केवल विरोध को दबाने में नहीं, बल्कि उन कारणों को दूर करने में है जो लोगों को सड़क पर ला खड़ा करते हैं। एक परिपक्व लोकतंत्र वही है जहाँ ‘चक्का जाम’ आख़िरी विकल्प न रह जाए, बल्कि पहली सुनवाई ही अंतिम होने का भरोसा दिला सके। यही इस ‘जाम’ से निकलने का असली रास्ता है।




रेलवे ट्रैक पर मिला शव, दूसरा युवक अब भी लापता,परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर किया हाईवे जाम

माखन नगर। दो दिन पूर्व हुए विवाद के बाद लापता हुए दो युवकों में से एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने शुक्रवार को तवा पुल के पास स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, बीते दिनों करन कीर एवं शुभम कीर का कुछ युवकों से विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों युवक लापता हो गए थे। बाद में करन कीर का शव बांसखापा रेलवे फाटक के पास जबलपुर–इटारसी रेलवे ट्रैक पर मिला, जबकि शुभम कीर अब भी लापता है। शुभम की बाइक मोहासा के पास बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।

मौके पर एसडीएम राजन, एसडीओपी संजय चौहान, माखन नगर थाना प्रभारी एवं पुलिस बल पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष एवं गहन जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मनवाड़ा निवासी करन कीर (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। शव की पहचान हाथ पर लिखे नाम के आधार पर की गई। मृतक का सिर बुरी तरह कुचला हुआ पाया गया है, वहीं हाथ की कलाई पर “करन कीर” लिखा हुआ मिला है। फिलहाल मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।

एसडीएम संजू चौहान ने बताया कि लापता युवक शुभम कीर की तलाश जारी है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी।




ट्रैक्टर शोरूम चोरी का खुलासा, पुलिस टीम को एस पी ने किया पुरस्कृत

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले के माखन नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रैक्टर शोरूम में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ट्रैक्टर, रोटावेटर सहित करीब 20 लाख रुपये का माल जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

नर्मदापुरम के कुलामड़ी रोड निवासी अनिल गौर के माखन नगर स्थित ट्रैक्टर शोरूम से विगत दिनों चोरी की घटना सामने आई थी। शोरूम का संचालन जय प्रकाश यादव करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 8 दिसंबर की रात शोरूम बंद करने के बाद 9 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे पहुंचे तो शोरूम का ताला टूटा हुआ मिला। इसकी जानकारी तत्काल शोरूम मालिक को दी गई।

अंदर जाकर देखा गया तो शोरूम से जॉन डियर कंपनी का एक ट्रैक्टर और रोटावेटर, जिनकी कुल कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई जा रही है, चोरी हो चुके थे। इस संबंध में माखन नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित हुई टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। इसके बाद सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान एवं माखन नगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, मुख्यमंत्री तंत्र को सक्रिय करने तथा अन्य तकनीकी साधनों की मदद से सुराग जुटाए। इसी दौरान चोरी गया ट्रैक्टर और रोटावेटर बुधनी क्षेत्र में मधुबन अस्पताल के पास लावारिस हालत में बरामद किए गए।

आरोपी और गिरोह का खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात को रोहित यदुवंशी निवासी गोदरी, टिमरनी (जिला हरदा) ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में संलिप्त अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त यामाहा R15 सफेद रंग की मोटरसाइकिल, लोहे की संबल, कटर, आरी सहित अन्य औजार भी जब्त किए गए हैं।

अन्य जिलों में भी की गईं चोरी की वारदातें

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि रोहित यदुवंशी और उसका साथी बंटी पुष्कर उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों से भी शोरूम एवं अन्य स्थानों से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों ने इन जिलों से चार पल्सर मोटरसाइकिल, एक हीरो होंडा HF डीलक्स और एक टीवीएस स्टार स्पोर्ट बाइक चोरी कर श्रेयांश जैन और सुरेंद्र को बेची थीं।

इन दोनों के माध्यम से चोरी के वाहन रेहटी और माखन नगर क्षेत्र में कम दामों पर बेचे गए। इस मामले में माखन नगर पुलिस द्वारा मोटरसाइकिलों को जब्त कर पृथक से कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की तत्परता से बड़ी सफलता

माखन नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ ट्रैक्टर चोरी की घटना का खुलासा किया, बल्कि संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर करीब 20 लाख रुपये का मशरूका जब्त करने में सफलता हासिल की है।

इनकी रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में माखन नगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके, उप निरीक्षक राजेंद्र राजपूत, सहायक उप निरीक्षक वीरेंद्र शुक्ला, गोपाल पाल, प्रकाश राजपूत, प्रधान आरक्षक अजय रघुवंशी, तरुण चंदेल, आरक्षक आयुष, नरेश मलिक, एम. आर. सलोनी, महिला आरक्षक सोनिया, महिला आरक्षक स्वामी, चालक राहुल, आरक्षक नरेंद्र (साइबर सेल नर्मदापुरम), आर. संदीप एवं आर. दीपेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




माखननगर पुलिस ने चोरी हुआ ट्रैक्टर बरामद किया, विस्तृत प्रेस नोट आज जारी होगा

माखननगर। थाना माखननगर पुलिस ने मंगलवार को चोरी गए ट्रैक्टर को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके ने बताया कि मामले से संबंधित विस्तृत प्रेस नोट आज जारी किया जाएगा, जिसमें बरामदगी की पूरी प्रक्रिया, संदेहियों की भूमिका तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी शामिल होगी।

वही यह खबर सिर्फ देनवापोस्ट पर प्रकाशित की गई थी।




जान डियर ट्रैक्टर शोरूम में बड़ी चोरी: हाईवे से 11 लाख का ट्रैक्टर गायब

माखननगर (नर्मदापुरम)।माखननगर-नर्मदापुरम हाईवे पर स्थित जान डियर ट्रैक्टर शोरूम में देर रात बड़ी चोरी की वारदात सामने आई। चोरों ने शोरूम का ताला तोड़कर करीब 11 लाख रुपये कीमत का जान डियर ट्रैक्टर मॉडल 5210, जिसमें 1.40 का रोटावेटर लगा था, चोरी कर लिया।सुबह लगभग 10:30 बजे जब शोरूम का मैनेजर दुकान खोलने पहुँचा, तो उसे चोरी का पता चला। शोरूम का ताला टूटा हुआ था और ट्रैक्टर गायब था। तुरंत इसकी जानकारी शोरूम मालिक अनिल गौर को दी गई।

चोरों ने पहले बिजली सप्लाई की बंदसूत्रों के मुताबिक, चोरों ने वारदात से पहले शोरूम की बिजली सप्लाई बंद की, जिससे सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और ट्रैक्टर को हाईवे से निकालकर ले गए।पुलिस ने शुरू की जांचघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके।

https://youtu.be/M6tJQdz5HaA?si=ybtteNSniLwHM59E




शव रखकर डेढ़ घंटे जाम: पुलिस की कार्रवाई के आश्वासन के बाद माने परिजन

माखननगर। माखननगर क्षेत्र में रविवार दोपहर 3:30 बजे उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मृतक जीतेंद्र अहिरवाल के परिजनों ने सिरवाड़ तिराहे पर शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम कर दिया। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बयान दर्ज किए जाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन माने और जाम समाप्त किया।

क्या है पूरा मामला

मृतक के पिता गुलाब अहिरवार के अनुसार घटना की शुरुआत 13 नवंबर की रात से हुई। उन्होंने बताया कि रात लगभग 11 बजे आरोपी राकेश सिन्हा और निहाल खान ने जीतेंद्र के साथ झगड़ा किया था। घर लौटने पर जीतेंद्र ने पूरी घटना अपने परिवार को बताई थी। परिजनों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जीतेंद्र राकेश सिन्हा के डीजे पर ऑपरेटर का काम करता था।

अगले दिन सुबह राकेश और निहाल घर पहुंचे और पिछली रात की घटना पर माफी मांगते हुए जीतेंद्र को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे उसे डीजे पर काम के सिलसिले में ले जा रहे हैं और रात 12 बजे तक लौटा देंगे। लेकिन जीतेंद्र घर नहीं लौटा। परिजनों का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने जीतेंद्र के साथ मारपीट की और गंभीर अवस्था में उसे सरकारी अस्पताल में छोड़ दिया, लेकिन इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी।

इलाज के दौरान मौत

परिजनों के अनुसार स्थानीय अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद जीतेंद्र का इलाज भोपाल के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उसके गंभीर हालत में जीवन बचाने की कोशिश की गई, लेकिन 30 नवंबर 2025 को सुबह उसकी मृत्यु हो गई। बाद में उसका पोस्टमार्टम एम्स भोपाल में किया गया। शव के माखननगर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए और सिरवाड़ तिराहे पर चक्काजाम कर दिया।

परिजनों का आरोप: पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी

मृतक के पिता गुलाब अहिरवार ने माखननगर थाने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने प्रारंभिक शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती, तो शायद हालात कुछ और होते।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुले रास्ते

भीड़ और जाम की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाते हुए एसडीओपी संजू चौहान ने कहा कि उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पूरे मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

अधिकारियों के आश्वासन, कार्रवाई की जानकारी और लिखित बयान के बाद परिजन शांत हुए और चक्काजाम खत्म किया गया। डेढ़ घंटे तक बंद रहे इस मार्ग को खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

परिजनों में आक्रोश, न्याय की मांग

घटना से इलाके के लोगों में रोष है। मनीष् अहिरवाल का कहना है कि यदि पुलिस समय पर FIR दर्ज करती और आरोपियों पर शुरुआती कार्रवाई होती, तो शायद मामला इतना गंभीर नहीं होता। परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाई की मांग की है।