Indore news : पाकिस्तान के समर्थन के कारण तुर्की अजरबैजान में ट्रैवल एजेंटों की बुकिंग पर रोक

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन ने तुर्किये और अजरबैजान की ट्रैवल बुकिंग तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि देशभर के 3,500 से अधिक सदस्य ट्रैवल एजेंट्स ने इन दोनों देशों की बुकिंग और प्रमोशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सरकार को पत्र लिखकर मांग की गई है कि तुर्किये और अजरबैजान के खिलाफ कड़ी एडवाइजरी जारी की जाए। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इन दोनों देशों ने भारत-पाक संघर्ष की स्थिति में खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया है।

मप्र के 250 ट्रैवल एजेंट्स ने बुकिंग पर लगाई रोक

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि तुर्किये और अजरबैजान ने पाकिस्तान के आतंकवाद का समर्थन किया है, जिससे नाराज होकर दोनों देशों की बुकिंग और प्रमोशन पूरी तरह से रोक दिए गए हैं। इन सेक्टर्स के लिए आने वाले पर्यटकों को भी बुकिंग न कराने की सलाह दी जा रही है। इंदौर के ट्रैवल एजेंट प्रदीप काले ने बताया कि इस समय तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा का सर्वश्रेष्ठ समय होता है, इसलिए लगभग 1 से डेढ़ महीने पहले ही बड़ी संख्या में बुकिंग हो चुकी थीं। लेकिन अब इन देशों के पाकिस्तान को समर्थन देने के बाद पर्यटक अपने टूर कैंसिल कर अन्य डेस्टिनेशनों की बुकिंग करा रहे हैं।

तुर्किये और अजरबैजान को बड़ा आर्थिक नुकसान

जादौन के अनुसार, एसोसिएशन के देशभर में 3,500 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के 250 से अधिक ट्रैवल एजेंट्स ने इन देशों की बुकिंग रोक दी है। 2024 में भारत से करीब 2.75 लाख लोग तुर्किये और 2.50 लाख से ज्यादा अजरबैजान गए थे। तुर्किये के लिए प्रति व्यक्ति औसत पैकेज 1 से 1.5 लाख रुपये और अजरबैजान के लिए 80 हजार से 1.25 लाख रुपये तक का होता है। इससे तुर्किये को लगभग 2,750 करोड़ रुपये और अजरबैजान को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का टूरिज्म से फायदा हुआ था, जो अब पूरी तरह प्रभावित होगा।

जॉर्जिया बना नया विकल्प

तुर्किये और अजरबैजान की जगह अब भारतीय पर्यटक जॉर्जिया को नया विकल्प बना रहे हैं। ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार जॉर्जिया, थाइलैंड, यूरोप और वियतनाम की बुकिंग में तेजी आई है। जॉर्जिया यूरोप की सीमा पर स्थित है और वहां अटलांटा इतिहास केंद्र, फॉक्स थिएटर, फोर्सिथ पार्क जैसी कई पर्यटक स्थल हैं। ईज माई ट्रिप के निशांत पिट्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ट्रैवल एक शक्तिशाली टूल है और इसका उपयोग केवल उन देशों के लिए होना चाहिए जो हमारे साथ खड़े हों। इंदौर के ट्रैवल एजेंट्स और ट्रैवोमिंट जैसी ऑनलाइन कंपनियों ने भी इन दोनों देशों की बुकिंग सस्पेंड कर दी है और मौजूदा बुकिंग पर कोई कैंसिलेशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ट्रैवोमिंट के सीईओ आलोक के सिंह ने कहा कि आपातकाल की स्थिति में फ्लाइट बुकिंग की सुविधा बनी रहेगी, लेकिन सामान्य ट्रैवल पैकेज अब उपलब्ध नहीं रहेंगे।




Operation Sindoor : भारत ने पाकिस्तान में हवाई हमला कर पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया

Operation Sindoor: पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भारतवासी कभी नहीं भूल पाएंगे।लेकिन पाकिस्तान में कई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर भारत द्वारा जो कार्रवाई की गई है, वह पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि सिंदूर मिटाने वालों का नामों निशान मिट जाता है।

भारतीय संस्कृति में सिंदूर को सौभाग्य और सुहाग की निशानी माना जाता है। लेकिन जो कोई भी सिंदूर उजाड़ने की कोशिश करेगा उसका नामों निशान मिट दिया जाएगा। इसी बात को सच कर दिखाया देश के प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय सेना ने।

22 अप्रैल 2025 का वो काला दिन जब जन्नत की जमीन कश्मीर के पहलगाम में हथियारबंद आतंकियों ने 26 लोगों को ‘धर्म पूछकर’ मार डाला। आतंकवादियों ने न सिर्फ 26 लोगों को मारा बल्कि भारतीय बहनों, माओं और बेटियों से सिंदूर को उजाड़ दिया। इनमें से कई सुहागिने तो ऐसी थी जिनके हाथ की मेहंदी का रंग भी नहीं छूटा था। सुहागिनों ने कभी नहीं सोचा था कि उनके सुहाग की निशानी सिंदूर को इस तरह से उजाड़ दिया जाएगा।

सिंदूर का बदला ऑपरेशन सिदूंर से

‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम एक शक्तिशाली सांस्कृतिक और भावनात्मक प्रतिक्रिया को जगाने के लिए चुना गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीति तैयार कर 6 और 7 मई की दरमियानी रात को करीब डेढ़ बजे भारतीय सेना ने ऑपरेशन करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाली जमीन (POK) के 9 आतंकी ठिकानों को टारगेट कर स्ट्राइक किया। यह स्ट्राइक आंतकियों को ढेर करने के साथ ही सिंदूर उजाड़ने वालों का नामों निशान उजाड़ना था और पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि भी।

भारतीय संस्कति में सिंदूर का महत्व

भारतीय संस्कृति में सिदूंर को सौभाग्य और सुहाग का प्रतीक माना जाता है, जोकि विवाहितों की खास निशानी होती है। स्त्री के 16 श्रृंगारों में सिंदूर का अहम स्थान होता है। पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देने के लिए मंगलवार की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकियों को ढेर करना केवल कार्रवाई मात्र नहीं बल्कि यह चेतावनी है कि जो भी भारत की संस्कृति, सभ्यता और धर्म पर नजर उठाएगा, वह इसी तरह ढेर कर दिया जाएगा।




Ujjain News : पहलगाम आतंकी हमले की घटना को लेकर बजरंग दल-विहिप ने लगाए पोस्टर

मध्यप्रदेश के उज्जैन में कुछ पोस्टर लगे हैं जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये पोस्टर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में लगाए गए हैं। पोस्टरों में लिखा है, “अगर धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है, तो धर्म पूछकर ही व्यापार भी होगा।” इन पोस्टरों पर बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का नाम भी लिखा हुआ है। अब ये पोस्टर चर्चा का विषय बन गए हैं।
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने लगाए पोस्टर

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछकर गैर-मुस्लिमों को मार डाला था। इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा फैल गया और जगह-जगह प्रदर्शन हुए। अब बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे हिंदू संगठनों ने इस हमले के विरोध में पोस्टर लगाना शुरू कर दिया है। उज्जैन में कुछ ऐसे ही पोस्टर देखे गए, जिनमें लिखा है, “अगर धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है, तो अब व्यापार भी धर्म पूछकर ही होगा। अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए… अब तो नाम पूछना ही पड़ेगा। आदत डालिए नाम पूछने की.”

इन पोस्टरों में जम्मू-कश्मीर का नक्शा भी दिखाया गया है, और पहलगाम हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की तस्वीर और उनके पास बैठी उनकी पत्नी हिमांशी भी नजर आ रही हैं। ये पोस्टर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की तरफ से लगाए गए हैं।

विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री ने कही ये बात

विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री अंकित चौबे ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या की गई थी। हमले से पहले आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछा और फिर गोली मार दी। इसी के विरोध में संगठन ने उज्जैन में 10 जगहों पर पोस्टर और होर्डिंग लगाए हैं।

अंकित चौबे ने कहा कि ये पोस्टर जनता को जागरूक करने के लिए लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जब आतंकवादी धर्म देखकर लोगों को मार सकते हैं, तो लोगों को भी खरीदारी करते समय दुकानदार का धर्म जानना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उज्जैन एक धार्मिक नगरी है और यहां कई गैर-हिंदू व्यवसायी महाकाल मंदिर के आसपास होटल और अन्य कारोबार कर रहे हैं, लेकिन पहलगाम हमले के बाद इनमें से किसी ने भी विरोध नहीं किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने यह कदम ‘जिहादी मानसिकता’ के खिलाफ उठाया है और उनका विरोध उन लोगों से है जो देशविरोधी नारे लगाते हैं।




Gwalior News : उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ग्वालियर में कहा, ‘भारत सक्षम नेतृत्व में आतंकवादी हमले का डटकर सामना कर रहा है’

ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीयता ही हमारी पहचान है और राष्ट्र धर्म से ऊपर कोई धर्म नहीं हो सकता। धनखड़ ने कहा कि राजमाता का जीवन प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन त्याग और समर्पण के साथ जिया। आज भारत पहलगाम की चुनौती का सामना कर रहा है, लेकिन आज हमारे पास एक सशक्त भारत है, जिसके पास एक सक्षम नेतृत्व है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।

राष्ट्रवाद के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहीं विजयाराजे सिंधिया

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजमाता का संदेश था कि राष्ट्रवाद सर्वोपरि है। हम भारतीय हैं और भारतीयता ही हमारी असली पहचान है। राष्ट्रधर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। धनखड़ ने छात्रों से अपील की है कि वे हमेशा देश को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। हमेशा देश को सबसे ऊपर रखें। उन्होंने यह भी कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने राष्ट्रवाद के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहीं और अपना पूरा जीवन देश सेवा में समर्पित किया।

कृषि और किसानों की भूमिका पर बल

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में किसानों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता हमारे खेतों से होकर गुजरता है। भारत हमेशा से कृषि प्रधान देश रहा है और आज हम एक नई कृषि क्रांति के मुहाने पर खड़े हैं जो हमारे भविष्य को तय करेगी। धनखड़ ने किसानों के दुख-दर्द को समझने और उनके प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने किसानों को सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि ‘एग्रीप्रेन्योर’ यानी कृषि उद्यमी बनाना होगा।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय जवान, जय किसान’ की याद दिलाई, जिसे बाद में अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘जय विज्ञान’ से जोड़ा और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ तक बढ़ाया है। उपराष्ट्रपति ने छात्रों और शोधकर्ताओं से अपील की कि वे इस विजन को साकार करने के लिए नवाचार, विज्ञान और अनुसंधान के जरिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आप सभी को आगे बढ़कर इस दिशा में काम करना चाहिए ताकि यह नारा ज़मीन पर साकार हो सके।

शिवराज सिंह चौहान की सराहना

धनखड़ ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें किसानों की समस्याओं की गहरी समझ है और उन्होंने किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार की ईमानदार कोशिशों को पहचान रहे हैं। जो पहले कभी नहीं हुआ, वह अब किसानों के हित में हो रहा है।




Indore News : इंदौर से तीन पाकिस्तानियों को पाकिस्तान भेजा गया, इंदौर में ब्याही गई पाकिस्तान की महिलाएं नहीं जाएंगी

इंदौर में पुलिस ने तीन पाकिस्तानियों को चिन्हित किया है और उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इंदौर में किसी भी पाकिस्तानी के पास मेडिकल के आधार पर वीजा नहीं बना है। इसके अलावा कुछ महिलाएं भी हैं जो पाकिस्तान की हैं, लेकिन इंदौर में ब्याही गई हैं। उनके पास भी दीर्घावधि वीजा है। उन्हें फिलहाल पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं है।

सरकार के आदेश के बाद पुलिस विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए इंदौर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को चिन्हित किया है। अल्पावधि वीजा पर इंदौर में 18 पाकिस्तानी आए हुए हैं। उनमें तीन भारत सरकार द्वारा हाल में जारी किए आदेश के श्रेणी में आ रहे हैं। उन तीनों नागरिकों को नोटिस मिल चुका है और उन से पाकिस्तान लौटने को कहा गया है। तीनों ने वापस अपने देश जाने की तैयारी कर ली है।

पुलिस अफसरों का कहना है कि यदि अन्य पाकिस्तानी पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन करते हुए इंदौर में रहते हैं तो फिर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अफसरों को यह भी पता चला है कि पाकिस्तान की कई युवतियों ने इंदौर में शादी की है। उनके पास लांग टर्म वीजा है। इस कारण उन्हें पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं है।

बता दें इंदौर में सिंधी समाज के कई लोग पाकिस्तान से आकर बसे हैं। कई लोगों को देश की नागरिकता भी मिल चुकी है।




Mp News : पाक वीजाधारकों की पहचान करने के निर्देश, Cm बोले

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में गृह मंत्रालय से जारी निर्देशों को सख्ती से लागू करने की बात कही।

बैठक में प्रदेश में रह रहे पाकिस्तानी वीजा धारक नागरिकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आगामी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। तय समय सीमा के बाद मध्यप्रदेश में केवल लंबी अवधि, राजनयिक और आधिकारिक वीजा धारकों को ही रहने की अनुमति होगी, बाकी सभी पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से बाहर करना सुनिश्चित करने की बात कही। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। सीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, किसी भी स्थिति में प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं हो।

नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण को बड़ी उपलब्धि बताया

डॉ. यादव ने नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने जानकारी दी कि बालाघाट जिले को गंभीर नक्सली गतिविधियों वाले क्षेत्रों की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में राज्य में कई नक्सलियों का सफाया किया गया है और आगामी वर्ष तक प्रदेश को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षण केंद्रों को अपराध स्थल नहीं बनने देंगे

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश भर में शिक्षण संस्थाओं पर नजर रखी जाए। उन्होंने भोपाल में कुछ युवकों द्वारा स्कूल, कॉलेज की कुछ छात्राओं से दुर्व्यवहार और अपराध से संबंधित खबरों पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण परिसरों अथवा इनके नजदीक कोई भी अवैधानिक गतिविधियां न हों, सतत् रूप से नजर रखी जाए। आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। दोषियों को बिल्कुल न छोड़ें।

त्योहारों में शांति व्यवस्था के लिए अलर्ट मोड में पुलिस बल

आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी करने के आदेश दिए गए।

सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी की हिदायत

डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों को लेकर भी चिंता जताई और निर्देश दिए कि सभी जिलों में स्थापित सोशल मीडिया सेल सतर्क रहें। किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक कंटेंट पर तुरंत प्रतिक्रिया देकर सही जानकारी साझा की जाए और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाए।




Pahalgam Terror Attack : श्रीनगर से इंदौर फ्लाइट का किराया 18 हजार रुपये, एयरलाइंस की पूरी जानकारी

पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकी हमले के बाद कश्मीर में फंसे टूरिस्ट अब अपने अपने शहरों की तरफ लौट रहे है। जम्मू हाईवे लैंड स्लाइड के कारण पांच दिनों से बंद था। उसे आंशिक रुप से खोला जा रहा है। ज्यादातर टूरिस्ट ट्रैफिक जाम में फंसने का जोखिम उठाने के बजाए उड़ानों से अपने घरों की तरफ लौटने का विकल्प चुन रहे है। शुक्रवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रेलवे स्टेशन जैसी भीड़ थी। सामान की जांच से लेकर बोर्डिंग तक के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रही। यात्री फ्लाइट छूटने के डर से तय बोर्डिंग टाइम से एक डेढ़ घंटा पहले एयरपोर्ट पहुंच रहे थे।

इंदौर तक का किराया हुआ डबल

श्रीनगर से टूरिस्टों की फ्लाइट की बुकिंग का दवाब बढ़ने का फायदा भी एयरलाइंस कंपनियों ने खूब उठाया। श्रीनगर से दिल्ली तक का किराया हमले के दूसरे दिन 25 हजार तक पहुंच गया था। सरकार ने कंपनियों को किराया सामान्य रखने के लिए कहा, लेकिन कंपनियों ने आपदा में अवसर खोजने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। मध्य प्रदेश के एक पर्यटक विश्वास बोराडे ने बताया कि श्रीनगर से इंदौर तक के दो टिकट उन्होंने 38 हजार में खरीदे, जबकि जाते समय 18 हजार में दो टिकट मिले थे।

दिल्ली,जम्मू, अमृतसर, चंडीगढ़ जैसे श्रीनगर के निकटवर्ती शहरों का हवाई किराया ही दस से पंद्रह हजार प्रति यात्री लग रहा था। उधर इस हमले के बाद कश्मीर के टूरिज्म सेक्टर को भी नुकसान हो रहा है। होटल, वाहनों की बुकिंग धड़ाधड़ कैंसिल हो रही है। डल झील की हाउस बोट के वाहिद वाणी ने बताया कि हाउस बोट की 80 प्रतिशत बुकिंग कैंसल हो गई। झील में 1220 हाउस बोट है और हजारों परिवारों को इससे रोजगार मिलता है। यहां तैरता मीना बाजार है। शिकारों पर दुकानें सजती है। 2 हजार से 15 हजार तक हाउस बोट का किराया होता है। इस सीजन में भी जून तक बुकिंग थी, लेकिन अब सब धीरे धीरे कैंसल होने लगी है। डर के कारण टूरिस्ट अब यहां आना नहीं चाहते।




Indore News : पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और मशाल रैली, सड़क का उद्घाटन रद्द

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के विरोध में बुधवार को इंदौर में जनता का गुस्सा फूटा। कहीं पुतला दहन किया गया तो कहीं पर रैली निकाली गई। बाल विनय मंदिर स्कूल में छात्रों ने मरने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद पर खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान कई छात्रों की आंखें नम हो गई।

कई संगठन उतरे सड़कों पर

छत्रीबाग धर्म रक्षा समिति के तत्वावधान में लोगों ने आतंकवाद के खात्मे का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन छत्रीबाग वेंकटेश मंदिर चौराहे पर आयोजित हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों ने ‘आतंकवादी मुर्दाबाद’ और ‘आतंकवादियों को फांसी दो’ जैसे नारे लगाए और ‘जय-जय सियाराम’ का जयघोष करते हुए आतंक के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया। भाजपा नगर महामंत्री पिछड़ा मोर्चा, इंदौर महानगर जीतू कुशवाह ने बताया कि यह पुतला दहन केंद्र सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग करने के उद्देश्य से किया गया है। प्रदर्शन में आनंद बाथम, मनीष सोलंकी, मोहित शर्मा, नितिन निगम, विजय तिवारी समेत अनेक लोग शामिल हुए।

मशाल यात्रा से दी जाएगी श्रद्धांजलि

आतंकी हमले के विरोध में इंदौर में बुधवार शाम 7 बजे एक मशाल यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा सिंधी कॉलोनी चौराहा से शुरू होकर शहीद हेमू कालानी चौराहा होते हुए कलेक्टर ऑफिस तक जाएगी। ‘नमो नमो शंकरा’ संगठन द्वारा आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य पहलगाम में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और आतंक के खिलाफ एकजुटता दिखाना है। आयोजकों ने कहा कि यह यात्रा आतंकवाद के विरुद्ध जनभावना की आवाज बनेगी और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का प्रयास होगा।

आतंकी हमले के कारण रद्द हुआ नगर निगम का कार्यक्रम

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का असर इंदौर के प्रशासनिक कार्यक्रमों पर भी पड़ा। इंदौर नगर निगम द्वारा बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत शहर की एक प्रमुख सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाना था। लेकिन कश्मीर की घटना को देखते हुए आयोजन को निरस्त कर दिया गया।

32 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का होना था भूमिपूजन

एमआर-10 से एमआर-12 तक गांव कुमेड़ी भंगिया को जोड़ने वाली लिंक रोड का निर्माण कार्य 32 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। बुधवार सुबह वार्ड क्रमांक 19, निवर्णा होटल के पास कुमेड़ी, राम मंदिर के पास इस सड़क के भूमिपूजन का कार्यक्रम निर्धारित था। आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया। आयोजकों ने इसे शोक की घड़ी मानते हुए श्रद्धांजलि स्वरूप कार्यक्रम रद्द किया।