‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 106 किलो गांजा व 31.55 ग्राम स्मैक जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

नरसिंहपुर : वैध नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए नरसिंहपुर पुलिस ने शनिवार को ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 106 किलोग्राम गांजा और 31.55 ग्राम स्मैक जब्त करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हाईवे पर फिल्मी अंदाज में पकड़ा गया गांजा तस्करी का ट्रक

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में थाना सुआतला पुलिस टीम ने राजमार्ग चौराहे पर नाकेबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही ट्रक चालक ने स्टॉपर को टक्कर मारते हुए वाहन को तेज रफ्तार में बरमान की ओर दौड़ा दिया।

तत्काल सूचना पर बरमान चौकी पुलिस ने भी नाकेबंदी कर ट्रक को चारों ओर से घेर लिया। ट्रक रुकते ही चालक और उसका साथी उतरकर भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया।

गुप्त बॉक्स में छिपाकर रखा था 106 किलो गांजा

पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर ट्रक की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक के ऊपर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त बॉक्स में गांजे के पैकेट बरामद किए गए। कुल 106 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ से भोपाल ले जाया जा रहा था गांजा

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि गांजा ओडिशा-छत्तीसगढ़ क्षेत्र से लाकर भोपाल ले जाया जा रहा था। आरोपियों की पहचान—

  • शकील खान, निवासी देवरी पार्वती, जिला सीहोर

  • अमन कुशवाहा, निवासी नानकपुर, आष्टा

के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 20 एवं 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अलग कार्रवाई में स्मैक तस्कर भी गिरफ्तार

इसी क्रम में थाना स्टेशनगंज पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए एक अन्य आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 31.55 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 3.5 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी की पहचान आशीष कौरव, निवासी ग्राम कुशमी, थाना करेली के रूप में हुई है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(ए) सहपठित 21(बी) के तहत कार्रवाई की गई है।

नशा तस्करों में हड़कंप, जनता ने की पुलिस की सराहना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन ईगल क्लॉ’ के तहत जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस बड़ी कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता और तत्परता की जमकर सराहना की है।




Narsinghpur News : आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत दो बच्चे घायल

नरसिंहपुर जिले के सुहागी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाडाझिर गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। अचानक मौसम खराब होने के बाद गिरी आकाशीय बिजली ने खेत से लौट रहे तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान नीतेश पटेल (30 वर्ष) निवासी देवरी गांव के रूप में हुई है। रविवार शाम को वह दो बच्चों शिवम ठाकुर (10) और राज ठाकुर (9) के साथ पाडाझिर गांव आया हुआ था। सभी खेत से लौट रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और तीनों इसकी चपेट में आ गए।

युवक की मौके पर मौत, बच्चे गंभीर

बिजली गिरने से नीतेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, शिवम और राज गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायल बच्चों को रोसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस ने किया मर्ग कायम, शुरू की जांच

हादसे की जानकारी मिलते ही सुहागी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

ग्रामीणों में शोक की लहर, प्रशासन से सहायता की मांग

इस हादसे के बाद पूरे पाडाझिर गांव और मृतक के गांव देवरी में शोक की लहर है। नीतेश पटेल की आकस्मिक मृत्यु से परिवार पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक मौसम खराब हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और झुलसे बच्चों के बेहतर इलाज की मांग की है।




Narsinghpur News : 2 लाख रुपये कीमत की 18 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, तीसरा फरार

नरसिंहपुर जिले की ठेमी थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए स्मैक तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 2 लाख रुपये कीमत की 18 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

गिरफ्तार आरोपी नया गांव, ठेमी के रहने वाले हैं। उनकी पहचान सुखराम उर्फ सुखू (50) और जगदीश (50) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 (बी), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीसरा आरोपी राजेश उर्फ बब्बू, जो खिलचीपुर जिला राजगढ़ का रहने वाला है, अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

इस कार्रवाई को एएसपी प्रीति गोटिया के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में निरीक्षक बलवीर चौधरी, सउनि राजेश तिवारी, प्रधान आरक्षक अवधेश पटेल, आरक्षक चंद्रप्रताप और साइबर सेल के आरक्षक नीरज डेहरिया शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि तीसरा आरोपी राजेश उर्फ बब्बू अभी फरार है। टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तारी कर लिया जाएगा।




Narsinghpur News : नरसिंहपुर से 42 लाख रुपए की एक्स-रे मशीन चुराने वाला गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हाई-टेक चोरी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। करीब 42 लाख रुपये मूल्य की डिजिटल एक्स-रे मशीन चोरी करने वाले आरोपी सिर्फ 24 घंटे में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी चोरी की गई मशीन से खुद इंदौर में एक्स-रे करता पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 309/2025 धारा 331(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है।

थाना स्टेशनगंज में उमेश कुमार गेहलवार निवासी मिसरोद, भोपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने टीबी विभाग नरसिंहपुर में एक्स-रे सेवा का ठेका लिया था। इसके लिए उनकी कंपनी ने दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें, एलजी कंपनी की बैटरियां, डिटेक्टर, कंट्रोलर बॉक्स, लैपटॉप और अन्य उपकरण लगाए थे। आरोप है कि उसी कंपनी में कार्यरत प्रकाश मावी (निवासी उतावा, जिला धार) ने यह सभी मशीनें चोरी कर लीं और फरार हो गया।

इंदौर में चल रहा था फर्जी एक्स-रे सेंटर

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इंदौर के धार रोड स्थित बैटमा दिगडान इलाके में इन मशीनों का उपयोग कर लोगों का एक्स-रे कर रहा है। पुलिस ने तत्काल एक टीम इंदौर रवाना की और आरोपी तक पहुंचने के लिए टीम के कुछ सदस्यों ने मरीज का भेष धारण किया। चार अप्रैल 2025 को पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी गई एक्स-रे मशीन और उपकरण बरामद कर लिए।

बरामद सामग्री

2 पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन

2 एलजी कंपनी की बैटरी

2 एक्स-रे डिटेक्टर

2 कंट्रोलर बॉक्स

2 लैपटॉप

8 कनेक्टिंग केबल

कुल अनुमानित कीमत: 42 लाख रुपये




Narsingpur News : स्कूली छात्रों की फीस हड़पने वाला शातिर ठग गिरफ्तार, गाडरवारा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

स्कूली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर ठग को गाडरवारा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव जैन (32 पिता बसंत जैन निवासी शिवाजी वार्ड गाडरवारा क्षेत्र में अरिहंत साइबर कैफे का संचालन करता था। वह छात्रों से परीक्षा और प्रवेश शुल्क ऑनलाइन जमा करने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कॉलेज के छात्र-छात्राओं से परीक्षा और प्रवेश शुल्क के रूप में पूरी राशि लेता था, लेकिन कॉलेज के खाते में मात्र एक रुपये जमा करता था। इसके बाद वह क्यूआर कोड जनरेट कर छात्रों को भुगतान की फर्जी रसीद दे देता था और शेष राशि हड़प लेता था। इस तरह उसने अब तक 2,18,049 की ठगी की। ठगी की भनक लगने पर पीजी कॉलेज, गाडरवारा के प्राचार्य अखिलेश जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा, कई अन्य माध्यमों से भी पुलिस को इस धोखाधड़ी की सूचना मिली।

सूचना मिलते ही गाडरवारा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी वैभव जैन के खिलाफ अपराध क्रमांक 342/25 के तहत धारा 318(3), 336(3), 338 बीएनएस में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान जो भी सामने आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




Narsinghpur News : 11 साल पहले मर चुके शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी

मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप के गृह जिले नरसिंहपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के उसरी गांव के एक सरकारी स्कूल में 11 साल पहले दिवंगत हो चुके शिक्षक लखनलाल चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और अधिकारी एक-दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहे हैं।

बता दें कि नरसिंहपुर के उसरी गांव में स्थित एकीकृत माध्यमिक स्कूल का हाल ही में जिला पंचायत के सीईओ दलीप सिंह ने निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों की शिक्षा का स्तर कमजोर पाया गया, जिसके चलते प्राचार्य, शिक्षक और जनशिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लेकिन इस प्रक्रिया में हद तो तब हो गई, जब 11 साल पहले दिवंगत हो चुके शिक्षक लखनलाल चौधरी के नाम पर भी नोटिस जारी कर दिया गया।

नोटिस में लिखा गया कि वे निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए और बच्चों की खराब शैक्षणिक स्थिति उनकी अनुशासनहीनता का नतीजा है। यह हैरान करने वाला है कि शिक्षा विभाग को शिक्षक की मृत्यु की जानकारी ही नहीं थी, जबकि इसका प्रमाण उनका मृत्यु प्रमाण पत्र है।

अब इस मामले में एक और लापरवाही उजागर हुई है। जिला शिक्षा केंद्र के बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) ने इस नोटिस को बाकायदा तामील भी करा दिया। जब यह मामला सार्वजनिक हुआ, तो आनन-फानन में सीईओ ने नोटिस को रद्द कर दिया। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर बिना वेरीफिकेशन के नोटिस जारी कैसे हुआ और उसकी तामील क्यों की गई?

सीईओ दलीप सिंह ने इस चूक को शिक्षा विभाग के पोर्टल की खामी और लिपिक की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि बीआरसी केंद्र के लिपिक ने बिना जांच-पड़ताल के सीधे नोटिस तैयार कर दिया, और बीआरसी ने बिना वेरीफाई किए उसे तामील भी करा दिया। अब सीईओ इस गलती की जिम्मेदारी पोर्टल और लिपिक पर डाल रहे हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि इस मामले में आखिर कार्रवाई किस पर होगी? क्या लापरवाह अधिकारियों पर कोई सख्त कदम उठाया जाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।