प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में नितिन नबीन ने संभाला भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता से भरा नजर आया।

पदभार ग्रहण समारोह को पार्टी की भावी राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आंदोलन है। उन्होंने कहा—
“भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन है। यह संगठन विचार, संस्कार और सेवा की त्रिवेणी पर खड़ा है। नितिन नबीन जैसे समर्पित और ऊर्जावान कार्यकर्ता के हाथों में संगठन की कमान जाना, पार्टी के लिए एक सशक्त भविष्य का संकेत है।”

प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष भाजपा के लिए केवल चुनावी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के निर्णायक वर्ष हैं। मोदी ने संगठन से अपेक्षा जताई कि वह समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और विचारधारा को पहुंचाए।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन का पहला संदेश

पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले संबोधन में  नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री मोदी, पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा—
“यह पद मेरे लिए सम्मान से अधिक एक बड़ी जिम्मेदारी है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता मेरा परिवार है और संगठन को और मजबूत बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।”
नितिन नबीन ने स्पष्ट किया कि पार्टी का फोकस संगठनात्मक विस्तार, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ आगे बढ़ती रहेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा—
“भाजपा का संगठन विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है। इसकी ताकत उसकी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की निष्ठा में है। नितिन नबीन के नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा।”
अमित शाह ने कहा कि पार्टी हर चुनाव को जनसेवा का अवसर मानकर लड़ती है और यही भाजपा को अन्य दलों से अलग बनाता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने हमेशा राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा है। उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा—
“संगठन की मजबूती ही मजबूत सरकार की नींव होती है। भाजपा का अनुशासित ढांचा उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।”

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता

  जे.पी. नड्डा ने कहा कि नितिन नबीन का संगठनात्मक अनुभव पार्टी को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहकर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कई मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं।

कार्यकर्ताओं में उत्साह
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। “मोदी है तो मुमकिन है” और “भाजपा जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने इसे संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की राजनीतिक लड़ाइयों के लिए संकल्प का अवसर बताया।

नितिन नबीन का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करना ऐसे समय में हुआ है, जब देश की राजनीति तेजी से बदल रही है और संगठन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और शीर्ष नेतृत्व के सहयोग से नितिन नबीन के सामने पार्टी को और मजबूत करने, नई पीढ़ी को जोड़ने और विकसित भारत के लक्ष्य को संगठनात्मक स्तर पर साकार करने की बड़ी जिम्मेदारी है।

यह पदभार ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाजपा के आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक सफर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।




मालदा से PM मोदी का बड़ा हमला: ‘बंगाल में असली परिवर्तन चाहिए, TMC घुसपैठियों को वोटर बना रही’

'Asli poriborton': PM Modi says TMC converting 'infiltrators into voters' in Bengal - what he said

नई दिल्ली/मालदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों को वोटर बनाकर बंगाल की जनसंख्या संरचना से खिलवाड़ कर रही है और राज्य में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्वी भारत में लंबे समय से इस तरह की राजनीति आम रही है, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने बिहार, ओडिशा, असम और BMC में भारतीय जनता पार्टी की हालिया चुनावी सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने इन राज्यों को “विभाजनकारी राजनीति के चंगुल” से आज़ाद कराया है।

‘बंगाल में बदलाव की स्पष्ट चाह दिख रही है’

मालदा की जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।
उन्होंने कहा, “आज मुझे बंगाल के लोगों में असली बदलाव की चाह साफ नजर आ रही है। जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तृणमूल कांग्रेस की सभी भ्रष्ट गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगेगी।”

प्रधानमंत्री ने बंगाल के लिए चुनावी नारा भी दिया—
“पलटाना दरकार, चाहिए BJP सरकार।”
घुसपैठ और जनसंख्या परिवर्तन का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या का स्वरूप तेजी से बदला है।
उन्होंने कहा, “मालदा, मुर्शिदाबाद और बंगाल के अन्य हिस्सों में घुसपैठ के कारण दंगे और अस्थिरता की स्थिति बनी है।”

उन्होंने मतुआ समुदाय सहित उन शरणार्थियों को भी आश्वासन दिया, जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे शरणार्थियों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, सरकार उनके साथ खड़ी है।
Gen Z और ‘विकास मॉडल’ का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं, खासकर Gen Z की सराहना करते हुए कहा कि देश का युवा वर्ग भाजपा और उसके विकास मॉडल पर भरोसा जता रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है।

मालदा को बताया विकास की कुंजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास में मालदा की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, “बंगाल ने मुझ पर बहुत प्यार बरसाया है और मैं यहां ‘असली परिवर्तन’ का विश्वास साफ देख सकता हूं।”

रेल कनेक्टिविटी को मिली नई गति
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावड़ा और गुवाहाटी को जोड़ने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।




डबल इंजन सरकार के सहयोग से मध्य प्रदेश में 101 केंद्रीय परियोजनाओं पर तेज़ी से काम: सीएम मोहन यादव

भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में बीजेपी की डबल इंजन सरकार होने से प्रदेश को विकास में खासा लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार की 101 बड़ी परियोजनाएं सक्रिय रूप से चल रही हैं, जो राज्य की तस्वीर बदल देंगी।

समन्वय से विकास की दोगुनी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र और राज्य के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों पर भव्य दिखती थीं, लेकिन विभागीय तालमेल की कमी से अधर में लटक जाती थीं। पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने इस प्रणाली को बदल दिया है।” उन्होंने बताया कि देशभर में अटकी निवेश परियोजनाओं को इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पुनः सक्रिय किया गया है।

209 परियोजनाओं में से 108 पूर्ण

सीएम यादव के अनुसार, मध्य प्रदेश को केंद्रीय मंत्रालयों से कुल 209 बड़ी परियोजनाओं का लाभ मिला है, जिनमें से 108 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं। ये परियोजनाएं 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी हैं। वर्तमान में चल रही 101 परियोजनाओं पर 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काम हो रहा है।

प्रमुख क्षेत्रों में चल रहे प्रोजेक्ट्स

· रेल मंत्रालय: 14 परियोजनाएं
· सड़क परिवहन मंत्रालय: 13 परियोजनाएं
· विद्युत मंत्रालय: 5 परियोजनाएं
· नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय: कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

सीएम ने विशेष रूप से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब प्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर काम हो रहा है, जबकि पिछली सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

‘प्रगति’ पोर्टल और पीएमजी का योगदान

मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन के अनुसार, प्रगति प्लेटफॉर्म (Proactive Governance and Timely Implementation) की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक दिसंबर 2025 में हुई। इस पोर्टल के माध्यम से बुनियादी ढांचा विकास और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित हुआ है।

97% समस्याओं का हल

मुख्य सचिव ने बताया कि पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया। इसी प्रकार ‘प्रगति पोर्टल’ पर 124 मुद्दों में से 120 का निपटारा हुआ। दोनों प्लेटफॉर्म पर मिलाकर मध्य प्रदेश ने 97% समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान किया है।

पर्यटन और कृषि में भी प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के सहयोग से कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसावट और धार के पीएम मित्र पार्क के माध्यम से कपास उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाने जैसी योजनाएं आगे बढ़ रही हैं।

मध्य प्रदेश अब ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अभूतपूर्व गति देखी जा रही है। डबल इंजन सरकार के इस समन्वय को राज्य के तीव्र विकास का प्रमुख आधार बताया जा रहा है।




क्या भारत वैश्विक मंच पर हाशिए की ओर बढ़ रहा है?

Trump's right on 'dead economy', remarks Rahul Gandhi, blames PM Modi

भारतीय लोकतंत्र में आलोचना कोई नई बात नहीं, लेकिन जब वह देश की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति से जुड़ जाती है, तो उसे गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को आधार बनाकर केंद्र सरकार पर जो सवाल उठाए हैं, वे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आत्मनिरीक्षण का अवसर हैं।

जब ‘मृत अर्थव्यवस्था’ एक वैश्विक नेता की ज़ुबान पर हो

राहुल गांधी ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है और मोदी सरकार ने उसे मार डाला है।” उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथन के संदर्भ में की जिसमें ट्रंप ने भारत की आर्थिक स्थिति को “dead” बताया था।

भले ही ट्रंप की शैली और भाषा पर बहस हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई राष्ट्राध्यक्ष भारत के बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर रहा है, तो भारत सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का मौन क्यों है?

चुप्पी की यह रणनीति क्या मजबूरी है या फिर यह कूटनीति का एक नया मॉडल?

‘एक व्यक्ति की सरकार’ बनाम संस्थागत जवाबदेही

राहुल गांधी का यह आरोप कि मोदी सिर्फ एक व्यक्ति – अडानी – के लिए काम करते हैं, न सिर्फ़ एक राजनीतिक आक्षेप है, बल्कि यह देश की आर्थिक नीति पर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करता है।

क्या भारत की आर्थिक दिशा वास्तव में कुछ कॉर्पोरेट घरानों की मर्जी पर केंद्रित हो चुकी है? क्या छोटे और मझोले उद्यम हाशिए पर धकेले जा रहे हैं? यदि ऐसा नहीं है, तो सरकार को इसके खंडन में ठोस आँकड़ों और तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए – न कि केवल विरोधी स्वर को “दिशाहीन राजनीति” कहकर खारिज किया जाए।

विदेश नीति: जब दुनिया सुन रही हो, तो भारत क्यों चुप?

राहुल गांधी ने सही सवाल उठाया कि जब अमेरिका टैरिफ बढ़ा रहा है, चीन सीमा पर आक्रामक बना हुआ है, और पाकिस्तान को वैश्विक मंचों से राहत मिल रही है – तब भारत के प्रधानमंत्री इन विषयों पर संसद में स्पष्ट वक्तव्य देने से क्यों बचते हैं?

संसद कोई औपचारिकता नहीं, लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है। यदि प्रधानमंत्री वहाँ भी संवेदनशील मसलों पर मौन रहते हैं, तो यह लोकतांत्रिक अपारदर्शिता की चिंता पैदा करता है।

राजनीति नहीं, जवाब चाहिए

सरकार को यह समझना होगा कि राहुल गांधी के आरोपों को केवल “पराजित मानसिकता” कहकर नहीं निपटाया जा सकता।

जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर सीधा हस्तक्षेप करने का दावा करते हैं – जैसे युद्धविराम, विमान क्षति या टैरिफ समझौते – और प्रधानमंत्री चुप रहते हैं, तो यह मौन कूटनीतिक कमजोरी का प्रतीक बन सकता है।

यह सिर्फ़ विपक्ष का नहीं, हर जागरूक नागरिक का सवाल है – “सरकार जवाब क्यों नहीं देती?”

संवाद बनाम सन्नाटा

एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान है – सवालों का उत्तर, बहस का सम्मान और आलोचना का उत्तरदायित्वपूर्ण खंडन। लेकिन जब देश की विदेश नीति, रक्षा नीति और आर्थिक नीति पर सवाल उठते हैं और सरकार मौन रह जाती है, तो सन्नाटा सिर्फ़ रणनीति नहीं, विश्वसनीयता की दरार भी बन सकता है।

भारत को यदि वैश्विक मंच पर नेतृत्व करना है, तो उसे अपने भीतर भी लोकतांत्रिक आत्मा को जीवित रखना होगा। और वह आत्मा सबसे पहले संसद और जनता के प्रति उत्तरदायित्व से ही पोषित होती है।




Denvapost Exclusive : नरेंद्र मोदी ने तोड़ा इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड, बने देश के दूसरे सबसे लंबे समय तक लगातार रहने वाले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को भारतीय राजनीति में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। वे अब भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं, और इस तरह उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, श्री मोदी ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल के 4,078 दिन पूरे कर लिए। जबकि इंदिरा गांधी ने अपने पहले कार्यकाल में (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) तक 4,077 दिन लगातार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी थी।

पहली बार:

यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं।

स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने यह कीर्तिमान रचा है।

एक गैर-हिंदी भाषी राज्य (गुजरात) से आने वाले सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने हैं।

अब तक के आंकड़े:

लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है।

नरेंद्र मोदी नेहरू के बाद ऐसे दूसरे नेता बन गए हैं, जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019, 2024) में अपनी पार्टी को बहुमत दिलाया।

सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पद पर रहने वाले नेता:

श्री मोदी राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर निर्वाचित पदों पर लगातार सेवा देने वाले सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता हैं। वे वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 तक इस पद पर रहे। इसके बाद उन्होंने केंद्र की सत्ता संभाली और दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए हैं।

6 लगातार चुनावों में जीत:

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“मोदी देश के इकलौते ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक ही पार्टी के नेता के रूप में लगातार 6 बड़े चुनावों में जीत दर्ज की —
गुजरात विधानसभा चुनाव 2002, 2007, 2012
और लोकसभा चुनाव 2014, 2019, 2024।”

यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कद, संगठनात्मक पकड़ और जनाधार का प्रतीक माना जा रहा है। आगामी वर्षों में क्या वे नेहरू का भी रिकॉर्ड तोड़ेंगे — यह देखना बाकी है।




Pm Modi : पीएम मोदी के दौरे की सुरक्षा एडीजी चयन एवं प्रशिक्षण सोनाली मिश्रा के हाथों में

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित हो रहे महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित करने भोपाल आ रहे हैं। प्रधानमंत्री 31 मई को देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करने सुबह 11 बजे भोपाल पहुंचेंगे। एसपीजी के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ दिल्ली से आए एसपीजी के अधिकरियों एयरपोर्ट, हेलीपैड, जंबूरी मैदान व सभा स्थाल के मंच का बारीकी से निरीक्षण किया है।

गुरुवार को कारकेड के साथ रिहर्सल किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन और डोम में स्व-सहायता समूह की दो लाख से अधिक महिलाओं के व्यवस्था की जिम्मेदारी भी महिला अधिकारियों को सौंपी जा रही है। तीन हजार पुलिस अधिकारी उस दिन शहर की यातायात व सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। जंबूरी मैदान के साथ ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा की कमान एमपी केडर की एडीजी चयन एवं प्रशिक्षण सोनाली मिश्रा को सौंपी गई है। साथ ही आधा दर्जन महिला आईपीएस अधिकारी भी जंबूरी मैदान में तैनात रहेंगी। यातायात पुलिस ने 31 मई को सुबह छह बजे से सभा स्थल जंबूरी मैदान के साथ ही आधे से अधिक शहर का यातायात परिवर्तित कर दिया है। संभावना है कि पांच हजार बसों ने दो लाख महिलाएं कार्यक्रम में शामिल होने भोपाल पहुंचेंगी।

होटल-रेस्टोरेंट से लेकर बाजारों व वाहनों की चेकिंग

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए भोपाल पुलिस होटल, रेस्टोरेंट, पब, ढाबों के साथ बाहर से आने वाले मेहमानों, होटलों में रुके लोगों के साथ सड़क पर चलने वाले वाहनों की बारीकी से जांच कर रही है। बाउंड ओवर पर बाहर घूम रहे बदमाशों, वारंटियों की धरपकड़ की जा रही है। आधा दर्जन ऐसे बदमाशों को शांति भंग करने के मामले में पकड़कर गिरफ्तार किया गया है, जो पुराने अपराधी हैं। प्रधानमंत्री के भोपाल से वापसी तक भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त कर दी गई है। जंबूरी मैदान में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सड़कों के दोनों तरफ की दीवारों को वॉल पेंटिंग से सजाया जा रहा है। पूरे शहर में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के साथ केंद्र व राज्य सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रचार-प्रसार के पोस्टर लगाए गए हैं।

प्लान बी भी तैयार, कल फिर अधिकारी लेंगे जायजा

अचानक बारिश का मौसम शुरू हो गया है। अभी तक प्रधानमंत्री को स्टेट हैंगर पर विशेष विमान से उतरने के बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टर से जंबूरी मैदान के सामने सेंट जेविरयर स्कूल के पास खाली मैदान में बने हेलीपैड पर उतारने की तैयारी है। इस हेलीपैड से प्रधानमंत्री खुली जीप में सभा स्थल तक सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं का अभिवादन करते हुए पहुंचेंगे। बारिश अधिक हुई और हेलीकॉप्टर के लैंडिंग में कोई बाधा आने की संभावना हुई तो भोपाल एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से भी प्रधानमंत्री को लाने की पूरी तैयारी है। हालांकि प्रशासन का यह प्लान-बी है, जिसका बुधवार को एसपीजी के अधिकारियों ने निरीक्षण किया है। कार्यक्रम स्थल पर तीन हेलीपैड तैयार किए गए हैं।

महिला पुलिस अधिकारियों की होगी विशेष तैनाती

इस आयोजन की एक खास बात यह है कि सुरक्षा प्रबंधन में महिला पुलिस अधिकारियों को विशेष भूमिका दी गई है। पहली बार किसी प्रधानमंत्री के दौरे में 50 प्रतिशत से अधिक सुरक्षा अधिकारी महिलाएं होंगी। आयोजन स्थल, हेलीपैड, वीआईपी मूवमेंट से लेकर अन्य प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी महिला पुलिस अधिकारियों के पास रहेगी। एडीजी सोनाली मिश्रा को सुरक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनके नेतृत्व में छह से अधिक महिला आईपीएस अधिकारी तैनात रहेंगी। इसके अलावा लगभग तीन दर्जन महिला एएसपी और डीएसपी स्तर की अधिकारी भी मौके पर रहेंगी।




Microsoft Warns : माइक्रोसॉफ्ट ने भारत को चेतावनी दी है कि चीन एआई का उपयोग कर भारतीय चुनावों को बाधित करने की योजना बना रहा है

बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल Microsoft ने चेतावनी दी है कि भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव में चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से गड़बड़ी कर सकता है। हाल ही में चीन ने ताइवान के प्रेसिडेंट के चुनाव में परिणाम को प्रभावित करने के लिए AI का इस्तेमाल किया था।

पिछले महीने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर, Bill Gates ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राजधानी में मीटिंग की थी। इस मीटिंग में AI के इस्तेमाल और हेल्थ और एग्रीकल्चर में इनोवेशन पर चर्चा की गई थी। दुनिया भर में 60 से अधिक देशों में चुनाव होने वाले हैं। माइक्रोसॉफ्ट की थ्रेट इंटेलिजेंस टीम ने बताया है कि चीन की सरकार से समर्थन वाले सायबर ग्रुप उत्तर कोरिया की मदद से इस वर्ष होने वाले कई चुनावों को निशाना बना सकते हैं। इन चुनावों में चीन AI से तैयार किए गए कंटेंट को सोशल मीडिया के जरिए वायरल कर जनता की राय को बदलने का षडयंत्र कर सकता है।

माइक्रोसॉफ्ट ने एक स्टेटमेंट में कहा है, “दुनिया भर में इस वर्ष कई बड़े चुनाव होने हैं। इनमें विशेषतौर पर भारत, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के चुनाव शामिल हैं। हमारा आकलन है कि चीन अपने हितों के फायदे के लिए AI से तैयार किए जाने वाले कंटेंट का इस्तेमाल कर सकता है।” देश में जल्द AI से जुड़े रेगुलेशंस को कानूनी दायरे में लाया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा चुनाव के बाद एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Ashwini Vaishnaw ने एक बिजनेस न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में बताया है कि AI के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर बनाने की योजना है। उन्होंने कहा, “इसके लिए खुद रेगुलेट करने वाली संस्था बनाने का विचार था लेकिन हमें नहीं लगता कि यह पर्याप्त होगा। हमारा मानना है कि इस रेगुलेशन को कानूनी तरीके से करना चाहिए। हमने इस बारे में इंडस्ट्री के साथ विचार-विमर्श किया है। चुनाव के बाद कानून बनाने की ओर बढ़ने के लिए हम औपचारिक तौर पर कंसल्टेशन की प्रक्रिया को शुरू करेंगे।” Ashwini का कहना था कि रेगुलेशंस संतुलित होंगे और यह पक्का किया जाएगा कि इनोवेटर्स की क्रिएटिविटी को नुकसान न हो। पिछले वर्ष AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही डीपफेक्स जैसी समस्याएं भी सामने आई थी। इसके बाद सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और YouTube को इसे लेकर चेतावनी दी थी।