“पहले दिन से कह रही हूं आयोग Compromised है”मीनाक्षी नटराजन

भोपाल। कांग्रेस नेता Meenakshi Natarajan ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से यह कहती आ रही हैं कि चुनाव आयोग “Compromised” है और हालिया घटनाक्रम ने उनकी इस आशंका को और मजबूत कर दिया है।

मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि जिस मामले की सुनवाई हुई, उसका संबंध सीधे तौर पर मध्य प्रदेश सरकार से नहीं था, फिर भी अदालत में प्रदेश सरकार की ओर से वकील खड़े दिखाई दिए। उनके अनुसार यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न करती है।

उन्होंने कहा, “हम राज्यों के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर के Compromised होने की बात कर रहे हैं। अब वे जनता के सामने एक्सपोज हो चुके हैं।”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। यदि चुनाव आयोग और चुनाव से जुड़े अधिकारी पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य करते हुए दिखाई देते हैं, तो इससे मतदाताओं का विश्वास प्रभावित होता है।

हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के आरोप चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस को जन्म दे सकते हैं।

मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

(नोट: यह समाचार संबंधित नेता के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है तथा चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।)




Indore News: महू में बाबा साहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य आयोजन, जीतू पटवारी का भाजपा पर हमला

महू। संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती उनकी जन्मस्थली महू में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। 12 अप्रैल से शुरू हुए कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज मुख्य आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे और करीब एक लाख से अधिक लोगों को संबोधित करेंगे।

देशभर से उमड़ा जनसैलाब
बाबा साहेब को नमन करने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से अनुयायियों और बौद्ध भिक्षुओं का महू पहुंचना लगातार जारी है। सुबह से ही शहर में श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों का तांता लगा हुआ है, जिससे पूरा क्षेत्र “जय भीम” के नारों से गूंज रहा है।

जीतू पटवारी का भाजपा पर हमला
इस अवसर पर जीतू पटवारी भी महू पहुंचे और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पार्टी को बाबा साहेब से प्रेम है, तो दलितों पर अत्याचार क्यों हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान से खिलवाड़ कर रही है।

देर रात मानवंदना और गार्ड ऑफ ऑनर
जयंती के पूर्व सोमवार रात 12 बजे काली पलटन स्थित जन्म स्मारक पर विशेष मानवंदना दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भव्य आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। हजारों अनुयायी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और पूरा परिसर जय भीम के नारों से गूंज उठा।

अनुयायियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
स्मारक समिति के सचिव राजेश वानखेड़े ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए स्मारक परिसर में कारपेट बिछाए गए हैं और जगह-जगह शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है। मुंबई, नासिक और औरंगाबाद जैसे शहरों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी महू पहुंचे हैं।

प्रशासन मुस्तैद, व्यापक इंतजाम
एसडीएम राकेश परमार के अनुसार प्रदेश सरकार के निर्देश पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भोजन की व्यापक व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। इस वर्ष आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

 

 




Indore:इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ विवाद: कांग्रेस बैकफुट पर, भाजपा हमलावर

इंदौर नगर निगम के सम्मेलन में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उठा विवाद अब सियासी तूफान में बदल चुका है। कांग्रेस के दो पार्षदों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने और कथित विवादित बयान देने के बाद पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर ही असहज स्थिति पैदा कर दी है, वहीं भाजपा को बड़ा मुद्दा मिल गया है।

कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला, अंदरूनी नाराज़गी बढ़ी

विवाद सामने आते ही शहर कांग्रेस ने दोनों महिला पार्षदों का खुलकर बचाव नहीं किया। इसके उलट, रुबीना इक़बाल के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव भोपाल भेज दिया गया है।
इस फैसले से पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं में नाराज़गी देखी जा रही है। कई नेताओं का मानना है कि कांग्रेस ने दबाव में आकर अपने ही जनप्रतिनिधियों से दूरी बना ली।

‘वंदे मातरम्’ अब कांग्रेस कार्यक्रमों में अनिवार्य

विवाद के बाद इंदौर शहर कांग्रेस ने सभी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले पर भी पार्टी के भीतर मतभेद सामने आए हैं।

कांग्रेस नेता अमीनुल खान सूरी ने कहा,
“‘वंदे मातरम्’ गाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसे अनिवार्य करना गलत है। देशभक्ति आदेश से नहीं, भावना से होती है। कांग्रेस की विचारधारा में स्वतंत्रता और स्वैच्छिकता महत्वपूर्ण है।”

जीतू पटवारी की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे विवाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की चुप्पी भी चर्चा का विषय बन गई है। छतरपुर दौरे के दौरान जब मीडिया ने उनसे सवाल किया, तो उन्होंने बिना जवाब दिए आगे बढ़ना ही उचित समझा।

उनकी इस चुप्पी को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

भाजपा का हमला तेज

वहीं भाजपा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। शुक्रवार को इंदौर के कई वार्डों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के पुतले जलाए और ‘वंदे मातरम्’ गाकर विरोध दर्ज कराया।

भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रवाद से जोड़कर कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

क्या कह रहे हैं राजनीतिक जानकार

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वंदे मातरम्’ जैसे संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दे पर स्पष्ट रुख न लेना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर तब, जब विपक्ष इसे राष्ट्रवाद के मुद्दे के रूप में उभार रहा है।

आगे क्या?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस इस विवाद पर आधिकारिक और स्पष्ट रुख कब तक सामने लाती है।
फिलहाल, इंदौर का यह मामला प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है—जहां देशभक्ति, विचारधारा और राजनीतिक रणनीति आमने-सामने नजर आ रही हैं।




Mp News: दलबदल मामले में नया मोड़, बीना विधायक निर्मला सप्रे बोलीं—अब भी कांग्रेस में हूं, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक दिलचस्प और संवेदनशील मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दावा किया है कि वे अब भी कांग्रेस पार्टी की सदस्य हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उनके खिलाफ दलबदल से जुड़ा मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई। यह याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सवाल पर सप्रे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी मुवक्किल अभी भी कांग्रेस पार्टी का हिस्सा हैं।

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इस मामले में हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता उमंग सिंघार को निर्देश दिया है कि वे 9 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना पक्ष रखें। इसके बाद इस प्रकरण की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

दरअसल, उमंग सिंघार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि निर्मला सप्रे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया, जो दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन है। याचिका में उनके निर्वाचन को निरस्त करने की मांग भी की गई है।

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याचिका के अनुसार, इस मामले में 30 जून 2024 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन निर्धारित 90 दिनों की समयसीमा के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद मामला न्यायालय की शरण में पहुंचा। सप्रे पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगाए गए हैं। बताया गया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंच पर नजर आई थीं और उन्होंने भाजपा का पट्टा भी धारण किया था।

वहीं, राज्य शासन की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जब तक विधानसभा अध्यक्ष किसी याचिका पर निर्णय नहीं लेते, तब तक हाई कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में निर्णय लेना विधानसभा अध्यक्ष का विशेषाधिकार होता है।

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अब इस पूरे मामले में आगे क्या फैसला आता है, यह विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई और 20 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में दलबदल कानून और संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनता जा रहा है।




Indore News:20 साल बाद छोटी कार्यकारिणी, 52 पदाधिकारियों की घोषणा से सियासत गरमाई

इंदौर में शहर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस बार परंपरा से हटकर सिर्फ 52 पदाधिकारियों की टीम घोषित की है, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे छोटी कार्यकारिणी मानी जा रही है।

जंबो से मिनी कार्यकारिणी तक
कांग्रेस में अब तक जंबो कार्यकारिणी का चलन रहा है। करीब 15 साल पहले शहर कार्यकारिणी में 550 से अधिक पदाधिकारी थे, जबकि पिछली कार्यकारिणी में भी 400 पद दिए गए थे। इसके उलट इस बार सिर्फ 52 पदाधिकारी बनाए गए हैं। इनमें 10 उपाध्यक्ष, 18 महामंत्री, 19 सचिव, 2 प्रवक्ता, 2 सोशल मीडिया प्रभारी और 1 कोषाध्यक्ष शामिल हैं।

कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी शैलेष गर्ग को सौंपी गई है। हालांकि माना जा रहा है कि आने वाले समय में कार्यकारिणी का विस्तार किया जा सकता है, क्योंकि कई नेता स्थान न मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

संतुलन की कोशिश, लेकिन असंतोष बरकरार
चौकसे ने सभी गुटों को साधने की कोशिश करते हुए अलग-अलग वर्गों के नेताओं को शामिल किया है, लेकिन सीमित पदों के कारण कई दावेदारों को जगह नहीं मिल पाई। इससे संगठन के भीतर असंतोष भी देखने को मिल रहा है।

महिलाओं को जगह नहीं, भाजपा हमलावर
इस कार्यकारिणी में एक भी महिला नेत्री को स्थान नहीं मिलने पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं के मुद्दों पर सिर्फ राजनीति करती है, जबकि संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं देती।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने एक भी महिला को पद न देकर यह साबित कर दिया है कि वह महिला वर्ग के प्रति संवेदनशील नहीं है।”

प्रदेश नेतृत्व की सहमति से हुआ फैसला
सूत्रों के मुताबिक, छोटी कार्यकारिणी बनाने के इस फैसले के लिए जीतू पटवारी की भी सहमति ली गई थी। पार्टी अब जल्द ही विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारी में है।

सोशल मीडिया पर भी फोकस
इस बार कार्यकारिणी में सोशल मीडिया प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

छोटी लेकिन प्रभावी कार्यकारिणी का यह प्रयोग कांग्रेस के लिए कितना सफल साबित होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, इस फैसले ने संगठन के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासी बहस को तेज कर दिया है।




माखन नगर में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल: कांग्रेस नेता ने प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

माखन नगर। नगर में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय गिल्ला ने नगर के वरिष्ठ नागरिकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए CHMO के नाम ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी (BMO) को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्वास्थ्य केंद्र की गंभीर खामियों को उजागर करते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, 108 एम्बुलेंस सेवा की लचर व्यवस्था, दवाइयों का अपर्याप्त स्टॉक, और डिलीवरी वार्ड के सामने फैली गंदगी जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।

इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व्यवस्था सुधारने, सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराने, एक्स-रे मशीन को नियमित रूप से संचालित करने तथा खून की जांच समय सीमा में सुनिश्चित करने की मांग भी की। साथ ही ज्ञापन में पूर्व में हुए सोलर पैनल चोरी प्रकरण की शीघ्र जांच की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई।

पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय गिल्ला ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो नगरवासियों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अमृत बिंदु डेरिया, प्रकाश चौरसिया, पूर्व पार्षद बाबू खान, द्वारका चौधरी, हातिम खान, भगवान दास साहू, भवानी साहू और युवा नेता जाहिद खान सहित कई लोग उपस्थित रहे।




Sehore News: रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, नाली से गैस के बयान पर किया प्रतीकात्मक विरोध

सीहोर। घरेलू रसोई गैस की कमी और लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में रविवार को शहर कांग्रेस ने कोतवाली चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती के निर्देश पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव और नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस संकट को लेकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस सिलिंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के कारण आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई पहले ही आम परिवारों की कमर तोड़ रही है, ऐसे में रसोई गैस की किल्लत लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है।

नाली से गैस वाले बयान पर प्रतीकात्मक विरोध

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने “नाली से गैस बनाने” वाले बयान पर व्यंग्य करते हुए अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नाली में पाइप डालकर गैस चूल्हा जलाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया और इसे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर बताया।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा
शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव ने कहा कि देश की जनता पहले ही महंगाई की मार झेल रही है और अब घरेलू गैस की किल्लत ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है और प्रधानमंत्री को जनता को भ्रमित करने के बजाय समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गैस सिलिंडरों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और कई स्थानों पर समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत गैस आपूर्ति को सुचारु करे और कीमतों पर नियंत्रण लगाए ताकि आम परिवारों को राहत मिल सके।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गैस की किल्लत और महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर और बड़े आंदोलन किए जाएंगे।




रत्नेश बडगूजर बने माखन नगर कांग्रेस अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

माखन नगर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से माखन नगर में रत्नेश बडगूजर को नगर कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन प्रभारी महामंत्री डॉ. संजय कांबले द्वारा जारी सूची में नर्मदापुरम जिला के अंतर्गत माखन नगर में रत्नेश बडगूजर को नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रदेश नेतृत्व ने नवनियुक्त अध्यक्ष से अपेक्षा जताई है कि वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियों, सिद्धांतों और संगठनात्मक अनुशासन के अनुरूप कार्य करते हुए नगर स्तर पर संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

नगर अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद मंगलवार को रत्नेश बडगूजर का सबसे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप मिश्रा के प्रतिष्ठान पर जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा शाम को बाबा मैरिज गार्डन में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कुलदीप मिश्रा, रमेश तिवारी, लल्ला भैया, राजकुमार गुप्ता, मोहन सोनी, ब्रजभारती बडगूजर, नवल माहेश्वरी, अरुण तिवारी, बबलू अंसारी, सुनील मोदी, जीतू चौधरी, शैलेंद्र दुबे, पदम मीणा, संजय सिंह ठाकुर, मुकेश चौहान, सुमित जायसवाल और उत्कर्ष आचार्य सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष व पत्रकार उमेश तिवारी का जन्मदिन भी केक काटकर मनाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व, जिनमें जीतू पटवारी, राजकुमार केलु उपाध्याय, ओम पटेल, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, मानक अग्रवाल, सुखदेव पानसे, मोहन झलिया, यशवंत राजपूत, बाबू चौधरी, महेंद्र शर्मा और कपिल फौजदार का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन राजकुमार गुप्ता ने किया, जबकि आभार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत यादव एवं मोनू पटेल ने व्यक्त किया।




बागरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर पदयात्रा, रेल प्रबंधक के नाम सौंपा ज्ञापन

14 अप्रैल तक स्टॉपेज शुरू नहीं हुए तो कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

माखन नगर। बागरातवा (बागरा) रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और रेक प्वाइंट स्थापना सहित आधारभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र में जोरदार जनआंदोलन देखने को मिला। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत यादव ‘मोनू’ के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई, जो पंडित माखनलाल चतुर्वेदी को पुष्पांजलि अर्पित कर प्रारंभ हुई और बागरा स्टेशन पर समाप्त हुई।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं व ग्रामीणों ने West Central Railway जबलपुर मंडल के रेल प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेनों के स्टॉपेज शीघ्र बहाल करने की मांग की। ज्ञापन स्थानीय स्टेशन मास्टर को सौंपा गया।
कोरोना के बाद बंद हुए स्टॉपेज, 140 गांव प्रभावित बागरातवा रेलवे स्टेशन से लगे माखननगर नगर सहित लगभग 64 पंचायतों के 140 गांवों के नागरिकों को पूर्व में अनेक ट्रेनों के ठहराव का लाभ मिलता था। कोरोना काल के बाद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज बंद कर दिए गए, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए High Court of Madhya Pradesh, इलाज के लिए नागपुर, प्रशासनिक कार्यों के लिए भोपाल और शिक्षा-व्यवसाय के लिए इंदौर जाने हेतु कोई सीधी रेल सुविधा नहीं मिल रही है। मजबूरी में लोगों को बस मार्ग से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन—दोनों का नुकसान हो रहा है।

ट्रेन नहीं रुकती, सिर्फ गुजरती है
आक्रोश इस बात को लेकर भी है कि बागरा स्टेशन से कई ट्रेनें गुजरती तो हैं, लेकिन रुकती नहीं हैं। इससे दैनिक यात्रियों, छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग को सीधा नुकसान हो रहा है। पहले जहां व्यापारी ट्रेन से रोज़ाना आना-जाना कर व्यापार करते थे, अब वे महंगे बस किराए पर निर्भर हैं।

औद्योगिक नुकसान और बेरोजगारी
स्टॉपेज बंद होने का सीधा असर स्थानीय उद्योगों पर पड़ा है। क्षेत्र में संचालित कई टाइल्स फैक्ट्रियां परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण बंद हो चुकी हैं, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

इन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग
जबलपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें
22191 इंदौर–जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस
12159 जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस
11463 सोमनाथ–जबलपुर एक्सप्रेस
11271 इटारसी–बीना–भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस
12854 भोपाल–दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस
हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस
इटारसी की ओर जाने वाली ट्रेनें
22192 जबलपुर–इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस
12853 दुर्ग–भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस
11272 भोपाल–बीना–इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस
11464 जबलपुर–सोमनाथ (वेरावल) एक्सप्रेस
12192 जबलपुर–हज़रत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस
12160 जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस

रेक प्वाइंट और सुविधाओं की भी मांग
क्षेत्र में बढ़ते कृषि उत्पादन और खाद-बीज आपूर्ति को देखते हुए स्टेशन पर रेक प्वाइंट स्थापना की मांग भी की गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके।

साथ ही निम्न सुविधाओं के विकास की मांग की गई—
प्लेटफॉर्म का विस्तार व मानक अनुसार ऊंचाई ,यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था,
स्वच्छ पेयजल,महिला-पुरुष शौचालय
प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण

पदयात्रा में नुक्कड़ सभाएं, ग्रामीणों का समर्थन

पदयात्रा के दौरान आंखमऊ, गुर्जरवाड़ा, मानेगांव और बागरा में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाजसेवी संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया।

कांग्रेस की चेतावनी

इस अवसर पर Madhya Pradesh Congress Committee की सह-प्रभारी श्रीमती उषा नायडू ने कहा—
“कोरोना काल के बाद पूरे देश में रेल सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यहां विधायक-सांसदों की उदासीनता के कारण स्टॉपेज बहाल नहीं हुए। भाजपा को अपने रेल मंत्री से मिलकर क्षेत्र को सुविधा दिलानी चाहिए। यह उनकी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि 14 अप्रैल तक यदि ट्रेनों के स्टॉपेज शुरू नहीं किए गए तो कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
बड़ी मौजूदगी

ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवाकांत पांडे जिला अध्यक्ष, राजकुमार केलु उपाध्याय प्रदेश महासचिव, पुष्पराज पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव यशवंत सिंह राजपूत सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।




बागरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर कांग्रेस की पदयात्रा कल

माखननगर। बागरा रेलवे स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता एक बार फिर संगठित होने जा रही है। इस संबंध में 22 फरवरी 2026 (रविवार) को माखननगर से बागरा रेलवे स्टेशन तक जनहित पदयात्रा आयोजित करने का ऐलान कांग्रेस ने किया है। पदयात्रा का नारा है— “रेल रुकेगी, तरक्की बढ़ेगी”।

कांग्रेस के अनुसार, माखननगर क्षेत्र की 64 पंचायतों और लगभग 120 गांवों की जनता इस मांग से सीधे तौर पर प्रभावित है। कोरोना काल से पहले बागरा स्टेशन पर जिन यात्री ट्रेनों का ठहराव था, वह अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा
पदयात्रा के माध्यम से यह मांग रखी जा रही है कि बागरा रेलवे स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों का नियमित ठहराव पुनः सुनिश्चित किया जाए। आयोजकों का कहना है कि यह केवल यात्रा सुविधा का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों से जुड़ा मूल अधिकार है।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
इस जनहित पदयात्रा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे
प्रदेश सह-प्रभारी श्रीमती उषा नायर,
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओम पटेल,
पूर्व विधायक एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी  संजय शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष  शिवकांत (गुड्डन) पांडेय,प्रदेश महामंत्री  राजकुमार केलू उपाध्याय,
पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल,
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी

अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा में शामिल होकर एकजुटता और जनसंकल्प का परिचय दें, ताकि 64 पंचायतों और 120 गांवों की आवाज को अनसुना न किया जा सके।

यह पदयात्रा जिला कांग्रेस कमेटी नर्मदापुरम एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी माखननगर के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।