Sonam Raghuwanshi News : ढाबा मालिक साहिल यादव ने बताई सोनम को पुलिस के हवाले करने की पूरी कहानी

मेंघालय की राजधानी शिलांग में हनीमून मनाने गए इंदौर के नवदंपती राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। राजा रघुवंशी की हत्या और सोनम के लापता होने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया है।

‘रात 1 बजे रोती-बिलखती पहुंची थी सोनम’

गाजीपुर के एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि सोनम रात में बदहवास हालत में एक ढाबे पर मिली थी। ढाबा संचालक साहिल यादव ने बताया, “रात के लगभग 1 बजे सोनम रोते हुए आईं और घर पर फोन करने की गुजारिश की। मैंने अपना फोन दिया, उन्होंने बात की और फिर मैंने उन्हें किनारे बैठाया। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचित किया और पुलिस उन्हें लेकर चली गई।” साहिल के अनुसार, सोनम अकेली थीं और उन्होंने उस समय कुछ खास जानकारी नहीं दी थी।

‘पत्नी सोनम ही निकली हत्या की मास्टरमाइंड’

मेघालय पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश खुद उनकी पत्नी सोनम ने रची थी। पुलिस के अनुसार, सोनम ने मध्य प्रदेश से किराए के हत्यारों को बुलवाया और हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करवा दी। मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने बताया कि अब तक इस मामले में सोनम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने दी जानकारी

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में सात दिनों के भीतर अहम सफलता हासिल की है। तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनम ने स्वयं गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। हालांकि, एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस अभियान चला रही है।

‘हनीमून के बहाने रची गई थी हत्या की साजिश’

मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने सोमवार सुबह प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। उनकी पत्नी सोनम ने ही किराए के हत्यारों को बुलवाया और हनीमून के दौरान इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिलवाया। सोनम ने गाजीपुर पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जबकि तीन अन्य हमलावरों को पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है।




Gwalier News : ग्वालियर में आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 5 पर केस दर्ज; सभी फरार..

मध्य प्रदेश में आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा 2023 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्वालियर पुलिस ने मुरैना, श्योपुर और शिवपुरी जिलों के पांच अभ्यर्थियों पर दस्तावेजों में धोखाधड़ी और सॉल्वर के जरिए परीक्षा दिलवाने के आरोप में केस दर्ज किया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

जांच में पता चला कि इन अभ्यर्थियों ने जुलाई 2023 में अपने आधार कार्ड में बायोमेट्रिक और फोटो अपडेट कराया था, जिसमें असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर का फोटो डाला गया। इसके बाद जब 16 अगस्त से 15 सितंबर 2023 के बीच लिखित परीक्षा हुई तो उनके स्थान पर सॉल्वर ने परीक्षा दी। चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा के बाद इन अभ्यर्थियों ने फिर से आधार अपडेट करवाकर अपना असली फोटो और बायोमेट्रिक्स दोबारा डलवाए।

जिन पांच अभ्यर्थियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं
दीपक सिंह रावत निवासी श्योपुर
उमेश रावत निवासी सबलगढ़, मुरैना
हक्के रावत निवासी नरवर, शिवपुरी
इमरान निवासी जौरा, मुरैना
विवेक निवासी पोरसा, मुरैना

दस्तावेजों की जांच में खुली पोल
नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान जब दस्तावेजों की जांच की गई तो परीक्षा आवेदन में लगी फोटो और हस्तलिपि (हैंडराइटिंग) से मेल नहीं खाने पर मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल से रिकॉर्ड मंगवाया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से सॉल्वर के उपयोग की पुष्टि हुई।

पुलिस की कार्रवाई
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 14वीं वाहिनी विसबल के उपनिरीक्षक रघुनंदन शर्मा ने कंपू थाना ग्वालियर में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य धाराओं में मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

SSP ग्वालियर धर्मवीर सिंह का बयान
“प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चयनित अभ्यर्थियों ने परीक्षा में दूसरों को बैठाकर धोखाधड़ी की है। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपियों की तलाश जारी है।”




Sehore News : पुलिस ने एक युवक को बचाया जो अपने आपको एक कमरे में बंद कर गर्दन पर चाकू से गला काटने की कोशिश की

सीहोर के बुधनी में एक सनसनीखेज मामला आया है। एक युवक ने अपने आपको एक कमरे में बंद कर गर्दन पर चाकू से गला काटने की कोशिश की। युवक के इस तरह के कृत्य करते देख हर कोई दहल गया। सूचना पर डायल 100 पुलिस टीम पहुंची, लेकिन पुलिस का भी कहना नहीं मानने पर जेसीबी बुलवाकर दरवाजा तोड़ा गया और युवक को बचा लिया गया। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक ने आत्महत्या करने के प्रयास का पुलिस पता लगा रही है। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है।

राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल 112/100 में पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि बुधनी थाना क्षेत्र के गोकुलधाम कॉलोनी में सोमवार को एक युवक ने खुद को कमरे में बंद कर गला काटने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद तत्काल बुधनी थाना क्षेत्र में तैनात डायल 112/100 वाहन को मदद के लिए रवाना किया गया।

बताया जाता है कि मौके पर पहुंचे आरक्षक रोहित चौहान और पायलेट नवीन्द्र दायमा ने देखा कि युवक खून से लथपथ हालत में कमरे में बंद था और चाकू से गला काटकर कर आत्महत्या की कोशिश कर रहा था। उसके गले से काफी मात्रा में रक्त भी बह गया था। पुलिस टीम ने युवक को बचाने कमरे का दरवाजा खोलने का कहा, लेकिन युवक ने पुलिस की एक नहीं सुनी और पुलिस जितनी बार दरवाजा खोलने की कहती, युवक चाकू का उतना तेज प्रहार गले में करता।

जेसीबी से दरवाजा तोडक़र बचाई युवक की जान

युवक के बचाने के असफल प्रयास के बाद डायल 100 पुलिस ने तत्काल थाना प्रभारी को सूचना दी। थाना प्रभारी के निर्देश पर डायल 100 पुलिस ने जेसीबी मशीन को बुलवाया गया। जिसकी सहायता से कमरे का गेट तोड़ा गया। युवक को बाहर निकालकर एफआरवी वाहन से बुधनी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।




Shahdol News : शहडोल पुलिस समीक्षा बैठक में डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश

भाग प्रभारी और विशेष पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) योगेश मुद्रुल ने हाल ही में शहडोल में एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में संभाग के अपराध, कानून-व्यवस्था और पुलिस की जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में शहडोल जोन के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग शर्मा, शहडोल के एसपी रामजी श्रीवास्तव, उमरिया की एसपी श्रीमती निवेदिता नायडू और अनूपपुर के एसपी मोती उर रहमान शामिल हुए।

बैठक में योगेश मुद्रुल ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को कम करना बेहद जरूरी है। साथ ही, जो नाबालिग बच्चे लापता हैं, उनकी तलाश तेजी से करने को कहा गया। योगेश मुद्रुल ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य समाज में लोगों को सुरक्षित महसूस कराना है, इसके लिए हमें मजबूत और सख्त कदम उठाने होंगे।”

कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हुई बात

समीक्षा बैठक में कई और जरूरी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। खास तौर पर गंभीर अपराधों और बार-बार अपराध करने वालों की जमानत रद्द करने, लाउडस्पीकर के उपयोग पर नियंत्रण रखने और साइबर अपराध को लेकर लोगों को जागरूक करने की योजनाएं बनाई गईं। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि हमें हर स्तर पर अभियान चलाने होंगे ताकि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सही तरीके से लागू किया जा सके।

बैठक में यह भी तय हुआ कि नशे पर रोक लगाने के लिए खास अभियान चलाए जाएं और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो। इसके अलावा, शहडोल संभाग के सभी थानों में जब्त किए गए वाहनों और पुराने ई-वेस्ट को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया।

दिए गए ये निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पदों को जल्द भरा जाए। साथ ही, सरकारी आवासों और पुलिस वाहनों की कमी को दूर करने के लिए जरूरी प्रस्ताव भेजे जाएं। उमरिया की एसपी निवेदिता नायडू ने कहा, “हमें यह तय करना होगा कि हमारे पुलिसकर्मी सभी जरूरी संसाधनों के साथ काम करें ताकि वे जनता की बेहतर सेवा कर सकें।”

बैठक का समापन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देशों के साथ हुआ। यह भी जोर दिया गया कि पुलिस सिर्फ अपराध से निपटने में ही नहीं, बल्कि उनके खुद के भले के लिए भी काम किया जाए।

इन सभी उपायों से शहडोल संभाग में पुलिस व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है। इससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेष पुलिस महानिदेशक योगेश मुद्रुल के नेतृत्व में इस तरह की बैठकें आगे भी होती रहेंगी, जिससे पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध बन सके।