थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर की पहल: हर मंगलवार होगी जनसुनवाई, पहले दिन पहुंचे 5 आवेदक
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
माखननगर। थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब प्रत्येक मंगलवार को थाना परिसर में नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
मंगलवार को आयोजित पहली जनसुनवाई में कुल 5 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें से दो मामले पारिवारिक विवाद से संबंधित थे, जिनमें दोनों पक्षों को समझाइश देकर मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया और विवाद का निराकरण किया गया।
इसके अलावा दो मामले भूमि विवाद से जुड़े पाए गए। चूंकि यह विषय राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए संबंधित आवेदकों को उचित कार्रवाई के लिए तहसील कार्यालय जाने की सलाह दी गई।
वहीं एक आवेदक ने झूठे प्रकरण में फंसाने की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस द्वारा पहले से विवेचना की जा रही है। जनसुनवाई के दौरान आवेदक को मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए उसकी शिकायत के निराकरण का भरोसा दिलाया गया।
थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि अब से प्रत्येक मंगलवार दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक थाना परिसर में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की पुलिस संबंधी समस्या या शिकायत है, तो वे निर्धारित समय पर थाने में उपस्थित होकर अपनी बात रख सकते हैं।
पन्ना में रिश्तों का खून: सास बनी हैवान, 7 माह की गर्भवती बहू को कुदाली से काट डाला
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
पन्ना (मध्यप्रदेश)। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात पन्ना जिला से सामने आई है, जहां एक सास ने अपनी ही गर्भवती बहू की निर्मम हत्या कर दी। घटना सिमरिया थाना क्षेत्र के मोहन्द्रा चौकी अंतर्गत ग्राम पडवार की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
मामूली विवाद बना मौत की वजह
बताया जा रहा है कि घरेलू कलह और आपसी विवाद ने ऐसा विकराल रूप लिया कि सास ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। गुस्से में आकर उसने अपनी 7 माह की गर्भवती बहू पर कुदाली से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
शिक्षक पति की सूचना पर खुला खौफनाक सच
14 मार्च को मृतका के पति और पेशे से शिक्षक दयाराम साहू ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी नीता साहू घर में अचेत अवस्था में पड़ी है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले और उसकी मौत हो चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। लगातार मिल रहे साक्ष्यों के आधार पर शक सास पर गया। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
खून से सनी कुदाली बरामद
आरोपी सास ने बताया कि घरेलू विवाद के चलते गुस्से में उसने बहू पर कुदाली से कई वार किए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से खून से सनी कुदाली भी बरामद कर ली है।
गिरफ्तारी के बाद जेल भेजी गई आरोपी
पुलिस ने आरोपी सास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों और बढ़ते घरेलू तनाव की भयावह तस्वीर है। सवाल यह है कि आखिर कब तक रिश्तों के नाम पर ऐसे खौफनाक अपराध होते
नर्मदा परिक्रमा कर रहे वृद्ध साधु ने मंदिर में फांसी लगाकर दी जान, पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
नर्मदापुरम। नर्मदा परिक्रमा कर रहे एक वृद्ध साधु ने ग्राम गुड़ला स्थित नर्मदा किनारे मंदिर में बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुमेर सिंह कुशवाह (70) पिता काशीराम कुशवाह निवासी चौबारा धीरा, देवास जिला, मध्य प्रदेश पिछले करीब तीन वर्षों से नर्मदा नदी की परिक्रमा कर रहे थे। परिक्रमा के दौरान वे ग्राम गुड़ला में नर्मदा किनारे स्थित एक मंदिर में ठहरे हुए थे।
ग्रामवासियों के अनुसार सुबह रामफेरी के दौरान जब लोग मंदिर पहुंचे तो उन्होंने महाराज को फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी अशोक कुमार बड़वड़े ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
Sagar News : बोर्ड परीक्षा देकर लौट रही छात्रा पर कटर से हमला, हालत गंभीर
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के मकरोनिया थाना क्षेत्र में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा पर एक सिरफिरे युवक ने कटर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
परीक्षा केंद्र से निकलते ही किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार छात्रा शनिवार दोपहर करीब 2 बजे अपनी बोर्ड परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकली थी। तभी पहले से घात लगाकर बैठा आरोपी नीलेश (निवासी बंडा) बाइक से वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने पहले छात्रा से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी बात को लेकर विवाद होने पर उसने अपने पास रखे कटर से छात्रा पर लगातार वार कर दिए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
75 टांके आए, हालत नाजुक
हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छात्रा के शरीर पर कुल 75 टांके आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार उसकी पीठ पर 40, चेहरे पर 25 और कंधे पर 10 टांके लगाए गए हैं। अत्यधिक खून बह जाने के कारण छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
सोशल मीडिया स्टेटस भी जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लिखा था— “नाम बदनाम होने की चिंता छोड़ दी हमने, जब गुनाह होगा तो मशहूर भी होंगे…”। पुलिस इस स्टेटस को भी जांच का हिस्सा मानते हुए डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
पीड़ित छात्रा के परिजनों ने मकरोनिया पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी लंबे समय से छात्रा को परेशान कर रहा था और इसकी शिकायत पहले ही थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय पर कदम उठाती तो यह घटना टल सकती थी।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि आरोपी बालिग है और खेत पर काम करता है। वारदात के बाद वह अपने घर गया, बाइक खड़ी की और फरार हो गया। पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
कुख्यात बदमाश राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद भी नहीं पहुंची कोई एजेंसी, सात दिन बाद भेजा गया जेल
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
भोपाल। भोपाल के अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे के सरदार और कुख्यात बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने के लिए लंबे समय तक पांच से अधिक राज्यों की पुलिस भोपाल में सक्रिय रही, लेकिन गिरफ्तारी के बाद कोई भी एजेंसी उसे लेने नहीं पहुंची। आखिरकार सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार राजू ईरानी के खिलाफ कोलकाता (पश्चिम बंगाल), गुरुग्राम, महाराष्ट्र, जयपुर और दिल्ली सहित कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर लूट, संगठित अपराध, धोखाधड़ी और फरारी जैसे आरोप हैं। बताया जा रहा है कि वह बीते चार वर्षों से सात से अधिक राज्यों की पुलिस के लिए वांटेड था।
लंबे समय से तलाश, कई बार हुई दबिश
जानकारी के मुताबिक अलग-अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से राजू ईरानी की तलाश कर रही थी और भोपाल में कई बार दबिश भी दी गई थी। पिछले सप्ताह सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद भोपाल की निशातपुरा पुलिस उसे सूरत से भोपाल लेकर आई।
सात दिन की पूछताछ, लेकिन प्रोडक्शन वारंट नहीं
भोपाल लाए जाने के बाद राजू ईरानी से सात दिनों तक गहन पूछताछ की गई। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी अन्य राज्य की पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे अपनी कस्टडी में लेने की पहल नहीं की। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बीमारी का बहाना, डोजियर तैयार
पूछताछ के दौरान राजू ईरानी बीमारी का हवाला देकर सवालों से बचने की कोशिश करता रहा। पुलिस ने उससे डोजियर भरवाया है, जिसमें उसके रिश्तेदारों और गिरोह से जुड़े लोगों की विस्तृत जानकारी दर्ज की गई है।
विदेश जाने की बात भी आई सामने
अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में राजू ईरानी ने कर्नाटक के पते पर बने पासपोर्ट के जरिए विदेश जाने की बात स्वीकार की थी, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल वह जेल में बंद है और अन्य राज्यों की पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए नर्मदापुरम पुलिस ने जारी की विशेष यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम पुलिस ने माखन नगर स्थित तहसील ग्राउंड पर दिनांक १५ जनवरी, गुरुवार को आयोजित होने वाले माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम के मद्देनज़र शहर में विशेष यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की घोषणा की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान सुचारू एवं सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।
यातायात प्रबंधन
कार्यक्रम के दिन प्रातः ०८ बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्ति तक कुछ मुख्य मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। मुख्यमंत्री के आवागमन या रोड शो के समय मुख्य मार्गों पर यातायात को कुछ देर के लिए रोका जा सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने तथा ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
निर्धारित पार्किंग स्थल
कार्यक्रम में शामिल होने आने वाले लोगों की सुविधा के लिए निम्नलिखित क्षेत्रवार पार्किंग स्थल तय किए गए हैं:
· पिपरिया/सोहागपुर से आने वाले वाहनों के लिए:सुमित्रा पब्लिक स्कूल, माखन नगर
· नर्मदापुरम से आने वाले वाहनों के लिए: अनाज मंडी, माखन नगर
· बागरा तवा रोड से आने वाले वाहनों के लिए: मंगलदीप मैरिज गार्डन, बागरा रोड, माखन नगर
· वैकल्पिक पार्किंग: अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर आरी रोड पर पार्किंग उपलब्ध होगी।
विशेष निर्देश एवं प्रतिबंध
· हेलीपेड से सिरवाड़ रोड होते हुए माखन लाल चतुर्वेदी प्रतिमा तक के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा कारणों से पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी।
· अनाधिकृत पार्किंग करने पर कानूनी कार्रवाई एवं वाहन हटाने की कार्यवाही की जाएगी।
· आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर एम्बुलेंस के आवागमन को बिना रुकावट जारी रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
· शासकीय वाहनों की पार्किंग कार्यक्रम स्थल के सामने एमपीईबी परिसर में की जाएगी।
सहयोग की अपील
नर्मदापुरम पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि उनके सहयोग से ही यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रह सकती है और किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले नागरिकों से अनुरोध है कि समय से पहले पहुँचकर निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा स्थानीय पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
यहाँ उस समाचार लेख के लिए एक उपयुक्त डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) दिया गया है, जिसे आपने प्रदान की गई जानकारी के आधार पर तैयार किया है:
अस्वीकरण (Disclaimer) : यह समाचार लेख नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना एवं निर्देशों पर आधारित है। इसे सार्वजनिक सूचना एवं जनहित के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
शराब के पैसे नहीं देने पर चाकू-डंडों से हमला, दो युवक गंभीर घायलगढ़ा थाना क्षेत्र में सनसनी, बदमाश फरार
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
जबलपुर। जिले के गढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत शराब के लिए पैसे नहीं देने पर बदमाशों द्वारा चाकू और डंडों से किए गए हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे घर के बाहर टहल रहे दो युवकों पर 4 से 5 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायलों को परिजनों द्वारा तत्काल जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला
गढ़ा थाना क्षेत्र के एकता विहार रतननगर निवासी 33 वर्षीय अभिनव काव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभिनव पेशे से इंजीनियरिंग का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम लगभग 7:30 बजे वह अपने साथी ज्ञानेन्द्र तिवारी के साथ बंशल जी के घर के पास खड़े होकर बातचीत कर रहा था।
इसी दौरान लगभग 50 मीटर की दूरी पर बिजली के खंभे के नीचे इंद्रा बस्ती निवासी कार्तिक सेन अपने साथियों सौरभ समन, चीकू पटेल और साहिल के साथ झुंड बनाकर खड़ा था। उसी समय सुप्तेश्वर मंदिर की ओर से अभिनव के बड़े भाई अभिजीत काव और उनके मित्र सलभ शुक्ला टहलते हुए वहां पहुंचे।
जैसे ही अभिजीत काव और सलभ शुक्ला कार्तिक सेन और उसके साथियों के पास पहुंचे, कार्तिक सेन ने बिना किसी कारण के सलभ शुक्ला को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद कार्तिक सेन और उसके साथ खड़े सौरभ समन, साहिल और चीकू पटेल ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे।
पैसे देने से मना किया तो निकाला चाकू
अभिजीत काव और सलभ शुक्ला द्वारा पैसे देने से मना करने पर विवाद अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि कार्तिक सेन ने चाकू निकालकर जान से मारने की नीयत से सलभ शुक्ला पर ताबड़तोड़ 3 से 4 वार किए, जिससे उन्हें कमर के नीचे गंभीर चोटें आईं।
जब अभिजीत काव अपने मित्र को बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगे, तो सौरभ समन ने किसी ठोस वस्तु से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे अभिजीत काव को भी गंभीर चोट आई। वहीं साहिल और चीकू पटेल ने दोनों के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की।
हमलावरों ने जाते-जाते चारों को जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए।
पैसे भी छीने
घायल सलभ शुक्ला ने अभिनव काव को बताया कि उसकी टी-शर्ट की जेब में रखे करीब 1 हजार रुपये भी आरोपियों ने छीन लिए। घटना के बाद अभिनव काव ने तत्काल दोनों घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
गढ़ा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 311, 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इलाके में दहशत
इस घटना के बाद गढ़ा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब के लिए पैसे मांगने और विरोध करने पर मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल दोनों घायलों का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
थाने से 50 मीटर दूर पत्रकार पर जानलेवा हमला, 112 पर भी नहीं मिला रिस्पॉन्स
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
रीवा : सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर कस्बे में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिस थाने की नाक के नीचे भी वार करने से नहीं हिचक रहे। बीती रात बैकुंठपुर थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थानीय पत्रकार सुरेश कचेर पर जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हालत में उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हमला स्थल थाने के बिल्कुल समीप होने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। घायल पत्रकार का आरोप है कि हमले के दौरान और उसके बाद लगातार डायल 112 और थाना प्रभारी को फोन किए गए, लेकिन सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। यह देरी पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बेखौफ होकर पत्रकार के साथ मारपीट करते रहे और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पुलिस का कहीं कोई अता-पता नहीं था। यदि घटना थाने के इतने करीब न हुई होती, तो शायद इसे सामान्य लापरवाही कहा जा सकता था, लेकिन थाना से 50 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश फैला दिया है।
‘पिज्जा 30 मिनट में आता है, पुलिस घंटों नहीं आती’
घायल पत्रकार का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे जन प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “आज के दौर में पिज्जा 30 मिनट में पहुंच जाता है, लेकिन पुलिस घंटों में भी मौके पर नहीं आती। जब थाने के सामने एक पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी किसके भरोसे जिए?”
जन प्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक, पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र में गुंडाराज चरम पर है और पुलिस केवल मूकदर्शक बनी हुई है। उनका आरोप है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है, क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करेगी।
पत्रकारों और जनता में भारी आक्रोश
इस घटना को लेकर पत्रकार जगत में भी भारी रोष है। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने इसे सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा प्रहार बताया है। उनका कहना है कि यदि एक पत्रकार, जो समाज की आवाज उठाता है, वह थाने के पास भी सुरक्षित नहीं है, तो लोकतंत्र की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बैकुंठपुर में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। लोगों का आरोप है कि कई मामलों में पीड़ितों को ही डराने या दबाव में लेने के लिए उल्टे उनके खिलाफ ही प्रकरण दर्ज कर दिए जाते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद भी उल्टा मामला!
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मारपीट का वीडियो सामने आने के बावजूद पुलिस ने मार खा रहे लोगों के खिलाफ ही कथित रूप से फर्जी मामला क्यों दर्ज कर दिया। इस कदम से पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पीड़ितों को ही आरोपी बना दिया जाएगा, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करेगा।
आंदोलन की चेतावनी
जन प्रतिनिधियों और पत्रकार संगठनों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो एसपी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक न्याय की गुहार लगाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ बैकुंठपुर, बल्कि पूरे जिले की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। अगर पुलिस 50 मीटर की दूरी पर भी सुरक्षा नहीं दे सकती, तो वर्दी पहनने का नैतिक अधिकार खो बैठती है—ऐसी भावना अब आम जनता और पत्रकारों के बीच तेजी से पनप रही है।
ऑनलाइन लोन एप के जाल में फंसा व्यवसायी
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
साइबर ब्लैकमेलिंग से 8.50 लाख रुपये की ठगी, कोतवाली पुलिस जांच में जुटी
खंडवा। ऑनलाइन लोन एप के जरिए साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आया है। ग्राम जसवाड़ी निवासी खाद-बीज व्यवसायी से अज्ञात साइबर ठगों ने डर और धमकी देकर करीब 8 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।
पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ साइबर अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार करीब दो माह पूर्व उनके इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर लोन से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करने पर “केश रूपी” नामक एप्लीकेशन मोबाइल में डाउनलोड हो गई। एप में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरने के बाद उनके यूपीआई खाते में 2,000 रुपये का लोन जमा हो गया।
कुछ दिनों बाद पीड़ित ने उक्त लोन की राशि लौटा दी और एप को मोबाइल से डिलीट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को केश रूपी एप से जुड़ा बताते हुए लोन बकाया होने की बात कही। पीड़ित द्वारा भुगतान किए जाने की जानकारी देने पर भी आरोपित ने इसे मानने से इनकार कर दिया और अलग-अलग यूपीआई आईडी पर राशि भेजने का दबाव बनाने लगा।
फोटो एडिट कर बदनाम करने की धमकी जब पीड़ित ने भुगतान से इनकार किया, तो आरोपित ने मोबाइल की गैलरी से फोटो हैक कर उन्हें अश्लील रूप में एडिट किया और स्वजन व रिश्तेदारों को वायरल करने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित भयभीत हो गया।
60 यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर की रकम
डर के कारण पीड़ित ने आरोपित द्वारा भेजी गई करीब 60 अलग-अलग यूपीआई आईडी पर किश्तों में कुल 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपित की धमकियां जारी रहीं। मानसिक तनाव से परेशान होकर पीड़ित ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और सिम कार्ड भी तोड़कर फेंक दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को अश्लील एडिटेड फोटो और यूपीआई ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला ऑनलाइन लोन एप के जरिए की जाने वाली साइबर ब्लैकमेलिंग का है, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इंटरनेट मीडिया पर दिखाई देने वाले लोन विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लोन एप में अपनी निजी जानकारी, फोटो, संपर्क सूची या ओटीपी साझा न करें। आवश्यकता पड़ने पर केवल आरबीआई से पंजीकृत और विश्वसनीय वित्तीय संस्थानों से ही लोन लें।
माखन नगर में युवक की नृशंस हत्या, कुएं में मिला शव
written by Denva Post Bureau | 17/06/2026
मोबाइल कॉल के बाद घर से निकला था मृतक, तीन नामजद आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज
नर्मदापुरम। माखन नगर थाना क्षेत्र में एक युवक की नृशंस हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम गुज़रवाड़ा मरघटा के पास से सूखा कुएं से 21 वर्षीय युवक का शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान संजय कहार (21 वर्ष) निवासी सिलारी कॉलोनी, माखन नगर के रूप में हुई है। मृतक के मामा देवेन्द्र कहार की शिकायत पर माखन नगर थाने में अपराध क्रमांक 831/25 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 28 दिसंबर 2025 की रात करीब 9.30 बजे संजय के पास सागर कुचबंदिया का फोन आया, जिसमें उसे मिलने के लिए बुलाया गया। इसके बाद संजय घर से निकल गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
29 दिसंबर की रात करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम गुजरवाड़ा मरघटा के एक कुएं में शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने शव की पहचान संजय के रूप में की। शव को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि संजय की छाती, पेट और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई।
एफआईआर में सागर कुचबंदिया, उसका भाई पारस कुचबंदिया तथा कुलदीप अहिरवार (डोंगा मोहल्ला) को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि तीनों ने मिलकर संजय के साथ मारपीट कर उसे धारदार हथियार से घायल किया और शव को कुएं में फेंक दिया।
माखन नगर थाना प्रभारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।