Mandsaur News : मंदसौर में, परिवार ने अपनी बेटी के प्रेम विवाह के बाद उसके लिए एक अंत्येष्टि भोज का आयोजन किय

Mandsaur: In Mandsaur, family organized a funeral feast for their daughter after she married for love

तेरहवीं का पूजन करते परिजन।

मंदसौर में एक बार फिर जिंदा युवती का मृत्यभोज आयोजित करने का मामला सामने आया है। युवती ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ अपने प्रेमी के साथ घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया, जिसके बाद परिजनों ने युवती को मृत मानकर उसके नाम से शोक पत्रिका छपवाई और रविवार को परिजनों ने युवती के चित्र पर माल्यार्पण कर धूप ध्यान कर तेरहवीं की रस्में अदा कर दी। यह खबर इलाके में चर्चा का विषय भी बन गई है।

मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने जब प्रेमी के साथ प्रेम विवाह कर लिया, जिससे नाराज होकर परिजनों ने युवती को मृत मानकर अपने रिश्तेदारों को आमंत्रित कर उसकी तेरहवीं की रस्में पूरी कर दी। जिले के ग्राम शक्करखेड़ी निवासी उमेश पाटीदार की बहन ‘भगवती’ अपने प्रेमी दीपक पाटीदार निवासी तितरोद के साथ 25 नवंबर को घर से बिना बताए चली गई और प्रेमी दीपक पिता जगदीश पाटीदार के साथ प्रेम विवाह कर लिया।

इस बात की सूचना जब परिवार वालों को लगी तो यह बात परिजनों को नागवार गुजरी। जिसके बाद भाई उमेश पाटीदार ने युवती को मृत मानकर गौरनी पत्रिका छपवाई और रिश्तेदारों को एक दिसंबर को सुबह 9 बजे गोरनी कार्यक्रम में आमंत्रित किया। परिजनों ने रिश्तेदारों के समक्ष गोरनी कार्यक्रम के तहत घर में युवती की फोटो सामने रखकर तेरहवीं की रस्में पूरी की। किसी के मरने के बाद जिस तरह तेरहवीं का आयोजन किया जाता है, ठीक वैसे परिवार वालों ने युवती की रस्में अदा की।

बता दें कि मंदसौर जिले में हाल ही में यह दूसरा मामला है। इससे पहले भी मंदसौर के ही दलावदा गांव में एक युवती ने ऐसे ही अपने प्रेमी के साथ प्रेम विवाह किया था तो परिवार वालों ने 13वीं का कार्यक्रम किया था, जिसकी खबर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।




Mandsaur News : झाड़ियों में मिला महिला का शव, पुलिस ने गला घोंटकर हत्या का जताया संदेह

Mandsaur: Woman's body found in bushes, police expressed suspicion of murder by strangulation

पुलिस मामले की जांच में जुटी है

मंदसौर जिले के दलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम आक्या-उमाहेड़ा रोड़ पर एक महिला का शव मिला है। सूचना पर दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को पीएम के लिए शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया। पुलिस ने आशंका जताई है कि महिला की गला घोंटकर हत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मंदसौर के दलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम आक्या-उमाहेड़ा मार्ग पर सुबह झाड़ियों में एक महिला का शव मिला। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची दलौदा थाना पुलिस ने मौका मुआयना कर महिला की शिनाख्तगी के प्रयास किए। इसमें सामने आया कि महिला ग्राम धमनार की निवासी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी गौतम सोलंकी, एसडीओपी कीर्ति बघेल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

एएसपी गौतम सोलंकी ने बताया कि मृतक महिला धमनार की निवासी थी। प्रथमादृष्टया प्रतीत हो रहा है कि महिला की गला घोंटकर हत्या की गई है। महिला के शव को पीएम के लिए धुंधडका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




Mandsaur News : मंदसौर में डिलीवरी बॉय ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या

Mandsaur News Delivery boy commits suicide by jumping in front of train

मृतक

मंदसौर में जोमैटो डिलीवरी बॉय ने शुक्रवार रात अज्ञात कारणों के चलते पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के ग्राम थड़ोद के निकट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को शव का पीएम करवाने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया। बताया जा रहा है कि मृतक पहले भी एक बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था।

बता दें कि पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के बालगुड़ा निवासी नीलेश पिता लक्ष्मीनारायण प्रजापति उम्र 34 वर्ष ने शुक्रवार रात थड़ोद गांव के निकट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक निलेश शुक्रवार को एक विवाह समारोह में शामिल होकर शाम को ही परिवार के साथ घर लौटा था। इसके बाद वह काम पर चला गया। रात करीब नौ बजे क्षत-विक्षत अवस्था में उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। घटना स्थल के निकट ही उसकी बाइक और डिलीवरी बैग मिला।

मृतक पिछले एक साल से जोमैटो में डिलीवरी बॉय का काम कर रहा था। इससे पहले वह ट्रैक्टर मैकेनिक का काम करता था। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले भी मृतक निलेश ने आत्महत्या की कोशिश की थी। लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया था। मामले में पिपलियामंडी पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी।




Mp Lok Sabha Election 2024 चौथे चरण की 8 सीटों पर मतदान देवास उज्जैन रतलाम इंदौर

वोट जरूर डालें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपन राजन ने एक वीडियो जारी कर लोगों से मतदान करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो साझा कर कहा कि आज प्रदेश के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है, आप सभी से अनुरोध है कि मतदान केंद्र पर वोटर पर्ची के साथ कोई भी पहचान पत्र लेकर जाएं और वोट जरूर डालें। मतदाता सूची में आपका नाम होना जरूरी है।

पोलिंग बूथों के बाहर लगी लाइनें

रतलाम और खंडवा में मतदान शुरू होने से पहले ही वोटरों की लाइन लग गई हैं। सुबह छह बजे से ही लोग मतदान करने के लिए घरों से बाहर निकलकर पोलिंग बूथ पहुंचे और जल्द मतदान करने के लिए लाइन में गए।

खंडवा के 90 वर्षीय बुजुर्ग मतदाता धनपाल जैन सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंच गए। उनकी जिद थी कि वे सबसे पहले मतदान करेंगे। यह वाक्या खंडवा के बूथ क्रमांक 165 का है।

आठ सीटों पर 74 प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण की आठ सीटों पर 74 प्रत्याशी चुनावी मैदान हैं। इनमें 69 पुरुष और 5 महिलाएं हैं। सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार इंदौर में और सबसे कम पांच खरगोन में हैं। लेकिन, इंदौर में कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं है। इन आठ सीटों पर एक करोड़ 63 लाख 70 हजार 654 मतदाता मतदान करेंगे।

Mp Lok Sabha Phase 4 Election Live: चौथे चरण की आठ सीटों पर मतदान शुरू, धार में आंधी-बारिश से बूथ का टेंट गिरा

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में आज मध्य प्रदेश की आठ सीटों पर मतदान होगा। सुबह सात बजे से सभी पोलिंग बूथ पर मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे पहले सुबह छह बजे मॉक पोल शुरू किया गया। सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान होगा।

इन आठ सीटों पर मतदान

आज सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, रतलाम, मंदसौर, खंडवा और धार सीट पर मतदान है। इनमें से ज्यादातर जिलों में मौसम भी खराब है। धार के मनावर में आंधी और बारिश के कारण एक बूथ का टेंट गिर गया।




Mandsaur News : पिता के अंतिम संस्कार के लिए लिए थे पैसे, साहूकार परेशान करने लगा तो कर ली आत्महत्या

Mandsaur: Money was taken for father's funeral, moneylender started harassing him and he committed suicide

मंदसौर के शामगढ़ थाना क्षेत्र में सूदखोर से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली।
– फोटो : सोशल मीडिया

मंदसौर जिले में सूदखोरों से परेशान एक युवक ने आत्महत्या कर ली। उसने पिता के मृत्युभोज के लिए उधार लिया था. चुका नहीं पाया तो सूदखोर तंग करने लगे। पांच महीने चली जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।

मंदसौर जिले में सूदखोरी अभी भी थम नहीं रहीं है। सूदखोरी का कारोबार दलदल जैसा है, जिसमें व्यक्ति फंसता है तो वापस बाहर ही नहीं निकल पाता है और आखरी में अपनी जान गंवा देता है। साल 2022 में पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाया तो सामने आया कि कई लोगों को तो पता भी नहीं कि उनकी जमीन सूदखोर निगल गया, किसी के दुकान पर कब्जा कर लिया। पुलिस द्वारा दो महीने चलाई गई इस मुहिम से 105 लोगों को सूदखोरों के आतंक से मुक्ति मिली थी। हालांकि मुहिम बंद हो गई और फिर सूदखोरी का धंधा शुरू हो गया। एक बार फिर सूदखोरी से परेशान होकर एक को जान देने को मजबूर होना पड़ा। ताजा मामला शामगढ़ थाना क्षेत्र में सामने आया है।

पुलिस ने बताया कि शामगढ़ थाना क्षेत्र में घट्टिया गांव में 27 अगस्त को भगतराम पिता मांगीलाल मौर्या (55) ने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। करीब पांच महीने चली जांच के बाद पुलिस ने तीन लोगों पर सूदखोरी, आत्महत्या के लिए उकसाने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

मूल से ज्यादा ब्याज चुकाने के बाद भी ब्याज के लिए बनाया जा रहा था दबाव

पुलिस के अनुसार मृतक भगत राम ने पिता के मृत्यु भोज और बेटे के इलाज में खर्च ज्यादा हो जाने के चलते आरोपी शंभु सिंह निवासी बरखेडा, करण सिंह सौंधिया निवासी गरडा, मोहनलाल बलाई निवासी गंगपुरा का खेड़ा जिला झालावाड़ से डेढ़ लाख उधार लिए थे। मृतक की ओर से 3 लाख रुपये चुका देने के बाद भी आरोपियों की ओर से मृतक को ब्याज चुकाने के लिए धमकाया जा रहा था। आरोपियों ने ब्याज की वसूली के लिए मृतक की जमीन और भैस देने के लिए दबाव बना रहे थे। मृतक ने आरोपी करण सिंह से 20 हजार उधार लिए थे। 30 हजार लौटने के बाद भी वह एक लाख मांग रहा था। आरोपी भेरू लाल बलाई से 15 हजार उधार लिए थे। इसके बदले वह मृतक को धमकाकर उसकी 90 हजार की भैंस ले गया। आरोपियों की धमकियों परेशान होकर मृतक ने खेत पर पांच माह पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शामगढ़ पुलिस ने तीनो आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रताडित करने, सूदखोरी और एससीएसटी एक्ट के अपराध में प्रकरण दर्ज किया है।

31 सूदखोर हुए थे गिरफ्तार

पुलिस ने 2022 नवबंर और दिसबंर माह में सूदखोरों के खिलाफ अभियान छेड़ा था। जिलेभर में 21 प्रकरण सूदखोरों के खिलाफ पंजीबद्ध किए गए। इन 21 प्रकरणों में 35 आरोपी बनाए। इसमें से 31 सूदखोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।




Mandsaur News : कोर्ट ने एसडीएम और तहसीलदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और माफी मांगने का निर्देश दिया

In Mandsaur, the court directed to impose a fine of Rs 1 lakh and apologize on the SDM and Tehsildar.

कोर्ट ने लगाई एसडीएम और तहसीलदार को फटकार
– फोटो : social media

हाईकोर्ट ने मंदसौर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को जमकर लताड़ लगाई है। एक मामले में 13 साल से लापरवाही बरती गई। सिविल कोर्ट के निर्णय के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया, जबकि इसकी शिकायत सीएम तक की गई थी। इसके बाद भी प्रशासन कोर्ट के आदेश को मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। यहां हाईकोर्ट ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को जमकर लताड़ लगाई। एक लाख का जुर्माना और कोर्ट में आकर माफी मांगने का आदेश दिया है।

इस मामले में अभिभाषक मुकेश माली ने जानकारी देते हुए बताया की मुल्तानपुरा में चारभुजानाथ मंदिर स्थित है, जिसको प्रशासन अपना बता रहा था। मामला सिविल कोर्ट में गया। इसके बाद कोर्ट ने इसे प्रशासन का मंदिर नहीं मानते हुए निजी बताया। इस संबंध में आदेश भी जारी कर फरियादी के पक्ष में फैसला सुनाया।

ये फैसला 2011 में कोर्ट ने सुनाया गया। इसके बाद कितने ही कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार आए, लेकिन किसी ने कोर्ट के आदेश को नहीं माना। इस मामले में अभिभाषक मुकेश माली ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में कंटेन भी लिखा। हमने सीएम हेल्पलाइन से लेकर सीएम सहित कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। इसके बाद भी प्रशासन इस मामले में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा था। इसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यहां हाईकोर्ट ने फरियादी पक्ष को सुना।

न्यायाधीश विवेक रुसिया की अदालत ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इतने सालों तक कोर्ट का आदेश नहीं मानने का कारण प्रशासन के वकील से पूछा। कोर्ट ने सख्त लहजा अपनाते हुए कलेक्टर, तहसीलदार और एसडीएम पर एक लाख का जुर्माना लगाया। वहीं कोर्ट में पेश होकर माफी मांगने के आदेश दिए। इस मामले में फरियादी पक्ष को न्याय दिलाने में अभिभाषक मुकेश माली की भूमिका महत्वपूर्ण रही।




Mandsaur : प्रिंसिपल ने गैंग रेप पीड़िता की पढ़ाई पर होने वाले खर्च का नोटिस कलेक्टर को सौंपा

Mandsaur: Principal handed over notice of expenditure on gang rape victim's education to collector

शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार


गैंगरेप पीड़िता की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए किया था। अब इंदौर स्कूल की प्राचार्य ने पीड़िता का नाम लिखकर 14 लाख से अधिक बकाया राशि का नोटिस परिवार सहित इंदौर कलेक्टर व अन्य अधिकारियों को भेज दिया। इसके बाद से मामले ने तूल पकड़ा और नेता से लेकर अधिकारी तक हरकत में आ गए। आनन-फानन में बुधवार को शिक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची और मासूम पीड़िता और उसकी बहन का रिकॉर्ड लेकर गई है।

इधर, मंदसौर के पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने गैंगरेप पीड़िता का नाम सार्वजनिक करने पर प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मंदसौर के वर्तमान विधायक विपिन जैन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर बकाया राशि जमा करवाने को कहा है। 

इन्हें भेजा बकाया राशि का नोटिस 

14 लाख की बकाया राशि में स्कूल प्रबंधन ने 2018 से 2023-24 शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई, हॉस्टल सुविधा, डीजल, गैस समेत अन्य खर्च शामिल बताया है। पीड़िता वर्तमान में कक्षा छठी में तथा उसकी बड़ी बहन 11वीं में है। स्कूल ने इसकी प्रति इंदौर कलेक्टर, ज्वाइंट डायरेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी तथा पीड़िता के पिता को भी भेजी है।

लगातार परेशान हो रहा पीड़िता का परिवार 

मामले के अनुसार 26 जून 2018 को मंदसौर के हाफिज कॉलोनी में स्थित एक निजी स्कूल से घर जाते वक्त मासूम बच्ची को अज्ञात बदमाश चॉकलेट दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया था। बाद में लक्ष्मण दरवाजा स्थित झाड़ियों में ले जाकर मासूम के साथ दोस्त के साथ मिलकर ज्यादती की थी। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मासूम को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया था। यहां तत्कालीन सीएम शिवराज ने पीड़िता को बेटी माना था। वहीं पीड़ित और उसकी बहन की पढ़ाई का खर्च सरकार द्वारा वहन करने की बात कही थी, लेकिन बीते वर्ष भी फीस जमा नहीं करने पर स्कूल प्रबंधन ने पीड़िता का रिजल्ट रोक दिया था, लेकिन सीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझा था। यानि ये कहें कि सरकार ने इसका स्थाई निदान नहीं किया। इसलिए पीड़िता और उसके परिवार को पुनः परेशान होना पड़ा।

अनवरत चल रही है बच्चियों की पढ़ाई

पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने कहा की मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम शिवराजसिंह चौहान ने जो मकान, दुकान और शिक्षा का खर्च वहन करने का वादा किया था। आज परिवार के पास मकान, दुकान है। 14 लाख बकाया राशि का नोटिस स्कूल प्रबंधन ने भेजा है। दोनों की शिक्षा अनवरत चल रही है। ना तो बालिका को स्कूल से निकाला है और न ही परीक्षा देने से रोका है। मैंने इंदौर के पूर्व और वर्तमान कलेक्टर से चर्चा की है। नाम प्राचार्य द्वारा नोटिस में लिखा गया ये बिल्कुल गलत है।

सीएम को पत्र लिखकर फीस जमा करवाने की मांग

विधायक विपिन जैन ने कहा की पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा जिम्मेदारी लेकर उसका पालन नहीं करना सरकार की लापरवाही है। मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पीड़िता और उनकी बहन की पढ़ाई व अन्य खर्च की बकाया राशि जमा करवाने तथा आगे भी इस तरह की परेशानी पीड़िता और उसके परिवार को नही झेलना पड़े, इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।




मंदसौर मंडी का मुनीम 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Mandsaur Accountant of Mandsaur Mandi arrested while taking bribe of Rs 20 thousand

आरोपी गिरफ्तार

मंदसौर कृषि उपज मंडी के लेखापाल को ईओडब्ल्यू उज्जैन की टीम ने 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लेखापाल द्वारा कांट्रेक्टर को मासिक देयक न देते हुए कांट्रेक्टर से राशि जारी करने की एवज में 78 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी, जिसकी शिकायत कांट्रेक्टर ने एसपी ईओडब्ल्यू से की थी। उसी को लेकर बुधवार को ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की और आरोपी लेखापाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

मंदसौर कृषि उपज मंडी कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां 20 हजार की रिश्वत लेते हुए ईओडब्ल्यू की टीम ने मंडी में पदस्थ प्रमुख लेखापाल हरीश कुमार वशिष्ठ को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता रवि राठौर ने बताया कि उसकी पारसलाल राठौर प्रोपाइटर वाल्मीकि कंस्ट्रक्शन का कृषि उपज मंडी में सब्जी मंडी की साफ-सफाई का ठेका जून 2023 में मंडी द्वारा स्वीकृत किया गया था। लेखापाल ने टेंडर की एवज में कांट्रेक्टर को मासिक देयक का भुगतान न करते हुए राशि जारी करने की एवज में आवेदक रवि राठौर से लेखापाल हरीश कुमार वशिष्ठ द्वारा 78 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

इसकी शिकायत रवि राठौर ने उज्जैन ईओडब्ल्यू एसपी दिलीप सोनी को की। इस पर एसपी दिलीप सोनी ने डीएसपी अजय कैथवास तथा अमित बट्टी के नेतृत्व में टीम गठित कर मंदसौर के लिए रवाना किया। जहां रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते हुए आरोपी लेखापाल हरीश कुमार वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया।




Mandsaur News : मंदसौर के गेहूं कांड में सात महिलाओं सहित 11 दोषियों को सजा, हर दोषी पर साढ़े चार लाख का अर्थदंड

MP News: Verdict in Mandsaur wheat case, punishment given to 11 culprits, fine of Rs 4.5 lakh on each culprit

मंदसौर के गेहूंकांड के मुख्य दोषी को जेल ले जाती पुलिस।

मंदसौर जिले के बहुचर्चित गेहूंकांड में बड़ा फैसला आया है। सोसायटी के राशन की कालाबाजारी करने वाले आरोपी राजेन्द्रसिंह गौतम तत्कालीन अध्यक्ष जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भण्डार मंदसौर एवं उसके सहयोगी अधिकारियों / कर्मचारियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। पुरुष दोषियों को 5-5 वर्ष एवं महिला दोषियों को 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा दी गई है। साथ ही हर दोषी को 4 लाख 51 हजार रुपये जुर्माना से दडित किया है।

जानकारी के अनुसार 2002 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्री गेहूं आदि को चोरी छुपे खुले बाजार में बेचने का बड़ा खुलासा हुआ था। मामले में दोषी पाते हुए माननीय विशेष न्यायधीश किशोर कुमार गेहलोत मंदसौर ने तत्कालीन अध्यक्ष जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भंडार राजेन्द्र सिंह गौतम पिता शंकरसिंह गौतम (68), तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भण्डार मेहमूद पिता इब्राहिम मंसूरी (66), रामचन्द्र दरक पिता शांतिसागर (65), हेमंत पिता मिश्रीलाल हिंगड (60) को 5-5 वर्ष एवं नजमा पति लियाकत हुसैन (52), शीला देवी पति रविन्द्र शर्मा (62), रमादेवी पति महेन्द्रसिंह राठौर (50), राखी पति धर्मेन्द्रसिंह राठौड (48), मालती देवी पति गोपाल सोनी (64), योगेश देवी पति राजेन्द्रसिंह गौतम (66), हेमा पति हेमंत कुमार हिंगड (57) को 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा ही है। प्रत्येक दोषी को 4,51,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

यह है मामला

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा ने बताया कि दिनांक 24.07.2002 को थाना प्रभारी अनिल सिंह राठौर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि सहकारी बाजार मंदसौर का कर्मचारी रामचंद्र दरक सिविल आपूर्ति निगम से शासकीय गेहूं भरा ट्रक लेकर गया है। उसने शांतनु कॉम्प्लेक्स में वीरेन्द्र जैन के क्लीनिंग मिल में जेठानंद सिंधी को ये शासकीय गेहूं बेचा है, जो 50-50 किलो के कट्टे में वीआईपी ब्रांड लगाकर अवैध लाभ कमा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपीगण जेठानंद सिंधी, वीरेन्द्र जैन, मुश्ताक को पकड़ा और गेहूं से भरे ट्रक को जब्त किया और आरोपीगण के विरुद्ध 413/2002, आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना में लिया गया।

पद पर रहते हुए इन्होंने किया था गबन

विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपीगण जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भंडार शांतनु कैंपस मंदसौर में अभियुक्त राजेन्द्र सिंह गौतम अध्यक्ष के पद पर, अभियुक्त श्रीमती योगेश देवी गौतम उपाध्यक्ष के पद पर शेष अभियुक्तगण हेमंत हिंगड़, हेमा हिंगड़, रमादेवी, राखीसिंह, मालतीदेवी सोनी, शेला देवी, नजमा संचालक मंडल की सदस्य पद पर, अभियुक्त महमूद मंसूरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर, अभियुक्त रामचंद दरक लिपिक के पद पर रहते हुए सह अभियुक्त के साथ मिलकर ये काम कर रहे थे।

ऐसे किया घोटाला

पुलिस को जांच में पता चला था कि भारतीय खाद्य निगम का मार्का लगी बोरियों को पलटकर उन पर वीआईपी अन्य मार्का लगाकर खुले बाजार में विक्रय किया। इस प्रकार सभी आरोपियों ने मिलकर षडयंत्रपूर्वक 87 करोड़ 83 लाख 92 हजार 28 रुपये की आर्थिक अनियमितता कर उक्त संपत्ति को बेईमानी से दुरुपयोग कर उक्त गेहूं को खुले बाजार में विकय कर 35 लाख 83 हजार 596 रुपये की राशि का गबन किया एवं अपने लोकसेवक के पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर, भ्रष्टाचार कर शासन को करोडों रूपये की आर्थिक हानि पहुंचाई। प्रकरण में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी निर्मला सिंह चौधरी ने की।




Mandsaur Crime : मां और मामा बच्ची को भेजते थे नाचने, न जाने पर होती थी पिटाई, शादी के नाम पर युवक ने किया शोषण

Mandsaur News: Case registered against mother and maternal uncle who tortured the girl

बच्ची को प्रताड़ित करने वाली मां और मामा पर केस दर्ज

मंदसौर पुलिस ने 13 वर्षीय बालिका का अपहरण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। बालिका को पुलिस टीम गुजरात से लेकर आई है। आरोपी बालिका को बिना मर्जी के आर्केस्ट्रा में नचवाता था।

जानकारी के अनुसार पिपलियामंडी निवासी महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 13 वर्षीय लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया है, पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। विवेचना में यह तथ्य ज्ञात हुआ कि अगवा बच्ची को यशवंत उर्फ यश माली अगवा करके ले गया है। बालिका के गायब होने के साथ ही दोनों के मोबाइल भी बंद आ रहे थे। मामले को देखते हुए पुलिस व साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई, जिनके द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जानकारियां एकत्र की गई।

पिपलिया पुलिस टीम ने बालिका को ग्वालक नगर थाना पांडेसरा, सूरत से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया। अपहृत बालिका से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि उसको मां और उसका मुंह बोला मामा उसे उसकी मर्जी के बिना आर्केस्ट्रा में नाचने के लिए भेजते थे और उससे प्राप्त कमाई को खुद रखते थे। बालिका द्वारा आर्केस्ट्रा में जाने के लिए मना करने पर उसका मुंह बोला मामा उसके साथ मारपीट कर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था, जिसमें लड़की की मां भी सहयोग करती थी। लड़की का मुंह बोला मामा लड़की के साथ उसके घर में ही रहता था एवं वह उस पर बुरी नियत रखता था, जिसके कारण उसने 2022 में भी शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया था।

घटना के एक दिन पूर्व लड़की के मुंह बोले मामा ने लड़की के साथ मारपीट की थी, यह बात उसने यशवंत उर्फ यश माली को बताई थी जो कि उसे अपने साथ शादी का कहकर भगा ले गया था। इस दौरान आरोपी यशवंत माली ने भी नाबालिक अपहृता के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। प्रकरण में बालिका के कथन के आधार पर उसकी मां एवं मुंह बोले मामा को मानव दुर्व्यापार के अंतर्गत धारा 370, 354, 323, भादवि एवं सह संबंधित पॉक्सो एक्ट तथा आरोपी यश उर्फ यशवंत माली को धारा 363, 376 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट से सहसंबंधित धारा में आरोपी बनाया गया है।