Ujjain News : अगर आप बाबा महाकाल के साथ होली खेलने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है

अगर आप इस होली पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के साथ होली खेलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस वर्ष मंदिर में रंग-गुलाल ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है और कुछ कठोर नियम लागू किए गए हैं।

होली पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था

श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरानुसार मनाए जाने वाले होलिका महोत्सव एवं रंगपंचमी पर्व के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आगामी 13 मार्च, 14 मार्च और 19 मार्च 2025 को आयोजित होने वाले उत्सव के दौरान भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

प्रमुख प्रतिबंध

गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् एवं संपूर्ण मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना व उपयोग करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले गहन जांच से गुजरना होगा। मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों और परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पुजारी, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी एवं अन्य आउटसोर्स कर्मी भी रंग-गुलाल लेकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मंदिर में किसी विशेष उपकरण द्वारा रंग उड़ाने पर भी रोक रहेगी।

परंपरागत विधि से होगी पूजा

होलिका दहन (13 मार्च 2025): श्री महाकालेश्वर मंदिर में 13 मार्च की शाम को होलिका दहन किया जाएगा। इस दौरान बाबा महाकाल को शक्कर की माला अर्पित की जाएगी। मंदिर प्रांगण में ओंकारेश्वर मंदिर के सामने होलिका दहन विधिवत रूप से संपन्न होगा।

धुलंडी (14 मार्च 2025): प्रातः 4 बजे होने वाली भस्म आरती में बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान भी हर्बल गुलाल का प्रयोग किया जाएगा।

रंगपंचमी (19 मार्च 2025): भगवान श्री महाकालेश्वर को केसर युक्त जल से अभिषेक किया जाएगा। संध्या आरती में केसर का रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति की कोठार शाखा द्वारा भस्मार्ती पुजारियों को हर्बल गुलाल एवं केसर युक्त जल उपलब्ध कराया जाएगा।

श्रद्धालुओं से अपील

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मंदिर की गरिमा और परंपराओं का पालन करें। होली का पर्व परंपरागत रूप से मनाया जाएगा, लेकिन नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

बाबा महाकाल के साथ होली खेलने का बना रहे है प्लान तो यह खबर है आपके काम की, मंदिर में रंग गुलाल

बाबा महाकाल के साथ होली खेलने का बना रहे है प्लान तो यह खबर है आपके काम की, मंदिर में रंग गुलाल

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Ujjain News : भस्म आरती में बाबा महाकाल को मोर पंख की माला और हार से सजाया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। मोर पंख के मुकुट और माला से बाबा महाकाल को सजाया गया, इसके बाद उन्हें भस्म रमाई। इस दौरान हजारों भक्तों ने दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल का उद्घोष किया।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर आज बुधवार सुबह 4 बजे बाबा महाकाल जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद, सबसे पहले बाबा को गर्म जल से स्नान करवाया गया, फिर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया।

इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद बाबा महाकाल का मोर पंख से आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर दर्शन किए। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

अब ठंडे जल से होगा बाबा महाकाल का स्नान

ऐसा माना जाता है कि चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गर्मी की शुरुआत हो जाती है। इसी परंपरा के अनुसार, श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी इसी दिन से बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान करवाया जाता है। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को गर्म व ठंडे जल से स्नान कराने की परंपरा वर्ष में दो बार बदली जाती है। इस वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 15 मार्च से बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। साथ ही, मंदिर में प्रतिदिन होने वाली आरतियों के समय में भी बदलाव होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि 15 मार्च से परंपरानुसार ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में बदलाव होगा। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक आरतियों के समय बदला रहेगा।

कब होगी कौन सी आरती?

  • प्रथम भस्म आरती– सुबह 04:00 से 06:00 बजे तक
  • द्वितीय दध्योदक आरती– प्रातः 07:00 से 07:45 बजे तक
  • तृतीय भोग आरती– सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक
  • चतुर्थ संध्या पूजन– शाम 05:00 से 05:45 बजे तक
  • पंचम संध्या आरती– शाम 07:00 से 07:45 बजे तक
  • शयन आरती – रात 10:30 से 11:00 बजे तक

भस्म आरती मे मोर पंख की माला और हार पहनकर सजे बाबा महाकाल, जानिए इस वर्ष कब से बदलेगा आरती का स

भस्म आरती मे मोर पंख की माला और हार पहनकर सजे बाबा महाकाल, जानिए इस वर्ष कब से बदलेगा आरती का स




Ujjain Mahakal: एकादशी पर बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक से श्रृंगार

बाबा महाकाल के प्रांगण में सोमवार को कालो के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान भांग व पूजन सामग्री से शृंगारित हुए। इस दौरान उन्हें अलौकिक स्वरूप में शृंगारित किया गया। जिसका लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज एकादशी पर सुबह 4 बजे हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल को वैष्णव तिलक के साथ ही फूलों और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। इस शृंगार के बाद फिर उन्होंने भस्म रमाई। जिसके बाद भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया।

एकादशी पर भस्म आरती मे वैष्णव तिलक लगाकर सजे बाबा महाकाल, भक्तो को हुए अलौकिक दर्शन

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी सोमवार पर आज बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। जिसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का पूजन सामग्री से आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस शृंगार के दर्शन किए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। जिसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।




Indore News : हनी सिंह ने बाबा महाकाल के दर्शन के बाद कहा, अच्छा समय आ गया है जब महाकाल ने बुलाया

ख्यात सिंगर हनी सिंह ने शुक्रवार को बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि 12 वर्षों से मेरा समय खराब चल रहा था, लेकिन अब मुझ पर बाबा महाकाल की कृपा हुई है, जो मुझे उनका बुलावा आया है। मैं बाबा महाकाल के दरबार में आया हूं, जहां मैंने यही कामना की है कि उनका आशीर्वाद अब मुझ पर सदा इसी प्रकार बना रहे। बता दें, शनिवार 8 मार्च को हनी सिंह का इंदौर के बायपास स्थित सी 21 एस्टेट में शो होगा। इस बीच, नगर निगम की मनोरंजन कर की मांग को लेकर विवाद हल होने की खबर है। उधर, पुलिस ने आयोजन को देखते हुए यातायात परिवर्तन का प्लान जारी कर दिया है।

मशहूर रैपर और संगीत निर्माता हनी सिंह ने उज्जैन में मीडिया से चर्चा में अच्छी दर्शन व्यवस्था के लिए पंडित जी, आचार्य जी और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को धन्यवाद भी दिया। हनी सिंह इन दिनों देश के 10 बड़े शहरों में काॅन्सर्ट करने जा रहे हैं। उनके यहां कार्यक्रम मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, जयपुर के साथ ही इंदौर में भी आयोजित हो रहे हैं। इंदौर में 8 मार्च को उनका यह कार्यक्रम आयोजित होने वाला है। इसके पहले 7 मार्च को वे बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे। महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि पुजारी पंडित यश गुरु के माध्यम से आज प्रसिद्ध संगीत निर्माता हनी सिंह ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने चांदी द्वार से भगवान का पूजन और जलाभिषेक किया। इसके बाद नंदी हॉल में बैठकर मंत्रोच्चार व आरती की। सत्कार अधिकारी अभिषेक शर्मा द्वारा हनी सिंह का सम्मान किया गया।

आज हनीसिंह के शो के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी रहेगी

■ दोपहर 2:00 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश बायपास क्षेत्र के पटेल नगर क्रॉसिंग हाईवे से दस्तूर डिलाइट चौराहा, स्टार चौराहा, रेडिसन चौराहा होते हुए देवास नाका तक होगा बंद रहेगा।

■ कार पास (स्टीकर) लगे वाहन ही वीआईपी द्वार तक जा सकेंगे।

■ कनाडिया की ओर से आने वाले वाहनों का प्रवेश पटेल नगर कट से होते हुए हाईवे से बेस्ट प्राइज एवं वेलवेट गार्डन, लाभगंगा, आरई 2 रोड से होगा अथवा पटेल नगर कट से बाएं मुडकर खजराना मार्ग से पाकीजा कॉलोनी के बाजू से दाहिने मुड़कर आरई 2 रोड़ से होते हुए कार्यक्रम स्थल पार्किंग में पहुंचेंगे।

■ रेडिसन चौराहे की ओर से आने वाले वाहन साईं कृपा कट, स्टार चौराहा, लाभगंगा होते हुए आरई 2 रोड से निर्धारित पार्किंग में आ सकेंगे।

■ देवास की ओर से आने वाले वाहन चालक डीपीएस अंडरब्रिज से टीसीएल से दाहिने मुड़कर वेलवेट गार्डन तिराहा, लाभगंगा होते हुए आरई 2 मार्ग से प्रवेश कर पार्किंग में पहुंच सकेंगे और केवल वही वाहन वीआईपी द्वारं तक जा सकेंगे, जिनके वाहन पर कार पास (स्टीकर) लगे होंगे, ऐसे वाहन लाभगंगा होते हुए द पार्क होटल के सामने से होकर पतंग तिराहा, दस्तूर डिलाइट के सामने से होते हुए वीआईपी द्वार तक आ सकेंगे।

बाबा महाकाल के दर्शन कर बोले हनी सिंह अच्छा समय आ गया जो महाकाल का बुलावा आया

महाकाल का पूजन करते हनी सिंह




Ujjain News : भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल ने त्रिनेत्र रूप में दिए दर्शन

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर त्रिनेत्र स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल को फूलों और रुद्राक्ष की माला से सजाया गया। श्रृंगार के बाद उन्हें भस्म रमाई, जिसके बाद भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और ‘जय श्री महाकाल’ का उद्घोष किया।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी पर शनिवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया। फिर प्रथम घंटा बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया।

पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का पूजन सामग्री से आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस श्रृंगार के दर्शन किए और ‘जय श्री महाकाल’ का उद्घोष किया। इसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

वित्त आयोग अध्यक्ष ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद

16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया उज्जैन प्रवास के दौरान महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, उन्होंने बाबा महाकाल का पूजन और अभिषेक किया। पूजन मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न करवाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उज्जैन संभाग आयुक्त संजय गुप्ता द्वारा पनगढ़िया को उत्तरीय वस्त्र व स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक आदि उपस्थित थे।

भस्म आरती श्रंगार मे बाबा महाकाल ने दिए त्रिनेत्र स्वरूप मे दर्शन, वित्त आयोग अध्यक्ष ने लिया श

भस्म आरती श्रंगार मे बाबा महाकाल ने दिए त्रिनेत्र स्वरूप मे दर्शन, वित्त आयोग अध्यक्ष ने लिया श

भस्म आरती श्रंगार मे बाबा महाकाल ने दिए त्रिनेत्र स्वरूप मे दर्शन, वित्त आयोग अध्यक्ष ने लिया श

वित्त आयोग के अध्यक्ष ने किए दर्शन।




Ujjain News : परिवार के साथ महाकाल के दर्शन करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग, कहा

भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान बुधवार को सपरिवार श्री महाकालेश्वर भगवान की भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे लगभग दो घंटे तक बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए और जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया। भस्म आरती के बाद उन्होंने बाबा महाकाल के श्रीचरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से पूजन-अर्चन करवाने वाले पुजारी पंडित यश गुरु ने बताया कि चिराग पासवान अपने पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे। वे बाबा महाकाल के अनन्य भक्त हैं और समय-समय पर महाकाल के दरबार में आते रहते हैं। आज सुबह भी उन्होंने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान वे बाबा की भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने सामान्य श्रद्धालु की तरह धोती और गले में लाल रंग का चोला पहना था। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरपी गहलोत और आशीष दुबे द्वारा चिराग पासवान का सम्मान किया गया।

प्रधानमंत्री का सपना करना चाहता हूं पूरा

बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मीडिया से कहा, आज मैं जो कुछ भी हूं, वह बाबा महाकाल के आशीर्वाद से हूं। मैं अपने पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने आया हूं। वैसे तो बाबा महाकाल ने मुझे सब कुछ दिया है, लेकिन आज मैंने उनसे यह आशीर्वाद लिया है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा कर सकूं।”

जानिए कौन हैं चिराग पासवान

चिराग कुमार पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख नेता हैं। वे बिहार के हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पिता रामविलास पासवान भी बड़े राजनेता थे।

परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान




Bhasma Aarti Special : पूजन सामग्री से सजा बाबा महाकाल का दरबार, जानिए क्यों होती है हर दिन भस्म आरती

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में कालों के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान पूजन सामग्री से श्रृंगारित हुए। इस दौरान उनका विशेष स्वरूप में श्रृंगार किया गया, जिसका लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल को रुद्राक्ष व फूलों की माला अर्पित की गई। श्रृंगार के बाद उन्होंने भस्म रमाई, और फिर भक्तों ने दिव्य दर्शनों का लाभ लिया।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि बुधवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया।

पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का पूजन सामग्री से आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इस दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर दर्शन किए और “जय श्री महाकाल” का उद्घोष किया। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

क्या है भस्म आरती?

भगवान महाकाल की भस्म आरती को लेकर पंडित अर्पित गुरु बताते हैं कि भस्म आरती का एक और नाम “मंगला आरती” भी दिया गया है। मंगला आरती में बाबा हर रोज निराकार से साकार रूप धारण करते हैं। बाबा भस्म को संसार को नाशवान होने का संदेश देने के लिए लगाते हैं। इसके लिए बाबा ताजी भस्म शरीर पर धारण करते हैं। भस्म आरती में गाय के गोबर के उपले की भस्म बाबा को अर्पण की जाती है। जब बाबा को भस्म अर्पण की जाती है, तो पांच मंत्रों के उच्चारण के साथ की जाती है। ये पांच मंत्र हमारे शरीर के पांच तत्वों का प्रतीक होते हैं। इनके उच्चारण के साथ ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकाल की भस्म घर में रखने की मान्यता

महाकाल मंदिर के पुजारी अर्पित गुरु ने बताया कि भस्म आरती में गाय के गोबर के उपले से बनी शुद्ध पांच कंडों की राख का उपयोग किया जाता है। इसी भस्म से महाकाल का स्नान होता है। भगवान को चढ़ी हुई भस्म बहुत से लोग अपने साथ ले जाते हैं।

यह भस्म पवित्र गाय के गोबर के उपले से तैयार की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि गौ माता का गोबर अत्यंत पवित्र होता है, जिसमें मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। इसलिए बहुत से लोग इस भस्म को अपने घर ले जाते हैं। मान्यता है कि भस्म को घर में रखने से मां लक्ष्मी का सदा वास बना रहता है और इससे सुख-समृद्धि आती है।

भस्म आरती विशेष - पूजन सामग्री से सजे बाबा महाकाल, जानिए प्रतिदिन क्यों की जाती है भस्म आरती

भस्म आरती विशेष - पूजन सामग्री से सजे बाबा महाकाल, जानिए प्रतिदिन क्यों की जाती है भस्म आरती

भस्म आरती विशेष - पूजन सामग्री से सजे बाबा महाकाल, जानिए प्रतिदिन क्यों की जाती है भस्म आरती




Ujjain News : बाबा महाकाल की भक्त शहनाज पहुंचीं महाकाल मंदिर, पहले किए दर्शन…फिर किया दान

Shahnaz a devotee of Baba Mahakal reached Mahakal temple

बाबा महाकाल की भक्त शहनाज पहुंची महाकाल दर्शन को

प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन करने पहुंचीं। जहां उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के दर्शन किए और उसके बाद कुछ देर तक वह बाबा महाकाल की भक्ति में लीन भी नजर आई।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी रूपम शर्मा और नवनीत शर्मा ने बताया कि प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर बाबा महाकाल की अनन्य भक्त हैं। जोकि प्रतिवर्ष बाबा महाकाल के दर्शन करने आती हैं। आज भी वह परिवार के सदस्यों के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंची थीं। जहां उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के दर्शन किए और श्री महाकालेश्वर भगवान को 2 लाख 1 हजार रुपये का दान दिया।

मेरे सब कुछ बाबा महाकाल

बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद शहनाज अख्तर ने मीडिया से कहा कि वो लगभग 5 वर्षों से बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन करने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझपर बाबा महाकाल की असीम कृपा है, बाबा महाकाल से मुझे क्या मिला यह मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती, लेकिन मैं यह जरूर कह सकती हूं कि आज मैं जो भी हूं वह बाबा महाकाल की कृपा से हूं।

मुस्लिम होने के बावजूद गाती है भगवान राम, शिव और माता के भजन

मुस्लिम होकर भी माता के भजन और राम भक्ति के गाने गाते-गाते वो 50 वर्ष की हो चुकी हैं। बचपन से ही उन्हें माता के भजन के गाने का शौक था। पहले घर वालों ने इसका विरोध किया। खुद उनके अब्बू उन्हें नहीं रोक सके। विरोधियों के लाख कोशिशों के बावजूद शाहनाज ने हार नहीं मानी। वह आगे बढ़ती रही।