Ujjain News : शहर की प्रतिष्ठित संस्थाओं में भी अब शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू करने के फैसले का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। खासतौर पर उज्जैन में इस निर्णय का सख्ती से पालन शुरू हो गया है। शहर की प्रतिष्ठित संस्थाओं में भी अब शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
उज्जैन नगर निगम सीमा को पूरी तरह से शराब मुक्त घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के तहत शहर में स्थित 17 शराब दुकानों पर ताले लगा दिए गए हैं। साथ ही, शहर के सभी बार भी बंद कर दिए गए हैं। टूरिज्म विभाग के अधीन आने वाली होटलों में भी अब शराब नहीं परोसी जाएगी। इसमें फ्रीगंज स्थित होटल शिप्रा और तीन बत्ती चौराहे की होटल उज्जयिनी शामिल हैं। इन दोनों होटलों में संचालित बार अब पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।

इस निर्णय का असर शहर के प्रतिष्ठित माधव क्लब पर भी पड़ा है। लगभग सौ साल पुराना यह क्लब निजी संस्था है, जिसके अध्यक्ष पदेन संभागायुक्त होते हैं, जबकि उपाध्यक्ष जिला कलेक्टर। क्लब के सचिव का चयन निजी सदस्यों द्वारा चुनाव के माध्यम से किया जाता है। करीब 900 सदस्यों वाला यह क्लब अब शराबबंदी के कारण शांत और वीरान नजर आ रहा है।

क्लब के मैनेजर महेश प्रसाद ने बताया कि सभी सदस्यों को बार बंद होने की सूचना दे दी गई है। अब क्लब को पारिवारिक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। शराबबंदी लागू होने के बाद से शहर में एक नई सामाजिक चेतना देखी जा रही है। सरकार के इस कदम को लोगों का समर्थन भी मिल रहा है, खासकर धार्मिक नगरी की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में।




Bhasma Aarti : बाबा महाकाल को चंद्रमा, मुकुट और कानों में कुंडल पहनाए

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खोले गए। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से किया। प्रथम घंटा बजाकर बाबा महाकाल को हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष और पुष्पों की माला धारण करवाई गई।

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया की भस्म आरती में बाबा महाकाल का आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। बाबा के मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड का श्रृंगार किया गया, साथ ही फूलों की माला भी धारण करवाई गई। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। इस दौरान भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और उनकी भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। इससे पूरा मंदिर गुंजायमान हो गया।

भक्त ने रजत मुकुट भेंट किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाराष्ट्र के नागपुर से आए अमित कुकडे और चेतन खडसे ने अनिकेत सेन की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर को 1 नग रजत मुकुट भेंट किया। इसका वजन नग सहित लगभग 1028.00 ग्राम है। इसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के वीरेन्द्र शर्मा द्वारा प्राप्त किया गया और दानदाता का सम्मान कर उन्हें विधिवत रसीद प्रदान की गई।

1250 किलो हापुस आम अर्पित किए गए

पुणे के डॉ. सागर, उनकी पत्नी डॉ. साधना, पुत्र साराध्य, पुत्री साध्या और चिरंजीवी पुत्र सात्विक कोलते परिवार द्वारा बाबा श्री महाकाल को महाराष्ट्र के रत्नागिरी के आमों का राजा हापुस आम का 1250 किलो का महाभोग चढ़ाया गया। प्रतिनिधि मुरली मनोहर जोशी ने बताया कि हिंदू नववर्ष के पहले दिन करीब 4 लाख रुपये कीमत के हापुस आम अर्पित किए गए। स्वर्ण वर्क जड़ित आमों को चांदी की थाली में महाराजा भोग के रूप में साढ़े तीन मुहूर्त के शुभ अवसर पर बाबा के चरणों में महाकाल मंदिर के पुजारी महेश पुजारी और गोपाल पुजारी द्वारा पूजन-अर्चन कर अर्पित किया गया।

भस्म आरती - चन्द्र, मुकुट और कानों में कुंडल पहनकर सजे बाबा महाकाल, जानिए क्यों चढ़ाए गए इतने क

भस्म आरती - चन्द्र, मुकुट और कानों में कुंडल पहनकर सजे बाबा महाकाल, जानिए क्यों चढ़ाए गए इतने क

भस्म आरती - चन्द्र, मुकुट और कानों में कुंडल पहनकर सजे बाबा महाकाल, जानिए क्यों चढ़ाए गए इतने क




Ujjain News : बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं सिंगर श्रेया घोषाल

जय श्री महाकाल… मेरे पास शब्द नहीं है, आज भस्म आरती के दौरान मैंने महाकालेश्वर मंदिर में जो अनुभव किया उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उज्जैन आने का बुलावा आया था और महाकाल के दर्शन का मौका मुझे मिलना था। इतनी सुंदर आरती जो मैंने देखी, जिसमें बाबा महाकाल को जिस तरह से सजाया गया। हर पल, हर क्षण यह जीवन बदलने की तरह था। यह बात प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने सुबह भस्म आरती में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से कही।

बाबा महाकाल के दर्शन के बाद प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने कहा - भस्म आरती का हर पल जैसे जीवन

विक्रमोत्सव के दिव्य और भव्य आयोजन में नववर्ष पर अपनी प्रस्तुति देने उज्जैन आईं सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल ने सोमवार सुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन तो किया, लेकिन इस दिव्य आरती को देखने के दौरान उनके दिल की धड़कनें बढ़ीं हुई थीं आंखों से आंसू आ रहे थे और कुछ ऐसा महसूस हो रहा था, जिसका अनुभव आज के पहले कभी उन्होंने नहीं किया था। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आकाश शर्मा ने बताया कि प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने श्री महाकालेश्वर भगवान की भस्म आरती में सम्मिलित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। आरती उपरांत आकाश पुजारी द्वारा घोषाल को चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करवाया गया और इस दौरान उन्होंने मस्तक पर तिलक लगाया और माथा टेककर बाबा महाकाल का आशीर्वाद भी लिया।

बाबा महाकाल के दर्शन के बाद प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने कहा - भस्म आरती का हर पल जैसे जीवन

महाकाल के दर्शन कर भाव विभोर हुई श्रेया

आज सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने के बाद श्रेया घोषाल भावविभोर नजर आईं। मीडिया के सवालों का जवाब देने के दौरान उन्होंने बार-बार इस बात को दोहराया कि मुझे बाबा महाकाल के दरबार वापस आना है। उन्हें बाबा महाकाल की भस्म आरती से कुछ ऐसा अनुभव हुआ कि उन्होंने कहा कि जब भी मुझे यहां आने का बुलावा मिलेगा मैं यहां जरूर आऊंगी।

मंदिर की व्यवस्थाओं की भी की जमकर की तारीफ

गायिका श्रेया घोषाल ने श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां की दर्शन व्यवस्था इतनी अच्छी है कि मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के होने के बावजूद सभी को बाबा महाकाल की इस दिव्य भस्म आरती के दर्शन काफी अच्छे से हुए। उन्होंने कहा मैं सौभाग्यशाली हूं, जो मुझे यहां आने का मौका मिला।




Ujjain Mahakal : चैत्र शुक्ल द्वितीया पर अद्वितीय रूप में शृंगार किया गया महाकाल का

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष और पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज द्वितीया की भस्मआरती में बाबा महाकाल का आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया।

भस्म आरती मे निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल, आज जमकर आया दान, मंदिर परिसर मे गूंज उठा जय श्री

जिसमें बाबा मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड से शृंगारित हुए साथ ही फूलों की माला भी धारण की। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।

भस्म आरती मे निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल, आज जमकर आया दान, मंदिर परिसर मे गूंज उठा जय श्री

बाबा के भक्त द्वारा रजत छत्र भेट किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में मुरादाबाद से पधारे हिमांशु जुनेजा ने पुजारी गौरव शर्मा की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर जी को रजत छत्र भेंट किया गया। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त पर दानदाता का सम्मान किया और विधिवत रसीद प्रदान की गईं। श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी अर्पित शर्मा की प्रेरणा से गुड़गांव के प्रफुल्ल माथुर द्वारा एक नग चांदी का मुकुट श्री महाकालेश्वर भगवान को भेट किया गया।

भस्म आरती मे निराले स्वरूप मे सजे बाबा महाकाल, आज जमकर आया दान, मंदिर परिसर मे गूंज उठा जय श्री

वहीं श्री महाकालेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के नांदेड से पधारे रोहित बागधरे ने भगवान श्री महाकालेश्वर को एक नग रजत मुकुट मय नागकुण्डल भेंट किया गया। जिसका वजन लगभग 2607.600 ग्राम है। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त पर दानदाता का सम्मान किया व विधिवत रसीद प्रदान की गईं।




Ujjain Mahakal: गुड़ी पड़वा पर श्री गणेश स्वरूप में दिखे बाबा महाकाल

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अवंतिका नगरी में कण–कण में शिव का वास है। इसी कड़ी में महाकाल मंदिर में सभी पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा भी धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान पुजारियों ने कोटितीर्थ कुंड पर सूर्य को अर्घ्य देकर नवसंवत्सर का स्वागत किया। इसके बाद बाबा महाकाल को नीम के जल से स्नान कराकर पंचांमत पूजन अभिषेक किया गया। पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान को नीम-मिश्री के शरबत का भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया जाएगा। महाकाल मंदिर में मंदिर के शिखर पर आज नया ब्रह्मध्वज भी लगाया गया।

महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर मे यह भी एक परंपरा है। जिसका प्रतिवर्ष पालन किया जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ होने पर चैत्र मास ऋतु परिवर्तन का होता है। इस माह में ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती है। इसके प्रभाव से वात, कफ, पित्त की वृद्धि होती है। इससे अनेक रोग जन्म लेते हैं। वात, कफ, पित्त के निदान के लिए नीम के सेवन का महत्व है। आयुर्वेद में भी नीम मिश्री के सेवन को अमृत तुल्य बताया गया है। नीम के जल से स्नान करने से त्वचा के रोग समाप्त होते हैं। इसलिए ज्योतिर्लिंग की परंपरा में अखिल विश्व को समय का बोध, तिथि के महत्व तथा आयुर्वेद के माध्यम से निरोगी रहने का संदेश दिया जाता है। इसलिए इस दिन भगवान महाकाल को नीम युक्त जल से स्नान कराते हैं। साथ ही नीम का जल भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित भी किया जाता है।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र शुक्ल पक्ष की एकम तिथि पर रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज एकम की भस्मआरती में बाबा महाकाल का श्री गणेश स्वरूप में शृंगार किया गया। जिसमें बाबा महाकाल को भांग और ड्रायफ्रूट से शृंगारित किया गया साथ ही हर हर गंगे की माला भी धारण करवाई गई। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।




Ujjain Mahakal : बाबा महाकाल के माथे पर चंद्रमा और त्रिपुंड सुशोभित

बाबा महाकाल के प्रांगण में आज गुरुवार को कालो के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान भस्म रमाकर शृंगारित हुए। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि गुरुवार सुबह 4 बजे हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल का शृंगार करने के बाद फिर उन्होंने भस्म रमाई।

मस्तक पर चन्द्र और त्रिपुंड भस्म आरती मे आज कुछ ऐसे श्रंगारित हुए बाबा महाकाल, आज इन्होंने किया

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आज बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। उसके बाद सबसे पहले भगवान को ठंडे जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस शृंगार के दर्शन किए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। उसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

मस्तक पर चन्द्र और त्रिपुंड भस्म आरती मे आज कुछ ऐसे श्रंगारित हुए बाबा महाकाल, आज इन्होंने किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा के भक्त द्वारा रजत छत्र भेंट किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर पंजाब के लुधियाना से पधारे भक्त इश्मीत और मीनाक्षी सिंह द्वारा यश पुजारी की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर जी को एक नग रजत छत्र भेंट किया गया। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा वीरेन्द्र शर्मा द्वारा प्राप्त पर दानदाता का सम्मान किया व विधिवत रसीद प्रदान की गईं।




Baba Mahakal Ujjain : भस्मआरती के दौरान ऐसे किया गया बाबा महाकाल का शृंगार

बाबा महाकाल के प्रांगण में बुधवार को कालों के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान भस्म रमाकर शृंगारित हुए। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि बुधवार सुबह चार बजे हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल का शृंगार करने के बाद फिर उन्होंने भस्म रमाई।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर आज बाबा महाकाल सुबह चार बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद सबसे पहले भगवान को ठंडे जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर और घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।

पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक स्वरूप में शृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस शृंगार के दर्शन किए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। उसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

प्रभारी मंत्री टेटवाल ने महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किया

मध्यप्रदेश शासन में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं प्रभारी मंत्री उज्जैन गौतम टेटवाल ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए। पूजन राजेश पुजारी और पुजारी आकाश शर्मा द्वारा सम्पन्न करवाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उपप्रशासक एसएन सोनी द्वारा टेटवाल का स्वागत और सत्कार किया गया।




Ujjain News : आज भस्म आरती में बाबा महाकाल का त्रिपुंड और त्रिशूल से शृंगार

बाबा महाकाल के प्रांगण में रविवार को कालों के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान भस्म रमाकर श्रृंगारित हुए। उन्होंने त्रिशूल और त्रिपुंड लगाकर हजारों श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। इससे पहले सुबह 4 बजे हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार बाद उन्हें भस्म रमाई गई।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर रविवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले भगवान को स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन किए और “जय श्री महाकाल” के उद्घोष करने लगे। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

रजत मुकुट मय कुंडल भेंट किए

श्री महाकालेश्वर मंदिर में रायपुर से आईं नीलम द्वारा पुरोहित रुद्रांश उपाध्याय की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर जी को रजत मुकुट मय कुंडल भेंट किए गए। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दानदाता का सम्मान कर विधिवत रसीद प्रदान की गई।

राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने सपत्नीक किए दर्शन

धर्मेंद्र सिंह लोधी (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा अपने उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर सपत्नीक बाबा महाकाल के दर्शन किए। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और पुजारी आशीष शर्मा द्वारा मंत्री लोधी का स्वागत व सम्मान किया गया।

मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल लगाकर सजे बाबा महाकाल आज भस्म आरती मे दिए इस स्वरूप मे दर्शन

मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल लगाकर सजे बाबा महाकाल आज भस्म आरती मे दिए इस स्वरूप मे दर्शन

मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल लगाकर सजे बाबा महाकाल आज भस्म आरती मे दिए इस स्वरूप मे दर्शन




Ujjain News : भस्म आरती त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल ने आज त्रिनेत्र रूप में दिए दर्शन

श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन, अभिषेक कर आकर्षक रूप से श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद भगवान महाकाल को भस्म रमाई गई। इसके बाद भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और “जय श्री महाकाल” के जयकारे लगाए।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर रविवार को सुबह 4 बजे बाबा महाकाल जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए।

सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाया गया। फिर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से अभिषेक किया गया और हरि ओम का जल अर्पित कर प्रथम घंटा बजाया गया। भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। भक्तों ने इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन किए और “जय श्री महाकाल” का उद्घोष किए। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

भक्त ने सोने की चूड़ी व अन्य सामग्री दान की

लखनऊ से आए भक्त शिवेंद्र सिंह ने मंदिर के पुरोहित रूपम शर्मा की प्रेरणा से मां पार्वती के लिए 2 नग सोने की चूड़ी और चांदी की पायल भेंट की। इनका कुल वजन लगभग 7.500 ग्राम है। दान की गई सामग्री को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के वीरेंद्र शर्मा ने विधिवत प्राप्त किया। इसके बाद दानदाता का सम्मान कर रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी मंदिर प्रबंध समिति की कोठार शाखा के कोठारी मनीष पांचाल ने दी।

भस्म आरती - त्रिपुंड लगाकर सजे बाबा महाकाल आज दिए त्रिनेत्र  स्वरूप में दर्शन

भस्म आरती - त्रिपुंड लगाकर सजे बाबा महाकाल आज दिए त्रिनेत्र  स्वरूप में दर्शन

भस्म आरती - त्रिपुंड लगाकर सजे बाबा महाकाल आज दिए त्रिनेत्र  स्वरूप में दर्शन




Bhasma Aarti : बाबा महाकाल का माखन से श्रृंगार

श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र कृष्ण पक्ष की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर शनिवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। सबसे पहले भगवान को स्नान करवाकर पंचामृत (दूध, दही, शहद, शक्कर, घी) से अभिषेक किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर इस दिव्य श्रृंगार के दर्शन किए और “जय श्री महाकाल” का उद्घोष किया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई।

बाबा महाकाल ने ठंडे जल से किया स्नान

ऐसा माना जाता है कि चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गर्मी की शुरुआत हो जाती है। इसी कारण विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज से बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान करवाया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल के स्नान की परंपरा में वर्ष में दो बार बदलाव किया जाता है। 15 मार्च से बाबा महाकाल को ठंडे जल से स्नान करना शुरू कर दिया गया है। साथ ही मंदिर में प्रतिदिन होने वाली आरतियों के समय में भी बदलाव किया गया है।

आरतियों के समय में परिवर्तन

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि शनिवार 15 मार्च से परंपरानुसार ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में परिवर्तन किया गया है।

अब इस समय होगी ये आरती

  • प्रथम भस्म आरती- प्रात: 04:00 से 06:00 बजे तक
  • द्वितीय दध्योदक आरती- प्रात: 07:00 से 07:45 बजे तक
  • तृतीय भोग आरती- प्रात: 10:00 से 10:45 बजे तक
  • चतुर्थ संध्या पूजन- सायं 05:00 से 05:45 बजे तक
  • पंचम संध्या आरती- सायं 07:00 से 07:45 बजे तक
  • शयन आरती- रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक

भस्म आरती - मखाने और मुंडमाला से हुआ बाबा महाकाल का श्रंगार, आज से ठंडे जल से स्नान हुआ प्रारम्

भस्म आरती - मखाने और मुंडमाला से हुआ बाबा महाकाल का श्रंगार, आज से ठंडे जल से स्नान हुआ प्रारम्