Today’s Bhasma Aarti – जय श्री महाकाल की गूंज से गूंजा उज्जैन, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर शुक्रवार तड़के आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह 4 बजे होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। देर रात से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं, जो अपने आराध्य के दर्शन के लिए उत्सुक नजर आए।

भोर होते ही बाबा महाकाल को जागृत कर विधि-विधान से उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया और भस्म अर्पित कर आरती संपन्न की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती से पहले वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर गर्भगृह के पट खोले गए। इसके पश्चात सभी देव प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया।

आरती के दौरान पुजारियों ने भगवान का भव्य श्रृंगार कर कपूर आरती की और नवीन मुकुट धारण कराया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्म आरती का दिव्य आयोजन संपन्न हुआ।

आज के विशेष श्रृंगार में बाबा महाकाल को भांग से सजाया गया, साथ ही त्रिपुंड, त्रिनेत्र, चंद्रमा और बेलपत्र से अलंकृत किया गया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

इस दौरान प्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा भी भस्म आरती में शामिल हुए। वे नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक आरती में लीन रहे और भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन कर देहरी से जल अर्पित कर भगवान को नमन किया। पुजारियों द्वारा उन्हें भगवान की माला पहनाकर पूजन भी कराया गया।

आरती का समय (शरद पूर्णिमा तक लागू):

  • भस्म आरती: सुबह 4 से 6 बजे
  • दद्योदक आरती: प्रातः 7 से 7:45 बजे
  • भोग आरती: प्रातः 10 से 10:45 बजे
  • संध्या पूजन: सायं 5 से 5:45 बजे
  • संध्या आरती: सायं 7:00 से 7:45 बजे
  • शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे



Baba Mahakal : भांग से शृंगार किया, फलों का भोग लगाया, आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर सोमवार की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। हजारों भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, इस दौरान भक्तों के जय श्री महाकाल के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। दूध, दही, घी, शक्कर व फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल का भांग से श्रृंगार कर मस्तक पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई थी। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष किया।

बाबा महाकाल को चढ़ाए गए दो रजत मुकुट

श्री महाकालेश्वर मंदिर में भुवनेश्वर से पधारे भक्त भवानी प्रसाद काट द्वारा पुजारी आकाश शर्मा की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर जी को एक रजत मुकुट भेंट किया गया, जिसका वजन लगभग 1736.000 ग्राम है। मुकुट को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के उपप्रशासक एस.एल. सोनी द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया गया और उन्हें रसीद प्रदान की गई। वहीं, महाराष्ट्र के पुणे से पधारे भक्त श्री अभिजीत उत्तम कालडोके द्वारा पुजारी आकाश शर्मा व पं. विकास व्यास की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर जी को एक अन्य रजत मुकुट भेंट किया गया, जिसका वजन लगभग 3644.000 ग्राम है। इस भेंट को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया गया और उन्हें विधिवत रसीद प्रदान की गई।

भस्म आरती
भस्म आरती
भस्म आरती



Baba Mahakal : आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल ने मस्तक पर चंद्रमा, गर्दन पर सर्प और रुद्राक्ष की माला धारण की

विश्व प्रसिद्ध उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रविवार सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने दर्शनों का लाभ लिया।
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, फलों के रस से बने पंचामृत से किया। प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को मस्तक पर चंद्र, गले में सर्प और रुद्राक्ष की माला से श्रृंगारित किया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति में लीन होकर “जय श्री महाकाल” का उद्घोष करने लगे।

कलेक्टर ने किया निरीक्षण

श्री महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्था के संबंध में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर रोशन कुमार सिंह व प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा अन्य अधिकारियों के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाहरी एवं आंतरिक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया तथा संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार-रविवार को दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए सभी दर्शन मार्गों का भ्रमण किया तथा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाएं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि मोबाइल व अन्य वस्तुएं उचित स्थान पर रखकर ही मंदिर में प्रवेश करें। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, विद्युत व्यवस्था, सफाई व्यवस्था व सुरक्षा आदि के संबंध में भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।




Baba Mahakal : भक्तों ने सुबह 4 बजे उठकर बाबा महाकाल के दर्शन किए, पहले पंचामृत अभिषेक, फिर रमाई भस्म

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर गुरुवार सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में पूजन सामग्री से श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान हजारों भक्तों ने दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल के उद्घोष किए, जिससे पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
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कालों के काल, विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर आज गुरुवार को बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला धारण करवाई गई।

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आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल के मस्तक पर चंदन से त्रिपुंड का श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करते रहे।




Mahakaleswar : प्रथम पंचामृत स्नान कराया, बाबा महाकाल को रमाई भस्म से शृंगारित पूजन

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर बुधवार सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने दर्शनों का लाभ लिया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर बुधवार आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से किया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला धारण करवाई गई।

आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि पंचामृत स्नान के बाद बाबा महाकाल को पूजन सामग्री से श्रृंगारित किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष किया।

रजत मुकुट भेंट

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुजरात के अहमदाबाद से पधारीं भक्त सुश्री सपना लखेड़ा द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी को एक रजत मुकुट भेंट किया गया। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया गया व विधिवत रसीद प्रदान की गई।




Baba Mahakal : बुद्ध पूर्णिमा भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को सिर पर बेलपत्र और चंद्रमा से सजाया गया

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल के उद्घोष किया।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक, दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला धारण करवाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि आज बाबा महाकाल को मस्तक पर बेल पत्र और चंद्रमा से सजाया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर “जय श्री महाकाल” का उद्घोष करने लगे।

भगवान विष्णु के 9वें अवतार थे गौतम बुद्ध

हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व है और यह शुभ पर्व आज है। हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के 9वें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। वैशाख पूर्णिमा को केवल बुद्ध का जन्म ही नहीं हुआ था, बल्कि इस दिन बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था।




Baba Mahakal : आज बाबा महाकाल को भस्म आरती के दौरान त्रिपुंड और तिलक से सजाया

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर शुक्रवार सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल का उद्घोष किया, जिससे वातावरण गूंज उठा।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि शुक्रवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक, दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मोगरे की माला धारण करवाई गई। श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को मस्तक पर त्रिपुंड व तिलक से सजाया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर “जय श्री महाकाल” का उद्घोष करने लगे।

बाबा के भक्त ने रजत छत्र भेंट किया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में पधारी भक्त आशालता होलकर द्वारा पुजारी आकाश पुजारी की प्रेरणा से भगवान श्री महाकालेश्वर को 1 नग रजत का छत्र भेंट किया गया, जिसका वजन लगभग 660.800 ग्राम है। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान किया गया तथा विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार शाखा के मनीष पांचाल द्वारा प्रदान की गई।

दर्शनार्थी का गुम हुआ पर्स व सोने का हार वापस किया गया

श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाराष्ट्र के पुणे से दर्शन के लिए आईं स्वाति का दर्शन उपरांत मंदिर परिसर में बैग गिर गया। जिसे मंदिर में कार्यरत सुरक्षाकर्मी संदीप सिसोदिया को प्राप्त हुआ और उनके द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर के कंट्रोल रूम में जमा किया गया। कंट्रोल रूम के माध्यम से परिसर में पर्स गुम होने की सूचना (अनाउंसमेंट) प्रसारित की गई। जिस पर श्रद्धालु स्वाति मंदिर कंट्रोल रूम पहुंचीं और उनके द्वारा पर्स व उसमें रखे सामान का क्रॉस वेरिफिकेशन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालु को उनका गुम हुआ पर्स व उसमें रखा 5 ग्राम सोने का हार पुनः वापस किया गया। गुम हुई सामग्री पुनः प्राप्त होने पर श्रद्धालु ने श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मी का आभार व्यक्त किया।

प्रभारी मंत्री टेटवाल ने श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए

मध्यप्रदेश शासन में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल एवं राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक हिमांशु कारपेंटर एवं मूलचंद जूनवाल द्वारा माननीय अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया गया।

बाबा महाकाल की भस्म आरती।
बाबा महाकाल की भस्म आरती।
बाबा महाकाल की भस्म आरती।



Baba Mahakal : भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल ने चंद्रमा और ॐ मस्तक पर शृंगार किया दिव्य दर्शन…

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि मंगलवार पर बाबा महाकाल का विदेशी करंसी से विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खोले गए। पण्डे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष की माला धारण करवाई गई।

आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को मस्तक पर चंद्रमा और ॐ से सजाया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।

श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में मोबाइल उपयोग प्रतिबंधित

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा लिए गए निर्णय के क्रम में, सुरक्षा व अन्य कारणों से मन्दिर परिसर में मोबाइल ले जाना, उपयोग करना प्रतिबंधित किया गया है। मंदिर परिसर में धार्मिक परंपरा, शुचिता व पवित्रता के चलते न सिर्फ उपयोग बल्कि मोबाइल रखे जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। मोबाइल द्वारा नंदिहाल, गर्भगृह, दर्शन के समय फोटो लेने व वीडियो आदि बनाने से न सिर्फ अन्य यात्रीगण परेशान होते हैं अपितु दर्शन पंक्ति में अनावश्यक रुककर सभी को विलंब भी होता है। दर्शनार्थियों के मोबाइल आदि सुरक्षित रखने के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार मानसरोवर भवन, बड़ा गणपति रोड द्वार क्रमांक 04, अवंतिका द्वार क्रमांक 01 पर लॉकर की व्यवस्था है, जिसमे श्रद्धालु सुविधापूर्वक मोबाइल रख कर रसीद प्राप्त करेंगे व दर्शन पश्चात रसीद जमाकर मोबाइल वापस प्राप्त कर सकते हैं। अतःपरिसर में मोबाईल का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। उपयोग करते पाए जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

भस्म आरती के पहले हुआ पंचामृत स्नान।

भस्म आरती के पहले हुआ पंचामृत स्नान।

भस्म आरती के पहले हुआ पंचामृत स्नान।

भस्म आरती के पहले हुआ पंचामृत स्नान।




Baba Mahakal : चाँदी का मुकुट धारण किये बाबा महाकाल, दिये दिव्य दर्शन

वैशाख कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर रविवार को विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित समस्त भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक के बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।

इसके बाद कपूर आरती संपन्न कर बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट एवं रुद्राक्ष की माला धारण करवाई गई। आज के विशेष श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल को मस्तक पर रजत मुकुट अर्पित कर गले में मोगरे की माला पहनाई गई। श्रृंगार उपरांत महानिर्वाणी अखाड़े के पुजारियों द्वारा ज्योतिर्लिंग पर भस्म रमाई गई तथा फिर कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और दिव्य स्वरूप के दर्शन कर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष के साथ बाबा की भक्ति में लीन हो गए।

51 कैम्पर पानी दान किए

श्री महाकालेश्वर मंदिर में उज्जैन निवासी भक्त मनीष मीणा ने समाजसेवी पप्पू बौरासी के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए जल वितरण हेतु 51 नग 20 लीटर के पानी के कैम्पर दान किए। मनीष मीणा ने इसी माह श्री महाकालेश्वर मंदिर में 5 लाख रुपये की नकद राशि भी दान की थी। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने दानदाता का सम्मान कर उन्हें रसीद प्रदान की और धन्यवाद ज्ञापित किया।
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गुजरात के श्रद्धालु ने दान किए 1 लाख 11 हजार 111 रुपये

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुजरात के सूरत से पधारे भक्त भावेश भाई बरोत ने पुजारी राम शर्मा की प्रेरणा से मंदिर में 1 लाख 11 हजार 111 रुपये की नकद राशि दान की। सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने दानदाता को सम्मानित कर रसीद प्रदान की और आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर की समस्त व्यवस्थाएं दान के माध्यम से संचालित होती हैं। भक्त अपनी श्रद्धानुसार भगवान महाकाल को नकद राशि, वस्त्र, अन्न आदि भेंट स्वरूप अर्पित करते हैं। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित नि:शुल्क अन्नक्षेत्र और गौशाला में भी श्रद्धालु समय-समय पर अन्नदान करते हैं। अधिकारी, पुजारी एवं कर्मचारी भक्तों को मंदिर में दान के लिए प्रेरित करते रहते हैं।




Ujjain Mahakal : भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का हुआ चंद्रमा से शृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत अर्पित किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष और नोट की माला धारण करवाई गई।

आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज भस्मआरती में सोमवार के संयोग पर बाबा महाकाल का त्रिनेत्र और मुंडमाला से शृंगार किया गया और भोग लगाया गया। बाबा के मस्तक पर चंद्रमा से शृंगारित करते हुए फूलों की माला भी धारण करवाई गई। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई और फिर कपूर आरती की गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे।

भस्म आरती में त्रिनेत्र और चंद्रमा से सजे बाबा महाकाल, किसी ने ई कार्ट तो किसी ने नगद राशि का द

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को ई-कार्ट का आया दान

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को केनरा बैंक की ओर से दो ई-कार्ट और श्री महाकाल महालोक में दर्शनार्थियों को छाया 18 केनोपी टेंट भेट की गई। केनरा बैंक की एमडी सत्यनारायण राजू और चैयरमैन विजय रंगन और बैंक की टीम ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु 2 नग ई-कार्ट और 20 कनोपी टेंट भेंट किए गए। मंदिर प्रबंध समिति की ओर सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे द्वारा बैंक प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित कर सम्मान किया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन और श्री महाकाल महालोक के भ्रमण हेतु पधारने वाले वरिष्ठ नागरिक/दिव्यांगजनों के लिए नीलकण्ठ पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार से श्री महाकालेश्वर में प्रवेश हेतु निर्धारित द्वार तक आवागमन करने के लिए प्रतिक्षालय स्थापित कराए जाकर, प्रतिक्षालय से सतत् ई-कार्ट चलायी जाती है। ज्ञात हो कि श्री महाकालेश्वर मंदिर की सभी व्यवस्थायें दान के माध्यम से ही संचालित होती हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित नि:शुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला आदि में भी अपनी श्रद्धानुसार अन्न दान भी करते हैं। समय–समय पर मंदिर के अधिकारी/ पुजारी/पुरोहितों/मंदिर प्रबंध समिति सदस्यों व कर्मचारियों के माध्यम से भी भक्तों को मंदिर में दान करने हेतु प्रेरित किया जाता है।

भस्म आरती में त्रिनेत्र और चंद्रमा से सजे बाबा महाकाल, किसी ने ई कार्ट तो किसी ने नगद राशि का द

भस्म आरती में त्रिनेत्र और चंद्रमा से सजे बाबा महाकाल, किसी ने ई कार्ट तो किसी ने नगद राशि का द

एक लाख एक हजार नगद दान किए

श्री महाकालेश्वर मंदिर में झारखंड से पधारे भक्त ने पुरोहित रूपम शर्मा और नवनीत शर्मा की प्रेरणा से श्री महाकालेश्वर भगवान को रुपये एक लाख एक हजार नकद भेंट किए। दानदाता द्वारा गुप्त दान किया गया है और उनकी पहचान नहीं बताने का निवेदन किया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दानदाता को विधिवत रसीद प्रदान कर मंदिर के विरेन्द्र शर्मा और अभिषेक शर्मा द्वारा सम्मान किया गया।