Khandwa News:वॉशिंग मशीन साथ लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

Khandwa News: Congress workers staged a protest by showing BJP's washing machine.

वाशिंग मशीन के साथ प्रदर्शन करते कांग्रेसी।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को BJP की सरकार के खिलाफ अनोखा धरना प्रदर्शन किया। दरअसल शहर के मध्य स्थित केवलराम चौराहे पर कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर अलग अंदाज में एक वॉशिंग मशीन साथ लेकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इस मशीन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर भी चिपकाए हुए थे, जिन पर लिखा था BJP की वाशिंग मशीन। कांग्रेस नेताओं के अनुसार भाजपा की इस वाशिंग मशीन में सारे दाग धुल जाते हैं। ये विरोध कांग्रेस के खाते सील करने की आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर था।

खंडवा नगर के कांग्रेस नेताओं ने रविवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र को कुचल रही है। ईडी, आईटी और सीबीआई के जरिये कांग्रेस पार्टी सहित पूरे विपक्ष को डराने का काम किया जा रहा है। कांग्रेस मुक्त और विपक्ष मुक्त देश बनाने की साजिश भाजपा की सरकार कर रही है। देश में युवाओं के पास रोजगार नहीं है, महंगाई चरम पर है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम आसमान पर हैं। बावजूद भाजपा महंगाई सहित मुख्य मुद्दों पर बात ही नहीं करना चाहती।

भाजपा की मशीन से धुल रहे दाग

इधर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अजय ओझा ने कहा कि जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं। हमारा ऐसा मानना है कि वे डर से भाजपा में जा रहे हैं और भाजपा में जाने के बाद उनका शुद्धिकरण कर दिया गया है। इस लिए आज के विरोध में एक वाशिंग मशीन बुलाकर रखी गई है, ताकि जनता समझ जए की भ्रष्टाचारी भाजपा में जाकर उनके सारे दाग धुल रहे हैं।




Khandwa News : पटवारी के बयान पर Bjp सांसद का पलटवार

Khandwa News: BJP MP made verbal attack on Jitu Patwari's statement

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा की 18 साल की शिवराज सरकार को झूठ का मामा, और दो माह की मोहन यादव की सरकार को कर्ज का काका बताया था।

प्रदेश में लोकसभा चुनाव होने को हैं। ऐसे में राजनीतिक बयान बाजी का दौर भी शुरू हो चला है। बुधवार को जारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए खंडवा लोकसभा सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार लगातार विकास कर रही है। कांग्रेस ने इस देश को 60 साल तक लूटा है, तो वहीं 15 महीने की उनकी सरकार में कांग्रेस ने लूट की दुकान खोल रखी थी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के लगातार लिए जा रहे कर्ज पर पाटिल ने कहा कि सरकार ने कर्ज लिया है तो उसे फेरने की भी ताकत उसमें है।

बता दें बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा की 18 साल की शिवराज सरकार को झूठ का मामा, और दो माह की मोहन यादव की सरकार को कर्ज का काका बताया था।

खंडवा लोकसभा सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल बुधवार को शहर के रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित एस्केलेटर और लिफ्ट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान पर पलटवार किया है। सांसद पाटिल ने अपने बयान में कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए भाजपा सरकार के विकास को गिनाया है। वहीं इस विकास के चलते ही प्रदेश और देशभर में भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत और जनता का आशीर्वाद मिलना बताया है।

15 महीने लगा रखी थी लूट की दुकान

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि लुटेरों की सरकार तो किसकी थी, वह आपने और हमने देखा है। यदि हम झूठ बोलते, लूटते। तो आज जनता इतने भारी बहुमत के साथ आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को नहीं देती। उनके पास बोलने को कुछ नहीं है। लूटा तो उन्होंने 60 साल इस देश को है और 15 महीने में भी जो लूट की दुकान उन्होंने लगाकर रखी थी। इसीलिए जनता ने उन्हें उखाड़ कर फेंका है। वह लोग यह सब छोड़ विकास की बात भी तो करें। विकास के काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है और कांग्रेस के पास इसके अलावा बोलने को कुछ नहीं है।

कर्जा फेरने की भी ताकत सरकार में है

वहीं प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो माह में 15 हजार करोड़ का कर्ज लिए जाने को लेकर खंडवा सांसद पाटिल ने कहा कि आज गरीबों को भरपेट भोजन मिल रहा है, गरीबों की चिंता सरकार कर रही है। क्षेत्र का विकास सरकार कर रही है। विकास के मामले में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। तो आपको किसने रोका था, विकास करने के लिए। अब आपके पास कुछ बोलने को नहीं है तो बोल रहे हैं की कर्ज हो रहा है। अरे, कर्जा हो रहा है तो कर्जा फेरने की भी ताकत सरकार में है, और हम लोग उसका सही उपयोग कर रहे हैं।




थाने में 17 भैंसों की देखभाल कर रहे पुलिसकर्मी

Policemen taking care of 17 buffaloes in the police station

भैंसों ने घेरा थाना

खंडवा के जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित जावर थाने में इन दिनों 17 भैंसे जुगाली करती देखी जा रही हैं। पुलिस के जवान इन भैंसों के चारे–पानी की व्यवस्था में जुटे हुए देखे जा रहे हैं। इन भैंसों को पुलिस ने एक ट्रक से जब्त किया है, जिसमें इन्हें ठूस ठूस कर क्रूरता पूर्वक भरा गया था।

बता दें कि आमतौर पर पुलिस जब कभी इस तरह से गौवंश से भरा वाहन पकड़ती है, तो उन्हें गौशालाओं में भिजवा देती है, लेकिन यह मामला भैंसों से जुड़ा हुआ है और इन भैंसों की कीमत करीब 8.5 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। तो इस कारण इन 17 भैंसों को पुलिस अपनी देखरेख में रख रही है। पुलिस के जवान इन्हे पानी पिलाते है, चारा खिलाते है और इतना ही नहीं जब ये चारा–पानी लेने में नखरे दिखाती है, तो इन्हें सहलाकर मनाते भी है।

थाना स्टाफ दे रहा भैंसों को चारा पानी

इस पूरे मामले को लेकर जावर थाना प्रभारी जेपी वर्मा ने बताया कि आज से चार-पांच दिन पहले एक अशोक लीलैंड ट्रक में 17 भैंसों को क्रूरता पूर्वक ठूस ठूस के भरा गया था, जिसे हमने जब्त करके थाना जावर के कैंपस में रखा है। मेरे निर्देशन में ही हमारे स्टाफ के द्वारा उन भैंसों को चारा, पानी, खली और कपास्या दिया जा रहा है। इस मामले में जब भी माननीय न्यायालय का आदेश होगा तो हमारे द्वारा भैंसों को उसके मालिक के सुपुर्द किया जाएगा।

थाना प्रभारी उठा रहे पांच हजार रोजाना का खर्च

जावर थाना प्रभारी वर्मा ने बताया कि अभी इन भैंसों के रखरखाव पर करीब चार से पांच हजार रुपये का खर्चा रोजाना का आ रहा है, जोकि उनके द्वारा ही किया जा रहा है। इन भैंसों की देखरेख जैसे कोई पशुपालक अपने निजी पशुओं की करता है, वैसे ही हमारे स्टाफ के द्वारा इन भैंसों की देखरेख की जा रही है।




Khandwa News : ‘विकसित भारत यात्रा’ के रथों की दुर्गति; खंडवा कलेक्टर परिसर में खड़े वाहनों पर सुखाए जा रहे कपड़े

The vehicles of Vikas Bharat Sankalp Yatra are facing plight in Khandwa

विकसित भारत यात्रा के रथ पर फैले कपड़े।

मध्य प्रदेश के खंडवा में विकसित भारत संकल्प यात्रा के रथों की दुर्गति देखने को मिली। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने निकले इन रथों पर खंडवा जिले के कलेक्टर परिसर में कपड़े सूखते हुए दिखाई दिए। यही नहीं यात्रा के लिए बने मोदी जी के पोस्टर पर भी सूखने के लिए लटकाए गए कपड़े दिखाई दिए। दरअसल शनिवार से प्रदेश के हर जिले से इस यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया गया था। इस संकल्प यात्रा के लिए खंडवा जिले को पांच रथ दिल्ली से ही पहुंचाए गए हैं, जो कि शनिवार को जिला कलेक्टर परिसर में खड़े हुए थे।

केंद्र की मोदी सरकार “विकसित भारत संकल्प यात्रा” का आयोजन कर रही है, जिसके तहत यात्रा के रथ देश के कई राज्यों में घूम रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश के खंडवा में आमजन के बीच सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने निकले इन रथों को लेकर भारी उदासीनता सामने आई है। खंडवा के कलेक्टर परिसर में खड़े इन वाहनों पर कपड़े सूखते हुए नजर आए हैं।

बताया जा रहा है कि दिल्ली से इस यात्रा के प्रचार के लिए निकले पांच वाहन खंडवा पहुंचे हैं। ये वाहन खंडवा जिले की 419 ग्राम पंचायतों में जाकर केंद्र की योजनाओं का प्रचार–प्रसार करेंगे, लेकिन यहां नजारा कुछ और ही देखने को मिला। इस पूरे मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो चला है। हालांकि कुछ देर बाद कैमरा देखकर इन वाहनों के साथ चल रहे कर्मचारी रथों पर सूख रहे कपड़े हटाने लगे।

बता दें कि खंडवा के गौरीकुंड परिसर से शनिवार शाम को जिले में इस यात्रा की शुरुआत की गई। यहां खंडवा लोकसभा सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित जिले की चारों विधानसभाओं से चुने गए नए विधायकों सहित पूर्व विधायकों और भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के बीच इन रथों को झंडी दिखाकर सांसद ने रवाना किया। इनके माध्यम से जिले में केंद्र की योजना का प्रचार प्रसार करते हुए आम जन को इन योजनाओं के लाभ पाने की गारंटी दी जाएगी।




Khandwa News : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई सजा पर कोर्ट हैरान; कहा- ये मक्खी को हथौड़े से मारने जैसा, जानें मामला

In Khandwa, the court ordered to withdraw the dismissal of Anganwadi worker.

कोर्ट के फैसले के बाद मामले की जानकारी देतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के एक मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी सामने आई है। जिले की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नौकरी से निकाले जाने को लेकर कोर्ट ने कहा है कि ‘ये तो ऐसा है, जैसे एक मक्खी को मारने के लिए लोहे के हथौड़े का इस्तेमाल किया गया हो।’ अपनी इस टिप्पणी के साथ ही कोर्ट ने बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा फिर से बहाल कर उसके सारे लाभ भी उन्हें देने का आदेश कर दिया।

दरअसल साल 2020 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता तिरोले को एक दिन अनुपस्थित रहने के चलते पहले तो शोकॉज नोटिस दिया गया। फिर 8 दिन के वेतन कटौती का आदेश दिया गया। इसके बाद उन्हें सेवा से ही बर्खास्त कर दिया गया था, जिसकी सुनवाई करते हुए अब हाईकोर्ट का आदेश आया है।

खंडवा जिले के चमाटी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक एक की कार्यकर्ता ममता तिरोले को साल 2020 में सेवा से बर्खास्तगी का आदेश दे दिया गया था। दरअसल एक दिन उनकी तबीयत खराब होने के चलते वे आंगनबाड़ी से अनुपस्थित थीं, और उसी दिन प्रोजेक्ट मैनेजर का आंगनबाड़ी में दौरा हो गया, जिसमें वो वहां नहीं मिलीं। उनपर कार्रवाई की गई। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर प्रोजेक्ट ऑफिसर ने 27 जनवरी 2020 को पूर्व के आदेश को वापस लेते हुए ममता तिरोले को सेवा से ही बर्खास्त कर दिया। इस पर तिरोले ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लगभग तीन साल तक लगातार न्याय के लिए प्रयास करते रहने के बाद अब जबलपुर हाईकोर्ट ने उनके हक में फैसला दिया है।

सेवामुक्त करना पूरी तरह से अवैधानिक

जबलपुर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने 60 दिन के भीतर याचिकाकर्ता को बहाल करने और सभी अनुषांगिक लाभ देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी माना कि जब उक्त कृत्य के लिए पहले 8 दिन के वेतन कटौती का आदेश दे दिया गया था, तो बाद में कलेक्टर के निर्देश पर सेवामुक्त करना पूरी तरह से अवैधानिक है। इस मामले में सुनवाई के दौरान दलील दी गई थी कि एक ही आचरण पर जब एक बार सजा मुकर्रर कर दी गई, तो उसी के लिए सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई अनुचित है। प्रोजेक्ट ऑफिसर ने अपने स्वविवेक का इस्तेमाल नहीं किया है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह कि टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दंड पर हैरानी जताते हुए कहा कि मात्र एक दिन की अनुपस्थिति पर सेवा से बर्खास्तगी की सजा देने के रवैये से हम हतप्रभ हैं। एक दिन की अनुपस्थिति पर सेवा बर्खास्तगी की सजा मक्खी को हथौड़े से मारने जैसी है। इन्हें पुनः बहाल करें और सभी वित्तीय लाभ प्रदान करें।




Khandwa News : अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा ओंकारेश्वर, बाल रूप में दिखेंगे शंकराचार्य

Khandwa: Omkareshwar is developing as a global center of Advaita Vedanta

18 सितंबर को होगा शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण

खंडवा जिले के ओम्कारेश्वर में सनातन धर्म के पुनरुद्धारक, भारत देश की सांस्कृतिक एकता के देवदूत व अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रखर प्रवक्ता ‘आचार्य शंकर’ के जीवन और दर्शन के लोकव्यापीकरण के उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश शासन ओंकारेश्वर को अद्वैत वेदांत के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 18 सितम्बर को आचार्य शंकर की 108 फीट ऊंची ‘एकात्मता की प्रतिमा’ का अनावरण होने जा रहा है, जिसमे देशभर से साधू संतों के जुटने को लेकर प्रशासन अभी से व्यवस्थाएं बनाने में जुट गया है।

बाल स्वरूप में दिखेंगे आदि शंकराचार्य

ओम्कारेश्वर के मांधाता पर्वत पर बन रहे भव्य और दिव्य ‘एकात्म धाम’ में आचार्य शंकर की 108 फीट ऊंची ‘एकात्मता की प्रतिमा’ के साथ ही ‘अद्वैत लोक’ नाम का एक संग्रहालय तथा आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान की स्थापना भी की जा रही है। इस प्रकल्प के प्रथम ऐतिहासिक चरण के रूप में यहां पहले 18 सितंबर को एकात्मता की प्रतिमा का अनावरण होने वाला है। यह 108 फीट ऊंची बहुधातु की प्रतिमा है, जिसमें आदि शंकराचार्य जी बाल स्वरूप में दिखाई देंगे।

इसलिए बन रही 12 वर्षीय बाल आचार्य शंकर की मूर्ति 

बता दें, ओंकारेश्वर आचार्य शंकर की ज्ञान भूमि और गुरु भूमि है। यहीं उनको अपने गुरु गोविंद भगवत्पाद मिले और यहीं चार वर्ष रहकर उन्होंने विद्या अध्ययन किया। 12 वर्ष की आयु में ओंकारेश्वर से ही अखंड भारत में वेदांत के लोकव्यापीकरण के लिए उन्होंने प्रस्थान किया। इसलिए ओम्कारेश्वर के मान्धाता पर्वत पर 12 वर्ष के आचार्य शंकर की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इस प्रतिमा का निर्माण एलएनटी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह मूर्ति सोलापुर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मूर्तिकार भगवान रामपुरा द्वारा उकेरी गई है। मूर्ति हेतु बाल शंकर का चित्र मुंबई के विख्यात चित्रकार श्री वासुदेव कामत द्वारा 2018 में बनाया गया था। मूर्ति निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 में संपूर्ण मध्यप्रदेश में एकात्म यात्रा भी निकाली गई थी, जिसके माध्यम से प्रदेश की 27 हजार ग्राम पंचायतों से मूर्ति निर्माण हेतु धातु संग्रहण और जनजागरण का अभियान भी चलाया गया था।

ये सभी रहेंगे मुख्य आकर्षण 

शंकर संग्रहालय के अंतर्गत आचार्य शंकर के जीवन दर्शन व सनातन धर्म पर विभिन्न वीथिकाएँ, दीर्घाएँ, लेजर लाइट, वॉटर साउंड शो के साथ ही आचार्य शंकर के जीवन पर फिल्म, सृष्टि नाम का अद्वैत व्याख्या केंद्र, एक अद्वैत नर्मदा विहार, अन्नक्षेत्र, शंकर कलाग्राम आदि प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान के अंतर्गत दर्शन, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा कला पर केंद्रित चार शोध केंद्रों के अलावा ग्रंथालय,  विस्तार केंद्र तथा एक पारंपरिक गुरुकुल भी होगा।

किया जा रहा है अद्वैत वन विकसित 

संपूर्ण निर्माण पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली में किया जा रहा है। यह प्रकल्प पर्यावरण अनुकूल होगा। अद्वैत लोक के साथ ही 36 हेक्टेयर में अद्वैत वन नाम का एक सघन वन विकसित किया जा रहा है।