Khargone News; धारा 49 हटाने की मांग को लेकर पेंशनर्स ने किया प्रदर्शन, 50% महंगाई भत्ता देने की मांग की

Khargone: Pensioners protested demanding the removal of Section 49, demanded 50% dearness allowance

अपनी मांगों को लेकर पेंशनर्स ने दिया ज्ञापन

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में अपनी शासकीय सेवाएं पूरी कर पेंशन पा रहे पूर्व कर्मचारियों ने पेंशन से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले किए गए इस विरोध प्रदर्शन के बाद अपनी नो सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशन पा रहे जिले के पूर्व कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने अपनी मांगे जल्द ही पूरी न होने पर भोपाल में बड़ा जन आंदोलन करने की चेतावनी दी।

मध्यप्रदेश सरकार महंगाई भत्ते में राहत नहीं दे रही है और न ही धारा 49 को विलोपित कर रही है। यह कहना था खरगोन जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं का।  उन्होंने कहा कि इसके चलते प्रदेशभर के 5 लाख से अधिक पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेंशन पा रहे पूर्व शासकीय कर्मचारियों के द्वारा लंबे समय से मांग करने के बाद भी अब तक इसमें उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। जिसको लेकर पेंशनरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी इस चिंता को बुधवार को प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले सौंपे गए ज्ञापन में भी पेंशनरों ने जताया है। उन्होंने कहा कि 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनर्स को भी एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाना चाहिए।

केवल पेंशनर्स के लिए ही लगाई गई धारा 49

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह सिसोदिया ने बताया कि हम लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। हमारी बहुत लंबे समय से मांग चली आ रही है कि केंद्र सरकार के द्वारा 50% महंगाई भत्ता दिया जाता है, जबकि हमें 46 परसेंट ही दिया जा रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश राज्य से छत्तीसगढ़ राज्य अलग होने पर धारा 49 लगाई गई थी, जो केवल पेंशनर्स के लिए है। जिसमें कर्मचारियों को तो नियमित महंगाई भत्ता दिया जाता है, लेकिन हमें 6 महीने या 12 महीने बाद दिया जाता है।

बड़े जन आंदोलन करने की दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि हमारा करीब 5-5 लाख रुपए तक का एरियर सरकार ने गबन कर लिया है और हमें आयुष्मान योजना से भी अब तक नहीं जोड़ा है। हमें 80 साल की आयु पूरी करने के बाद इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाता है, जबकि यह 79 साल के बाद देना चाहिए। वहीं, हमारी विधवा महिलाएं और बेटियां जो निराश्रित हैं, उनका लाभ उन्हें बहुत देरी से मिलता है, जो तुरंत मिलना चाहिए। इस तरह से हमारी कुल 9 मांगे हैं। जिसे लेकर हमने भोपाल में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया है। अगर यह पूरी नहीं होती हैं तो अब हम भोपाल में बड़ा जन आंदोलन करेंगे।




Khandwa News : दर्दनाक बस हादसे में साधु की मौत, महिलाओं और बच्चों समेत 39 लोग घायल

Khandwa: A monk died in a tragic bus accident, 39 people including women and children were injured

खंडवा में हुए सड़क हादसे में कई घायल

मध्यप्रदेश के खंडवा से बुरहानपुर जा रही एक यात्री बस देर शाम ओवरटेक करने के चक्कर में पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि करीब 39 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा लाया गया। घटना खंडवा बुरहानपुर रोड पर जिला मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर दूर पांजरिया गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि सड़क पर बने एक स्पीड ब्रेकर पर ओवरटेक करते समय बस अनियंत्रित होकर पलट गई। जानकारी लगते ही आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बस को सीधा किया और घायलों को खिड़कियों के कांच से बाहर निकाला गया। पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में जिस व्यक्ति की मौत हुई है, वह एक साधु थे, उनके एक अन्य साथी साधु घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

खंडवा की आर्या कंपनी की बस क्रमांक MP 12 P 1144 खंडवा से बुरहानपुर जाने के लिए रात करीब 8:30 बजे बस स्टैंड से रवाना हुई थी। खंडवा नगर के बाहर पहुंचते ही पंजरिया गांव के पास यात्री बस पलट गई। घायल यात्रियों ने बताया कि बस तेज गति से जा रही थी। ओवरटेक करते समय अचानक स्पीड ब्रेकर आने की वजह से वह अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में साधु जगदीश निवासी गोगावां की मौत हो गई, जबकि 39 लोग घायल हो गए। घायलों में बस का कंडक्टर भी शामिल है, जिसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। घटना के बाद बस ड्राइवर मौके से भाग गया।

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर है, बाकी सभी खतरे से बाहर हैं। पुलिस घायल यात्रियों की जानकारी प्राप्त कर उनके उपचार और परिजनों को सूचित कर रही है। इस दौरान तीनों थानों का बल अलग-अलग कामों की व्यवस्थाओं में लगा रहा। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी घटनास्थल के साथ ही अस्पताल में मौजूद रहे ।

हादसे में घायल एक युवती ने बताया कि वह खंडवा से बुरहानपुर जाने के लिए बस में सवार हुई थी। लेकिन, रास्ते में तेज गति से जा रही बस एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में स्पीड ब्रेकर पर उछल गई और फिर पलट गई। इसके बाद बस में सवार लोगों में अफरा तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने घायलों की मदद की और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की पूरी टीम भी अस्पताल पहुंची। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि बस पलटने की सूचना मिली थी। मौके पर तुरंत पुलिस और एंबुलेंस से मदद पहुंचाई गई। सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया है । एक साधु की मौत हो गई है, अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घायलों से जानकारी लेकर उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।




Burhanpur: गांव का भतीजा बताकर किसानों से धोखाधड़ी

Burhanpur: Fraud with farmers by claiming to be the nephew of the village

फर्जीवाड़े की शिकायत करने पहुंचे किसान

विस्तार

मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के साथ व्यापारियों के द्वारा धोखाधड़ी करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला बुरहानपुर जिले के महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां ग्राम फोपनार में दो दर्जन से अधिक किसानों के साथ महाराष्ट्र के मलकापुर से आने वाले एक अनाज व्यापारी के प्रतिनिधी ने करीब साढे़ तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। किसानों के बीच विश्वास जताने के लिए फर्जीवाड़ा करने वाला खुद को पूरे गांव का भांजा बातकर पहले तो किसानों की उपज अधिक दाम में खरीदता रहा। इसके बाद लगातार खरीदी करते हुए किसानों को फर्म के नाम से करीब 3 करोड़ से अधिक के चेक बांट दिए। यही नहीं, इस फर्जीवाड़े में साथ देने के लिए उसने कुछ लोगों को कृषि उपज मंडी का अधिकारी बताकर ग्रामीणों से मिलवाया। वहीं, इनमें से एक व्यक्ति को विशेषज्ञ डॉक्टर बताकर ग्रामीणों का विश्वास जीता। अब पूरे मामले की शिकायत एसपी से की गई है, मामले में जांच की जा रही है।

बुरहानपुर जिले के ग्राम फोपनार के किसानों के साथ महाराष्ट्र से आने वाले एक व्यापारी के प्रतिनिधि ने बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। गांव के करीब 29 किसानों के साथ किए गए इस फर्जीवाड़े की कुल रकम साढे़ तीन करोड़ से अधिक है। दरअसल, पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के मलकापुर से एक युवक गांव में एक अनाज व्यापारी की फर्म का प्रतिनिधि बनकर आता रहा, जिसने अपना नाम जितेंद्र महाजन बताया। ग्रामीणों में विश्वास जताने के लिए युवक खुद को पूरे गांव का भांजा बताता था। जिसने अप्रैल महीने से गांव के किसानों से उनकी मक्का की उपज खरीदना शुरू की। शुरू में तो इसने कुछ किसानों को मक्का के अच्छे दाम दिए, जिसके लालच में आकर गांव के दूसरे किसानों ने भी स्थानीय मंडी में मक्का बेचने के बजाए इसी युवक को मक्का बेचना शुरू कर दिया।

मंडी समिति के कर्मचारी बताकर किसानों को लिया झांसे में

फर्जीवाड़ा करने वाले युवक कथित भांजे जितेद्र ने लगभग 29 किसानों से मक्का खऱीदा और उन्हें रुपये देने के लिए चेक दिए। इस दरम्यान उसने कुछ अनजान लोगों को मंडी समिति का कर्मचारी और एक व्यक्ति को डॉक्टर प्रफुल्ल बताकर किसानों से मिलवाकर विश्वास में लिया। लेकिन, अब किसानों के लाखों रुपये अटक गए हैं, जिसकी शिकायत लेकर पीड़ित किसानों ने पहले डिप्टी कलेक्टर अजमेर सिंह गौड से मुलाकात की। डिप्टी कलेक्टर गौड ने उन्हें जिले के एसपी के पास जाकर मामला दर्ज कराने की सलाह दी। जिसके बाद पीड़ित किसानों ने एसपी को इस पूरे मामले की शिकायत की है।

एसपी बोले, जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

बुरहानपुर एसपी देवेंद्र पाटीदार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच कर आरोपी का पता लागाया जाएगा। किसानों के रुपये उन्हें वापस दिलवाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। एसपी ने मीडिया को बताया कि शाहपुर थाने के फोपनार का मामला सामने आया है, जिसमें एक ट्रेडिंग कंपनी के साथ मिलकर गांव के कथित भानजे युवक ने किसानों को फसल खरीदी का भुगतान नहीं किया है। इसको लेकर थाना शाहपुर को आवश्यक जांच कर आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया है। जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी ।




Burhanpur News: खेत में काम कर रहे मजदूर की करंट लगने से मौत

Burhanpur News: A laborer working in the field died due to electric shock

मजदूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल में खेत में काम कर रहे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजन मजदूर का शव शाहपुर थाना लेकर पहुंचे, जहां पुलिस से खेत मालिक पर कार्रवाई करने की बात कही। पुलिस ने मामले में जांच की बात कही, जिसको लेकर परिजन और भी नाराज हो गए और शव को इंदौर इच्छापुर हाईवे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अंत कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ और चक्काजाम खत्म हुआ।

बुरहानपुर नगर के शाहपुर स्थित एक केले के खेत में 8 से 10 मजदूर काम कर थे। ये सभी केले के घड़ निकाल कर अलग कर रहे थे। इनमें शाहपुर निवासी मजदूर धर्मेंद्र पिता आपसिंग भी शामिल था। इस दौरान खेत में बिजली के तार टूटे हुए झूल रहे थे, जिसको लेकर मजदूरों ने खेत मालिक को भी बताया हुआ था। हालांकि मजदूरों के अनुसार खेत मालिक ने उन्हें कहा था कि उसके यहां बिजली की लाइन कटी हुई है और इन तारों में करंट नहीं है। इसके बाद मजदूर बेधड़क होकर अपना काम कर रहे थे। इस बीच एक मजदूर धर्मेंद्र उन बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे लगे करंट के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मृतक धर्मेंद्र के शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन इसके बाद आक्रोशित परिजन खेत मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एंबुलेंस में मजदूर का शव रखकर शाहपुर थाने पहुंचे और खेत मालिक पर मामला दर्ज करने की बात कही। हालांकि पुलिस में इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आगे कार्रवाई करने का परिजन को बोला, जिसको लेकर नाराज परिजनों ने थाने के सामने ही इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के दौरान पुलिस और परिजन के बीच बहस भी हुई। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

परिजन बोले, यह काश्तकार की है लापरवाही

वहीं इस मामले में मृतक के परिजन सावन ने बताया कि माजदूर जहां काम कर रहे थे, वहां खेत में बिजली की लाइन टूटी हुई थी। तो यह तो काश्तकार की लापरवाही हुई, जिसमें हमारे साथी की मौत हो गई। ये वहां पर साफ-सफाई का काम कर रहे थे, और उन्होंने बोला भी था की यहां लाइन टूटी हुई पड़ी है। तो काश्तकार ने बोला था कि उसमें सप्लाई नहीं है तो फिर बाद में उसमें कैसे सप्लाई आ गई और करंट लग गया। इसको लेकर हम काश्तकार के खिलाफ यह प्रदर्शन कर रहे हैं।




Khandwa News: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री दादाजी धाम पर हुई महाआरती

Khandwa: On the occasion of Guru Purnima, Maha Aarti was performed at Shri Dadaji Dham

गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्री दादाजी धाम में हुई महा आरती

मध्य प्रदेश के खंडवा नगर में गुरु पूर्णिमा का महापर्व मनाया जा रहा है। जिले के श्री दादाजी धाम मंदिर में तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार से हुई आज रविवार को इसका अंतिम दिन है। हालांकि, देशभर में गुरु पूर्णिमा का मुख्य पर्व रविवार को मनाया जा रहा है, लेकिन श्री दादाजी धाम मंदिर में यह महोत्सव शनिवार को ही मनाया गया। इस दिन सुबह से ही शुरू हुआ दादा जी के भक्तों के निशान लेकर समाधि स्थल तक पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। आज रविवार को भी यह इसी तरह जारी रहेगा। मंदिर से जुड़े लोगों की मानें तो शनिवार के दिन मंदिर परिसर में करीब डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। आज रविवार को यह संख्या 2 लाख से अधिक हो सकती है। इसी तरह इस पर्व के दौरान दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या लगभग 5 लाख के करीब रहने वाली है।

50000 से अधिक भक्त हुए महा आरती में शामिल

गुरुपूर्णिमा के मुख्य पर्व के दिन श्री दादाजी धूनीवाले दरबार में देर रात महाआरती हुई। इसे बड़ी आरती भी कहा जाता है। रात करीब 8 बजे के बाद शुरू हुई महाआरती के दौरान 108 दीपों के साथ बड़े दादाजी केशवानंद जी महाराज और छोटे दादा जी हरिहर भोले भगवान के साथ धुनिमाई की आरती की गई। महाआरती में शामिल होने के लिए भक्तों के बीच होड़ सी दिखी, इस दौरान मंदिर परिसर के साथ ही पूरा प्रांगण भक्तों से खचाखच भरा रहा। करीब 50000 से अधिक भक्तों ने महाआरती का लाभ लिया। आरती शुरू होने से पहले ही प्रांगण श्रद्धालुओं से भर गया था। इस बीच यहां भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था को रोका भी गया था ।

महाआरती के बाद करीब 2 घंटे में हुए दर्शन

महा आरती के दौरान यहां पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि डोम स्थित जिगजैग बैरिकेडिंग पूरी तरह से श्रद्धालुओं से भर गई थी। इस दौरान 6 नंबर गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिए जाने के चलते महाआरती के बाद करीब 1 से 2 घंटे के इंतजार के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन लाभ मिल सका। महाआरती के समय धुनी माई का टेंपरेचर भी करीब साठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। गुरुपूर्णिमा पर्व की महा आरती का संचालन श्री धुनी वाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट के संचालक सुभाष नागोरी के द्वारा किया गया था ।

गुरु पूर्णिमा पर होने वाली बड़ी आरती का है महत्व

बता दें कि, श्री दादा दरबार में गुरुपूर्णिमा पर्व पर होने वाली बड़ी आरती का बड़ा महत्व माना जाता है। यहां वर्ष भर में कुल सात बड़ी आरतियां होती हैं। इनमें प्रमुख त्योहारों में गुरु पूर्णिमा शामिल है। इसके साथ ही बड़े दादाजी की बरसी, छोटे दादा जी की बरसी, महाशिवरात्रि, रामनवमी, जन्माष्टमी और दीपावली के पर्व पर यहां बड़ी आरतियां होती हैं। इनमें से गुरु पूर्णिमा के दिन होने वाली बड़ी आरती का बड़ा महत्व रहने के चलते दादा दरबार से जुड़े जो भक्त हैं, वे यह कोशिश करते हैं कि इस दिन वे दादा दरबार जरूर पहुंचे और दादाजी की समाधि पर मत्था टेककर महाआरती में शामिल हो।

मंदिर परिसर में रोजाना होती हैं चार आरतियां

श्री धुनी वाला आश्रम पब्लिक ट्रस्ट से जुड़े मुकेश नागौरी ने बताया कि मंदिर परिसर में रोजाना चार आरतियां होती हैं। इनमें प्रातः काल 5 बजे छोटी आरती होती है। सुबह 7:45 पर बड़ी आरती होती है, शाम 5 बजे छोटी आरती होती है। इसके बाद देर शाम 7:45 पर बड़ी आरती होती है। साथ ही जिस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा होती है, उस दिन कथा प्रारंभ की आरती और कथा समापन की आरती भी होती है।

गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्री दादाजी धाम में हुई महा आरती

गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्री दादाजी धाम में हुई महाआरती

गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्री दादाजी धाम में हुई महा आरती




Khandwa News : ग्रामीणों ने केले से भरा ट्रक लूटा

Khandwa: A truck loaded with bananas  looted by villagers

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

खंडवा जिले के राई रजुर गांव के पास रावेर से आ रहा केले से भरा एक ट्रक क्रासिंग के दौरान पलटी खा गया। इस ट्रक के पलटी खाने की सूचना पर यहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। यही नहीं यहां मौजूद ग्रामीणों की भीड़ ने पलटी खाये हुए ट्रक से नीचे गिरे हुए केलों को उठना शुरू कर दिया। जिसके हाथ में जो था, उसी में भरकर वह सड़क किनारे पड़े केलों को उठाकर अपने घर ले जाता दिखाई दे रहा था। बच्चे, बुजुर्ग, युवक और महिलाएं सभी इस दौरान केले उठाते नजर आए। वहीं कुछ तो अच्छी उपज वाले केलों को उठाने के लिए एक दूसरे छीनाझपटी भी करते नजर आए।

बताया जा रहा है कि, हरसूद रोड पर राई रजुर गांव के समीप सड़क के किनारों पर साइड शोल्डर नहीं डले थे। इसी के चलते यहां से गुजर रहे इस केले से भरे ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह धड़ाम से वहां पलटी खा गया। हालांकि इसके ड्राइवर कंडक्टर को मामूली खरोंचे आईं और वे सुरक्षित रहे, साथ ही किसी अन्य को भी इस दुर्घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है। इधर कुछ देर बाद ट्रक मालिक ने पोकलेन मशीन की मदद से ट्रक को सीधा कराया, और ग्रामीणों की लूट के बाद बचे हुए केलों को ट्रक में वापस भरवा कर ले जाया गया।

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले

पलटी खाये ट्रक से ग्रामीणों ने लूट लिये केले




Khandwa News : सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन का झंडा फहराने के आरोप में चार लोगों को जेल भेजा गया

Khandwa: four people were sent to jail for the hoisted Palestine flag making reels on social media

पुलिस गिरफ्त में फिलिस्तीन का झंडा फहराने वाले आरोपी

खंडवा नगर के शिवाजी चौक पर मुहर्रम पर्व की दसवीं तारीख को निकाले जा रहे ताजियों के जुलूस के दौरान फिलिस्तीन देश का झंडा फहराने का मामला सामने आया था। जिस पर जमकर बवाल भी खड़ा हुआ था और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने देर रात थाने पहुंचकर झंडा फहराने वाले युवकों को देशद्रोही बताते हुए, मामला दर्ज करने का आवेदन दिया था। उनका कहना था कि ऐसा करने वाले लोग आतंकवादी संगठन हमास का समर्थन कर रहे हैं, जिसको लेकर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया और झंडा फहराने वाले युवकों की पड़ताल की गई ।

वहीं इस मामले में जांच के दौरान मालूम चला था कि, जुलूस के दौरान दोपहर के समय लहराया गया फिलिस्तीन देश का झंडा आठ साला एक बालक अपने घर से ही बना कर लाया था। जिसने घर पर ही अपनी माँ से उसे सिलवाया था। जुलूस के दौरान जब वह झंडा लेकर आया था तब, वहां खड़े तीन से चार युवकों ने उस झंडे को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट के लिए वीडियो रील बनाने के चलते, उस झंडे को फहराया था। इस दौरान ही बनाया गया वीडियो वायरल हुआ था और यह मामला सामने आया था । इधर इस मामले में अब पुलिस ने चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 एक और दो के तहत मामला दर्ज कर शुक्रवार को उनका मेडिकल कराकर एसडीएम की कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से चारों ही युवकों को जेल भेज दिया गया ।

चार युवकों ने एक राय होकर फहराया था झंडा

इधर इस मामले में खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि मुहर्रम के जुलूस के दरमियान शिवाजी चौक पर एक झंडा फहराने का मामला सामने आया था। जिस पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाना मोघट रोड में एक शिकायती आवेदन दिया था। उसकी जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए थे कि फिलिस्तीन का झंडा कुछ लोगों द्वारा फहराया गया, जिसको लेकर आसपास के लोगों में आक्रोश की स्थिति निर्मित हुई, और खंडवा शहर में भी उसको लेकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने जैसी स्थिति बनी। इसी को मद्दे नजर रखते हुए पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की।




Khandwa News: गुरु पूर्णिमा पर मांस, अंडा और मछली की दुकानें बंद रहेंगी

Khandwa: On Guru Purnima, meat, egg and fish shops will remain closed

खंडवा नगर निगम

खंडवा जिले में गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान यहां से सटे महाराष्ट्र एवं जिले के आस-पास के अन्य जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु धुनीवाले दादाजी धाम के दर्शन करने खंडवा आते हैं। इसी के चलते नगर में शुक्रवार से ही रेल एवं सड़क मार्ग से भक्तों एवं श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो चुका है। शहर सहित ग्रामीण अंचल में इस पर्व के दौरान जगह-जगह भण्डारे का आयोजन किया जाता है। शहरवासियों द्वारा इन श्रद्धालुओं के स्वागत में शहर के मुख्य मार्गों पर भण्डारे एवं प्रसादी बांटने के स्टॉल लगाये जाते है। इस दौरान कुछ व्यक्तियों/युवाओं द्वारा भोपू, हूटर, सायरन का भी उपयोग किया जाता है। जिसकी कर्कश आवाज से विक्षोभ उत्पन्न होता है, जोकि आम लोगों में तनाव उत्पन्न करता है। इसी तरह यहां आने वाले अधिकतर श्रद्धालु शाकाहारी प्रवृत्ति के होते हैं, जिन्हें मांस, मछली या अंडा देखकर उससे घृणा के भाव उत्पन्न होते हैं।

इसी के चलते खंडवा जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपर कलेक्टर के.आर. बड़ोले ने नगर निगम सीमा क्षेत्र के भीतर 21 जुलाई तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश अनुसार स्थाई/अस्थाई दुकानों पर, हाथ ठेला द्वारा फेरी लगाकर भोपू या हूटर, सायरन के क्रय-विक्रय को एवं उसके उपयोग को भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी। हालांकि जारी आदेश में बताया है कि शासकीय वाहन एवं कानून व्यवस्था के अन्तर्गत कार्य कर रहे वाहन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

मांसाहार से जुड़ी दुकान रहेगी बंद

वहीं इसके साथ ही नगर निगम खंडवा के द्वारा जारी किए एक आदेश के मुताबिक खंडवा के शहरी क्षेत्र मे मांस, मछली तथा अण्डे की दुकाने पर्व के दौरान शनिवार और रविवार को प्रतिबंधित रहते हुए बन्द रखी जायेगी । मेले में श्रद्धालुओ की सुविधा को ध्यान रखते हुए खंडवा शहरी सीमा के लिए इस तरह का फैसला लिया गया है । जिसको लेकर एक आदेश आयुक्त नगर निगम नीलेश दुबे ने नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 256 के तहत शुक्रवार देर शाम जारी किए हैं।




Khandwa News: मुहर्रम की भारी भीड़ के बीच खंडवा में चंद सेकंड में गुजरी एंबुलेंस

ambulance passed in a few seconds At Khandwa in Muharram huge crowd

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एंबुलेंस

मध्य प्रदेश के खंडवा में मुहर्रम बड़े धूमधाम से मनाया गया। ग्यारह दिनों तक चलने वाले इस पर्व की ग्यारहवीं तारीख गुरुवार को मनाई गई। पिछले दिन की तरह ही इस दिन भी सुबह से ही शुरू हुआ इबादतों का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। वहीं, दूसरे दिन निकाले जाने वाले परंपरागत ताजियों का चल समारोह भी निकाला गया जो गुरुवार शुक्रवार की मध्य रात्रि तक तक चलता रहा। जिसके बाद ताजियों को कर्बला ले जाया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल साथ मौजूद रहा। वही, चल समारोह में भारी भीड़ के बीच देर रात अचानक एक एंबुलेंस आने उसे तुरंत रास्ता देकर गुजारा गया। जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है।

खंडवा नगर में बरसों से चली आ रही परंपरा के अनुसार मुहर्रम की 10 और 11 तारीख को शहर के अलग-अलग क्षेत्र से ताजिए निकाले जाते हैं । गुरुवार को इस्लामिक नए साल के इस पर्व की 11 तारीख में भी पिछले दिन की तरह ही बड़ी संख्या में ताजिये निकाले गए। सुबह करीब 10 बजे से निकलने वाले इन ताजियों का सिलसिला देर रात करीब 1:30 बजे तक चलता रहा। इस बीच शहर के इमलीपुरा, हताई, खड़कपुरा, पड़ावा, खानशाहवली कॉलोनी, कसाईपुरा, मीरपुरा क्षेत्र के ताजिए घुमाने के लिए निकाले गए, जिन्हें हताई इमामबाड़ा और इमलीपुरा से निकालते हुए शिवाजी चौक और फिर मेडिकल चौक की तरफ से जलेबी चौक होते हुए पंधाना रोड़ पर बने कर्बला की तरफ ले जाया गया। इस दौरान ढोल ताशों के साथ ही बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे, तो वहीं इस बीच हाथों में लाठियां लिए अखाड़े का प्रदर्शन भी किया गया ।

मध्य रात्रि तक चला ताजियों का विसर्जन समारोह

मोहर्रम की 11 तारीख को देर शाम निकाला जाने वाला ताजियों के विसर्जन का मुख्य चल समारोह रात करीब 10 बजे शुरू हुआ। इस दौरान हल्की-फुल्की बारिश भी हुई। ताजियों को बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक के कवर में ले जाया गया था। इन ताजियों को झिलमिल रोशनी के साथ बड़े ही अनोखे तरीके से सजाया गया था, जिसे देखने बड़ी संख्या में समाज जन इकट्ठा थे। ये ताजिये देर रात करीब 12:30 बजे मेडिकल चौक तक पहुंचे थे, जहां मौजूद दूसरे ताजिए भी इसके साथ विसर्जन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान शहर के परदेशीपुरा से लेकर जलेबी चौक तक बड़ी संख्या में युवा इन ताजियों के चल समारोह में शामिल दिखाई दिए। चल समारोह में अखाड़ों का भी प्रदर्शन किया गया। जिसमें छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने लाठी और डंडों से अखाड़ा दिखाया। यह चल समारोह रात करीब 1:30 बजे शहर के जलेबी चौक तक पहुंचा, जहां से ताजियों का यह चल समारोह कर्बला की ओर चल पड़ा।

भारी भीड़ के बाद भी सेकंडों में गुजरी एुंबुलेंस

ताजियों के विसर्जन के इस चल समारोह में बड़ी संख्या में महिला और बच्चों समेत युवा शामिल थे। सड़कों पर मौजूद भारी भीड़ के चलते जलेबी चौक से लेकर इमलीपुरा क्षेत्र तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। हालांकि, जलेबी चौक से शेर तिराहा होते हुए जिला अस्पताल जाने का यह मुख्य मार्ग है। देर रात अचानक एक 108 एंबुलेंस जिला अस्पताल जाने के लिए जलेबी चौक पर पहुंची, जिसे यहां मौजूद भारी भीड़ के बावजूद तुरंत गुजारा गया। पूरे मार्ग पर एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनते ही भीड़ एक तरफ हो गई और एंबुलेंस मरीज को लेकर मात्र कुछ सेकंडों में ही निकल गई।

कलेक्टर और एसपी ने संभाल रखी थी सुरक्षा की कमान

जुलसू के दौरान पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल मौजूद रहा, चल समारोह की व्यवस्था संभालने में भी बड़ी संख्या में पुलिस बल साथ रहा। जिले के कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, एसपी मनोज कुमार राय, अपर कलेक्टर अरविंद चौहान, एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी, सीएसपी अरविंद तोमर, एसडीएम बजरंग सिंह, तहसीलदार महेश सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन का अमला पूरे समय मौजूद रहा। जिले कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक खुद जलेबी चौक पर बनी चौकी पर बैठकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते भी नजर आए।

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस

खंडवा में ताजियों के चल समारोह के बीच से निकलती एम्बुलेंस




Khandwa News: ओंकारेश्वर में देवशयनी एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Khandwa: Thousands of devotees took a holy dip on Devshayani Ekadashi in Omkareshwar

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में बुधवार को देवशयनी एकादशी पर्व मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में आस्था की डुबकी भी लगाई। ऐसे में यहां के लगभग सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान करते नजर आई। इस दौरान प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम कर रखे थे, जिसके चलते किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। हालांकि, पूर्व के वर्षों की तुलना में इस पर्व पर बुधवार को श्रद्धालु कम ही नजर आए। बताया जा रहा है कि फसलों की बुवाई का समय होने के चलते यह स्थिति बनी है।

धार्मिक तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में देव शयनी एकादशी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे, जिन्होंने नर्मदा किनारे के गोमुख घाट, नगर घाट, कोटि तीर्थ घाट, अभय घाट, ब्रह्मपुरी घाट समेत अन्य घाटों पर स्नान कर आस्था की डुबकी भी लगाई। इसके साथ ही ओम आकर के पर्वत पर बसे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की परिक्रमा कर हजारों महिलाओं ने यहां मौजूद प्राचीन मंदिरों के भी दर्शन किए। हालांकि, मोरटक्का (खेडीघाट) पर पर्व काल की पूर्व रात्रि में लगभग सभी घाटों पर अंधेरा छाया रहा, जिसको लेकर  सनावद बिजली विभाग के इंजीनियर आरएस ठाकुर ने कहा कि घाटों पर प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की रहती है। अगर, पंचायत इससे सम्बंधित सामग्री उन्हें उपलब्ध करवा दे तो बिजली विभाग उसे लगवा देगा।

पहले के वर्षों से कम रही श्रद्धालुओं की संख्या

पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि तीर्थ नगरी में पर्व के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार कम होने लगी है। बता दें कि पूर्व में देवशयनी एकादशी पर्व पर ही 50 हजार से लेकर एक लाख श्रद्धालु स्नान करने आते थे । लेकिन, वर्तमान में ग्रामिण क्षेत्रों के श्रद्धालुओ की संख्या कम रहने लगी है। यहां पहुंचे एक श्रद्धालु ने इसे लेकर कहा कि अधिकतर ग्रामिण खेती किसानी करने वालें लोग रहते हैं और अभी वे खेती में  व्यस्त हैं । शायद, इसलिए यहां कम संख्या में श्रद्धालु नजर आए।

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु

एकादशी पर्व पर ओंकारेश्वर पहुंचे श्रद्धालु