Khandwa news : जनपद सीईओ ने मांगी रिश्वत; रोजगार सहायक ने की आत्महत्या…. मौत पर पुत्र ने सुनाई आपबीती

खंडवा जिले के गुलगांव रैयत गांव के ग्राम रोजगार सहायक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने पुनासा जनपद पंचायत की महिला सीईओ रीना चौहान की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, बताया जा रहा है कि कार्य में लापरवाही के चलते मृतक गजेंद्र सिंह राठौड़ को निलंबित कर दिया गया था। वह करीब पांच माह से निलंबित था और इस दौरान सैलेरी न मिलने और आर्थिक परेशानियों के चलते वह डिप्रेशन में चला गया था।

जिसके बाद उसने इस तरह का कदम उठाया है। वहीं मृत्यु पूर्व उसने एक वीडियो बनाकर अपने घर वालों को भी भेजा था, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाते हुए उसे वापस नौकरी पर बहाल करने के लिए पुनासा जनपद सीईओ रीना चौहान द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत राशि की मांग करना भी बताया है। सुसाइड से पहले ग्राम रोजगार सहायक के बनाये वीडियो संदेश में उसने पुनासा जनपद सीईओ रीना चौहान को ही उसकी मृत्यु का दोषी बताते हुए कीटनाशक पीकर अपनी जान देने की बात कही है। मामले की जानकारी लगते ही परिजन गंभीर हालत में उसे लेकर मूंदी के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, जहां से उसे खंडवा रेफर कर दिया गया और देर शाम उसकी मृत्यु हो गई।

पापा ने वीडियो डाला और दवाई पी ली
इधर मृत्यु के बाद जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के पुत्र ने बताया कि आज पापा को खंडवा कोर्ट आना था, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे और सैलरी भी नहीं मिली थी। इसके बाद पापा पता नहीं कहां चले गए। फिर पापा ने हमें एक वीडियो डाला, और उसमें बोला कि मेरी मृत्यु का कारण यह मैडम हैं। फिर पापा ने केनूद तालाब के पास दवाई पी ली। वहीं उसने बताया कि, पिता ने पांच माह काम किया था, जिसकी उन्हें सैलरी नहीं दी जा रही थी। जब वह मैडम से सैलरी मांगने गए तो उन्होंने एक लाख रुपये की मांग की थी। जिसके बाद से उनके पिता काम पर नहीं गए थे। अभी करीब 22 माह की उनकी सैलरी हो चुकी है जो उन्हें नहीं मिल रही थी, जोकि करीब 3 लाख रुपये बनती है। इसलिये इसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए।




Khandwa: बस रुकते ही उतरा युवक और लगा दी नर्मदा नदी में छलांग, नाव चला रहे युवकों ने बचाया, हालत गंभीर

As soon as the bus stopped, the young man got off and jumped into the Narmada river

युवक को बचाकर अस्पताल ले जाते आमलोग

खंडवा और इंदौर सड़क मार्ग के मध्य मोरटक्का स्थित नर्मदाजी के वाहन पुल से रविवार को एक युवक अचानक नीचे कूद गया। इस दौरान ब्रिज पर मौजूद गोताखोर अर्जुन वर्मा ने यह देख लिया और तुरन्त ही नीचे नदी में नाव चला रहे स्थानीय युवकों को आवाज़ लगाई। जिसके बाद मौके पर जगदीश वर्मा सहित कुछ अन्य गोताखोर पहुंचे, जिन्होंने डूब रहे युवक को गंभीर अवस्था में बाहर निकाला। युवक की पहचान कार्तिक के रूप में हुई, जिसे उठाकर नाव के सहारे किनारे पर लेकर आया गया, साथ ही तुरन्त मोटक्का पुलिस चौकी को भी इस मामले की सूचना दी गयी। वहीं युवक को बड़वाह स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इधर मोरटक्का पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। वहीं देर शाम युवक की हालत गम्भीर होने के चलते उसे इंदौर रेफर करने की भी सूचना मिली है।

पुलिस के द्वारा ही घायल युवक के इंदौर स्थित परिजनों को भी सूचना दी गई। वहीं जांच में सामने आया कि घटना के दौरान एक लड़की को भी लोगों ने पुल पर भागते हुए देखा था। इधर मोरटक्का चौकी के एएसआई पाटीदार ने बताया कि पुलिस को खबर लगते ही हम लोग मौके पर पहुंचे थे। जहां से घायल युवक को तुरंत एम्बुलेंस से बड़वाह अस्पताल भेज दिया गया था। इस दौरान वहां मौजूद युवक की साथी एक लड़की ने हमे बताया है कि हम लोग कल आये थे। रात्रि रुकने के बाद बस से इंदौर जा रहे थे। इस दौरान मोरटक्का पुल पर बस रुकी, तो युवक कार्तिक प्रजापति छलांग लगाकर कूद गया।




Khandwa News: जिले में दर्ज हुई 22.5 इंच बारिश, लगातार बारिश के बाद अब फसलें मांग रहीं धूप

22.5 inches of rain was recorded in Khandwa district after continuous rain

झमाझम बारिश

खंडवा जिले में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह से लगातार हो रही बारिश रविवार तक भी दिनभर होती रही। हालांकि इस बीच दोपहर में कुव्ह देर हल्की धूप भी निकली, लेकिन मौसमी हालात ऐसे हैं कि धूप ना के बराबर ही निकल रही है, जिसका असर फसलों के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी हो रहा है। इससे एक ओर तो फसलें ग्रोथ नहीं कर पा रही हैं, तो वहीं किसान भी खेतों में खाद और दवा का छिड़काव तक नहीं कर पा रहे हैं।

खेतों में निंदाई, कोलपा ना चलने से खरपतवार बढ़ गई हैं। इधर अस्पतालों में भी बीमारों का मेला लगा हुआ है। बता दें कि इस साल खंडवा जिले में अब तक 22.5 इंच बारिश दर्ज हुई है। रविवार को खंडवा तहसील में डेढ़ इंच बारिश हुई। जहां खंडवा में सबसे ज्यादा 35 मिमी, खालवा में 31 मिमी, नया हरसूद में 23, पंधाना में 13 व पुनासा में 8 मिमी बारिश हुई है। इधर पिछले साल इस दिन कोई बारिश दर्ज ही नहीं हुई थी।

पिछले साल के मुकाबले इस साल 7 इंच ज्यादा हुई बारिश

खंडवा जिले के बारिश के तुलनात्मक आंकड़ों को देखा जाए तो, 11 जून तक जिले में औसत बारिश 556 मिमी हुई है। पिछले साल इस दिन तक यहां 390 मिमी बारिश ही हो पाई थी। जोकि इस साल लगभग 170 मिमी अधिक यानी करीब 7 इंच बारिश पिछले साल से अब तक ज्यादा हो चुकी है। वहीं पिछले साल हरसूद तहसील में इस दिन तक 663 मिमी बारिश हो चुकी थी। यह रेकार्ड बारिश थी। हालांकि, सुखद बात यह हैं कि इस सीजन में अब तक रिकॉर्ड 23 इंच बारिश हो चुकी हैं। वहीं सीजन के अंत तक जिले का 32 इंच बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा।

लगातार हो रही बारिश से बढ़ रही परेशानियां

जिले में लगातार हो रही वर्षा से हर वर्ग परेशान हो गया है और अब सभी मौसम के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के किसानों के माथे पर भी लगातार हो रही वर्षा के कारण बनी चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। क्योंकि यह वर्षा खरीफ की फसल को प्रभावित कर रही है। लगातार वर्षा के कारण खेतों में जल भराव की स्थिति बन रही है तो वहीं कच्चे घरों की दीवारों व जमीनों में भी सीलन तक आ गई है। वहीं लगातार नमी से पशु भी बीमार हो रहे हैं। जल जमाव व गलियों में गंदगी होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है ।

जिले में सवा दो लाख हेक्टेयर में है सोयाबीन

खंडवा जिले में लगातार हो रही वर्षा अब फसलों के लिए भी संकट ला रही है। हालांकि राहत की बात ये है कि, फसलों में फिलहाल बीमारियों, इल्लियों और कीटों का प्रकोप नहीं है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा से सोयाबीन के परगना धुलने से फल्लियां कम बैठने की आशंका जरूर जताई जा रही है। बता दें कि जिले में करीब दो लाख 24 हजार हेक्टेयर रकबे में सोयाबीन फसल की बोवनी की गई है। वहीं इस मानसून सीजन में लंबे समय से हो रही रिमझिम वर्षा से, फसलों में छेदक इल्लियों से बचाव के लिए, किसान दवाइयों का छिड़काव भी कर रहे हैं।

वर्षा रुककर अब मौसम का खुलना जरूरी

जिले में बारिश के बाद बनी फसलों की स्थिति पर बात करते हुए कृषि विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि, फिलहाल जिले में फसलों की स्थिति ठीक है, लेकिन वर्षा के कारण फूल पर आ रही, सोयाबीन के परगना धुलने से उसकी फल्लियाँ कम बैठने का संभावना है। वहीं अब मौसम खुलना भी जरूरी है, नहीं तो फसल पीलीे होकर सड़ने लगेगी। जिले के खालवा क्षेत्र में कुछ किसानों की सोयाबीन की हाइट चार फीट तक हो चुकी है, ऐसे में मौसम के चलते वहां की फसल आड़ी हो रही है।




Khandwa News : दो साल का बच्चा खेलते समय पानी से भरी बाल्टी में मुंह के बल गिरा और मौके पर मौत

Khandwa: A two-year-old child fell face down in a bucket full of water while playing and died

हादसे के बाद जिला अस्पताल में मौजूद बालक के परिजन

खंडवा जिले के छैगांव माखन थाना अंतर्गत बढ़िया तला गेसूर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना में दो साल के मासूम बालक की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब बालक खेलते-खेलते घर के बाहर रखे पानी से भरे बाल्टी नुमा बर्तन में गिर गया। सिर पानी में डूबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के वक्त मासूम चिराग के माता-पिता घर को बारिश के पानी से बचाने के लिए व्यवस्थित कर रहे थे। इसी बीच चिराग बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह घर के बाहर रखे पानी से भरी बाल्टी में औंधे मुंह गिर गया। जब परिवार के सदस्यों ने उसे देखा, तो तुरंत उसे खंडवा के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम किया जाएगा और उसके बाद शव को परिजनों को सौंपा गया।

सुरक्षा सलाह: बच्चों की पहुंच से दूर रखें पानी भरे बर्तन

इस प्रकार की घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब माता-पिता का ध्यान बच्चों पर नहीं होता है, और बच्चे खेलते-खेलते अनजाने में खतरनाक परिस्थितियों में पड़ जाते हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पानी से भरे बर्तनों को उनकी पहुंच से दूर रखा जाए। यह छोटी सी सावधानी ऐसे हादसों से बचाव में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।




Khandwa News : फर्जी दस्तावेजों से जमीनों की हेराफेरी कर रहे हैं भू-माफिया

Khandwa: Land mafia is manipulating lands with fake documents

सांकेतिक तस्वीर

खंडवा जिले में कृषि की ग्रीन बेल्ट भूमि पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है, जिसमें राजस्व विभाग की मिलीभगत का आरोप है। इन कॉलोनियों का खुलेआम विज्ञापन किया जा रहा है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी इस पर मौन हैं। इसके साथ ही, कूटरचित दस्तावेज बनाकर दूसरों की जमीन बेचने के मामले भी सामने आए हैं। माना जा रहा है कि यह सब इसलिए संभव हो पा रहा है, क्योंकि राजस्व विभाग के पुराने रिकॉर्ड को अनदेखा किया जा रहा है।

हाल ही में हुई एक शिकायत के बाद प्रशासन ने इस पर कार्रवाई शुरू की है। खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र में फर्जी कागजों के माध्यम से जमीन बेचने वालों और खरीदारों पर मामला दर्ज किया गया है। भू-माफिया और अधिकारियों के गठजोड़ से यह संगठित अपराध किया जा रहा है। अगर आपकी जमीन या मकान खंडवा शहर या इसके आसपास है, तो आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। माफिया थोड़ी सी भी गलती का फायदा उठाकर संपत्ति पर कब्जा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अवैध कॉलोनियों का निर्माण और कूटरचित दस्तावेज बनाकर जमीन हथियाने के मामलों में क्षेत्र के आरआई, पटवारी, तहसीलदार समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। जिला कलेक्टर अनूप सिंह की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों पर मामला दर्ज किया है, जिनमें आरोपी योगेश पिता पतिराम चौहान, अब्दुल लतीफ पिता नसरूद्दीन खत्री, मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद युसुफ खत्री, मोहम्मद जुबेर पिता मोहम्मद निसार, और अब्दुल गफ्फार पिता मेहमूद शामिल हैं।

फर्जी कागजों से बिक्री की तैयारी

आरोपियों ने ग्राम सिंगोट में मुख्य मार्ग की बेशकीमती कृषि भूमि के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने की तैयारी कर ली थी। उनके खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 469, 471 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। शिवसेना के गणेश भावसार ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 20 वर्षों से अधिक समय से जिले में पदस्थ हैं। इस कारण संगठित अपराध बेरोक-टोक चल रहा है।




Khandwa News : इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के कारण हो रहे हादसे

Khandwa: Accidents happening due to potholes on Indore Ichhapur highway

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर सगरिया फाटे के पास गड्ढों के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। सोमवार को एक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। इस मार्ग का टोल टैक्स कंपनी ने वसूलना शुरू भी कर दिया है, कहा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इसकी इजाजत दी है। इस सब के बीच भाजपा के विधायक पति ही सड़क में हुए गड्ढों को लेकर मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिस समय विधायक पति विरोध कर रहे थे, उसी समय जिला कलेक्टर भी वहां से गुजरे, जो उन्हें देखकर रुक गए और फिर सड़क कंपनी के लोगों से कॉल कर जल्द से जल्द गड्ढे भरने की बात कही।

यहां आए दिन हो रहे हैं हादसे

सोमवार को सगरिया फाटे के पास गड्ढों में सतुंलन बिगड़ने के कारण तीन हादसे हो गए। इसमें एक बाइक सवार जो हरा धनिया लेकर जा रहा था, उसकी मौत हो गई। इस दौरान खंडवा विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे का यहां से गुजरना हुआ। हादसा देख उन्होंने अपनी कार रोकी, उन्हें देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि ने हंगामा कर दिया, उन्होंने इसका एक वीडियो भी बनवाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जिला कलेक्टर ने रुककर देखी सड़क की बदहाली

जिस समय दुर्घटना हुई उसी समय जिले के आला अधिकारी एसपी-कलेक्टर का भी हाइवे से गुजरना हुआ। इस बीच भाजपा नेता मुकेश तनवे व ग्रामीणों को साथ देखकर कलेक्टर भी मौके पर जा पहुंचे। पूरी स्थिति देखकर उन्होंने कंपनी वालों को फोन भी लगाए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अधूरे रोड को टैक्स वसूलने की इजाजत कैसे दे दी गई? इसमे नेताओं का दबाव हो सकता है, अगर ऐसा है तो फिर स्थानीय स्तर के नेता जनता के साथ सड़क पर क्यों उतर आए?

विधायक पति बोले, तीन-तीन फीट गहरे गढ्ढे

जिला कलेक्टर के मौके पर पहुंचते ही विधायक पति ने उन्हें हाइवे के गड्ढों की समस्या से अवगत कराया। यही नहीं, वे मौके पर ही गड्ढे भरने की मांग को लेकर अड़ गए। हालांकि, कुछ देर चली चर्चा के बाद वे घटनास्थल से हटे। इस दौरान तनवे ने कहा कि इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर टोल वसूली की जा रही है। सावन महीने चल रहा है, मैं ओंकारेश्वर जा रहा था। नेशलन हाईवे पर सगरिया फाटा के पास 100 मीटर का रोड है, इस पर तीन-तीन फीट के गड्डे हो चुके हैं, जहां से लोग स्पीड से लोग निकल रहे हैं।

गड्ढों के चलते हादसों में लोगों की जा रही जान

हाइवे पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने कहा कि ये नेशनल हाईवे है। लोगों की जान जा रही है और कंपनी टोल वसूली में लगी हुई है। मैं जीएम से बात करूंगा। कलेक्टर से बात करूंगा कि ये 100 मीटर का रोड है, इसके गड्ढे भरे जाएं। इससे लोगों की जान बच जाए। रोज हादसे हो रहे हैं, दुर्घटना में लोगों की मौत हो रही है। दो वाहन साइड में पड़े थे, एक बाइक वाला गिर गया है।

हाइवे के गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश

विधायक पति को देख मौके पर कई ग्रामीण एकत्रित हो गए । ग्रामीणों ने बताया कि यहां रोजाना हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। सोमवार को भी एक बाइक और दो कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। सड़क पर तीन-तीन फीट के गड्डे हैं। नेशनल हाइवे होने के कारण वाहन स्पीड में आते हैं। चालकों को ये नहीं पता होता है कि सामने इतने बड़े गड्ढे हैं। इस समय बारिश का मौसम है पानी भरा होने से चालक गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते, और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं




Khandwa News: जानिए भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के प्राकट्य की महिमा

Khandwa: Know the glory of the appearance of Lord Jyotirling Omkareshwar

खंडवा जिले में स्थित है भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में श्रावण मास के दूसरे सोमवार भी सुबह से ही बड़ी संख्या में भोले बाबा के भक्त बाबा ओंकार के दर्शन करने पहुंचे हैं। यहां सुबह 4 बजे से बाबा ओंकार के पट खोल दिए गए, और दर्शन शुरू कर दिए गए। इसके बाद हर कोई ओम आकर के पर्वत पर बसे बाबा ओंकार की एक झलक पाकर उनका आशीर्वाद लेने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया।

बड़ी संख्या में देश के दूर दराज के हिस्सों से यहां पहुंचे भक्त बाबा ओंकारेश्वर के जयकारे लगाते हुए नजर आए। सावन माह के दूसरे सोमवार को यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु मां नर्मदा में स्नान करने के बाद भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में पहुंचकर दर्शन लाभ ले रहे हैं। इसके बाद शाम करीब चार बजे भगवान ओमकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर की सवारियां भी निकलेंगी, जो कि रात करीब 10 बजे तक नगर भ्रमण करेंगी।

यह है भगवान ओंकारेश्वर के प्रकट होने की महिमा

भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित डंकेश्वर दीक्षित जी महाराज ने भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तों को बताया कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से चौथा ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर का है। वहीं बाबा ओंकार के यहां प्रकट होने को लेकर उन्होंने बताया कि भगवान राम से 14 पीढ़ी पूर्व मांधाता नाम से राजा हुए हैं, जिनकी तपस्या से भगवान ओंकारेश्वर प्रकट हुए हैं। यहां एक ही शिवलिंग में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनो प्रकट हुए हैं। यहां प्राचीन समय से जो अखंड दीप जल रहा है, उसमें भी एक ही दीपक में तीन बत्तियां जल रही हैं, ब्रह्मा विष्णु और महेश की।

यहां 7 किलोमीटर का है परिक्रमा मार्ग

ओंकार पर्वत के बारे में बताते हुए पंडित डंकेश्वर दीक्षित जी महाराज ने बताया कि ओम्कारेश्वर नगर की इस पहाड़ी के ऊपर 7 किलोमीटर का परिक्रमा मार्ग है। परिक्रमा का यह पूरा मार्ग भी ओम आकार की ही आकृति में है। यही नहीं, जिस पर्वत पर स्वयं भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर विराजमान हैं, वह पर्वत भी स्वयं शिवलिंग के आकार में है। इतना ही नहीं, इस पर्वत के चारों तरफ नर्मदा मैया बह रही हैं।

यहां की शयन आरती है प्रसिद्ध

पंडित दीक्षित जी ने सभी ज्योतिर्लिंगों में भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर का मंदिर क्यों अलग है, इसको लेकर बताया कि पूरे 12 ज्योतिर्लिंगों में शयन आरती होती है। लेकिन बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रभु का रात्रि विश्राम रहता है। यहां पर बाबा ओंकार के शयन के लिए झूला, पालना, चौसर, पासे बिछाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पुराणों में कहा गया है कि भोले बाबा का रात्रि विश्राम ओंकारेश्वर में ही है, और वे 3 बजे रात्रि में उठकर उज्जैन के महाकालेश्वर जाते हैं, और वहां स्नान करते हैं। इसलिए वहां की भस्म आरती प्रसिद्ध है, और यहां ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में शयन आरती प्रसिद्ध है।

मां नर्मदा मैया की भी बताई महिमा

पंडित डंकेश्वर जी महाराज ने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में केवल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ही है, जिसके तट को छूकर कोई नदी बह रही है। इसके दर्शन के पश्चात कोई महानदी का दर्शन होता है। वह महानदी नर्मदा मैया है। मान्यता है कि भगवान शंकर की देह से निकले पसीने की बूंद से मां नर्मदा मैया उत्पन्न हुई है। अन्य नदियां उत्तर से दक्षिण और दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर बहती हैं। लेकिन मां नर्मदा उदय से अस्त की ओर बहती है अर्थात पूरब से पश्चिम की ओर बहती है। सब नदियों में नर्मदा नदी ही ऐसी नदी है, जिसके जितने भी कंकर हैं सब शंकर हैं। इसीलिए नर्मदा पुराण में भी कहा गया है कि, नर्मदा जल के स्पर्श होने से जो शिवलिंग बनता है, उसको सीधे ले जाकर पूजा कीजिए। नर्मदा जल के स्पर्श होने से वह स्वयं अधिष्ठित हो जाते हैं। अभी 22 जनवरी को रामलला अयोध्या में भी नर्मदा जी का शिवलिंग स्थापित किया गया है।

खंडवा जिले में स्थित है भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर

खंडवा जिले में स्थित है भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर




Khandwa News : रेलवे प्लेटफॉर्म पर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला, आत्महत्या को लेकर संशय

Khandwa: Mutilated body of a youth found on railway platform, committed suicide

खंडवा स्टेशन पर मिला युवक का कटा हुआ शव

मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे जंक्शन पर एक दुखद घटना में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। युवक की ट्रेन से कटने के चलते मौत हो गई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से ट्रेन के गुजरने के बाद अचानक युवक का शव देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। तुरंत जीआरपी और आरपीएफ के सुरक्षाकर्मीयों को सूचना दी गई। शुरुआत में यह हादसा है या आत्महत्या इसे लेकर संशय बना हुआ था। लेकिन, प्रारंभिक जांच में साफ हुआ किया युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की है। मृतक युवक उत्तर प्रदेश का निवासी है। जीआरपी मामले की की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार खंडवा स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 2 और 3 की बीच मे युवक की लाश मिली। जिसके तुरंत बाद जीआरपी और आरपीएफ स्टाफ को सूचना दी गई। दोनों ने घटना स्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

युवक की हरकतें थीं मानसिक विक्षिप्त की तरह

जीआरपी के जांच अधिकारी कमल किशोर के अनुसार युवक की पहचान नरेश पाल निवासी बरेली उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। जिसने ट्रेन क्रमांक 07055 हिसार स्पेशल ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक दोपहर से ही प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 पर घूम रहा था, उसकी हरकतें मानसिक विक्षिप्त की तरह असामान्य थीं। इस दौरान हिसार स्पेशल नॉन स्टॉप ट्रेन के गुजरते समय युवक नीचे कूद गया और ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए खंडवा जिला अस्पताल भिजवाया गया है, आज हां शनिवार को उसका पीएम करवाया जाएगा।




Khandwa News:ओंकारेश्वर शहर में होटल संचालक ब्रांडेड बोतलबंद पानी की जगह उसी नाम से नकली पानी बेचते मिले

Hotel operators found selling fake water with same name instead of branded bottled water in onkareshvar city

ओंकारेश्वर में नकली पानी बेचते मिले होटल संचालक

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की पवित्र तीर्थ नगरी ओम्कारेश्वर में श्रावण महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। ऐसे में देश भर से यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर भोजन के साथ शुद्ध जल भी मिले, इसको लेकर जिला प्रशासन का अमला लगातार सक्रिय है। जिले के खाद्य और औषधि विभाग की टीम यहां भोजनालयों और होटलों पर पहुंच कर खाद्य सामग्रीयों की जांच कर रही है। इस दौरान टीम ने बोतल बंद पानी से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी को उजागर करते हुए असली जैसे दिखने वाले ब्रांडेड बोतलबंद पानी की नकली खेप को पकड़ा है।

मिलते जुलते नाम की बोतलें बिकने की मिली थी सूचना

दरअसल, खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कुछ होटलों पर बोतल बंद पानी के नमूने लिए थे। इनमें बिसलेरी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के मिलते जुलते नामों की तरह कई नकली बोतलबंद पानी की बोतलें बेची जा रही थीं, जो मानक स्तर की नहीं थीं। जिसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने ड्रिंकिंग वाटर की पैक बोतल के नमूने मानक स्तर की जांच के लिए संग्रहित कर सीलबंद किए। जिले के खाद्य औषधि विभाग अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी सावन का महीना चल रहा है। इसी बीच लगातार सूचना मिल रही थी कि ब्रांडेड बोतलबंद पानी की बोतलों की जगह उससे मिलते जुलते नामों की पानी की बोतलें बेची जा रही हैं ।

इस तरह की गई पूरी कार्रवाई

खाद्य अधिकारी मिश्रा ने बताया कि ओंकारेश्वर स्थित श्रीजी मार्केटिंग और गुरु कृपा होटल से कुछ नमूने लिए गए थे, जिसमें ब्रांडेड कंपनी के नाम के मिलते जुलते नाम की पानी की बोतल मिली हैं। ग्राहक इसे सामान्य ब्रांडेड पानी की बोतल समझ कर ले लेता है। लेकिन, बाद में उन्हें पता चलता है की ब्रांडेड बोतल की जगह कोई और बोतल उन्हें दे दी गई है। ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी है और यहां पर बाहर से श्रद्धालु आते हैं। दुकानदार उनके साथ छलावा करते हैं, इसीलिए इस तरह की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में ब्रांडेड नामों से मिलते-जुलते नाम की बोतलें मिली हैं। उन्होंने बताया कि, 4330 बॉटलें, जिसका कुल मूल्य 86600 रुपये है, उन्हें जप्त किया गया है। इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।




Indore News : नर्मदा नदी परिक्रमा ममलेश्वर ओंकारेश्वर

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नर्मदा नदी को चुनरी चढ़ाने निकली महिलाएं।

सावन माह में 10 यात्राओं के माध्यम से 40 हजार से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन करेंगे। संस्था सृजन के द्वारा 25 जुलाई से 3 अगस्त तक यह आस्था का प्रवाह होगा। गुरुवार को इंदौर indore के बड़ा गणपति से सुबह चुनरी यात्रा निकालकर इसकी शुरुआत की गई। इसमें महिलाएं 1101 फीट की चुनरी मां नर्मदा को चढ़ाने के लिए इंदौर से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं। एक पेड़ मां के नाम 51 लाख पौधारोपण अभियान के तहत प्रतिदिन पौधे भी रोपे जाएंगे, महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में यह यात्रा निकली।

40 हजार लोग शामिल होंगे

संस्था अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, महेश दलोत्रा, संयोजक गोविन्द गोयल ओर महिला संयोजिका तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि शिव आराधना के महीने सावन में शहर के अलग अलग क्षेत्र से ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जत्था जाएगा। इस श्रावण मास में निकलने वाली यात्रा में 40 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। इस एक दिनी यात्रा में महिलाओं को 45 बसों ओर छोटे चार पहिया वाहनों से ओंकारेश्वर ले जाया जाएगा। संस्था सृजन के तत्वाधान में 25 जुलाई से 3 अगस्त तक चलेगा। सन 2006 से शुरू हुई यात्रा का यह 19 वां वर्ष है। मध्य प्रदेश में सबसे पहले प्रारंभ हुई संस्था सृजन की यात्रा है, संस्था से 50 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

1 करोड़ 51 लाख मंत्रों का जाप

यात्रा के अवसर पर प्रतिदिन शामिल होने वाली मातृशक्ति ॐ नम शिवाय का जाप करेगी सभी मातृशक्ति 1 करोड़ 51 लाख मंत्रों का जाप करेगी और ओंकारेश्वर omkareshwar में पार्थिव शिवलिंग का पूजन करेगी। यात्रा महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में निकलेगी।

कई दिन तक चलेंगे आयोजन

खंडेलवाल ने बताया कि यात्रा की शुरुआत 25 जुलाई गुरुवार को बड़ा गणपति से हुई पहले दिन चुनरी यात्रा निकली जिसमें हजारों महिलाएं सुबह 8:30 बजे 1101 फीट की चुनरी लेकर मां नर्मदा Narmada को चढ़ाने निकली, बड़ा गणपति से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए संगम कॉर्नर पहुंची वहां से बसों से ओंकारेश्वर रवाना होकर मां को चुनरी चढ़ाएंगे, चुनरी चढ़ाने के बाद मां नर्मदा का जल लेकर महिलाएं कावड़ लेकर निकलेगी फिर वेद मंत्रों के बीच महादेव का अभिषेक होगा। फिर 26 जुलाई को वृंदावन कालोनी, 27 जुलाई को नगीन नगर, 28 जुलाई को कुशवाह नगर से और 29 जुलाई को सुखदेव नगर से निकलेगी। वहीं 30 जुलाई को मरीमाता चौराहा से, 31 जुलाई को संगम नगर से निकलेगी। इसके बाद एक अगस्त को मल्हारगंज से और 2 अगस्त को प्रबुद्ध समाज जन यात्रा पर जाएंगे और 3 अगस्त को कार्यकर्ताओं की यात्रा रहेगी। यात्रा प्रतिदिन सुबह 8 बजे निकलेगी और रात को 9 बजे वापस आएगी। रोज महिलाए नर्मदा मैया का विधि विधान से पूजन करके प्रति दिन 1101 फीट की चुनरी अर्पित करेगी। यात्रा में शामिल होने वाली महिलाओं को छतरियों का वितरण किया जाएगा, यह 125 रुपए की छतरियां नाम मात्र शुल्क 25 रुपए में वितरित होगी।