ऑनलाइन लोन एप के जाल में फंसा व्यवसायी

साइबर ब्लैकमेलिंग से 8.50 लाख रुपये की ठगी, कोतवाली पुलिस जांच में जुटी

खंडवा। ऑनलाइन लोन एप के जरिए साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आया है। ग्राम जसवाड़ी निवासी खाद-बीज व्यवसायी से अज्ञात साइबर ठगों ने डर और धमकी देकर करीब 8 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।

पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ साइबर अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित के अनुसार करीब दो माह पूर्व उनके इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर लोन से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करने पर “केश रूपी” नामक एप्लीकेशन मोबाइल में डाउनलोड हो गई। एप में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरने के बाद उनके यूपीआई खाते में 2,000 रुपये का लोन जमा हो गया।

कुछ दिनों बाद पीड़ित ने उक्त लोन की राशि लौटा दी और एप को मोबाइल से डिलीट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को केश रूपी एप से जुड़ा बताते हुए लोन बकाया होने की बात कही। पीड़ित द्वारा भुगतान किए जाने की जानकारी देने पर भी आरोपित ने इसे मानने से इनकार कर दिया और अलग-अलग यूपीआई आईडी पर राशि भेजने का दबाव बनाने लगा।

फोटो एडिट कर बदनाम करने की धमकी
जब पीड़ित ने भुगतान से इनकार किया, तो आरोपित ने मोबाइल की गैलरी से फोटो हैक कर उन्हें अश्लील रूप में एडिट किया और स्वजन व रिश्तेदारों को वायरल करने की धमकी दी। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित भयभीत हो गया।

60 यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर की रकम

डर के कारण पीड़ित ने आरोपित द्वारा भेजी गई करीब 60 अलग-अलग यूपीआई आईडी पर किश्तों में कुल 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपित की धमकियां जारी रहीं। मानसिक तनाव से परेशान होकर पीड़ित ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और सिम कार्ड भी तोड़कर फेंक दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को अश्लील एडिटेड फोटो और यूपीआई ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि यह मामला ऑनलाइन लोन एप के जरिए की जाने वाली साइबर ब्लैकमेलिंग का है, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इंटरनेट मीडिया पर दिखाई देने वाले लोन विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लोन एप में अपनी निजी जानकारी, फोटो, संपर्क सूची या ओटीपी साझा न करें। आवश्यकता पड़ने पर केवल आरबीआई से पंजीकृत और विश्वसनीय वित्तीय संस्थानों से ही लोन लें।




Indore News : खंडवा में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं

Earthquake of 3.0 magnitude recorded in Madhya Pradesh

INDORE: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार सुबह रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सुबह 8:46 बजे आया और इसका केंद्र 21.63° उत्तरी अक्षांश और 76.43° पूर्वी देशांतर पर, 5 किलोमीटर की उथली गहराई में स्थित था।

भूकंप के झटके कुछ ही सेकंड तक रहे, लेकिन उथली गहराई होने के कारण लोगों ने इन्हें स्पष्ट रूप से महसूस किया। खंडवा के कुछ हिस्सों में हल्की दहशत फैल गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।

The epicentre was recorded at 21.63°N latitude and 76.43°E longitude

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया, “भूकंप हल्का रहा होगा। किसी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।” जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संपत्ति या बुनियादी ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुँची है और किसी के घायल होने की सूचना भी नहीं है।

फिलहाल, स्थिति सामान्य है और एनसीएस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। अभी तक किसी आफ्टरशॉक की सूचना नहीं मिली है।




Khandwa News : एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस चौकी के सामने सड़क जाम की

मध्यप्रदेश के खंडवा में आखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आज शाम चक्का जाम कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राम नगर पुलिस चौकी के ठीक सामने खंडवा अमरावती रोड पर यह जाम किया गया था। यहां सड़क पर जाम लगाकर बैठे ABVP के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देर रात स्टेशन रोड-बॉम्बे बाजार के पास कुछ छात्र आपस में लड़ रहे थे। उस दौरान ABVP के पदाधिकारी वहां बीच बचाव कर रहे थे। उसी दौरान राम नगर चौकी प्रभारी वहां पहुंचे और ABVP के पदाधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके विरोध में वे लोग चक्का जाम कर चौकी प्रभारी को हटाने की मांग कर रहे हैं। इधर छात्र संगठन के विरोध में समर्थन करने खंडवा विधायक भी चौकी पहुंची। उन्होंने एडिशनल एसपी से पूरी घटना पर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस घटना का एक CCTV फुटेज भी वायरल हो रहा है।

वहीं, मौके पर पहुंची खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि कल रात को कुछ छात्र आपस में विवाद कर रहे थे। वहां छात्र संगठन के महामंत्री उन्हें समझाने पहुंचे। तो राम नगर चौकी प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। आज उन्हें जैसे ही पता चला कि छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं। इस पर उन्होंने खुद यहां आकर उनके पूरे मामले को सुना और समझा है। इस बीच पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रामनगर चौकी के सामने किया चक्काजाम

इधर छात्र संगठन के चक्का जाम और ज्ञापन को लेकर एएसपी महेंद्र तारनेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे स्टेशन के सामने पुलिस कंट्रोल रूम को पॉइंट मिला था। उस पॉइंट पर पुलिस टीम पहुंची थी। जहां दो पक्षकार आपस में लड़ रहे थे। पहले उन्हें समझाया गया। वे नहीं माने तो उन्हें थाना लाया गया। उनसे पूछताछ भी की गई। जो वैधानिक कार्रवाई बनती है वह की गई है। आज छात्र संगठन द्वारा ज्ञापन देकर ये मांग की गई है कि कुछ विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों के साथ धक्का मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया था। इस मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। जो भी तथ्य आएंगे उस हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।




Khandwa News : दादाजीधाम आ रहे भक्तों को ढाबे पर परोसा नॉनवेज, हिंदू संगठनों ने जताया आक्रोश

देश में विशेष कर धार्मिक नगरी और कावड़ यात्रा वाले मार्गो पर संचालित होटल-ढाबों के मालिक की पहचान उजागर करने के लिए बोर्ड पर नाम व जाति लिखने की मांग के बीच रविवार को खंडवा के निकट ग्राम डुल्हार में एक ढ़ाबे पर सेंव-टमाटर की सब्जी में नॉनवेज निकलने से हंगामे की स्थिति बन गई। हिंदू नाम वाले ढ़ाबे का संचालन मुस्लिम व्यक्ति करने से दादाजी धूनीवाले का निशान लेकर जा रहे यह पदयात्री भड़क गए।

हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ढाबा सील करने और संचालक पर धार्मिक भावना आहत करने तथा अन्य होटल व ढाबा चलाने वालों की पहचान उजागर करने की मांग को लेकर वहीं धरने पर डट गए। पंधाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर आक्रोशित लोगों को शांत करवाया। पुलिस ने ढाबा संचालक के विरूद्ध धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं खाद्य विभाग की टीम ने सब्जी का सैंपल जांच के लिए लिया है।

दादाजीधाम खंडवा के लिए निकले थे युवा

खंडवा-बुरहानपुर मार्ग पर ग्राम डुल्हार में राजवीर ढाबा पर रविवार दोपहर जब दादाजीधाम निशान चढ़ाने जा रहे पदयात्रियों की सब्जी में मांस निकलने से हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। ग्राम बोरगांव बुजुर्ग से रविवार सुबह राम राज्य समिति के करीब 40 युवा निशान लेकर दादाजीधाम खंडवा के लिए निकले थे। डुल्हार के पास स्थित ढ़ाबे पर युवा भोजन करने रूके। उन्होंने सेव-टमाटर और दाल का ऑर्डर दिया। इसी बीच गांव के सरपंच प्रतिनिध मुकेश मोरे, राहुल पटेल और रितेश कुशवाह की सब्जी में मांस जैसा टुकड़ा नजर आने पर ढाबा संचालक को बुलाया और उसे सब्जी दिखाते हुए उसका नाम पूछा।

ढाबा खंडवा के वैशाली किराना कारोबारी का

पहले तो ढाबा संचालक अपना नाम बताने में अनाकानी करता रहा, लेकिन जब जोर देकर पूछा तो पता चला कि हिंदू नाम के इस ढ़ाबे का मुस्लिम व्यक्ति संचालन कर रहा था। संचालक ने अपना नाम ग्राम सिहाड़ा निवासी जावेद बताया। ढाबा खंडवा के वैशाली किराना कारोबारी का बताया हैं। उसने मुस्लिम को किराये पर दिया है। इस बात से सभी युवा भड़क गए और फिर हंगामा होने लगा।सूचना पर जहां एक ओर पंधाना टीआइ दिलीप देवड़ा ने मौके पर पहुंचकर ढाबा संचालक सहित कर्मचारियों को हिरासत में लिया। जांच में ढ़ाबे से अवैध शराब और बियर की बाटलें भी जब्त हुई है।




Khandwa News : महिला की मौत के मामले में डॉ. वाजिद शेख के खिलाफ इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इलाज में लापरवाही के चलते एक डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज होने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर पर आरोप है कि बीते दिनों एक महिला के इलाज के दौरान उन्होंने गंभीर लापरवाही बरती थी। इस लापरवाही के कारण पहले महिला के दोनों पैर काटने पड़े, लेकिन इसके बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी। महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ कर डॉक्टर पर केस दर्ज करने की मांग की थी। मंगलवार देर शाम पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पैर काटने के बाद भी नहीं बची महिला

खंडवा जिले के ग्राम रोशनाई निवासी ज्योति ओसवाल को 21 मई को शहर के संत रिचर्ड पामपुरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें किडनी संबंधी समस्या थी, जिसके इलाज के लिए अस्पताल के कंसल्टेंट डॉ. वाजिद शेख ने उनके पति मुकेश को ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद ज्योति के दोनों पैर सुन्न पड़ गए, डॉक्टर ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल रेफर कर दिया। 23 मई को इंदौर पहुंचे परिजनों को डॉक्टर ने बताया गया कि महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल गया है, उनके दोनों पैर काटने पड़ेंगे। परिजनों ने महिला की जान बचाने के लिए सहमति दे दी। लेकिन इसके बाद भी ज्योति की हालत में सुधार नहीं हुआ। 16 जून को उसकी मौत हो गई।

जांच में पुष्टि हुई लापरवाही की

महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजन खंडवा के संत रिचर्ड पामपुरी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर वाजिद शेख के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की, जिसके सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुए। प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. जुगतावत ने जांच दल गठित किया। जांच दल ने अस्पताल में महिला के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और पाया कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई थी। विशेष रूप से खंडवा में दो दिन तक चले इलाज के दस्तावेज और बाद के 25 दिन की रिपोर्टों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया। जांच के बाद रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई।

पुलिस ने दर्ज किया केस

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पदम नगर थाना पुलिस ने डॉक्टर वाजिद शेख के खिलाफ BNS की धारा 106(1) के तहत इलाज में लापरवाही का मामला दर्ज किया है। अब जल्द ही डॉक्टर की गिरफ्तारी हो सकती है। BNS की धारा 106(1) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लापरवाही या जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से किसी की मृत्यु का कारण बनता है (बिना हत्या की मंशा के), तो उसे 5 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। यदि यह कृत्य किसी पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान किया गया है तो उसे 2 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।

इलाज में लापरवाही का आरोपी डॉक्टर वाजिद शेख




Omkareshwar News : तीन महीने बाद ओंकारेश्वर में फिर शुरू होगा नाव संचालन

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर तीन माह से बंद पड़े नाव संचालन का आखिरकार समाधान निकल आया है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नाविक संघ की आपसी सहमति से इंजन संबंधी विवाद सुलझ गया है। शुक्रवार को विधायक नारायण पटेल, कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी मनोज राय और पुनासा एसडीएम शिवम प्रजापति ने नाविक संघ अध्यक्ष कैलाश भंवरिया के साथ मिलकर नया पेट्रोल इंजन का ट्रायल किया, जो सफल रहा।

इंजन ट्रायल के बाद जताई संतुष्टि

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने ट्रायल के बाद इंजन की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए कहा कि पिछले इंजनों की तुलना में यह इंजन बेहतर है और इसकी आवाज भी अपेक्षाकृत कम है। पर्यावरण की दृष्टि से यह इंजन कम प्रदूषणकारी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसकी लंबी अवधि की टिकाऊपन और सर्विस क्वालिटी को लेकर अभी समय ही बताएगा।

नाविकों में खुशी की लहर

तीन महीनों से बंद नाव संचालन के चलते आजीविका पर संकट झेल रहे नाविकों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत बनकर आया है। नाविकों को अब अपनी पारंपरिक नावों में नए पेट्रोल इंजन लगाकर संचालन की अनुमति मिल सकेगी। इससे न सिर्फ रोज़गार का संकट दूर होगा, बल्कि पर्यटन भी दोबारा गति पकड़ सकेगा।

पूर्व में दिए गए विकल्प हुए थे असफल

प्रशासन ने पहले बैटरी चालित इंजन, सीएनजी इंजन और फाइबर स्पीड बोट के विकल्प पेश किए थे, जिन्हें नाविकों ने तकनीकी और भौगोलिक कारणों से अस्वीकार कर दिया। बैटरी इंजन भारी था और उसकी चार्जिंग व्यवस्था व्यावहारिक नहीं थी। वहीं, फाइबर बोट ओंकारेश्वर की नदी संरचना के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई। मां नर्मदा की धाराएं कहीं गहरी तो कहीं उथली हैं, ऐसे में तेज रफ्तार बोट चलाना जोखिम भरा है।

नाविकों ने जताई नाराजगी भी

ओंकारेश्वर नाविक संघ के पूर्व अध्यक्ष भोलाराम केवट ने प्रशासन के निर्णयों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अंततः पारंपरिक नावों में ही पेट्रोल इंजन लगाने की अनुमति देनी थी, तो तीन महीने तक नाव संचालन क्यों रोका गया? कई नाविकों ने बैंक से ऋण लेकर महंगे फाइबर बोट और इंजन गुजरात से मंगवाए, जिन पर करीब 6.5 लाख रुपये का खर्च आया। उनका डेमो भी प्रशासन को दिखाया गया, लेकिन अचानक निर्णय बदल दिया गया।




Khandwa News: शकर तालाब क्षेत्र में 137 मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

मध्य प्रदेश के खंडवा नगर के शकर तालाब क्षेत्र में इस समय मोहन सरकार का बुलडोजर करीब 137 से अधिक घरों पर चल रहा है। यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह 6:00 से शुरू हुई यह कार्रवाई लगातार अब भी जारी है और इस दौरान अब तक करीब 98 से अधिक घरों को तोड़ा जा चुका है। सुबह से ही भारी पुलिस बल के साथ स्थानीय निगम और बिजली विभाग सहित बड़ी संख्या में जिला प्रशासन का अमला मौके पर मौजूद है। इस दौरान सभी घरों को पहले ही खाली करवा लिया गया था और सुरक्षा की दृष्टि से इस क्षेत्र की बिजली लाइन भी काट दी गई है। यह पूरी कार्रवाई अधिकारियों की देखरेख में शुरू की गई है। 10 जेसीबी, 4 पोकलेन, 3 फायर ब्रिगेड, 10 डम्फर सहित 3 एम्बुलेंस मौके पर मोजूद हैं।

बता दें कि इन घरों को पहले ही स्थानीय निगम के द्वारा नोटिस दिया गया था, हालांकि रहवासियों का कहना है क वे लोग करीब 45 साल से यहां रह रहे हैं और उन्हें अतिक्रमण के नाम पर जबरन हटाया जा रहा है। वहीं खण्डवा निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने बताया कि यहां अभी 137 मकानों पर कार्रवाई की जानी थी। इनमें से करीब 36 मकानों को हाई कोर्ट से स्टे मिला है, जिसके बाद शेष बचे हुए मकानों पर अभी कार्रवाई की जा रही है और इन लोगों को पिछले तीन-चार महीने से लगातार नोटिस देकर इसकी जानकारी दे दी गई थी। अब बारिश में यहां जल भराव होगा और यह तालाब का क्षेत्र है।




Khanda Earthquake : भूकंप हल्का कंपन मध्य प्रदेश महाराष्ट्र सीमा अमरावती के पास

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में बुधवार रात 9 बजकर 57 मिनट पर धरती अचानक हिल गई। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई, जिससे खंडवा शहर और आसपास के इलाकों में हल्का झटका महसूस किया गया। यह झटका भले ही कमजोर रहा, लेकिन कई लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

भूकंप का केंद्र अमरावती के पास

जिले के मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के मुताबिक, भूकंप का केंद्र महाराष्ट्र के अमरावती जिले में था, जो खंडवा से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भूकंप का प्रभाव खंडवा के पंधाना ब्लॉक के गांवों कोहदड, बोरगांव, रुस्तमपुर और पड़ोसी जिले बुरहानपुर के नेपानगर क्षेत्र में भी महसूस किया गया।

अधिक बारिश और एयर मूवमेंट बना झटकों की वजह

मौसम विशेषज्ञ गुप्ता ने बताया कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा हुई है। इसके कारण जमीन में पानी के जमा होने और भीतर की परतों में बने एयर मूवमेंट ने इस भूकंप जैसी स्थिति को जन्म दिया। उन्होंने इसे “मध्यम गति का भू-गति झटका” बताया।

मानसूनी तंत्र की सक्रियता भी बनी कारण

गुप्ता के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच मानसूनी तंत्र की बढ़ती सक्रियता और भूमि के तापमान में परिवर्तन भी ऐसी परिस्थितियों को जन्म देते हैं। भविष्य में भी हल्के झटके महसूस होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जनता के लिए जरूरी सलाह

  • विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता ने आम जनता को सतर्क रहने और निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
  • घर में टांड़ (ऊपर की शेल्फ) पर भारी सामान न रखें, उन्हें नीचे जमीन पर रखें।
  • गमलों को दीवार पर न सजाएं।
  • आपातकालीन नंबर जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस को मोबाइल में सेव रखें।
  • गैस सिलेंडर और बिजली के मेन स्विच का उपयोग न होने पर बंद रखें।
  • झटका महसूस होते ही तुरंत खुले स्थान पर जाएं और इमारतों से दूरी बनाए रखें।



Khandwa News: आधार में नाम बदल बना मजदूर, 17 साल बाद ठेकेदार बन पहुंची पुलिस

खंडवा: आपने अक्सर किस्से कहानियों में कहावत सुनी होगी कि कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल ही नामुमकिन होता है। कानून के हाथ लंबे होते हैं। इन्हीं हाथों ने 17 साल से फरार एक आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। यहां ये कहावत हकीकत साबित हुई है। खंडवा के हरसूद थाने में चकमा देने वाले इस आरोपी को पकड़ा है। पुलिस ने भी उसे खास प्लानिंग के जरिए गिरफ्तार किया है।

बात खंडवा के हरसूद थाना क्षेत्र की है। यहां पर जमीनी विवाद में वर्ष 2008 में गोविंद ने अपने दो भाई दयाराम और सुरेश के साथ मिलकर अपने चाचा अनार सिंह को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद हरसूद पुलिस ने दयाराम और सुरेश को तो गिरफ्तार कर लिया था लेकिन पिछले 17 साल से आरोपी गोविंद फरार चल रहा था। गोविंद के फरारी के कारण इस केस का खात्मा नहीं हो पा रहा था।

टीम का हुआ गठन

आरोपी गोविंद इतना शातिर था कि वह पुलिस को एक दो नहीं बल्कि पिछले 17 वर्षों से चकमा दे रहा था। पुलिस की उम्मीद छूटती नजर आ रही थी। पर खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया। जिसमें दो एसआई और चार प्रधान आरक्षक को तैयार किया। एसआई वीरेंद्र बिसेन, महेंद्र यादव के साथ प्रधान आरक्षक रफीक खान, विनायक पंचोली, जितेंद्र राठौर और विक्रम वर्मा को इस आरोपी को पकड़ लाने के निर्देश दिए गए।

यहां कर रहा था मजदूरी

आरोपी गोविंद इतना शातिर था कि उसने कानून को चकमा देने के लिए हरसूद से फरार होकर उज्जैन में अपना आशियाना बना लिया। चालाकी से उसने आधार कार्ड में अपना नाम भी बदल लिया। नाम बदलने के कारण आरोपी को पुलिस ढूंढ नहीं पा रही थी। ऐसे में मुखबिर की सूचना पर पुलिस को पता लगा की आरोपी उज्जैन में रहकर मजदूरी कर रहा है।

ठेकेदार बनकर पहुंची पुलिस

उज्जैन में मजदूरी करने वाले आरोपी गोविंद ने अपना नाम बदलकर सुरेश रख लिया था। उसके पास खंडवा एसपी की स्पेशल टीम ठेकेदार बनकर गई। काफी पूछताछ के बाद पता चला कि वह उज्जैन के घटिया में मजदूरी कर रहा है। बस पलक झपकते हीं स्पेशल टीम ने आरोपी गोविंद को दबोच लिया। उसके फिंगर प्रिंट और उसके आंखों की पहचान से आरोपी की पहचान पक्की हो गई। गिरफ्तारी के दौरान उसके चेहरे पर हंसी भी देखी गई।

न्यायालय से पहुंचाया जेल

आरोपी गोविंद की पहचान पुलिस के रिकॉर्ड से मेल खाते ही तत्काल उसे खंडवा न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने भी आरोपी को तत्काल सलाखों के पीछे भेज दिया। खंडवा एसपी ने उसपर 10000 रुपए का इनाम भी रखा था। हरसूद पुलिस के इस कार्रवाई के लिए खंडवा एसपी ने इस टीम को इनाम देने की भी घोषणा की है।




Khandwa News : सीईओ  रीना चौहान निलंबित !

Indore Commissioner  दीपक सिंह द्वारा जनपद पंचायत सीईओ सुश्री रीना चौहान को पुनासा जनपद सीईओ के पद से तत्काल प्रभाव से हटाया दिया गया हैं। आपको बता दे खंडवा जिले के गुलगांव रैयत गांव के ग्राम रोजगार सहायक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने पुनासा जनपद पंचायत की महिला सीईओ रीना चौहान की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। उसके बाद इन्दौर कमिश्नर द्वारा संज्ञान लिया और रीना चौहान को पुनासा जनपद से हटाकर जिला पंचायत कार्यालय में अटैच कर दिया है।