Katni News:खिचड़ी खाने के बाद फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए 13 बच्चे, खाने में गिरा था जहरीला जीव

Katni News: 13 children became victims of food poisoning after eating Khichdi

असपताल में भर्ती बच्चे

कटनी जिले में एक बार फिर फूड पॉइजनिंग की घटना सामने आई है, जिसके शिकार हुए 13 मासूम बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए, जिनका इलाज जारी है। मंगलनगर स्थित बने रंगनाथ मंदिर में वेदों की शिक्षा लेने अलग-अलग जिलों से आए बच्चे प्रसाद में मिली खिचड़ी खाने से बीमार पड़ गए। जिसके बाद श्री गरुण ध्वज वेद पाठशाला के आचार्यों और पुजारी ने सभी बीमार 13 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में पाया की बच्चों की हालत फूड पॉइजनिंग के चलते बिगड़ी है जिनको बच्चा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया गया।

जानकारी के मुताबिक बच्चों को मिली खिचड़ी में कोई ज़हरीला कीड़ा गिर गया था, जिस कारण बच्चो का स्वास्थ्य बिगड़ा। बीमार बच्चों की उम्र 10 वर्ष से लेकर 16वर्ष के अंदर है, जिन्हें उल्टी और बेचैनी जैसी समस्या हो रही थी। फिलहाल डॉक्टर के इलाज के बाद सभी की हालत स्थिर बताई गई लेकिन बच्चों की निगरानी के लिए उन्हें 12 घंटे के लिए जिला अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है।

सिविल सर्जन ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिला अस्पताल में कुछ बच्चों को प्रसाद खाने के बाद उल्टी, जी मिचलाना जैसी समस्या देखने को मिली है, ये सभी फूड पॉइजनिंग के लक्षण हैं, जिसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच करने पर यह पाया गया कि 12 से 16 वर्ष की आयु के बच्चे अच्छी स्थिति में थे, लेकिन एहतियात के तौर पर रात तक उन्हें निगरानी में रखा गया था।




Katni News : रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य से प्रभावित 30 ट्रेन रद्द, 11 का बदला रूट तो 4 हुई शॉर्ट टर्मिनेट

Affected by the remodeling work of Railways, 30 trains were cancelled, routes of 11 were changed

कटनी में ट्रेनें प्रभावित होने से मुसाफिर परेशान रहे।

कटनी जिले में रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के चलते लगभग 30 ट्रेन रद्द की गई हैं। 11 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है तो वहीं चार लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। बीना रूट के लिए फिलहाल अभी एक यात्री ट्रेन क्र.11602 मेमो का परिचालन किया जा रहा हालांकि स्टेशन प्रबंधक ने यात्रियों की परेशानियों को देखते कुछ और गाड़ियां बढ़ाने की बात कही है।

कटनी जिले के मुड़वारा, कटनी और साउथ स्टेशन से लगभग आधा सैकड़ा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों को समाना करना पड़ रहा है। बता दें कटनी-बिलासपुर, कटनी-बीना सहित अन्य रूट में चलने वाली यात्री ट्रेनें न्यू कटनी जंक्शन यार्ड में चल रहे रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के कारण 30 ट्रेन रद्द की गई है। 11 ट्रेनों का रूट डायवर्ट हुआ है तो वहीं 4 लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट करते हुए रद्द किया गया है। जिससे कटनी, साउथ सहित मुड़वारा स्टेशन में रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहुंच रहे है इस वजह से स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर स्टेशन के अंदर यात्रियों की भीड़ का दबाव बढ़ता जा रहा है।

ट्रेन न मिलने से परेशान पथरिया जाने वाले देवेंद्र कुर्मी ने बताया कि हम 32 लोग ट्रेन की टिकट कटवा लिए हैं, लेकिन गाड़ी न मिलने से परेशान हैं। 2 बजे के आए हैं, लेकिन कोई गाड़ी नहीं है। कल 11 बजे मिलेगी। खेत की कटाई के लिए व्यौहारी से पथरिया जा रहे स्टेशन में जगह न होने के कारण आउटर में बैठे हैं। हालांकि भीड़ और ट्रेन की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग जान जोखिम में डालते हुए मालवाहक गाड़ियों से एक स्थान से दूसरे स्थान जाते दिखे। वहीं स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों द्वारा लगातार नजर बनाए हुए है।

मुड़वारा स्टेशन प्रबंधक संजय सिंह ने बताया कि रेलवे के रिमॉडलिंग कार्य के चलते 16 सितंबर से ट्रेन का संचालन बंद है। रेलवे ने चार लोकल यात्री ट्रेन को शॉर्ट टर्मिनेट किया है जिसमे चार ट्रेनों में से एक मात्र ट्रेन 11602 मेमो का संचालन किया जा रहा है बरहाल 18236 और 11271 अप एंड डाउन ट्रेन के बंद होने से मुड़वारा स्टेशन में यात्रियों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है यही वजह है कि स्टेशन परिसर में पैर रखने की जगह नही है। मेमो ट्रेन के छुटने के दौरान यात्रियों ने ट्रेन भी रोकने की कोशिश की, जिस वजह यात्रियों में गुस्सा देखा जा रहा है दो से तीन दिन होने के बाद ट्रेन में जगह नही मिलने पर यात्रियों का सब्र का बांध अब टूटने लगा जिससे वह ट्रेन तक रोकने पर आमादा होने लगे है। हालांकि स्टेशन प्रबंधक ने कल से एक और मेमो ट्रेन चलाने की बात की है जिससे यात्रियों को अपने गंतत्व तक पहुंचने में सुविधा हो सके।




Katni News : नगर निगम ने सील किया सेंटपॉल स्कूल, फायर सेफ्टी को लेकर जारी किया था नोटिस, जानें पूरा मामला

Katni News Municipal Corporation sealed St. Paul School issued notice regarding fire safety

नगर निगम ने सील किया सेंटपॉल स्कूल

कटनी नगर निगम ने शहर के सबसे बड़े स्कूलों में शामिल सेंटपॉल स्कूल को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण बंद करवाते हुए सील लगा दिया। आपको बता दें नगर निगम कमिश्नर 15 सितंबर को सिविल लाइन स्थित सेंटपॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में फायर सेफ्टी को लेकर नोटिस जारी किए थे, जिसके दूसरे दिन पहुंचे एसडीएम, तहसीलदार सहित नगर निगम के अधिकारियों ने जांच करते हुए सर्टिफिकेट मांगे। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने जब उसे उपलब्ध नहीं कराया तो टीम ने देर शाम स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए सील लगाने की कार्रवाई की है।

वहीं, पूरे मामले पर अब राजनीति रंग भी चढ़ने लगा है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के सरंक्षण में नगर निगम प्रशासन सेंटपॉल स्कूल को जान बूझकर बंद करते हुए परेशान कर रहा है। हालांकि, जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल हुए प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के समाने स्कूल का मामला समाने आने के बाद उन्होंने कहा कि मैं यहां का स्थानीय सांसद भी हूं। स्कूल के 2600 स्कूली बच्चों के भविष्य की चिंता मुझे भी है। लेकिन नियमों से हटकर अगर सेंटपॉल स्कूल कुछ कर रहा है तो इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों की माने तो विवाद की वजह फायर सेफ्टी काम इसी स्कूल से दो छात्रों को गलत आचरण के कारण स्कूल प्रबंधन ने निकालने से जुड़ा है। दोनों ही छात्रों को दोबारा प्रवेश दिलाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को पत्र भी लिखा था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने गलत आचरण करने वाले दोनों छात्रों को दोबारा प्रवेश देने से मना कर दिया है। इसके कारण बाद ही नगर निगम आयुक्त ने फायर सेफ्टी नहीं होने का आदेश जारी कर स्कूल के संचालन में रोक लगा दी है। जबकि जिले के बाकी स्कूलों में फायर सेफ्टी से जुड़ी कोई बेहतर व्यवस्था नहीं मौजूद नहीं है। बावजूद इसके नगर निगम ने एक ही स्कूल को नोटिस जारी किया था।

नेशनल बिल्डिंग कोड 2018 के तहत आने वाले भवनों में अग्निशमन उपकरणों की स्थापना करते हुए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य है। इस संबंध में अग्निशमन उपकरणों की स्थापना करते हुए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए 30 अगस्त 2022 और 18 अक्टूबर 2022 को नोटिस जारी किया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन कोई रुचि नहीं लेते हुए स्कूल का संचालन किया जा रहा है। स्कूल में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर सेंटपॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है। आदेश के बाद शनिवार को स्कूल पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्कूल को सील कर दिया।

वहीं, इस मामले में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रागिनी मनोज गुप्ता ने कहा कि परीक्षा अवधि में शिक्षा के मंदिर सेंटपॉल स्कूल का संचालन बंद कराने का आदेश देना दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर निगम आयुक्त की ओर से की गई कार्रवाई का कांग्रेस पार्षद दल विरोध करेगा। वहीं, स्कूल के मैनेजर टी जॉस ने बताया कि हमें नोटिस आया है। एक नोटिस पिछले साल आया था कि आपका फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया, जिसके बाद हमने कई इक्विपमेंट लगवाए। चूंकि ये काफी एक्सपेंसिव होता है, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं। लेकिन इस नोटिस भेजना ठीक नहीं। क्योंकि एग्जाम का समय है, इतने बच्चे यहां पढ़ते हैं। एक समय देते की इतने वक्त में सर्टिफिकेट नहीं लिया तो स्कूल बंद किया जाएगा। फिर भी हमने एक लेटर लिखकर एक महीने का समय मांगा है। आज ही हम ऑनलाइन फायर सेफ्टी को लेकर अप्लाई कर देंगे।




Katni News : जन आशीर्वाद यात्रा का हुआ भव्य स्वागत, वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के काम गिनाए

मध्यप्रदेश में चल रही जन आशीर्वाद यात्रा विजयराघवगढ़ विधानसभा के बिरुहली रिसॉर्ट से शुरू होकर विभिन्न ग्रामों से होते हुए बरही नगर परिषद पहुंची, जहां सभा मंच को संबोधित करते हुए यात्रा में मौजूद सतना सांसद गणेश सिंह सहित केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने विधायक संजय पाठक के कार्यों की जमकर तारीफ करते दिखे। वहीं, लोगो से आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट करते हुए प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार खड़ा करने की मांग करते नजर आए।

एक तरफ प्रधानमंत्री की विकास यात्रा बीजेपी के कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम किया तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा जनता के बीच पहुंचकर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं और स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में किए गए कार्यों का विवरण देते दिखाई दिए। जिसकी शुरुआत बरमानी ग्राम से शुरू होकर कुंआ, करोंदी कलां सहित आधा दर्जन ग्रामों से होते हुए बरही नगर परिषद् पहुंची। इस दौरान लोगों ने यात्रा का कलश जलाकर फूल माला से स्वागत किया। जन आशीर्वाद यात्रा का नेतृत्व करने सतना सांसद गणेश सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा के कटनी पहुंचे हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व सरकार को बेटियों और बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली सरकार बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बेटियों के जन्म से लेकर पढ़ाई और उनकी शादी तक की चिंता करते हैं, इसके लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्यादान योजना शुरू से लेकर लाड़ली बहना योजना शुरू की है, जिसका लाभ प्रदेश की 1.30 करोड़ से अधिक बहनों को मिल रहा है, उनके खातों में हर माह राशि जमा हो रही है। वहीं, महिलाओं से आग्रह किया कि इन योजनाओं का लाभ हमारी बेटियों और बहनों को लगातार मिलता रहे इसके लिए आप बीजेपी को वोट देकर अपना आशीर्वाद दीजिए।

विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने कहा कि भांजे भांजियों, लाड़ली बहनों, बुजुर्गों, किसानों सहित हर वर्ग के लिए योजनाएं लागू कर सभी का जीवनस्तर उठाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। लोगों को बिजली कटौती से मुक्ति मिली, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बेहतर सड़कें मिली। इसीलिए आज जन आशीर्वाद यात्रा जहां भी जा रही है लाड़ली बहनों के साथ बुजुर्गों, किसानों और हर वर्ग के लोगों की भीड़ उसके स्वागत के लिए उमड़ रही है और विकास के इस सिलसिले को बनाए रखने के लिए भाजपा की सरकार बनना जरूरी है। विधायक संजय पाठक के उद्बोधन के बाद यात्रा बुजबुजा ग्राम होते हुए बड़वारा विधानसभा पहुंची जहां पुष्प वर्षा और ढोल-नगाड़ों गूंज के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रभात झा और सांसद गणेश सिंह का स्वागत किया गया। हालांकि बड़वारा विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शामिल होकर एक सभा संबोधित करना था, लेकिन तेज बारिश के चलते उनका बड़वारा दौरा रद्द हो गया।





Katni News : जर्जर स्थिति में शासकीय स्कूल, गुरुजी बच्चों को किराए के कमरे में पढ़ा रहे, शिकायत की गई थी

Government school dilapidated in Dalipur Tola of Katni children studying in rented room

जर्जर स्कूल

मध्यप्रदेश का शिक्षा बजट भले ही करोड़ का होता हो, लेकिन इसका उपयोग जमीनी स्तर पर कितना होता है, इसकी एक तस्वीर सामने आई है। जहां कई साल से छतिग्रस्त स्कूल होने के चलते पूरे के पूरे स्कूल को एक निजी कमरे को किराए से लेकर संचालित करने की नौबत आन पड़ी।

दरअसल, यह पूरा मामला कटनी जिले के दलीपुर टोला ग्राम का है। जहां संचालित प्राथमिक शाला एक साल पहले ही पूरी तरह छतिग्रस्त हो गया था, जिसको लेकर कई बार स्कूल के शिक्षकों द्वारा बीआरसी से लेकर शिक्षा विभाग को पत्राचार के माध्यम से जानकारी दी गई। लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूल के शिक्षिका ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पास के ही बरगद के पेड़ के नीचे कक्षाएं लगानी शुरू कर दी थी।

बता दें, शासकीय प्राथमिक शाला दलीपुर टोला के भवन की न सिर्फ दीवारों में दरारें है, बल्कि उसके छज्जे का प्लास्टर बच्चों के ऊपर दो बार गिर चुका था। हालांकि, स्कूल में बच्चों के लिए टेबल कुर्सी से लेकर सभी व्यवस्था मौजूद थी। लेकिन समय के साथ-साथ स्कूल जर्जर होता चला गया और बीती बारिश में पूरे भवन में शीत आ गई।

दलीपुर टोला की शिक्षिका नेहा नगरिया बताती हैं, स्कूल जर्जर होने के कारण बरगद के पेड़ के नीचे स्कूल लगाना पड़ा था। लेकिन बीआरसी कार्यालय द्वारा अब किराए के मकान की व्यवस्था करा दी है। वहीं, मामला कलेक्टर अवि प्रसाद के संज्ञान में आते ही प्राथमिक स्कूल भवन के राशि स्वीकृत करा दी है, जिससे आने वाले वक्त में आंगनवाड़ी भवन के पास स्कूल का निर्माण भी कराया जाएगा।