Indore News :बांग्लादेश में गहराए संकट से मालवा निमाड़ की रेडिमेड इंडस्ट्री में फायदा, बढ़ेगी ग्रोथ और जाॅब वर्क

Indore: Malwa Nimar's readymade industry will benefit from the deepening crisis in Bangladesh, growth and job

रेडिमेड पार्क

बांग्लादेश में गहराए राजनीतिक संकट का असर वहां की रेडिमेड इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। कई बड़े ब्रांडों के रेडिमेड कपड़े बांग्लादेश में तैयार होते है और इससे वहां के लोगों को रोजगार मिलता है, लेकिन अब माना जा रहा है कि कई बड़ी कंपनियां भारत की तरफ मुड सकती हैै।

मालवा निमाड़ भी रेडिमेंड इंडस्ट्री का बड़ा हब है। पीथमपुर में कुछ बड़े ब्रांड है। इसके अलावा इंदौर और आसपास के क्षेत्रों मेें कई रेडिमेड की 22 यूनिट है। रेडिमेड कपड़े बेचने वाली कंपनियां अब इन यूनिटो को जाॅब वर्क दे सकती हैै। इंदौर में काॅॅटन के कपड़ों पर ज्यादा काम होता हैै।

रेडिमेड इंडस्ट्री में काटन के कपड़ों की बड़ी डिमांड रहती है। बांग्लादेश में भी काॅटन के कपड़े ज्यादा बनते है। रेडिमेड इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के अनुसार बांग्लादेश में लेबर काफी सस्ती है और रेडिमेड कारखानों को वहां की सरकार भी कई तरह की रियायतें देती है।

इससे वहां रेडिमेड इंडस्ट्री ग्रोथ कर रही थी, लेकिन अब देश की राजनीतिक अस्थिरता के कारण बड़े ब्रांड वहां निवेश करने से बच रहे हैै। इसका फायदा भारत सरकार को उठाना चाहिए,ताकि देश में भी रेडिमेड इंडस्ट्री पनप सके।

20 प्रतिशत जाॅब वर्क बढ़ेगा

इंदौर रेडिमेड वस्त्र व्यापारी संघ के अध्यक्ष आशीष निगम बताते है कि पहले जारा, एच एंड एम के ब्रांड इंदौर में भी जाॅब वर्क देते थे, लेकिन बाद में बांग्लादेश की यूनिटों से काम कराने लगे। बांग्लादेश की परिस्थियों को देखते हुए अब फिर से रेडिमेड इंडस्ट्री मेें 20 प्रतिशत ग्रोथ दिख सकती हैै।

इंदौर और आसपास के क्षेत्रों की यूनिटों को भी इसका फायदा होगा। पीथमपुर,इंदौर में भी कुछ बड़े ब्रांड के जाॅब वर्क होते हैै। रेडिमेड इंडस्ट्री अकुशल काॅरीगरों को सबसे ज्यादा रोजगार देती है। महिलाएं घर से जाॅब वर्क करती है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रेडिमेड इंडस्ट्री से जुड़ी नीतियों में बदलाव कर सरकार रेडिमेड इंडस्ट्री को बढ़ावा दे सकती हैै।




Indore News: इंदौर में महिला ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, पति से हुआ था विवाद

Indore: Woman jumped from third floor in Indore, had argument with husband

महिला ने दी कूद कर जान।

इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक टाउनशिप में एक महिला ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। महिला का नाम अंकुरी बाई बताया गया है। घटना शनिवार शाम को हुई।

उसने घर की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। बताते हैै कि महिला का अपने पति से विवाद हुआ था। महिला काफी देर तीसरी मंजिल पर खड़ी रही उसे पकड़ने एक व्यक्ति पहुंचा तो वह कूद गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

प्रारंभिक जांच में पति पत्नी के बीच विवाद की बात समाने आई है। मामले में पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाकर जांच शुरू की। पति व अन्य परिजनों के बयान के बाद ही खुदकुशी के कारणों का खुलासा हो सकेगा। महिला का पति एक निजी कंपनी में नौकरी करता हैै। दोनो की शादी छह साल पहले हुई थी। उनका एक बेटा और बेटी है।




Indore News: इंदौर में 35 लाख की लूट का पर्दाफाश, कर्मचारी का साथी ही निकला बदमाश

इंदौर में हुई वारदात का खुलासा।

इंदौर के लसुडि़या क्षेत्र में दिनदहाड़े 35 लाख रुपये की लूट का खुलासा पुलिस ने कर लिया है। बदमाश कोई और नहीं बल्कि खुद को लूट का शिकार बता रहे कर्मचारी के साथी निकले। कर्मचारी की काॅल डिटेल से पुलिस को लुटेरो का सुराग लगा। पुलिस ने 26 लाख रुपये जब्त भी कर लिए। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने रात को बदमाशों का घर भी खोज लिया और खातीपुरा के एक मकान में छापा मारा। वह आरोपियों के कपड़े और रुपयों का बैग मिला। एक आरोप भी गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरे आरोपी फरार है। कुछ रुपये आरोपी अपने साथ ले गए।

पुलिस को आरोपी सोनू बोरासी पर शक था। उसकी काॅल डिटेल की पड़ताल की गई तो वह लगातार दो नंबरों पर बात कर रहा था। जिनकी लोेकेशन घटना स्थल के आसपास थी। आरोपी सोनू के साथी थे और उसने पहले ही बता रखा था कि वह रुपयों से भरा बैग लेकर आने वाला है। घटना के बाद पुलिस ने दोनो कर्मचारियों के अलग-अलग बयान लिए तो वे भी विरोधाभासी निकले। सोनू चाकू अड़ाने की बात कर रहा था तो दूसरे कर्मचारी ने कहा था कि बदमाशों ने हथियार नहीं दिखाया।

ठेकेदार के घर देने जा रहे थे रुपये

कर्मचारी रुपयों से भरा बैग ठेकेदार के घर पर रखने जा रहे थे, तभी दो बदमाशों ने सोनू से बैग छिन लिया। तीसरा बदमाश बाइक स्टार्ट कर खड़ा था। पुलिस को कर्मचारियों पर भी शंका है,क्योकि बेग की छिनाझपटी के दौरान उन्हें किसी भी तरह की चोट नहीं आई। पड़ताल में एक कर्मचारी की मिली भगत पाई गई।

रुपये स्कीम नंबर 114 निवासी ठेकेदार रणवीर सिंह के कर्मचारियों केे थे। उनका लसुडि़या क्षेत्र में दफ्तर है। दफ्तर से 500 मीटर दूरी पर ही रणवीर का घर है। कर्मचारी अशोक और सोनू बैग को 35 लाख रुपये घर गए थे। घर के बाहर ही लूट को अंजाम दिया गया।




Khandwa News : इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के कारण हो रहे हादसे

Khandwa: Accidents happening due to potholes on Indore Ichhapur highway

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर सगरिया फाटे के पास गड्ढों के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। सोमवार को एक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। इस मार्ग का टोल टैक्स कंपनी ने वसूलना शुरू भी कर दिया है, कहा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इसकी इजाजत दी है। इस सब के बीच भाजपा के विधायक पति ही सड़क में हुए गड्ढों को लेकर मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिस समय विधायक पति विरोध कर रहे थे, उसी समय जिला कलेक्टर भी वहां से गुजरे, जो उन्हें देखकर रुक गए और फिर सड़क कंपनी के लोगों से कॉल कर जल्द से जल्द गड्ढे भरने की बात कही।

यहां आए दिन हो रहे हैं हादसे

सोमवार को सगरिया फाटे के पास गड्ढों में सतुंलन बिगड़ने के कारण तीन हादसे हो गए। इसमें एक बाइक सवार जो हरा धनिया लेकर जा रहा था, उसकी मौत हो गई। इस दौरान खंडवा विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे का यहां से गुजरना हुआ। हादसा देख उन्होंने अपनी कार रोकी, उन्हें देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि ने हंगामा कर दिया, उन्होंने इसका एक वीडियो भी बनवाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जिला कलेक्टर ने रुककर देखी सड़क की बदहाली

जिस समय दुर्घटना हुई उसी समय जिले के आला अधिकारी एसपी-कलेक्टर का भी हाइवे से गुजरना हुआ। इस बीच भाजपा नेता मुकेश तनवे व ग्रामीणों को साथ देखकर कलेक्टर भी मौके पर जा पहुंचे। पूरी स्थिति देखकर उन्होंने कंपनी वालों को फोन भी लगाए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अधूरे रोड को टैक्स वसूलने की इजाजत कैसे दे दी गई? इसमे नेताओं का दबाव हो सकता है, अगर ऐसा है तो फिर स्थानीय स्तर के नेता जनता के साथ सड़क पर क्यों उतर आए?

विधायक पति बोले, तीन-तीन फीट गहरे गढ्ढे

जिला कलेक्टर के मौके पर पहुंचते ही विधायक पति ने उन्हें हाइवे के गड्ढों की समस्या से अवगत कराया। यही नहीं, वे मौके पर ही गड्ढे भरने की मांग को लेकर अड़ गए। हालांकि, कुछ देर चली चर्चा के बाद वे घटनास्थल से हटे। इस दौरान तनवे ने कहा कि इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर टोल वसूली की जा रही है। सावन महीने चल रहा है, मैं ओंकारेश्वर जा रहा था। नेशलन हाईवे पर सगरिया फाटा के पास 100 मीटर का रोड है, इस पर तीन-तीन फीट के गड्डे हो चुके हैं, जहां से लोग स्पीड से लोग निकल रहे हैं।

गड्ढों के चलते हादसों में लोगों की जा रही जान

हाइवे पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने कहा कि ये नेशनल हाईवे है। लोगों की जान जा रही है और कंपनी टोल वसूली में लगी हुई है। मैं जीएम से बात करूंगा। कलेक्टर से बात करूंगा कि ये 100 मीटर का रोड है, इसके गड्ढे भरे जाएं। इससे लोगों की जान बच जाए। रोज हादसे हो रहे हैं, दुर्घटना में लोगों की मौत हो रही है। दो वाहन साइड में पड़े थे, एक बाइक वाला गिर गया है।

हाइवे के गड्ढों को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश

विधायक पति को देख मौके पर कई ग्रामीण एकत्रित हो गए । ग्रामीणों ने बताया कि यहां रोजाना हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। सोमवार को भी एक बाइक और दो कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। सड़क पर तीन-तीन फीट के गड्डे हैं। नेशनल हाइवे होने के कारण वाहन स्पीड में आते हैं। चालकों को ये नहीं पता होता है कि सामने इतने बड़े गड्ढे हैं। इस समय बारिश का मौसम है पानी भरा होने से चालक गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते, और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं

इंदौर इच्छापुर हाईवे पर गड्ढों के चलते हो रही दुर्घटनाएं




Indore News : ई रिक्शा ड्राइवर को दो युवकों ने इन्फेक्शन वाला इंजेक्शन लगाया

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INDORE NEWS

इंदौर के प्रजापत नगर में रहने वाले 40 साल के ई रिक्शा ड्राइवर को दो युवकों ने इन्फेक्शन वाला इंजेक्शन लगा दिया। उसकी शिकायत पर अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। ई रिक्शा ड्राइवर ने बताया कि राजबाड़ा कृष्णपुरा छत्री से दो लड़के कलारिया जाने के लिए ई रिक्शा में भाड़ा ठहरा कर बैठे थे। उन्होंने यहां ब्रिज पर पहुंचने के दौरान पीछे से कमर के निचले हिस्से में इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। जिसके कारण उन्हें सेवालय अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले सराफा में युवती को इंजेक्शन लगाने की घटना के बाद अब एक ई-रिक्शा ड्राइवर के साथ वैसी ही वारदात हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी युवकों की तलाश में जुटी है।

मोबाइल छीनने की कोशिश की

ई रिक्शा ड्राइवर ने बताया कि दोनों लड़के कृष्णपुरा छत्री के पास ही मिले थे। उन्होंने कहां कि कलारिया में गांव के पास तक चलना है। उन्हें वापस भी आना है। इस पर दोनों ने ई रिक्शा के ड्राइवर से पूछा कि कितना भाड़ा लगेगा। ड्राइवर ने उन्हें 600 रुपये बताए। जिसमें एक लड़के ने पां सौ रुपए दे दिए और वापस छोड़ने पर 100 रुपए देने की बात कही। ड्राइवर राजी हो गया। ई रिक्शा ड्राइवर ने कहा कि जब गाड़ी पुल पर थी तो उन्हें चुभन पीछे पलटने पर देखा कि एक लड़के के हाथ में इंजेक्शन था। ड्राइवर ने पूछा कि यह क्या कर रहे तो लड़के ने कहा कि बेटा तेरा काम हो गया। अब तू गया। इसके बाद ड्राइवर ने ई रिक्शा साइड में खड़ी कर दी। उसने मोबाइल निकाला और अपने परिचित को लगाने की कोशिश की। एक लड़के ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। जिस पर ड्राइवर ने मोबाइल बैग में रखा और रिक्शा के पीछे की तरफ चला गया। इसके बाद दोनों लड़के डिवाइडर पार कर भाग गए।

भागकर परिवार को दी जानकारी

रिक्शा ड्राइवर ने बताया कि फिर वह भीड़ वाले इलाके में रुका और परिवार को जानकारी दी। बाद में डॉक्टर को बताया। तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने भर्ती होने की सलाह दी। बाद में पुलिस अस्पताल में पहुंची। बयान के बाद आरोपियों पर केस दर्ज किया।

पुलिस तलाश कर रही

ड्राइवर की शिकायत के बाद चंदन नगर पुलिस के जवान छत्री के पास पहुंचे। यहां पर उन्होंने कैमरे चेक किए। जिसमें दो लड़के ई रिक्शा ड्राइवर से बात करते हुए और गाड़ी में बैठते दिखे। इसके बाद पुलिस ने गंगवाल बस स्टैंड और अन्य जगह के फुटेज निकाले। चंदन नगर और अन्य थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।




Indore News: गांधी भवन में विजयवर्गीय का स्वागत करने पर शहर एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलंबित

Indore: City and District Congress President suspended for welcoming Vijayvargiya at Gandhi Bhavan.

कांग्रेस कार्यालय में विजयवर्गीय

शहर में 11 लाख पौधे लगाने का निमंत्रण देेने इंदौर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की आवभगत नगर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को भारी पड़ी।

दोनों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात दिन के लिए निलंबित कर दिया, हालांकि शनिवार को निलंबन अवधि समाप्त हो गई, लेकिन नोटिस अभी चर्चा में आया।

यादव का कहना है कि विजयवर्गीय मामले में हमने प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी को मौखिक रुप से जवाब दे दिया, लेकिन हमने निलंबन के नोटिस का जवाब नहीं मिला।

मंत्री विजयवर्गीय के गांधी भवन पहुंचने पर उनका स्वागत कांग्रेस पदाधिारियों ने फूलों का गुलदस्ता देकर किया और उन्हें गुलाब जामुन भी परोसे गए। उनकी इस तरह से अवभगत से कई नेता नाराज थे। भोपाल मेें आयोजित बैठक मेें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने यह मुद्दा उठाया था।

बैठक में अन्य पदाधिकारी भी बोले थे कि जिस मंत्री ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय बम की नाम वापसी कर लोकतंत्र की हत्या की। उसका गांधी भवन में स्वागत नहीं होना चाहिए था।

इस बैठक के बाद ही गुपचुप तरीके से प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला और नगर अध्यक्ष को सात दिन के लिए निलंबित कर जवाब मांगा था। नोटिस में कहा गया था कि जिस व्यक्ति ने इंदौर के वोटरों से मदाधिकार छिनने का कृत्य किया। उसकी निंदा इंदौरवासियों ने की। उसका स्वागत करना अनुशासनहीनता की श्रेणी मेें आता है। अत: जिला अध्यक्ष व शहर अध्यक्ष को सात दिन केे लिए निलंबित कर दिया जाता है।




Indore News: इंदौर के पास पर्यटक स्थल झरना पिकनिक स्पॉट प्रतिबंध

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इंदौर का तिंछा फॉल

मानसून आ गया है और बड़ी संख्या में इंदौर के पर्यटन स्थल पर जाने के लिए लोग तैयारी कर रहे हैं। इस बीच इंदौर कलेक्टर ने इंदौर के खतरनाक पर्यटन स्थलों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। देशभर में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश में पर्यटन स्थलों के आस-पास जोखिम भरे और एकांत क्षेत्र में लोगों के जाने पर भी प्रतिबंध लगा है।

आदेश के मुताबिक जो भी इसका उल्लंघन करेगा उस पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। अब इस मामले में पहला केस दर्ज हो गया है। इंदौर के पास तिंछा फॉल में तीन युवक शराब पार्टी करते हुए डांस कर रहे थे। इंदौर की महू तहसील के सिमरोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत तिंछा फॉल आता है। कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने पर और जान जोखिम में डालने पर तीनों युवकों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह इंदौर जिले का पहला प्रकरण है, जिसमें पर्यटक स्थल पर जाने पर केस दर्ज किया गया है।

नाच रहे थे और पुलिस आ गई

जानकारी के अनुसार तिंछा फॉल पर पार्किंग के आगे नदी है। यह क्षेत्र प्रतिबंधित है। सिमरोल थाना प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि रविवार को हितेश पुत्र प्रेमनारायण, सुशील पुत्र खिलावन दोनों निवासी बजरंग नगर और नीरज पुत्र राजेंद्र निवासी आदर्श नगर नदी किनारे पार्टी कर रहे थे। साथ ही शराब का सेवन करते हुए नाच रहे थे। तभी पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को पकड़ा। तीनों युवकों पर पुरानी धारा 188 की तरह भारतीय न्याय संहिता में 223 वीएनएस के तहत कलेक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश का पालन नहीं करने पर केस दर्ज किया है। अब युवकों को नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद इसकी कार्यवाही न्यायालय में होगी।

जान जोखिम में डालकर नहाने पहुंच जाते हैं लोग

गौरतलब है कि कलेक्टर द्वारा इंदौर जिले के सभी पर्यटन क्षेत्रों में जोखिम भरे व एकांत वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही पर्यटन स्थलों पर शराब का सेवन करने पर भी प्रतिबंध लगाया है। कलेक्टर द्वारा आदेश जारी करने के बाद इंदौर जिले में इस तरह का पहला मामला सिमरोल थाने पर दर्ज गया है। इंदौर के आस-पास पर्यटन स्थलों पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। घूमने के लिए आने वाले लोग यहां जान जोखिम में डालकर नदी में नहाने लगते हैं। ऐसे में पैर फिसलकर अंदर डूबने का डर बना रहता है।

इन स्थानों पर प्रतिबंध लगा –

तिंछा फाल – tincha fall

चोरल फाल – choral fall

चोरल बांध – choral dam

सीतला माता फाल – sitlamata fall indore

कजली-गढ़ – kajligarh fort

मेंहदी कुण्ड – mehndi kund

बामन्या कुण्ड – bamniya kund

और अन्य जोखिम भरे और एकान्त वाले पर्यटन स्थल




Indore news: आरएसएस प्रतिबंध हटाने का फैसला

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संघ के प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्वयंसेवक।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को यह महसूस करने में लगभग पांच दशक लग गए कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध संगठन को गलत तरीके से सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा गया था। जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और गजेंद्र सिंह की पीठ ने गुरुवार को एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की। केंद्रीय कर्मचारी रहे पुरुषोत्तम गुप्ता ने यह याचिका दायर की थी।

संघ के साथ जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण

याचिका में उल्लेख किया था कि रिटायर होने के बाद बचा हुआ जीवन संघ को समर्पित करना चाहते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की रोक की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, 30 नवंबर 1966 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने सर्कुलर निकालकर केंद्रीय व कर्मचारियों के संघ सहित अन्य व विचारधारा वाले संगठनों में शामिल होने पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट व ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संघ को सांप्रदायिक संगठन मानकर उसकी गतिविधियों, शाखाओं में शरीक होने पर रोक लगा दी गई।

संशोधन का प्रचार भी होना चाहिए

हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि केंद्रीय गृह विभाग ने पिछले व दिनों सर्कुलर में संशोधन कर दिया था। इसके बावजूद हम विस्तृत आदेश जारी कर रहे हैं। केंद्र ने जो संशोधन किया है, उसे कार्मिक विभाग और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर डाला जाए। यही नहीं देशभर में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से इसे प्रचारित भी किया जाए।




Indore News : इंदौर में बरसते पानी में मकान तोड़ने पहुंचे निगम अमले के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन

Indore: Huge protest in Indore against the corporation staff who came to demolish the house in raining water.

विरोध के बीच इंदौर में तोड़े मकान

इंदौर में न्याय नगर की सात एकड़ जमीन पर बने 77 मकानों को बरसते पानी में हटाने पहुंचे नगर निगम के अमले को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सैकड़ों महिलाएं सड़क पर आ गई और बुलडोजर के सामने खड़ी हो गई। कुछ ने अफसरों से धक्का-मुक्की की कोशिश भी की। उनका कहना था कि वर्षाकाल में अतिक्रमण विरोधी मुहिम नहीं चलाई जाती है। फिर क्यों अभी मकान तोड़े जा रहे है।

अफसर कोर्ट के आदेश का हवाला देकर मकान तोड़ने पर आमदा थे। आखिरकार निर्माणाधीन मकानों को हटाने पर सहमति बनी। जिन मकानों में लोग रह रहे है,फिलहाल उन्हें नहीं तोड़ा गया, लेकिन उन्हें स्वेच्छा से मकान हटाने के नोटिस नगर निगम द्वारा पहले ही दिए जा चुके है।

शुक्रवार सुबह सात बजे नगर निगम का अमला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गया था। मुहिम शुरू करने से पहले महिलाएं विरोध करने लगी। कुछ युवक जेसीबी के सामने खड़े हो गए। महिलाएं चीखने के अलावा अफसरों के सामने रोने लगी। उनका कहना था कि हमने कर्ज लेकर मकान बनाए। सभी मध्यमवर्गीय परिवार है।

मकान टूट गए तो कहां जाएंगे? अफसरों ने कहा कि जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के निर्देश कोर्ट ने दिए है। हमें तो कोर्ट आदेश का पालन करना हैै। आखिरकार निर्माणाधीन मकानों को तोडने का फैसला लिया गया। इस जमीन का मामला कई वर्षों से कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन के मामले में श्रीराम बिल्डर्स के पक्ष में फैसला सुनाया है और कब्जे हटाने के निर्देश दिए है। इस जमीन पर बीते 10 सालों में मकान बने है।




Indore News : नर्मदा नदी परिक्रमा ममलेश्वर ओंकारेश्वर

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नर्मदा नदी को चुनरी चढ़ाने निकली महिलाएं।

सावन माह में 10 यात्राओं के माध्यम से 40 हजार से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन करेंगे। संस्था सृजन के द्वारा 25 जुलाई से 3 अगस्त तक यह आस्था का प्रवाह होगा। गुरुवार को इंदौर indore के बड़ा गणपति से सुबह चुनरी यात्रा निकालकर इसकी शुरुआत की गई। इसमें महिलाएं 1101 फीट की चुनरी मां नर्मदा को चढ़ाने के लिए इंदौर से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं। एक पेड़ मां के नाम 51 लाख पौधारोपण अभियान के तहत प्रतिदिन पौधे भी रोपे जाएंगे, महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में यह यात्रा निकली।

40 हजार लोग शामिल होंगे

संस्था अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, महेश दलोत्रा, संयोजक गोविन्द गोयल ओर महिला संयोजिका तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि शिव आराधना के महीने सावन में शहर के अलग अलग क्षेत्र से ओंकारेश्वर ममलेश्वर तीर्थ दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जत्था जाएगा। इस श्रावण मास में निकलने वाली यात्रा में 40 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। इस एक दिनी यात्रा में महिलाओं को 45 बसों ओर छोटे चार पहिया वाहनों से ओंकारेश्वर ले जाया जाएगा। संस्था सृजन के तत्वाधान में 25 जुलाई से 3 अगस्त तक चलेगा। सन 2006 से शुरू हुई यात्रा का यह 19 वां वर्ष है। मध्य प्रदेश में सबसे पहले प्रारंभ हुई संस्था सृजन की यात्रा है, संस्था से 50 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

1 करोड़ 51 लाख मंत्रों का जाप

यात्रा के अवसर पर प्रतिदिन शामिल होने वाली मातृशक्ति ॐ नम शिवाय का जाप करेगी सभी मातृशक्ति 1 करोड़ 51 लाख मंत्रों का जाप करेगी और ओंकारेश्वर omkareshwar में पार्थिव शिवलिंग का पूजन करेगी। यात्रा महर्षि महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में निकलेगी।

कई दिन तक चलेंगे आयोजन

खंडेलवाल ने बताया कि यात्रा की शुरुआत 25 जुलाई गुरुवार को बड़ा गणपति से हुई पहले दिन चुनरी यात्रा निकली जिसमें हजारों महिलाएं सुबह 8:30 बजे 1101 फीट की चुनरी लेकर मां नर्मदा Narmada को चढ़ाने निकली, बड़ा गणपति से शुरू हुई यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए संगम कॉर्नर पहुंची वहां से बसों से ओंकारेश्वर रवाना होकर मां को चुनरी चढ़ाएंगे, चुनरी चढ़ाने के बाद मां नर्मदा का जल लेकर महिलाएं कावड़ लेकर निकलेगी फिर वेद मंत्रों के बीच महादेव का अभिषेक होगा। फिर 26 जुलाई को वृंदावन कालोनी, 27 जुलाई को नगीन नगर, 28 जुलाई को कुशवाह नगर से और 29 जुलाई को सुखदेव नगर से निकलेगी। वहीं 30 जुलाई को मरीमाता चौराहा से, 31 जुलाई को संगम नगर से निकलेगी। इसके बाद एक अगस्त को मल्हारगंज से और 2 अगस्त को प्रबुद्ध समाज जन यात्रा पर जाएंगे और 3 अगस्त को कार्यकर्ताओं की यात्रा रहेगी। यात्रा प्रतिदिन सुबह 8 बजे निकलेगी और रात को 9 बजे वापस आएगी। रोज महिलाए नर्मदा मैया का विधि विधान से पूजन करके प्रति दिन 1101 फीट की चुनरी अर्पित करेगी। यात्रा में शामिल होने वाली महिलाओं को छतरियों का वितरण किया जाएगा, यह 125 रुपए की छतरियां नाम मात्र शुल्क 25 रुपए में वितरित होगी।