Indore News: इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

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भाजपा की छतरी में कांग्रेस के प्रत्याशी। (दाएं)।

इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी।

मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाई

11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। पार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की बीजेपी का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले।

कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थे

इंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे।




Khargone: 309 किमी. लंबी इंदौर मनमाड़ रेलवे लाइन को मंजूरी, दो राज्यों के छह जिलों के व्यापार को लगेंगे पंख

Indore Manmad Railway Project gets approval from Union Railway Ministry

इंदौर मनमाड़ रेलवे परियोजना को मिली मंजरी

मध्यप्रदेश के मालवा और निमाड़ अंचल को जोड़ने वाली इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार से भी मंजूरी मिल गई है। इससे अब यहां 309 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाए जाने की प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी। इसके पूरे होने के बाद इंदौर से मुंबई के बीच की दूरी भी कम हो जाएगी। बता दें कि अभी इंदौर से गुजरात होकर ट्रेन मुंबई की ओर जाती है। वहीं, इस परियोजना से निमाड़ अंचल को भी खासा लाभ होगा। रेलवे की इस परियोजना पर केंद्र सरकार को 18 हजार करोड़ का खर्च आने वाला है। वहीं, इस परियोजना के महाराष्ट्र वाले हिस्से का काम भी शुरू हो चुका है, जिसके बाद अब मध्य प्रदेश के हिस्से में काम शुरू किया जाएगा। बीते साल ही रेल मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कराया था।

दो राज्यों के छह जिलों को मिलेगा फायदा

केंद्रीय रेल मंत्रालय के इंदौर मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट से जहां एक ओर मध्यप्रदेश के चार जिलों इंदौर, धार, बड़वानी और खरगोन जिले को फायदा मिलेगा, तो वहीं महाराष्ट्र के धुले और नासिक जिले को भी इसका लाभ होगा। परियोजना पूरी होने के बाद प्रदेश के पीथमपुर से रेल मार्ग के जरिए माल ढुलाई में भी आसानी होगी। मांडू और महेश्वर जैसे पर्यटन क्षेत्र भी सीधे सीधे रेल पटरियों से जुड़ सकेंगे। वहीं, निमाड़ के खरगोन, बड़वानी जिलों के किसानों को अपनी उपज महाराष्ट्र तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 309 किलोमीटर का इजाफा होगा तो वहीं 30 नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 1,000 गांवों के साथ ही करीब 30 लाख आबादी को सीधा रेलवे से जुड़ेगी।

इंदौर बनेगा रेलवे हब

इस परियोजना को लेकर खरगोन बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद गजेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने इंदौर मनमाड़ रेल लाइन के लिए 8 नवंबर 2021 को एक पत्र के माध्यम से मांग उठाई थी। लगातार इसके लिए प्रयासरत रहे। जिसके बाद वे इंदौर मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट के लिए इंदौर संभाग और महाराष्ट्र के सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले थे। पीएम मोदी ने इस रेल लाइन के महत्व को समझा और प्रोजेक्ट मंजूर किया। इसके चलते अब इंदौर भी रेलवे का हब बनेगा और इंदौर से दक्षिण के राज्यों के साथ साथ महाराष्ट्र के राज्यों की कनेक्टिविटी भी हो जाएगी।

परियोजना की कुल लागत 18,036 करोड़

बता दें कि, निर्माण कार्य के दौरान यह परियोजना करीब 102 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी। इसका निर्माण करीब 18,036 करोड़ की कुल लागत से किया जाएगा। इंदौर और मनमाड के बीच प्रस्तावित इस नई रेल लाइन से जहां क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो वहीं इससे आम लोगों के साथ वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए सीधा संपर्क बन सकेगा। यह लाइन वर्ष 2028-29 तक बनकर पूरी हो सकती है।

पर्यावरण को होगा 5.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर फायदा

बता दें कि इस नई रेल परियोजना से पीथमपुर ऑटो क्लस्टर में शामिल 90 बड़ी इकाइयों के साथ ही 700 छोटे और मध्यम उद्योगों का भी जेएनपीए के गेटवे पोर्ट और अन्य राज्यों के बंदरगाहों से सीधा संपर्क जुड़ सकेगा। मध्य प्रदेश के बाजरा उत्पादक जिलों और महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक जिलों को भी इससे फायदा होगा। कृषि उत्पादों, उर्वरक, कंटेनर, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, पीओएल जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए भी यह रूट महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसके पूरा होने के बाद करीब 26 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की इस रूट के जरिए माल ढुलाई बढ़ने का अंदेशा है। माना जाता है कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही आसान परिवहन का साधन है, जो जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने के साथ ही तेल आयात को 18 करोड़ लीटर से कम करने और कार्बन डाइक्साइड उत्सर्जन को 138 करोड़ किलोग्राम तक कम करने में भी मदद करेगा। यह करीब 5.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा ।




Indore News : आज तेज बारिश का अलर्ट, सितंबर के दस दिन में गिरेगा भरपूर पानी, कोटा हो जाएगा पूरा”,”

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इंदौर की सड़कों पर भरा पानी।

इंदौर में सितंबर की शुरुआत बारिश के साथ हुई है। पहले दिन एक सितंबर को दोपहर में जमकर पानी बरसा, जिसमें करीब एक घंटे में एक इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश से कई इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया। मंगलवार को भी सुबह से हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के शुरुआती 10 दिन इसी तरह पानीदार रहने वाले हैं। इसका कारण बंगाल की खाड़ी में बना एक सिस्टम है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश में सक्रिय है। यह सिस्टम 4 सितंबर तक असर दिखाएगा और फिर 6 सितंबर से एक और सिस्टम सक्रिय हो जाएगा।

इस साल लगातार पांचवां साल होगा, जब औसत से अधिक बारिश तय होने जा रही है। अभी सीजन की 30 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस दौरान 25 इंच ही बारिश हुई थी। हालांकि पिछले साल सितंबर के दूसरे हफ्ते में जोरदार बारिश हुई थी, जिसमें 30 घंटों में करीब 11.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। यह 61 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सितंबर माह की औसत बारिश 6.5 इंच मानी जाती है, और इस माह बारिश के औसत 7 दिन होते हैं। इंदौर को औसत बारिश का कोटा पूरा करने के लिए अभी सिर्फ 6 इंच की जरूरत है। इस बार खास यह है कि पहले हफ्ते में तेज बारिश के संकेत हैं। अगर ऐसा होता है, तो संभव है कि पहले हफ्ते में ही कोटा पूरा हो जाएगा।

बारिश के लिए जुलाई और अगस्त का महीना मुख्य रहता है लेकिन भादौ यानी सितंबर 3 साल से जुलाई-अगस्त के मुकाबले अधिक पानीदार रहा है। 10 सालों में 2023 के सितंबर में सर्वाधिक 20.3 इंच पानी बरसा था। 10 साल के सितंबर का रिकॉर्ड देखें तो पिछले साल 17 सितंबर को 24 घंटे में 5.6 इंच पानी बरसा था। वहीं 2015 को छोड़ दिया जाए तो बाकी के सालों के सितंबर में ऐसा भी हुआ है जब दिनभर में औसत 2 से 4 इंच तक भी बारिश 24 घंटे में हुई है। दशक में सर्वाधिक 24 घंटे की बारिश का रिकॉर्ड 2023 का ही है।




Indore news: कार मेें रस्सी से दोस्त का गला दबाया, जंगल में शव ले जाकर गाढ़ दिया, तीन आरोपी गिरफ्तार

Indore news: Friend strangled with rope in car, body taken to forest and buried, three accused arrested

मृतक गजानंद।

इंदौर के राऊ क्षेत्र से गायब हुए युवक की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। युवक को उसके दोस्त अपहरण कर पालातपानी ले गए। वहां उसका गला घोटा, फिर राजपुर के जंगलों मेें लाश को गाढ़ दिया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, टोल फुटेज के आधार पर आरोपियों का पता लगा लिया और हत्या मेें शामिल तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पुलिस शव बरामद करने आरोपियों को लेकर जंगल पहुंची है।

राऊ पुलिस थाने में 23 अगस्त को गजानंद परिहार की गुमशुुदगी दर्ज हुई थी। पुलिस ने उसके दोस्तों सेे पूछताछ की और शंका होेने पर आशीष पंवार और उसके दो साथी धीरज और राहुल को पकड़ लिया।

पूछताछ मेें पता चला कि गजानंद ने पत्नी के इलाज के लिए आशीष से 32 हजार रुपये लिए थे, लेकिन वह चुका नहीं पा रहा था। इसे लेकर दोनों में विवाद भी हुआ था। पुलिस के अनुसार 23 अगस्त को गंजानद को आशीष ने अपनी कार मेें ड्रायवर सीट के बगल वाली सीट पर बैठाया और पातालपानी रोड पर रस्सी से उसका गला घोट दिया। पहले वे लाश को पातालपानी के जंगलों मेें ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन बाद मे वे लाश को लेकर राजपुर के जंगल पहुंचे और वहां गाड़ दिया।

पुलिस की जांच को भटकाने के लिए गजानंद के मोबाइल को उन्होंने महू से उज्जैन जाने वाली ट्रेन में फेंक दिया था। पुलिस को पहले फोन की लोकेशन महू मिली, इसके बाद उज्जैन मिली। आरोपियों के फोन की लोकेशन भी वहां मिली। बाद में महू मार्ग के टोल पर भी गजानंद उनकी कार में सवार दिखा। इसके बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें राजपुरा के जंगल लेकर पुलिस गई है, ताकि उनकी बताई जगह पर खुदाई कर लाश बरामद की जा सके।




Indore News: पहले दिन 10 मैचों में दिखा शानदार उत्साह, बैंड परफोर्मेंस भी रही खास

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क्रिकेट प्रीमियर लीग की शुरुआत।

खेल केवल मनोरंजन का जरिया नहीं है बल्कि यह कई लोगों के बीच एक मजबूत बॉन्डिंग बनाने का बेहतरीन साधन भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल इंडियन इवेंट मैनेजर वेलफेयर एसोसिएशन (सीएमा) ने दो दिवसीय क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन किया। 28 अगस्त के इस इस लीग का शुभारंभ महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पौधे लगाकर किया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश था। इस अवसर पर महापौर ने सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं और उनके खेल भावना की सराहना की।

सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग में कुल 12 टीमें है, जिन्हें तीन-तीन के चार ग्रुप में बांटा गया है। इसमें लीग के कुल 12 मैच होंगे। पहले दिन सभी ग्रुपों के 10 मैच हुए। हर मैच को 50 मिनट का समय दिया गया। मैच के बीच कोरियोग्राफर्स की डांस परफोर्मेंस भी हुई। शाम को मैच खत्म होने के बाद बैंड परफोर्मेंस भी की गई। सीएमा के चेयरमैन निमेष पितलिया ने कहा, लीग में कुल 12 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में इवेंट इंडस्ट्री के विभिन्न पेशेवर जैसे कोरियोग्राफर, इवेंट प्लानर, फोटोग्राफर और कैटरर शामिल हैं। यह लीग न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि इवेंट उद्योग से जुड़े लोगों के बीच आपसी सहयोग और सामूहिकता को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।

सीएमा के सचिव ध्रुव मेहता ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक 9-सदस्यीय टीम में दो महिलाओं को शामिल किया गया है। यह कदम महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है, जिससे उन्हें इस इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का मौका मिले। लीग की पहली इनिंग विशेष रूप से इन महिला खिलाडिय़ों के लिए रखी गई, जिससे उन्हें खेल में अपनी क्षमता दिखाने का पूरा अवसर मिल रहा है।

कल भी होंगे 10 मुकाबले

लीग के दूसरे दिन बचे हुए दो लीग मैच होंगे। इसके बाद सुपर-8 क्वाटर फाइनल होगा। इसमें क्वालिफाई करने वाली टीम सेमीफाइनल खेलेगी और फाइनल मुकाबले के साथ लीग का समापन होगा। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।




Indore News: चार इंच खोखले एंगलों को वेल्डिंग कर भर डाली थी दो इंच की छत, कमजोर वेल्डिंग बनी हादसे की वजह

Indore News: Two inch roof was filled by welding four inch hollow angles, weak welding became the reason for t

पुराने रिकार्ड में भी स्लैब की लापरवाही नजर आई।

चोरल रिसोर्ट मेें हुए हादसे में रिसाॅर्ट मालिक और इंजीनियर की लापरवाही भी नजर आई है। लोहे के ढांचों पर जी प्लस वन के डुप्लेक्स बनाते समय लोड का भी ध्यान नहीं रखा गया। जिस ढांचे की छत गिरी, उसकी दो इंच स्लैब कमजोर तरीके से भरी गई।

उसके स्पोर्ट के लिए न पिलर थे न बीम, बस चार इंच के खोखले एंगलों को वेल्डिंग कर डुप्लेक्स का स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया था। छत भरने के बाद उसके तराफे 21 दिन तक नहीं हटाए जाते है, लेकिन रिसोर्ट की छत के तराफे हटाने के लिए भी जल्दबाजी की गई।

छत पर ईटों के ढेर भी रखे गए थे। बारिश में छत और ईट भीग रही थी। इसके बाद छत का वजन लोहे के एंगल सहन नहीं कर पाए और वेल्डिंग उखड़ गई। हादसे की असली वजह भी यही रही। जिसके कारण पांच लोगों को अपनी जान गंवाना पड़ी।

यह रिसार्ट विकास पिता श्रीनिवास डबकारा, अनाया पति भरत डेम्बला, विहाना पति जतिन डेम्बला ने बनाया था। उनके खिलाफ भी पुलिस ने केस दर्ज किया हैै। रिसाॅर्ट में पहले बन चुके सात निर्माणों में भी इसी तरह की लापरवाही बरती गई हैै। जरा सा झटका देने पर उनकी भी छत हिलती हैै। छत भरने के बाद टाईल्स लगाकर उसे और वजनी किया गया है। मौके पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने उन निर्माणों की भी जांच की है।

वेल्डिंग फेल हुई

स्ट्रक्चरल इंजीनियर अतुल शेठ का कहना है कि जो छत गिरी, वह नहीं टूटी बल्कि वेल्डिंग फेल हुई है। छत यदि भरभरा कर गिरती तो हो सकता है कि मजदूरों की जान बच जाती लेकिन एंगल टूटने के बाद वजनी छत सीधे मजदूरों पर गिरी।




Indore: इंदौर मेें जूनियर डाक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद काम पर लौटे डाक्टर

जूनियर डाॅक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हड़ताल स्थगित की गई है। जूनियर डाक्टर अपने कामों पर लौट गए है, लेकिन घटना को लेकर हमारा विरोध और प्रदर्शन जारी रहेगा।

Indore: Doctors returned to work after the junior doctors' strike ended in Indore

काम पर लौटे डाक्टर।

बंगाल में हुई डाक्टर के साथ हुई घटना के विरोध में इंदौर मेें एकजुट हुए डाक्टर लगाता प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार को एमवाय अस्पताल मेें जूनियर डाक्टरों ने मरीजों को भी नहीं देेखा, लेकिन रविवार को हड़ताल खत्म होने के बाद डाक्टर काम पर लौटे और एमवाय सहित अन्य अस्पतालों में व्यवस्था फिर सामान्य हो गई,हालांकि डाक्टरों नेे कहा कि घटना केे विरोध मेें प्रदर्शन जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल मेें डाक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर इंदौर के डाक्टरों मेें काफी रोष हैै। लगातार तीन दिनों तक शहर में प्रदर्शन हुए। डाक्टरों ताकत सड़कों पर भी नजर आई। डाक्टरों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने से कई बार ड्यूटी के दौरान डाक्टरों के साथ घटनाएं हो जाती है।

रात मेें महिला डाक्टरों की ड्यूटी लगा दी जाती है। एमवाय अस्पताल में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। मरीजों के परिजन बदसूलकी करते हैै। जूनियर डाॅक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हड़ताल स्थगित की गई है। जूनियर डाक्टर अपने कामों पर लौट गए है, लेकिन घटना को लेकर हमारा विरोध और प्रदर्शन जारी रहेगा।




Indore: अफसरों पर फायर कराने वालेे की कोठी हुई जमींदोज, सुबह छह बजे पहुंचा अमला

Indore: The house of the person who fired on the officers was razed to the ground, the staff arrived at six in

अवैध कोठी तोड़ी।

इंदौर मेें जमीन का कब्जा दिलाने पहुंचे तहसीलदार और पटवारी पर फायरिंग कराने वाले सुरेश पटेल की कोठी रविवार सुबह प्रशासन नेे तोड़ दी। पुलिस बल के साथ सुबह पांच बजे ही अमला मौके पर पहुंचा था और छह बजे चार जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से कोठी को तोड़ने का काम शुरू कर दिया।

अफसरों के अनुसार में काफी अवैध निर्माण किया गया था और पटेल को नोटिस भी दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद पटेल ने वकील के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका पर रविवार को अर्जेंट सुनवाई होना है, लेकिन उससे पहले अफसरों ने पटेल की कोठी तोड़ डाली। पटेेल की कोठी सरकारी काकड़ पर बनाई गई थी। अफसरों ने शनिवार रात को कोठी तोड़ने की रणनीति बना ली थी।

दो मंजिला कोठी बना ली थी

गांव बरदरी और भौरासला के बीच सरकारी कांकड़ की जमीन पर कब्जा कर कोठी बनाई गई थी। कोठी के चारों तरफ छह फीट ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई गई थी, जबकि 15 फीट ऊंचे गेट भी थे। पटेल पर आरोप है कि कोठी के आसपास की काकड़ की जमीन पर कुछ दुकानेें भी बना ली थी। जिनसे पटेल किराया वसूलता था। इसके अलावा कुछ आदिवासियों के पट्टे भी खरीद लिए थे।

नशे में गार्ड ने की थी फायरिंग

सुरेश पटेल ने अरविंदो अस्पताल की जमीन पर कब्जा किया था। कोर्ट के निर्देश पर तहसीलदार और पटवारी कब्जा दिलाने पहुंचे थे, लेकिन तब नशे में धुत सुरक्षागार्ड ने अफसरों पर फायरिंग कर दी थी। अफसरों को मौके से भाग कर जान बचाना पड़ी थी। अफसरों की शिकायत पर आरोपी प्रदीप मिश्रा, जयकुमार, जयदीप मिश्रा, सुरेश पटेल पर सरकारी काम मेें बाधा डालने का केस भी दर्ज किया गया था। चारोंं आरोपियों पर रासुका भी लगाई गई। पटेल मंत्री तुलसी सिलावट का खुद को समर्थक बताता है।

इसके बाद अफसर जान बचाकर भागे थे। उधर पटेल परिवार का कहना है कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन के गार्डों ने बदसलूकी की थी। सुरक्षा कारणों से गार्ड ने हवाई फायर किए थे।




Indore News: स्पाइडरमैन से लेकर सोने की राखियां, महंगाई का असर लेकिन त्योहार का उत्साह दोगुना

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इंदौर में राखी के बाजार।

राखी के त्योहार पर इस बार कई तरह के इनोवेशन किए गए हैं। बाजार में किड्स राखी से लेकर सोने और चांदी तक की राखियां तैयार की गई हैं। इंदौर के बाजारों से आसपास के कई जिलों तक राखियां जाती हैं। इस बार महंगाई का थोड़ा असर जरूर है लेकिन त्योहार के लिए उत्साह में कोई कमी नहीं है।

यहां लगे बड़े बाजार

रानीपुरा, मालवा मिल, विजय नगर, अन्नपूर्णा, बड़ा गणपति, जेल रोड, राजबाड़ा। इसके अलावा शहर के लगभग हर क्षेत्र में अस्थाई बाजार लगे हैं।

हर साल रानीपुरा से खरीदते हैं राखियां

ज्योति पाटीदार और रीना सिंह ने बताया कि वे राखियां खरीदने के लिए हर बार रानीपुरा के बाजार ही आती हैं। यहां पर वैरायटी अधिक मिल जाती है और दाम भी बेहतर होते हैं। दोनों ने कहा कि इस बार महंगाई का असर तो है लेकिन त्योहार के लिए उत्साह बहुत है।

मूवी, धर्म से लेकर फिल्मों की झलक

राखियों की व्यापारी टीना नावले ने बताया कि इस बार हमने भैया भाभी राखी, लाइट वेट क्रिएटिव राखी, किड्स राखी में कई प्रयोग किए हैं। हर बार नया ट्रेंड आता है और लोगों की पसंद भी बदलती रहती है। इस बार मूवी, धर्म से जुड़े पैटर्न भी बाजार में जगह बना रहे हैं।

बाजार बहुत अच्छा है

रानीपुरा के व्यापारियों ने बताया कि इस बार लाइट वाली राखी ट्रेंड में है। बच्चे इन्हें बहुत पसंद कर रहे हैं। 25 साल से राखियों की मैन्यूफेक्चरिंग कर रहे विजय दंगानी ने बताया कि स्टोन, तिरंगा, टेडी बियर के पैटर्न भी बहुत पसंद किए जा रहे हैं। दंगानी ने बताया कि बाजार हर बार की तरह इस बार भी बहुत अच्छा है। डिमांड अच्छी है और बाजार में नई चीजें आने से ग्राहकों में भी उत्साह बना हुआ है। सराफा के व्यापारी राजेश जोशी ने बताया कि इस बार सोने और चांदी के वर्क वाली राखियां भी तैयार की गई हैं। हर बार इस तरह की राखियां बनाई जाती हैं लेकिन इस बार इनमें स्टोन का भी प्रयोग किया है। इस तरह की ज्यादातर राखियां डिमांड पर बनाई गई हैं। इनकी रेंज सोने और चांदी के वर्क के मुताबिक अलग अलग है।




Indore: लहसुन सब्जी भी है, किसान उसे उपज मंडी के अलावा सब्जी मंडी में सीधे बेच सकते है

Indore: Garlic is also a vegetable, farmers can sell it directly in the vegetable market apart from the produc

लहसुन

लहसुन की बिक्री को लेकर हाईकोर्ट ने किसानों को राहत दी है। पहले इसे किसान सिर्फ उपज मंडी में बेच सकते है, लेकिन कोर्ट ने इसे सब्जी भी माना है और किसान उसे सीधे सब्जी मंडी में भी बेच सकते है।

हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने 9 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया हैै।मंडी अधिनियम के तहत लहसुन को चटनी व मसाला श्रेणी में मानकर रखा जाता था, लेकिन अब इस उपज को अनाज मंंडी के साथ सब्जी मंडी में भी बेचा जा सकेगा। बिक्री के ज्यादा विकल्प नहीं होने के कारण कई बार किसानों को लहसुन के ज्यादा दाम नहीं मिल पाते थे।

कोर्ट ने कहा कि किसान अपनी उपज कही भी बेच सकता है। किसान के पास लहसुन को कृषि उपज मंडी में थोक खरीदार को बेचने का विकल्प रहेगा और वह सब्जी मंडी मेें कमिशन एजेंट के जरिए भी लहसुन को बेच सकता है।

इंदौर मेें लहसुन अलग मंडी में मिलता था और बाकी सब्जियां अलग बिकती है। अब लहसुन सब्जी मंंडी में भी बिकते नजर आएंगे। प्याज को पहले ही सब्जी की कैटेगरी मेें रखा गया है, लेकिन लहसुन को मसाला या चटनी माना जाता था। दरअसल आलू प्याज एसोसिएशन ने रिव्यू याचिका लगाई थी।

बोर्ड ने लहसुन को कृृषि उपज मंडी में बेचने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2016 में इस आदेश केे खिलाफ एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में अपील की थी। तब सिंगल बैंच ने एसोसिएशन के पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन बाद में फिर इस मामले में रिव्यू याचिका लगाई थी तो हाईकोर्ट ने लहसुन को चटनी मसाला श्रेणी मेें रख दिया था। नए सिरे से लगी रिव्यू याचिका में हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 के आदेश को बहाल कर दिया।