Indore News : कोविड-19 मामलों में दैनिक वृद्धि

इंदौर में बीते 24 दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। अब हर दिन औसतन चार नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। शनिवार को भी शहर में 8 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। सभी मरीज इंदौर के ही निवासी हैं। इसके साथ ही इंदौर में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 112 तक पहुंच गई है, जिनमें से 100 मरीज इंदौर के हैं और बाकी 12 मरीज अन्य शहरों से संबंधित हैं। राहत की बात यह है कि संक्रमित मरीजों में लक्षण हल्के हैं। वर्तमान में 61 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि तीन मरीज अन्य बीमारियों के कारण निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। 23 मई से यह सिलसिला लगातार जारी है और लगभग हर दिन नए कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं।

अप्रैल में मिले पहले मरीज, फिर मई से शुरू हुआ सिलसिला

इस वर्ष इंदौर में सबसे पहले कोरोना के दो मरीज 22 अप्रैल को सामने आए थे, जिन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से एक 72 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उन्हें किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियां थीं। इसके बाद लगभग एक महीने तक कोई नया कोरोना मरीज नहीं मिला। फिर 23 मई को दो नए मरीज सामने आए, जिनमें से एक की केरल यात्रा की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से हर दिन लगातार संक्रमित मरीज मिलते जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

मरीजों की यात्रा से जुड़ा है संक्रमण

अब तक मिले मरीजों की जांच करने पर यह सामने आया है कि अधिकतर संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री रही है। इनकी यात्रा यूके, सिंगापुर, मथुरा, उड़ीसा, बद्रीनाथ, केरल, गोवा, दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता, सूरत, अहमदाबाद, रायपुर, रतलाम, उज्जैन, देवास जैसे शहरों से जुड़ी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाहरी संपर्क से कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इंदौर में कोरोना की जांच के लिए सरकारी स्तर पर एमवायएच और टीबी हॉस्पिटल में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में जांच की जा रही है।

घबराएं नहीं, सतर्क रहें

एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. वीपी पांडे ने कहा कि कोविड-19 के वेरिएंट हर साल बदल रहे हैं, लेकिन अब तक जो नए वेरिएंट सामने आए हैं, वे पहले की तुलना में अधिक घातक नहीं हैं। अधिकांश मामले हल्के लक्षणों वाले हैं और मरीज घर पर ही इलाज से ठीक हो जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। समय पर जांच और इलाज ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, मास्क का उपयोग करें, भीड़भाड़ से बचें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच कराएं।




Raja Raghuvanshi Murder Case : 11 दिनों से पुलिस मामले को हादसा मानकर जांच कर रही थी

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को हत्यारों तक पहुंचने में समय लगा, लेकिन इसकी यह वजह रही है कि 23 जून से 2 जून तक शिलांग पुलिस हादसा मानकर ही जांच कर रही थी। यह बात शिलांग एसपी विवेक सिएम ने भी स्वीकारी। उन्होंने कहा कि हिस्ट खासी हिल्स का इलाका शांत और पर्यटकों के अनुकूल माना जाता था। यहां पहले कभी इस तरह की वारदात नहीं हुई।

हम हादसा मानकर लापता जोड़ों की तलाश कर रहे थे। लापता जोड़ों के बैग में अंगूठी और मंगलसूत्र भी मिला था, लेकिन शुरुआत में उस क्लू को हमने सामान्य तौर पर लिया, लेकिन 2 जून को राजा का शव मिलने के बाद शिलांग पुलिस को गड़बड़ी की आशंका हो चुकी थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया और फिर उसे हत्याकांड से जुड़ी कडि़यां मिलने लगी। उन्हें जोड़ा गया तो साफ हुआ इस हत्याकांड मेें सोनम का हाथ है।

गाइड की खबर पढ़कर सचेत हुए आरोपी

जांच के दौरान शिलांग के स्थानीय मीडिया ने राजा-सोनम के साथ तीन अन्य युवकों को नजर आने की खबर दी। उसमें गाइड का हवाला दिया गया था। यह खबर पढ़कर राज सचेत हो गया था। उसके बाद ही उनसे सोनम को इंदौर से रवाना करवा दिया था। राज ने कहा था कि वह सिलीगुड़ी पहुंचे और वहां खुद के साथ लूट होने की कहानी पुलिस को बताए, लेकिन गाजीपुर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सोनम ढ़ाबे पर पहुंची थी और खुद के साथ लूट होने की कहानी सुनाने लगी।




Indore News : महज 18 मिनट के भीतर राजा को उतारा मौत के घाट…, हत्या के बाद 14 दिन इंदौर में रही शातिर सोनम

मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग पुलिस ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। एसपी विवेक स्येम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज कुशवाह इस हत्या का मास्टरमाइंड है, जबकि सोनम रघुवंशी उसकी पार्टनर थी। सभी पांच आरोपियों सोनम, राज कुशवाहा, आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। 23 मई को महज 18 मिनट (दोपहर 2:00 से 2:18 बजे) में राजा की हत्या कर उसकी लाश खाई में फेंक दी गई। हत्या के बाद सोनम 14 दिन (26 मई से 8 जून) तक इंदौर में छिपी रही। यह साजिश प्रेम प्रसंग और पारिवारिक दबाव का नतीजा थी, जिसमें कोई सुपारी नहीं दी गई, बल्कि दोस्ती के नाम पर तीन अन्य आरोपियों ने हत्या में साथ दिया।

SP विवेक ने खुलासा किया कि फरवरी 2025 में राज कुशवाह और सोनम ने दो वैकल्पिक साजिशें रची थीं। पहली में सोनम को गायब होना था, ताकि लगे कि वह नदी में बह गई। दूसरी में किसी और की हत्या कर उसकी लाश को सोनम की स्कूटी पर रखकर आग लगानी थी, ताकि लगे कि सोनम मारी गई। ये योजनाएं विफल रहीं और पारिवारिक दबाव में सोनम की 11 मई को राजा से शादी हो गई। शादी से 11 दिन पहले राज ने हत्या की साजिश रच डाली। SP ने बताया कि सोनम और राज का प्रेम प्रसंग था, लेकिन सोनम के परिवार को इसकी जानकारी थी या नहीं, यह जांच का विषय है। शायद सोनम के पास हत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं था।

गुवाहाटी से सोहरा तक साजिश

सोनम ने राजा को कामाख्या मंदिर के दर्शन के बहाने गुवाहाटी लाया। तीन अन्य आरोपी आकाश, विशाल और आनंद (राज का चचेरा भाई) 19 मई को गुवाहाटी पहुंचे। शुरुआती योजना गुवाहाटी में हत्या की थी, जहां रेकी भी की गई। जब यह विफल रही, तो सोनम ने सोहरा जाने का प्लान बनाया। 23 मई को नोंग्रियाट में आरोपी मिले और वैसेडॉन्ग फॉल्स के पार्किंग लॉट में दोपहर 2:00 बजे राजा टॉयलेट गया, तभी तीनों आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। सोनम मौके पर थी। 2:18 बजे तक लाश खाई में फेंक दी गई। सोनम ने भी पति की लाश को खाई में फेंकने में मदद की।

हत्या के बाद सोनम बुर्का पहनकर भागी

हत्या के बाद सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दिया, जिसकी शर्ट पर खून था. चारों मर्डर स्पॉट से निकले. सोनम ने एक स्कूटी खुद चलाई. AD व्यू पॉइंट पर आकाश ने रेनकोट फेंका, फिर स्कूटी चलाई और सोनम पीछे बैठी. आनंद ने दूसरी स्कूटी चलाई. बाद में विशाल ने सोनम को बुर्का दिया, जो राज ने पहले से तैयार करवाया था. सोनम ने बुर्का पहनकर टैक्सी से गुवाहाटी पहुंची, फिर ISBT से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), पटना, आरा, लखनऊ और अंत में बस से इंदौर पहुंची. वह 26 मई से 8 जून तक इंदौर में थी.

किडनैपिंग का नाटक और सरेंडर
एक गाइड ने पुलिस को बताया कि राजा और सोनम के साथ तीन लोग थे. यह खबर मीडिया में लीक होने पर राज ने सोनम को इंदौर छोड़कर सिलीगुड़ी जाकर किडनैपिंग की शिकार बनने का नाटक करने को कहा. 8 जून को सोनम इंदौर से निकलने वाली थी, लेकिन उसी दिन पुलिस ने एक आरोपी को उत्तर प्रदेश से पकड़ा. राज घबरा गया और सोनम को निर्देश दिया कि वह परिवार को फोन कर कहे कि उसे किडनैप किया गया था और वह बच निकली. इसके बाद सोनम ने 8 जून को गाजीपुर में सरेंडर कर दिया.

कोई सुपारी नहीं, दोस्ती में हत्या
SP ने साफ किया कि यह सुपारी किलिंग नहीं थी। राज ने अपने दोस्तों आकाश, विशाल और आनंद को हत्या के लिए तैयार किया। केवल 59 हजार रुपए खर्च के लिए दिए गए। पुलिस वित्तीय पहलू की जांच कर रही है, लेकिन यह प्रेम प्रसंग का मामला है। तीन बार हत्या की कोशिश विफल रही। चौथी बार वैसेडॉन्ग में हत्या कामयाब हुई।

सबूत और चार्जशीट का दावा

पुलिस के पास 48 सीसीटीवी फुटेज, खून से सनी शर्ट, रेनकोट, हत्या का हथियार, स्कूटर रेंटल रिकॉर्ड, और मोबाइल लोकेशन डेटा जैसे सबूत हैं। SP ने कहा कि 90 दिन में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।आठ दिन की रिमांड में अभी पहली पूछताछ हुई है और जरूरत पड़ी तो और रिमांड ली जाएगी। जितेंद्र नामक किसी शख्स की कोई जानकारी नहीं है।

सोनम का प्लान: पीड़ित बनना

सोनम का इरादा था कि वह किडनैपिंग की शिकार बनकर सामने आए। वह उम्मीद कर रही थी कि राजा की लाश सड़ने से पहचानी नहीं जाएगी। लेकिन पुलिस की तेज जांच ने साजिश को बेनकाब कर दिया। SP ने कहा कि जल्द ही क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया जाएगा।




Indore News : जानें सोनम को लेकर क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम को लेकर कहा कि उसने इंदौर को कलंकित कर दिया है। उन्होंने सोनम की तुलना पूतना राक्षसी से की और बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने पर जोर दिया।

इंदौर में बुधवार को बीजेपी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी बेहद जरूरी हैं, वरना बच्चे “सोनम” बन जाते हैं, जिसने इंदौर को कलंकित कर दिया।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, बच्चों को पढ़ाना-लिखाना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें संस्कार देना उससे भी ज्यादा जरूरी है। केवल शिक्षा से व्यक्ति पशु बन सकता है अगर उसके अंदर संवेदना, करुणा और नैतिक मूल्य न हों। एक रोटी कम खाओ लेकिन बच्चों को अच्छे संस्कार जरूर दो।

युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्य और संस्कार दें

अपने संबोधन के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में इंदौर में घटित एक घटना का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र किया, जिसमें एक लड़की ‘सोनम’ का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से पूरे शहर की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा, मैं जब भोपाल और ग्वालियर गया, तो लोग इंदौर की घटना के बारे में पूछ रहे थे, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया कि इस घटना का जिक्र न करें. ऐसी घटनाएं माता-पिता को शर्मसार कर देती हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में संस्कारों की कमी चिंता का विषय है। उन्होंने मां-बाप से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को केवल डिग्रियां न दिलवाएं, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों और संवेदनाओं का भी विकास करें।

पूतना से की सोनम की तुलना

उन्होंने कहा, कल मैं एक किताब पढ़ रहा था, जिसमें मां कनकेश्वरी जी ने प्रवचन में कहा था कि अगर किसी महिला में शर्म, ममता और करुणा न हो तो वह पूतना बन जाती है, वही पूतना जो भगवान कृष्ण को मारने आई थी। ऐसे ही बिना ममता और करुणा वाले बच्चे राक्षस बन जाते हैं

नशे के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि नशे में डूबे युवा न केवल खुद को, बल्कि समाज को भी तबाह कर देते हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सोनम केस से जुड़े जिन युवकों की गिरफ्तारी हुई है, वे नशे में थे और अब अपनी गलती पर पछता रहे हैं।

मंच से ही मंत्री ने इंदौर की महिलाओं और माताओं से अपील की कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में कोई नशा बेचता हुआ व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा, मैं खुद कार्रवाई करूंगा. नशे से बच्चों को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।




Sonam Raghuvanshi News : ‘जब तक कबूल न करे, हम दोषी नहीं मानते’, राजा के भाई विपुल बोले

इंदौर निवासी राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब उनके भाई विपुल रघुवंशी ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि सोनम रघुवंशी ने आत्मसमर्पण नहीं किया, बल्कि वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में मिली थी, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।

विपुल रघुवंशी ने कहा, “मैंने रात करीब 2 बजे गोविंद से बात की थी। उसने बताया कि सोनम यूपी में मिली है। इसके बाद हमने यूपी पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया। यह कहना गलत है कि सोनम ने आत्मसमर्पण किया।”

‘जब तक कबूल न करे, हम उसे दोषी नहीं मानते’

विपुल ने कहा कि सोनम और राजा की शादीशुदा जिंदगी खुशहाल थी। मैंने कभी दोनों के बीच कोई झगड़ा नहीं देखा। जब तक सोनम खुद यह स्वीकार नहीं करती कि वह इस मामले में शामिल है, हम उसे दोषी नहीं मान सकते। उन्होंने आगे कहा, ‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तक नहीं मिली, एसपी फोन नहीं उठाते, मेघालय के सीएम सिर्फ बातें कर रहे हैं।’

यह भी पढ़ें- Sonam Raghuwanshi: सोनम रघुवंशी ने गाजीपुर में किया आत्मसमर्पण, गिरफ्तार की गई; पढ़ें चौंकाने वाला खुलासा

विपुल ने मेघालय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘मेघालय के मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि पुलिस 24×7 काम कर रही है, लेकिन हमने एसपी को कई बार फोन किया, उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। अभी तक हमें राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तक नहीं सौंपी गई है।’

‘CBI से हो जांच’

परिवार ने मामले की जांच सीबीआई या मध्य प्रदेश पुलिस को सौंपने की मांग की है। विपुल ने कहा, “हमें यह तक नहीं पता कि सोनम गाजीपुर कैसे पहुंची। शिलांग पुलिस ने हमसे कोई जानकारी साझा नहीं की। हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि अगर सोनम इस मामले में दोषी है, तो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।” परिवार का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच केवल तभी संभव है जब यह किसी केंद्रीय एजेंसी या राज्य की विश्वसनीय पुलिस को सौंपा जाए।




Sonam Raghuwanshi News : ढाबा मालिक साहिल यादव ने बताई सोनम को पुलिस के हवाले करने की पूरी कहानी

मेंघालय की राजधानी शिलांग में हनीमून मनाने गए इंदौर के नवदंपती राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। राजा रघुवंशी की हत्या और सोनम के लापता होने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया है।

‘रात 1 बजे रोती-बिलखती पहुंची थी सोनम’

गाजीपुर के एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि सोनम रात में बदहवास हालत में एक ढाबे पर मिली थी। ढाबा संचालक साहिल यादव ने बताया, “रात के लगभग 1 बजे सोनम रोते हुए आईं और घर पर फोन करने की गुजारिश की। मैंने अपना फोन दिया, उन्होंने बात की और फिर मैंने उन्हें किनारे बैठाया। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचित किया और पुलिस उन्हें लेकर चली गई।” साहिल के अनुसार, सोनम अकेली थीं और उन्होंने उस समय कुछ खास जानकारी नहीं दी थी।

‘पत्नी सोनम ही निकली हत्या की मास्टरमाइंड’

मेघालय पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश खुद उनकी पत्नी सोनम ने रची थी। पुलिस के अनुसार, सोनम ने मध्य प्रदेश से किराए के हत्यारों को बुलवाया और हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करवा दी। मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने बताया कि अब तक इस मामले में सोनम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने दी जानकारी

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में सात दिनों के भीतर अहम सफलता हासिल की है। तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनम ने स्वयं गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। हालांकि, एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस अभियान चला रही है।

‘हनीमून के बहाने रची गई थी हत्या की साजिश’

मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने सोमवार सुबह प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। उनकी पत्नी सोनम ने ही किराए के हत्यारों को बुलवाया और हनीमून के दौरान इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिलवाया। सोनम ने गाजीपुर पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जबकि तीन अन्य हमलावरों को पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है।




Raja Raghuvanshi Murder Case : सोनम रघुवंशी के पिता ने मेघालय पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

राजा और सोनम रघुवंशी के मामले में बड़ा खुलासा हो गया है। पुलिस के मुताबिक सोनम ने ही राजा की हत्या करवाने के लिए हत्यारों को बुलाया था। वहीं सोनम के पिता देवी सिंह ने कहा है कि मेरी बेटी को फंसाया जा रहा है। कल देर रात सोनम ढाबे पर पहुंची वहां से भाई को फोन लगाया। भाई ने पुलिस को बताया। वह खुद बचते बचाते उप्र पहुंची। साफ दिख रहा है कि पुलिस मेरी बेटी को फंसा रही है। मेघालय की सरकार अपनी छवि बचाने के लिए हमारी बेटी को फंसा रही है। अभी जांच होगी तो सब पता चल जाएगा। सोनम 25 साल की उम्र की है, कोई बच्ची नहीं है जो यह सब करे।

‘शादी के प्रस्ताव से नहीं किया था इंकार’

पिता ने यह भी कहा कि सोनम ने शादी के पहले भी इस प्रस्ताव से इंकार नहीं किया। यदि वह शादी से खुश नहीं होती तो हमें खुद बता देती। साफ दिख रहा है कि हमारी बेटी को फंसाया जा रहा है। वह किस हालत में मिली और कैसे मिली इससे भी पता चलता है कि वह किसी तरह से बचकर पुलिस के पास तक पहुंची है।

पत्नी निकली मास्टरमाइंड

वहीं पुलिस जांच में पता चला है कि इस हत्या की साजिश खुद राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी ने रची थी। सोनम ने किराए के हत्यारों को बुलाकर पति की जान ली। इस सनसनीखेज मामले में मेघालय के डीजीपी नोंगरांग ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक सोनम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीएम कोनराड संगमा ने दी जानकारी, एक आरोपी अब भी फरार

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि सात दिनों के भीतर पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में अहम सफलता हासिल की है। मध्य प्रदेश के रहने वाले तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी महिला सोनम ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि, अब भी एक अन्य हमलावर की तलाश जारी है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए अभियान चला रही है।

डीजीपी ने किया खुलासा, पत्नी ने गाजीपुर में किया आत्मसमर्पण

मेघालय के डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर से आए पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या उनकी ही पत्नी द्वारा किराए पर बुलाए गए लोगों ने की थी। यह हत्या उस समय की गई जब वे दोनों हनीमून पर थे। डीजीपी के अनुसार, सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि तीन अन्य हमलावरों को मेघालय पुलिस ने रातभर की छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया।

एक आरोपी यूपी से और दो इंदौर से पकड़े गए, जांच जारी

डीजीपी नोंग्रांग ने आगे बताया कि चार में से एक आरोपी को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है, जबकि दो अन्य को इंदौर में दबिश देकर पकड़ा गया। सोनम ने नंदगंज थाना, गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया है कि सोनम ने ही हत्या के लिए इन हमलावरों को पैसे देकर बुलाया था। फिलहाल पुलिस मध्य प्रदेश में अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है और जल्द ही बाकी अपराधियों को भी गिरफ्त में लेने का दावा किया जा रहा है।




Indor News : मेघालय में गायब इंदौर कपल केस में पत्नी सोनम UP के गाजीपुर से गिरफ्तार

इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 3 हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल सोनम ने सरेंडर कर दिया है। पुलिस एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है।

सूत्रों ने बताया कि सोनम 2 घंटे पहले ही मिली। फिलहाल इंदौर पुलिस ने गाजीपुर पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद महिला को होल्ड किया गया। इंदौर पुलिस गाजीपुर पहुंच रही है। पूरे मामले की जानकारी के लिए सोनम ने अपने घर खुद ही कॉल किया था।

इस केस के बारे में मेघालय मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि इंदौर के राजा हत्याकांड में मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 3 हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है, महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है और एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है।

वहीं, इस मामले में मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि इंदौर के व्यक्ति की हत्या के सिलसिले में पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोनम को किसी तरह की चोट नहीं लगी है। वो पूरी तरह ठीक है। इस वक्त पुलिस द्वारा उसे यूपी के गाजीपुर के वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।

आपको बता दें कि शनिवार को एक पर्यटक गाइड ने दावा किया था, कि इंदौर के हनीमून कपल राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम जिस दिन मेघालय के सोहरा इलाके से लापता हुए, उस दिन उनके साथ तीन पुरुष भी थे। एक अधिकारी ने पुष्टि की कि गाइड ने पुलिस को यह जानकारी दी थी।

23 मई को यह जोड़ा लापता हो गया था, जबकि 2 जून को राजा का शव एक खड्ड में मिला, जबकि उसकी पत्नी की तलाश जारी थी। मावलखियात के एक गाइड अल्बर्ट पीडी ने कहा कि उन्होंने 23 मई को सुबह 10 बजे के आसपास इस जोड़े को तीन पुरुष पर्यटकों के साथ नोंग्रियात से मावलखियात तक 3000 से अधिक सीढ़ियां चढ़ते हुए देखा था।

उन्होंने कहा कि उन्होंने जोड़े को पहचान लिया क्योंकि उन्होंने पिछले दिन उन्हें नोंग्रियात तक उतरने के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया था और एक अन्य गाइड को काम पर रखा था। चारों पुरुष आगे चल रहे थे, जबकि महिला पीछे थी। चारों पुरुष हिंदी में बातचीत कर रहे थे, लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वे क्या बोल रहे थे, क्योंकि मैं केवल खासी और अंग्रेजी ही जानता हूं।




Indore News : स्कूल बसों के लिए 31 नए आरटीओ दिशानिर्देश, पालन न करने पर सख्त कार्रवाई होगी

इंदौर जिले में संचालित स्कूली बसों के संचालन के संबंध में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाये जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। सभी स्कूलों को उनके स्कूल में संचालित उपयोगी तथा अनुपयोगी स्कूली बसों की जानकारी देना जरूरी होगा। साथ ही सभी स्कूली बसों का फिटनेस, बीमा, परमिट आदि जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य रहेगा। कोई भी कमी पाये जाने पर कार्रवाई होगी। साथ ही कहा गया है कि सभी स्कूली बसों में सुरक्षा के सभी प्रबंध सुनिश्चित किये जाये।

रेसीडेंसी में शहर में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों के संचालकों और प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने दिशा-निर्देशों और मोटरयान अधिनियम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और अपेक्षा की कि दिशा-निर्देशों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाये। पालन में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाये। बताया गया कि कई स्कूली बसें ऐसी हैं, जिनका फिटनेस समाप्त हो गया है और उनका अभी तक नवीनीकरण नहीं कराया गया है, उन्हें निर्देश दिए गये कि वे उक्त बसों का फिटनेस करवायें अथवा अनुपयोगी होने पर उसकी जानकारी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में देवें। समस्त शैक्षणिक संस्थानों को निदेश दिए गये कि उनके संस्थान की बसों के समस्त वैध दस्तावेजों की जानकारी एवं उनके परिसर में खड़ी अनुपयोगी वाहनों की जानकारी उपलब्ध कराएं। बैठक में एडिशनल डीसीपी ट्राफिक संतोष कुमार कौल, एआरटीओ अर्चना मिश्रा एवं राजेश गुप्ता भी मौजूद थे।

बैठक में शैक्षणिक संस्थानों को उनकी बसों के वैध प्रमाण पत्र एवं बसों में लगाई जाने वाली कीएलटीडी डिवाईस, स्पीड गवर्नर, एफएपीएस (अग्नि सुरक्षा उपकरण), सीसीटीवी केमरा इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराये जाने हेतु फार्मेट उपलब्ध कराया गया। कुछ शैक्षणिक संस्थान के संचालकों/प्रतिनिधियों द्वारा ऑटोमेटेस टेस्टिंग सेन्टर (ATS)/फिटनेस सेन्टर एवं Vehicle Location Tracking Device (VLTD) लगाने वाले अधिकृत एजेन्सियों द्वारा समय पर कार्य न करने एवं डिवाईस में आ रही समस्याओं के संबंध में बताया गया, उनके द्वारा इस संबंध में लिखित आरटीओ के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करने हेतु कहा गया।

गोल्डन इन्टरनेशल स्कूल केट रोड इंदौर एवं जे जी पब्लिक स्कूल महू की ओर से उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा ड्रायवरों के मादक पदार्थ (शराब) के सेवन को रोकने हेतु ब्रिचिंग एनेलाईजर मशीन क्रय की गई जिससे उनके द्वारा प्रतिदिन दो बार सुबह एवं दोपहर को ड्रायवरों की जांच की जाती है, जिससे शराब पीकर वाहन चलाने पर अंकुश लगाया जा सके। अन्य सभी स्कूल को भी उक्त मशीन क्रय कर सतत् निगरानी करने हेतु निर्देशित किया गया।

स्कूल बसों के सुरक्षात्मक संचालन हेतु दिशा-निर्देश:-

1. उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (Guideline) का अक्षरशः पालन जरूरी।

2. स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।

3. बसों के आगे-पीछे “स्कूल बस” लिखा होना चाहिए, अगर किसी एजेन्सी से बस अनुबंध पर ली गई है तो उस पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिए।

4. बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स (First-Aid Box) होना चाहिए।

5. बस में परिवहन विभाग द्वारा स्वीकृत स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।

6. प्रत्येक स्कूल बस में सुरक्षा हेतु हॉरिजेंटल ग्रिल लगे होने चाहिए।

7. प्रत्येक बस में आग बुझाने के उपकरण (Fire Extiguisher) होना चाहिए।

8. बस पर स्कूल का नाम और फोन नम्बर लिखा होना चाहिए।

9. बस में सीट के नीचे बैग रखने की व्यवस्था होना चाहिए।

10. प्रत्येक स्कूल बस चालक को कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए।

11. बसों में कंडक्टर/टीचर/माता-पिता/अभिभावक में से कोई एक जरूर होना चाहिए, बच्चों की देखभाल के लिए। (स्कूल बस में छात्राओ को लाना या ले जाने किया जा रहा है, तो सम्बंधित बस में महिला चालक या परिचालक का होना आवश्यक है)

12. चालक का कोई चालान नहीं होना चाहिए और न ही उसके खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज हो।

13. स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक स्कूल बसें आपातकालीन निकास द्वार स्थापित हो।

14. स्कूल बस में जीपीएस और सीसीटीवी अनिवार्य है और उन्हें हर समय काम करने की स्थिती में रखा जाना चाहिए।

15. स्कूल बस में परदे या शीशे में फिल्म नहीं होना चाहिए ताकि अन्दर की गतिविधियां बाहर से दिखाई दे।

16. स्कूल बस के अन्दर पर्याप्त रोशनी व सफाई होनी चाहिए।

17. बच्चों की सुरक्षा के लिए बस की सीटें गैर ज्वलनशील सामग्री की होनी चाहिए।

18. स्कूल बस पर रिफ्लेक्टि टेप और स्टॉप साइन होना चाहिए।

19. सभी स्कूल बस चालकों के पास वैध रजिस्ट्रेशन फिटनेस, परमिट, पीयूसी, बीमा होना चाहिए।

20. स्कूल बस में स्टेपनी टायर और मरम्मत किट होना चाहिए।

21. बस में इमरजेंसी सायरन और अलार्म बेल/पैनिक बटन होना चाहिए। (बस में हर सीट के बाद पैनिक बटन लगा हो)

22. बस चालक वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग न करे।

23. वर्षा काल में यदि पुल/पुलिया पर पानी का अधिक बहाव होने पर पुलिया पार न करे।

24. विद्यार्थियों को सीमित संख्या में, क्षमता के अनुसार ही परिवहन किया जावे।

25. स्कूल संचालकों द्वारा समय-समय पर बस चालको की कॉउंसलिंग ट्रैनिंग कि जाए।

26. स्कूल प्रबंधन व बस संचालकों द्वारा जीपीएस व सीसीटीवी के माध्यम से सुचारू रूप से निगरानी रखी जावे।

27. बसों के दरवाजे के अन्दर से बन्द करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

28. स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों और पालकों से वाहन चालकों के संबंध में जानकारी/फीडबैक प्राप्त की जाये।

29. बस चालक व परिचालक का यूनिफार्म में होना अनिवार्य है।

30. बस के केबिन में छात्र-छात्राओं को न बैठाया जाये।

31. वर्षाकाल के दौरान वाहनों के संचालन हेतु पालन किये जाने वाले दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।




Indore News : ट्रांसपोर्ट लाइसेंस मामले में रिश्वतखोर एजेंट रंगे हाथों पकड़ा गया, अधिकारी भी जांच के घेरे में

लोकायुक्त संगठन ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए इंदौर लोकायुक्त इकाई द्वारा एक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर की गई, जिसमें जिला बड़वानी के परिवहन विभाग से जुड़ी बड़ी लापरवाही और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। आवेदक चेतन शर्मा ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। चेतन बड़वानी जिले के अंजड़ का रहने वाला है।

डीटीओ ने निजी एजेंट से संपर्क करने को कहा, एजेंट ने मांगी रिश्वत

शिकायत के अनुसार चेतन शर्मा ने जिला परिवहन कार्यालय बड़वानी में लाइसेंस रिन्यू और नवीन लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। जब उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी रीना किराडे से संपर्क किया तो उन्होंने उन्हें विवेक मलतारे नामक एक प्राइवेट एजेंट से मिलने को कहा। डीटीओ के कहने पर चेतन शर्मा एजेंट से मिले, तो विवेक मलतारे ने लाइसेंस कार्य के एवज में 10,000 रिश्वत की मांग की। इस पर आवेदक ने इसकी लिखित शिकायत राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर को दी।

लोकायुक्त ट्रैप दल की कार्रवाई में एजेंट रंगे हाथों गिरफ्तार

शिकायत के सत्यापन के बाद दिनांक 04.06.2025 को लोकायुक्त ट्रैप दल का गठन किया गया। ट्रैप योजना के तहत विवेक मलतारे को आवेदक चेतन से 10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। फरियादी को विवेक से मिलने के लिए जिला परिवहन अधिकारी रीना किराडे ने ही कहा था। जिससे यह भी संदेह उठा कि अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है। इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया गया। अब आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 61(2) बीएनएस के अंतर्गत विधिसंगत कार्यवाही की जा रही है।

पूरी टीम ने निभाई अहम भूमिका, कार्रवाई में कई अधिकारी रहे शामिल

इस कार्रवाई में ट्रैप दल का नेतृत्व कार्यवाहक निरीक्षक प्रतिभा तोमर ने किया। उनके साथ आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, चेतन सिंह परिहार, सतीश यादव, आदित्य सिंह भदोरिया, कृष्ण अहिरवार और चालक शेरसिंह ठाकुर की टीम मौजूद रही। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया और भ्रष्टाचारियों को पकड़कर यह संदेश दिया कि प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लोकायुक्त पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।