Indore News : वाहन का दरवाजा अचानक खुलने से एक्टिवा से गिरकर जौहरी की मौत

इंदौर के खातीपुरा में हुए सड़क हादसे में घायल हुए नंदानगर निवासी ज्वेलर्स रजनीकांत काटकर (26) की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। रजनीकांत ‘महाराष्ट्रीयन ज्वेलर्स’ नाम से दुकान चलाते थे। घटना वाले दिन वह रानीपुरा इलाके से दुकान के लिए ज्वेलरी रखने की प्लास्टिक डब्बी लेने निकले थे। उसी दौरान खातीपुरा में वाटर सप्लाई करने वाले एक लोडिंग वाहन (क्रमांक MP09LR5964) के हेल्पर ने अचानक उसका गेट खोल दिया।

हेल्पर की लापरवाही से हुआ हादसा

वाहन का गेट खुलते ही वह रजनीकांत की एक्टिवा से टकराया, जिससे रजनीकांत असंतुलित होकर सड़क पर जा गिरे। गिरते समय उनका सिर सड़क किनारे पड़े एक पत्थर से टकराया और उन्हें गंभीर चोट आई। हादसे के बाद वाहन में मौजूद हेल्पर जितेन्द्र और ड्राइवर ने रजनीकांत को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर किया गया।

इलाज के दौरान तोड़ा दम, दर्ज हुआ केस

एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह रजनीकांत की मौत हो गई। सेन्ट्रल कोतवाली पुलिस के अनुसार, घायल अवस्था में रजनीकांत होश में थे और उन्होंने खुद हादसे की पूरी जानकारी पुलिस को दी थी। उनके भाई रमाकांत काटकर के बयान के आधार पर पुलिस पहले ही लोडिंग वाहन के हेल्पर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर चुकी थी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रजनीकांत अपने पीछे माता-पिता, छोटा भाई, पत्नी और पांच साल की बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह हादसा गहरा आघात है, खासतौर पर तब जब उनकी पत्नी गर्भवती हैं। अब पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की धाराएं जोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना ने शहर में सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की लापरवाही पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।




Indore News : सीएम मोहन यादव आज इंदौर आएंगे, 381 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी बुधवार को इंदौर जिले के प्रवास पर रहेंगे। उनका आगमन शाम 4:10 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर होगा। इंदौर पहुंचने के बाद वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शाम 7:40 बजे विमान द्वारा भोपाल के लिए रवाना होंगे। इस यात्रा को लेकर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

आपातकाल की विभीषिका पर होगी विशेष संगोष्ठी

इंदौर मीडिया सह प्रभारी नितिन द्विवेदी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री आपातकाल की विभीषिका पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में भाग लेंगे। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के काले अध्याय के 50वें वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी इंदौर द्वारा ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में शाम 4:00 बजे संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे, जबकि राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी मुख्य वक्ता के रूप में तथा पूर्व मंत्री अजय विश्नोई विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

सीनियर सिटीजन बिल्डिंग का करेंगे लोकार्पण

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सीनियर सिटीजन बिल्डिंग का लोकार्पण करेंगे। यह बिल्डिंग 16 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई है, जिसमें कुल 32 फ्लैट बनाए गए हैं। यह परियोजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ आवास प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

381 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री द्वारा इस दौरे के दौरान इंदौर शहर को लगभग 381 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसमें एमआर-11 की मास्टर प्लान की रोड, योजना 136 में 100 करोड़ की लागत से बनने वाली बिल्डिंग, टीपीएस योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य और जल टंकियों के निर्माण कार्य शामिल हैं। प्राधिकरण द्वारा टीपीएस-4 में रोड और क्रश बैरियर, मास्टर प्लान रोड, बिजली के सब-स्टेशनों, योजना 166 में विद्युतीकरण, टीपीएस-10 के अंतर्गत ग्राम बांगड़दा, पाल कांकरिया और टिगरिया बादशाह में कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही योजना 151 और 169बी में 21 मीटर ऊंची पानी की टंकियों का भी निर्माण कराया जा रहा है।




Mp Weather Today : मध्य प्रदेश के 16 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, मौसम बदलेगा

अलग-अलग स्थानों पर बनी पांच मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे पहले मंगलवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई।

इन जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार के लिए जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, देवास, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट है।

अगले चार दिन के लिए अलर्ट

मध्यप्रदेश के ऊपर से दो टर्फ गुजर रही है। इसके अलावा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से पूरे प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि सिस्टम की वजह से प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन तक कई संभागों में तेज बारिश हो सकती है।

प्रदेश के 18 जिलों में बारिश हुई

मंगलवार को भी प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहा। 9 घंटे में उज्जैन में 2.1 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में 1 इंच, नर्मदापुरम, छतरपुर के नौगांव और बालाघाट के मलाजखंड में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, गुना, जबलपुर, राजगढ़, दमोह, मंडला, सागर, उमरिया, शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रतलाम, शिवपुरी समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर बना रहा। बारिश की वजह से प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा है। यहां अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

25 जूनः ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, दमोह, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का यलो अलर्ट है।

26 जून: भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है। अन्य जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।

27 जूनः सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में भी बारिश होने की संभावना है।

28 जून: ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, छिंदवाड़ा, रीवा और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा।




Weather News : प्रदेश में भारी बारिश की संभावना

मानसून ने इंदौर समेत पूरे प्रदेश में ठंडक घोल दी है। इंदौर में रविवार को दिनभर हल्की बारिश हुई और रविवार सुबह से भी रिमझिम का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो रही है तो कई क्षेत्रों में मौसम साफ भी है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश में मानसून की बारिश जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर समेत पूरे प्रदेश में अगले दो दिन अच्छी बारिश के आसार हैं।

जून के महीने में अच्छी बारिश की संभावना

इंदौर में जून के महीने में दिन के तापमान में खासी गिरावट होती है। पिछले 5 साल के आंकड़े यही बताते हैं। 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी थी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच ही रहा था। पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। इंदौर में जून के महीने में कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल करीब 4 इंच पानी गिरा था। इस साल इससे अच्छी बारिश की उम्मीद है। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

पूरा प्रदेश मानसून से भीगा

रविवार को प्रदेश के 22 से ज्यादा जिलों में पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार, टीकमगढ़ में 9 घंटे के दौरान 2 इंच बारिश हो गई। मंडला में डेढ़ इंच, नर्मदापुरम में 1.4 इंच, ग्वालियर में 1 इंच, भोपाल-रायसेन में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इधर, खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की रविवार दोपहर पिपरिया हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद वे परिवार के साथ सड़क मार्ग से पचमढ़ी हिल स्टेशन पहुंचे। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में पालकी हॉल से एम्बुलेंस गेट तक निर्मित टनल परिसर की छत का पीओपी रविवार सुबह 8 बजे अचानक गिर गया। कुछ दिन से टनल परिसर की छत से पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे पीओपी ने छत छोड़ दी। भोपाल में रविवार सुबह कई इलाकों में बारिश हुई। वहीं, रतलाम, पचमढ़ी में आधा इंच बारिश हुई। बैतूल, धार, इंदौर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, निवाड़ी, सागर, सिवनी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा।




Indore News : पर्यटन और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए रतनतलाई तालाब का जीर्णोद्धार किया

जल संरक्षण और पर्यावरणीय पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट आज सांवेर विधानसभा क्षेत्र के रतनतलाई तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण करेंगे। यह कार्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा लिए संकल्प को उनके नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किया गया है, जिससे न केवल जल संसाधन संरक्षित होंगे बल्कि स्थानीय पर्यटन और हरियाली को भी बढ़ावा मिलेगा।

40 लाख रुपए में फिर से संवारा

रतनतलाई तालाब का निर्माण वर्ष 1972 में जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया था। वर्षों से अनुपयोगी हो चुके इस तालाब की कुल जलग्रहण क्षमता 0.24 मि.घ.मी. और सिंचाई क्षमता 40 हेक्टेयर है। इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को पुनर्जीवित करने हेतु वर्ष-2023 में 40.30 लाख रुपए की लागत से मरम्मत कार्य प्रारंभ किए गए। इन कार्यों में तालाब की पाल पर मिट्टी भराव, स्लूस एवं वेस्ट वियर का निर्माण, लगभग 400 मीटर लंबाई में पिचिंग कार्य शामिल है।

प्राकृतिक पर्यटन भी बढ़ेगा

स्थानीय नागरिकों की मांग पर वर्ष-2024 में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 71.57 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई। इस राशि से 1100 मीटर लंबाई में अपस्ट्रीम साइड पिचिंग, एक हजार मीटर में पेवर ब्लॉक बिछाना, तालाब की पाल पर वृक्षारोपण, स्थाई सीमेंट-कांक्रीट की सीढ़ियां जैसे कार्य किए गए हैं, जो इसे एक सुंदर एवं आकर्षक स्थल में परिवर्तित कर रहे हैं। यह कार्य न केवल जल संरक्षण को बल देगा बल्कि सांवेर क्षेत्र के नागरिकों को एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल का भी लाभ मिलेगा।

सांवेर के लिए यह एक नई शुरुआत

मंत्री सिलावट ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य परंपरागत जल स्रोतों का पुनरुद्धार कर जल संकट से निपटना है। रतनतलाई तालाब के कायाकल्प से क्षेत्र की सिंचाई सुविधा बढ़ेगी, भूजल स्तर सुधरेगा और पर्यावरण संतुलन भी सुदृढ़ होगा। यह लोकार्पण सांवेर क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जो जल संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।




Indore News : वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई, उद्योगों और वाहनों को लक्ष्य बनाकर संयुक्त अभियान

इंदौर जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण हेतु प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत जिले में सघन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी। अभियान में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही होगी। जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अनेक प्रभावी कदम भी उठाए जाएंगे। जिले में सभी पेट्रोल पम्पों पर पीयूसी जांच केन्द्र स्थापित करना होंगे। जांच केन्द्र नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।

यह जानकारी कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में दी गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर निशा डामोर, संयुक्त संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.एन. द्विवेदी, महाप्रबंधक उद्योग स्वप्निल गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए

बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर संयुक्त कार्य योजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएं। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। यह प्रयास किए जाएं कि कोयले से संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयां जल्द ही गैस के संचालन में परिवर्तित हो जाएं। इसके लिए सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दें। समय-सीमा देकर यह कार्य करवाया जाए। समय सीमा में अपनी औद्योगिक इकाईयां गैस में परिवर्तित नहीं करने पर कार्यवाही की जाए। इसी तरह उन्होंने वाहनों के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए।

वाहनों की भी सख्ती से होगी जांच

कलेक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर सूक्ष्म जांच के वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हों। हर वाहन की सूक्ष्मता से जांच की जाना चाहिए। इसी तरह उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि फिटनेस और पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं रखने वालों के विरुद्ध कार्यवाही हो। ऐसे पीयूसी संचालक जो बगैर जांच के ऑफलाइन पीयूसी प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सभी पेट्रोल पंपों सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपन बॉयोमास कचरा एवं खुले में कचरा जलाए जाने पर कार्यवाही की जाए। ज्यादा धूल उड़ने वाले स्थानों को हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित कर मैकेनिकल स्वीपिंग व नियमित जल छिड़काव किया जाए।

पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी

शहरों के आस-पास के खेतों/ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाए जाने पर सतत निगरानी रखी जाए। पराली जलाने पर चालानी कार्यवाही की जाए। बताया गया कि पराली जलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसके तहत 25 एफआईआर दर्ज हुई है और 837 लोगों पर 18 लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। शहर एवं शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों में पर्यावरण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इस हेतु सतत निगरानी रखी जाए। शहर की सड़कों पर जमीनी धूल-मिट्टी को हटाने हेतु की नियमित साफ-सफाई करायी जाए।




राजा रघुवंशी के भाई ने कोर्ट में रखी खास मांग,‘सोनम चुप है, इसका इलाज चाहिए’

राजा रघुवंशी हत्याकांड में पुलिस ने गुरुवार को सोनम रघुवंशी समेत पांचों आरोपियों को शिलांग कोर्ट में पेश किया। उनकी पुलिस रिमांड गुरुवार को खत्म हुई थी। लेकिन पुलिस ने आगामी जांच के लिए कोर्ट से पांचों की रिमांड बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे मंजूर किया और सोनम रघुवंशी एवं राज कुशवाह की कस्टडी दो दिन के लिए बढ़ा दी है। जबकि, अन्य तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा है। इस पर राजा के भाई ने निराशा जताई। कहा- इससे कुछ नहीं होगा। सोनम का नार्को टेस्ट होना चाहिए।

राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी का कहना है- जब सोनम ने 8 दिन की रिमांड में कुछ नहीं बताया तो वह दो दिन की रिमांड में क्या बता देगी? इसका बस एक ही इलाज है कि सोनम का नार्को टेस्ट करवाया जाए। क्योंकि इस हत्याकांड के पीछे कोई ना कोई और भी छुपा हुआ है, जिसको वो बचाने की कोशिश कर रही है और जिसका नाम सिर्फ नार्को टेस्ट के जरिए ही सामने आ सकेगा।

अब सामने नहीं आई हत्या की वजह

सचिन ने आगे कहा- मेघालय सरकार से मेरी एक ही अपील है कि एक बार सोनम का नार्को टेस्ट किया जाए क्योंकि उसने अब तक नहीं राजा को मारने की वजह नहीं बताई है। उसने यह तो बता दिया कि उसने मारा है, लेकिन यह नहीं बताया कि मारने के पीछे का कारण क्या है? यह हमें अब तक नहीं समझ आ रहा। हमें पूरी उम्मीद है कि इस मामले में पांच आरोपियों के अलावा भी कोई है और हम चाहते हैं कि उसका नाम सामने आना चाहिए और यह सिर्फ नार्को टेस्ट के जरिए ही संभव है।

तीन चेहरों का किया था जिक्र

राजा के भैया सचिन दुखी मन से कहा- जब मेरा भाई सोनम को पसंद ही नहीं था तो उसने गुमराह करके, इतनी चीजों को उलझाकर जबरदस्ती शादी क्यों की? और किसने उसकी जबरदस्ती शादी करवाई थी? यह सब नार्को टेस्ट में मालूम पड़ जाएगा। इससे पहले सचिन ने कहा था- मुझे शक है कि मामले में तीन और चेहरे भी शामिल हैं। हालांकि, सचिन ने इन तीन चेहरों का नाम नहीं लिया था। मगर ये जरूर कहा था कि तीन चेहरे जल्द ही सामने आएंगे और हत्याकांड की पूरी कहानी पलट जाएगी।




Indore News : राष्ट्रपति मुर्मू का इंदौर और बड़वानी दौरा रद्द

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 और 19 जून को इंदौर और बड़वानी जिले का दौरा रद्द हो गया। इसका कारण स्पष्ट नहीं है। संभवत: मानसूनी गतिविधियों के मद्देनजर दौरा कैंसिल किया गया है। बड़वानी के ग्राम तलेन में 19 जून को होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।

कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार देर रात एक्स पर इसकी जानकारी पोस्ट की। पोस्ट में लिखा है कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 एवं 19 जून का इंदौर और बड़वानी का प्रवास निरस्त हो गया है। प्रशासन पिछले एक सप्ताह से इसकी तैयारियां कर रहा था। रविवार को कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा और सभी प्रमुख अधिकारियों ने राष्ट्रपति के पूरे दौरे के आयोजन स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। सोमवार और मंगलवार को ट्रैफिक टीम ने पूरा रिहर्सल किया और आज देर रात खबर आई कि राष्ट्रपति का दौरा निरस्त हो गया है।

कारण नहीं बताया गया

कलेक्टर द्वारा दी गई जानकारी में राष्ट्रपति का दौरा निरस्त होने का कारण नहीं बताया गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में आने वालीं थी। रात को वे इंदौर में ही रुकने वाली थी। 19 जून को वे बड़वानी के ग्राम तलेन में विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने वाली थी। वहां वे ‘सिकल मित्र पहल’ की शुरुआत करने वाली थी।

इसके पूर्व राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसके लिए सुरक्षा, आवास, ट्रांसपोर्ट, बिजली, सफाई, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सुविधाओं को लेकर विशेष कसावट की गई थी। बड़वानी जिले के ग्राम तलेन में होने वाले कार्यक्रम स्थल पर भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति मुर्मू 18 जून की शाम इंदौर आने वाली थी।




Indore News : अहमदाबाद विमान दुर्घटना में इंदौर की महिला की पहचान हुई, अंतिम संस्कार आज

अहमदाबाद के विमान हादसे में जान गंवाने वाली इंदौर की बहू हरप्रीत कौर होरा के शव की पहचान 5 दिन बाद हो पाई है। आज उनका अंतिम संस्कार उनके मायके में किया जाएगा। इस दुखद घटना को लेकर उनके परिवार में शोक की लहर है, और उनके पति भी लंदन से भारत लौट आए हैं, ताकि वे अपनी पत्नी को अंतिम विदाई दे सकें।

12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के बाद दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई थी। इंदौर की बहू हरप्रीत कौर होरा भी उन यात्रियों में शामिल थीं। हरप्रीत लंदन में आईटी कंपनी में काम करने वाले अपने पति से मिलने के लिए इस विमान में सवार हो रही थीं। हादसे के बाद से ही उनके परिवार के सदस्य उनके घर पर एकत्रित हो गए थे। रिश्तेदारों की उपस्थिति से दोनों पक्षों में शोक का माहौल था।

पहचान में अधिक समय लगा

सरकारी अधिकारियों द्वारा हरप्रीत की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिया गया था। हालांकि, डीएनए मैचिंग प्रक्रिया में अनुमान से अधिक समय लगा, और 72 घंटे के स्थान पर यह काम 120 घंटे बाद पूरा हो सका। इस बीच, विमान में मारे गए अन्य यात्रियों के शवों की पहचान भी जारी रही।

इंदौर से अहमदाबाद गए परिजन

अब, इंदौर की बहू हरप्रीत कौर होरा के शव की पहचान होने के बाद, उनके परिवार को शव सौंपने की प्रक्रिया अस्पताल में जारी है। अंतिम संस्कार के लिए उनके मायके में सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उनके निकटतम रिश्तेदार हरितपाल होरा के अनुसार, आज दोपहर अहमदाबाद के शबरी कुटी, अल्फा मॉल के पीछे से अंतिम यात्रा निकलेगी और थल तेज मुक्तिधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हरप्रीत के पति राबी, जो एक साल से लंदन में आईटी कंपनी में काम कर रहे थे, भी अपनी पत्नी को अंतिम विदाई देने के लिए लंदन से वापस लौट आए हैं। इसके अलावा, ससुराल पक्ष के अन्य लोग भी इंदौर से अहमदाबाद पहुंच चुके हैं।




Indore News : मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन ड्रग्स पारिवारिक परामर्श अवसाद

केंद्र सरकार ने 2022 में टेली मानस सेवा शुरू की है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 14416 और 18008914416 जारी किए। मानसिक तनाव या अन्य समस्या से जूझ रहे पीड़ित इस पर कॉल कर मनोचिकित्सकों से सलाह लेते हैं। मप्र में इंदौर के बाणगंगा मेंटल हॉस्पिटल और ग्वालियर में इसके मुख्य केंद्र खोले गए हैं। बाणगंगा मेंटल हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने बताया कि 2022 से अब तक एक लाख 20 हजार 87 लोगों के कॉल इस सेंटर पर आए। पीड़ितों से उनकी समस्या जानकार समाधान किया जा रहा है।

तनाव भी एक बीमारी, इसे पहचानें

डॉक्टरों का मानना है कि आज लगभग हर व्यक्ति को किसी न किसी तरह का मानसिक तनाव है। चाहे वह कार्यस्थल की परेशानी हो या घर की समस्या। इसके बावजूद लोग तनाव, नशे की लत या इससे जुड़ी परेशानियों को बीमारी मानने को तैयार नहीं होते। यही कारण है कि अधिकांश लोग समय रहते इलाज नहीं कराते और समस्या गंभीर रूप ले लेती है। यदि लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो जाएं तो उनके जीवन की आधे से अधिक समस्याएं दूर हो सकती हैं।

व्यापारी को शराब की लत छुड़वाई

ऐसे ही एक कपड़ा व्यापारी को कारोबार में घाटा हो गया। वह डिप्रेशन में रहने लगा। दोस्त ने सलाह दी कि शराब पीया करो। नींद अच्छी आएगी। दोस्त के कहने पर व्यापारी ने शराब पीना शुरू कर दिया। फिर तो उसे लत लग गई। इसे चक्कर में कर्ज लेने लगा। इसके बाद किसी ने कहा कि मनोचिकित्सक से सलाह लो। तब व्यापारी ने बाणगंगा स्थित टेली मानस में कॉल किया। यहां के डॉक्टर ने करीब 45 मिनट जानकारी ली। इसके बाद उसे अस्पताल बुलाया और काउंसलिंग की। जैसे ही व्यापारी को शराब की तलब लगती, उसे कुछ दवा दी जाती। धीरे-धीरे उसकी शराब की लत छूट गई। अब उसका जीवन अच्छा चल रहा है। इस तरह के हजारों परिवारों को बाणगंगा मेंटल हॉस्पिटल से इसी तरह की मदद मिली।

परिवार में लौटी सुख शांति

इंदौर का एक और उदाहरण यहां पर दिया गया। बताया कि एक परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा है। दोनों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। कारण था कि बेटी को स्कूल में चिढ़ाया जाता था। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने लगा और वो गुमसुम रहने लगे। बच्चों को संभालने और अन्य प्रेशर में मां की तबीयत खराब होने लगी। घर के पास रहने वाले डॉक्टर ने टेली मानस हेल्पलाइन के बारे में बताया। परिजनों ने इस पर कॉल किया तो बाणगंगा मेंटल हॉस्पिटल के मनोचिकित्सकों से बात हुई। डॉक्टरों ने बेटा-बेटी, परिजन और स्कूल के स्टाफ को अस्पताल बुलाया। वहां सारे पहलुओं को जाना। काउंसलिंग की। इसके बाद सभी से अपडेट लेते रहे। इसका असर यह हुआ कि दोनों बच्चे स्कूल जाने लगे और बाद में मां का स्वास्थ्य भी ठीक हो गया।

मेडिटेशन से खुद को तैयार करते हैं मनोचिकित्सक, ताकि मरीजों की समस्याएं सुन पाएं

टेली मानस विभाग के हेड डॉ. कृष्णा मिश्रा ने बताया कि लोगों की समस्या को हल करने से पहले मनोचिकित्सक खुद को तैयार करते हैं। इसके लिए वह मेडिटेशन, योग और फिजिकल एक्टिवटी भी करते हैं ताकि लोगों की बातों को ध्यान से सुन पाएं और उसका सही से जवाब दे पाएं। मनोचिकित्सक के लिए डिप्लोमा कोर्स और डिग्री भी होती है।

24 घंटे चालू रहता है सेंटर

डॉ. कृष्णा मिश्रा ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए यह सेंटर 24 घंटे चालू रहता है। विभाग में 23 लोगों की टीम है, जो अलग-अलग शिफ्ट में काम करती है। सुबह पांच से आठत, शाम तीन से चार और रात में दो काउंसलर रहते हैं। इनके अलावा सीनियर मनोचिकित्सक, दो मनोचिकित्सक, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ऑफिस अटेंडर रहते हैं।