Indore News : मालवा मिल–पाटनीपुरा ब्रिज का काम अधूरा, सुरक्षा इंतज़ाम नदारद, हादसे में बाइक सवार घायल

इंदौर के व्यस्त मालवा मिल–पाटनीपुरा मार्ग पर निर्माणाधीन ब्रिज का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है। चार महीने में पूरा होने वाला यह पुल अभी तक 40% भी तैयार नहीं हुआ है। हालात इतने लापरवाह हैं कि ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया है और मौके पर कोई सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं की गई।

रविवार रात इसी लापरवाही के कारण एक दोपहिया वाहन चालक नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने युवक को नाले से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के समय ब्रिज के आसपास कोई बैरिकेड या चेतावनी संकेत नहीं लगे थे।

शहर के इस मार्ग का चौड़ीकरण चार साल पहले किया गया था, लेकिन उस समय जर्जर ब्रिज को नहीं बदला गया। सड़क 80 फीट चौड़ी हो गई, जबकि पुराना ब्रिज केवल 40 फीट का रहा। बढ़ते ट्रैफिक जाम के बाद नगर निगम ने ब्रिज को 100 फीट से अधिक चौड़ा बनाने का निर्णय लिया और ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया।

रहवासियों का कहना है कि पिछले दस दिनों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है और अब तक केवल एक हिस्से की स्लैब डाली गई है। अनुमान है कि मौजूदा गति से काम पूरा होने में कम से कम आठ माह और लग सकते हैं। इस देरी से श्रमिक क्षेत्र, विजय नगर और सुखलिया की ओर जाने वाले यात्रियों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का काफिला भी कई बार इसी कारण जाम में फंस चुका है।




Indore News: 12 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच में जुटी पुलिस

इंदौर : शहर के लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित ओमेक्स सिटी-1 में एक 12 वर्षीय बालिका की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका की पहचान अंजलि लश्करी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वहीं निवास करती थी।

परिवार के अनुसार, सोमवार शाम अंजलि को अचानक घबराहट और सीने में तेज दर्द हुआ। तबीयत बिगड़ने पर उसकी मां उसे पास के एक निजी डॉक्टर के पास लेकर गईं, लेकिन वहां उसकी हालत और बिगड़ गई। जल्द ही उसे बड़े अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही लसूड़िया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

प्रथम दृष्टया किसी बीमारी या हार्ट संबंधी परेशानी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन परिवार और पुलिस दोनों इस घटना को गंभीर मानकर हर एंगल से जांच कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों और सोसाइटी में इस दुखद घटना को लेकर शोक की लहर है।




Indore News : व्यक्ति ने पहचान छिपाकर हिंदू लड़की से शादी की, धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया; ससुर पर बलात्कार का आरोप

इंदौर जिले के सांवेर तहसील अंतर्गत क्षिप्रा थाना क्षेत्र में लव जिहाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने युवती से अपनी पहचान छिपाकर विवाह किया और बाद में जबरन धर्म परिवर्तन करवाया। यही नहीं, पीड़िता ने अपने ससुर पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया है।

सोशल मीडिया से फंसी युवती

पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में उसकी सोशल मीडिया पर समीर नामक युवक से पहचान हुई। समीर ने खुद को हिंदू बताया और शादी का प्रस्ताव रखा। बिना परिजनों को बताए युवती समीर के साथ इंदौर पहुंची और 25 अक्टूबर 2017 को कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद युवती को समीर की असली पहचान का पता चला, वह समीर खान निकला। जब युवती ने विरोध किया, तो उसे डरा-धमकाकर चुप करा दिया गया। बाद में समीर ने उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर मुस्लिम नाम रखवा दिया और निकाह पढ़वाया। इसके बाद से समीर द्वारा मारपीट व प्रताड़ना की घटनाएं लगातार होती रहीं।

ससुर ने किया दुष्कर्म, दी जान से मारने की धमकी

पीड़िता ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान भी समीर उस पर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का दबाव डालता था। इसके साथ ही उसने अपने ससुर वकील खान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, 28 मार्च 2025 को जब वह अपने बच्चों से मिलने ससुराल पहुंची, तो घर में अकेले मौजूद वकील खान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में 12 और 13 जुलाई को वकील खान ने फोन पर उसे दोबारा धमकाया, जिससे डरकर उसने अपने स्वजनों को सारी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस सुरक्षा की लगाई गुहार

पीड़िता ने पुलिस से निवेदन किया है कि उसे और उसके दोनों बच्चों को आरोपितों से सुरक्षा दी जाए। उसने कहा, मैं अपने बच्चों के साथ भयमुक्त जीवन जीना चाहती हूं, कृपया मुझे इस आतंक से मुक्ति दिलाएं।

आरोपियों पर मामला दर्ज

पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी समीर खान और वकील खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 63(ड), 64, 115(2), 351(3) और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है।




Mp News : इंदौर इस बार फिर नंबर-1, जानें किस कैटेगरी में मिला पहला स्थान, Cm डॉ. यादव बोले

भारत सरकार ने साल 2024-25 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों के लिए नामांकित शहरों की घोषणा कर दी है। राष्ट्रीय सम्मान के लिए मध्य प्रदेश के नगर निगम इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, नगरीय निकाय बुदनी और नगर परिषद शाहगंज नामांकित किए गए हैं। ये 8 शहर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले शहरों को 17 जुलाई को नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। इन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उच्च स्तर पर आयोजित समारोह में सम्मानित करेंगी। स्वच्छ सर्वेक्षण सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी शामिल हैं। इस सर्वेक्षण में राज्य के शहरों के नाम आने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों को बधाई दी है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 का रिजल्ट आ गया है। इस रिजल्ट में हमेशा की तरह मध्यप्रदेश एक बार फिर शामिल है। अपने अलग-अलग शहरों की वजह से प्रदेश एक बार फिर गौरवांवित होने वाला है। मैं इसके लिए प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। हमारे सभी स्वच्छताकर्मियों, महापौरों, एमआईसी मेंबरों, पार्षदों, अधिकारियों-कर्मचारियों और आम जनता को बधाई। राष्ट्रपति एक बार फिर इंदौर को गौरवांवित करेंगी। इंदौर ने 7 बार व्यक्तिगत कैटेगरी में और इस बार सुपर लीग श्रेणी में टॉप किया है। उज्जैन ने भी 3 से 10 लाख की जनता वाली श्रेणी में टॉप किया है। 20 हजार से कम आबादी वाले बुधनी नगर ने भी गौरवांवित किया है।

पीएम मोदी की भावना के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वच्छता का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया था, मध्यप्रदेश की उनकी भावना के आधार पर कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार है। भोपाल ने भी गौरवांवित करने का मौका दिया है। खूबसूरती, प्राकृतिक खूबसूरती और स्वच्छता के पैमाने पर भोपाल आदर्श नगर बना है। उसी तरह ग्वालियर ने भी आदर्श स्थापित किया है। इस स्वच्छता सर्वेक्षण के साथ हम अपने जीवन में भी इस बात को उतारें कि शहर-मुहल्ले-घर को स्वच्छ रखें। अपनी आदर्श जीवन-शैली को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का प्रयास करें।




Indore News : डीएवीवी अगस्त सत्र तक छात्र शिकायत निवारण ऐप लॉन्च करेगा

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह ऐप अगस्त माह में नए सत्र के साथ शुरू किया जाएगा। इससे पहले लगभग 15 दिनों का ट्रायल पीरियड रखा जाएगा ताकि किसी भी तकनीकी समस्या को समय रहते दूर किया जा सके। इस ऐप के माध्यम से छात्रों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं के समाधान में आसानी होगी और उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

एडमिशन के बाद कर सकेंगे उपयोग

एप्लिकेशन का नाम अभी तय नहीं किया गया है लेकिन इसे एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. विष्णुनारायण मिश्रा ने बताया कि यह ऐप यूनिवर्सिटी स्तर पर विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों की हॉस्टल, क्लास, किताबों की उपलब्धता, परीक्षा, उत्तरपुस्तिका जांच, मार्कशीट या डिग्री की त्रुटियों जैसी समस्याओं को दूर किया जाएगा। छात्र अपने इनरोलमेंट नंबर से ऐप में लॉगइन कर सकेंगे।

समस्याओं के अनुसार तय होगा समाधान का समय

डॉ. मिश्रा ने बताया कि ऐप में छात्रों की आम समस्याओं को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा ताकि उन्हें आसानी से शिकायत दर्ज करने और समाधान प्राप्त करने में सुविधा हो। समस्याओं के आधार पर उनका निवारण एक निश्चित समय सीमा में किया जाएगा, जिससे छात्रों को लंबा इंतजार न करना पड़े और यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली भी पारदर्शी बनी रहे।

एमपी ऑनलाइन के क्रिप्स द्वारा किया जा रहा डेवलपमेंट कार्य

इस मोबाइल ऐप को एमपी ऑनलाइन के अंतर्गत आने वाले क्रिप्स (Centre for Research and Industrial Project Services) द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो एक सरकारी संस्था है। अब तक ऐप के निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा किया जा चुका है। आने वाले सप्ताह से इसका इंटरनल ट्रायल रन शुरू किया जाएगा, जिसमें सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं को ठीक किया जाएगा। इसके पश्चात इसे छात्रों के लिए पूरी तरह से लॉन्च कर दिया जाएगा।




Ujjain News : परेशान व्यक्ति ने सड़क पर किया हंगामा

उज्जैन शहर के चिमनगंज थाने के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति कपड़े उतारकर बीच सड़क पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। यह व्यक्ति जन्म प्रमाण पत्र में बेटी का नाम दर्ज न होने पर नाराजगी जता रहा था, साथ ही चिमनगंज थाना पुलिस पर भी गुस्सा हो रहा है क्योंकि उसका मोबाइल चोरी होने पर पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं कर रही है। यहां से गुजरने वाले लोग काफी परेशान होते दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि विजय सिंह सोलंकी निवासी इंदौर का ससुराल उज्जैन में है। उसकी बेटी आठवीं क्लास में है जिसका नाम जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज न होने के कारण काफी परेशानी आ रही है। बेटी का नाम जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज हो जाए इसीलिए विजय सिंह कई बार उज्जैन के नगर निगम और अस्पताल के चक्कर लगा चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी जब बेटी का नाम जन्म प्रमाण पत्र दर्ज नहीं हुआ तो विजय सिंह नाराज होकर आत्महत्या करने निकल पड़ा। वह पेट्रोल लेने पेट्रोल पंप जा रहा था कि तभी उसका मोबाइल चोरी हो गया। मोबाइल चोरी होने पर विजय सिंह चिमनगंज थाने पर पहुंचा। जहां उसने पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस इस मामले में कोई कार्यवाही करना नहीं चाहती थी। विजय सिंह का कहना था कि मोबाइल चोरी का प्रकरण दर्ज होना चाहिए, लेकिन जब पुलिस ने ऐसा नहीं किया तो विजय सिंह नाराज हो गया और उसने थाने के पास कपड़े उतारकर सड़क पर लोट लगाना शुरू कर दी। कभी वह स्कूल बस के आगे जाकर लेट गया तो कभी ट्रक के सामने इस दौरान पुलिस तो विजय सिंह को हटाने नहीं पहुंची, लेकिन रहवासियों ने उसे उठाकर साइड में जरूर बैठा दिया।

वीडियो हो रहा तेजी से वायरल

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विजय सिंह बीच सड़क पर गाड़ियों के आगे अर्धनग्न दिखाई दे रहा है। वाहन चालक उसे हटाने के लिए हॉर्न बजा रहे हैं, लेकिन फिर भी वह हटने को तैयार नहीं है।

यह वीडियो हो रहा वायरल

परेशान व्यक्ति सड़क पर करता रहा हंगामा

यह वीडियो हो रहा वायरल
परेशान व्यक्ति सड़क पर करता रहा हंगामा
यह वीडियो हो रहा वायरल

शख्स की हरकतों से सड़क पर लग गया जाम




Indore News : 11 जुलाई को इंदौर में एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव में 1500 उद्योगपति होंगे शामिल

राज्य में होटल इंडस्ट्री, पर्यटन, निवेश, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को नई गति देने के उद्देश्य से आगामी 11 जुलाई को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जाएगा। इस उच्चस्तरीय आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और देशभर से आए संबंधित क्षेत्र के निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।

सभी विभागों को दी जिम्मेदारी

कॉन्क्लेव की तैयारियों को लेकर आज संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह एवं अन्य अधिकारियों ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने नगर निगम, स्मार्ट सिटी, आईडीए, मेट्रो, पर्यटन व अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियां समयसीमा में पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर कोताही न हो। वर्षा को देखते हुए तैयारी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए दायित्व भी सौपें।

इन क्षेत्रों के दिग्गज आएंगे

कॉन्क्लेव में देशभर से 1500 से अधिक उद्योगपति, रियल एस्टेट, होटल इंडस्ट्री और टूरिज्म सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि, निवेशक आदि शामिल होंगे। आयोजन के दौरान एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। आयोजन में क्रेडाई, होटल इंडस्ट्री, टूरिज्म, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, मैट्रो, हुड़को, एलआईसी, हाउसिंग बोर्ड आदि की व्यापक भागीदारी रहेगी। प्रदर्शनी में इनसे संबंधित योजनाएं व प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए जाएंगे।

यह अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मेट्रो परियोजना के एमडी चैतन्य कृष्ण, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, आईडीए के सीईओ आर.पी. अहिरवार, एडीएम रोशन राय सहित सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। यह कॉन्क्लेव प्रदेश में शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजन से इंदौर और मध्यप्रदेश को निवेश का नया आयाम मिलेगा।




Indore Moharram : होल्कर महाराज ने इंदौर में मोहर्रम परंपरा की शुरुआत की

राजबाड़े के पीछे वर्तमान में मुस्लिम अनुयायियों की भीड़ देखने को मिल रही है, इमाम बाड़े में निर्मित होने वाले ताजिये के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने लोग आते हैं। मुस्लिम धर्म के नए साल की शुरुआत इसी माह से होती है। हजरत हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। यह महीना त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। भारत में मोहर्रम के दिन ताजिए निश्चित जगह से उठाकर उन्हें ठंडा किया जाता है। इतिहासकार मानते हैं कि देश में ताजियों का प्रचलन तैमूरलंग के शासनकाल में हुआ था।

होलकर ने शुरू किया सरकारी ताजिया

इंदौर में 19वीं शताब्दी के आरंभ से होलकर महाराजा का ताजिया यानी सरकारी ताजिया इंदौर के राजवाड़े के समीप तंबू लगाकर तैयार किया जाता था। यशवंत राव होलकर प्रथम और तुकोजीराव द्वितीय की ताजियों के प्रति श्रद्धा थी, इसलिए सरकारी ताजिया राजवाड़ा के सात चक्कर लगाया करता था। यह परंपरा आज भी जारी है।

इमामबाड़े में बनता है सरकारी ताजिया

महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय के कार्यकाल में 1908 में राजबाड़े के समीप इमामबाड़ा का निर्माण करवाया गया था आज भी सरकारी ताजिया इमामबाड़ा में बनता है। होलकर महाराजा की ताजियों के प्रति श्रद्धा थी इसलिए वे ताजिए ठंडे करने कर्बला तक जाते थे। स्वतंत्रता से पहले होलकर राज्य के दो प्रमुख ताजिए निर्मित हुआ करते थे। कुछ छोटे ताजिए भी निर्मित होते थे, उन्हें बुराक भी कहा जाता है। इंदौर के विभिन्न मार्ग से ताजिये कर्बला जाते थे। रियासत की ओर से खासगी ताजिया उठा करता था, जिसका निर्माण राजवाड़ा के समीप इमामबाड़े में होता था। खासगी ट्रस्ट की ओर से उस दौर में ताजिए निर्माण के लिए अनुदान भी दिया जाता था, यह ताजिया सात मंजिल ऊंचा बनाया जाता था।

होलकर फौज का भी ताजिया निर्मित होता था

दूसरा प्रमुख ताजिया होलकर फौज का उठता था, इसका निर्माण किला मैदान में वर्तमान में यहां कन्या महाविद्यालय है, वहां बनता था। इस ताजिए की ऊंचाई सरकारी ताजिये से कुछ कम रहा करती थी। होलकर फौज का ताजिया किला मैदान से शंकरगंज जिंसी होते हुए राजवाड़ा पहुंचता था। यहां होलकर महाराजा और उनके मंत्री तथा गणमान्य नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल होते थे। इन ताजियों के आगे होलकर राज्य का प्रतीक चिन्ह रहता था। उसके बाद ताजिये की सवारी के साथ होलकर महाराजा और फौज कर्बला जाती थी। प्रत्येक कमांडिंग ऑफिसर अपनी पलटन के साथ होता था। सेना के जनरल भी चलते थे। फौज के ताजिये के निर्माण के लिए प्रत्येक फौजी की तनख्वाह से एक निश्चित राशि की कटौती की जाती थी। ताजिए जिन रास्तों से होकर गुजरते थे उन मार्गों की साफ सफाई और सड़कों को पानी से उन्हें धोया जाता था।

लगती हैं मीठे पानी की सबीलें

इंदौर की मुस्लिम बस्तियों में मोहर्रम के दिनों में मीठे पानी की सबीलें लगती हैं। मातम भी मनाया जाता है। आज भी नगर में ताजिए राजवाड़ा और आसपास के प्रमुख मार्गों से होते हुए करीब दो किलोमीटर दूर कर्बला मैदान में पहुंचते हैं, जहां पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शिरकत करते हैं।




Indore News : शहर में ब्लैक स्पॉट बढ़े, तीन इमली चोक प्वाइंट पर 3 साल में 12 मौतें

इंदौर में सड़क दुर्घटनाओं के खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शहर में ब्लैक स्पॉट की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे लोगों की जान पर बन आई है। प्रशासन ने अब इन ब्लैक स्पॉट की पहचान कर ली है और जल्द ही इनके सुधार के कार्य शुरू किए जाएंगे। इसके तहत कई स्थानों पर चौराहों की डिजाइन बदली जाएगी, वहीं कुछ जगहों से बस स्टैंड हटाने की भी योजना बनाई गई है।

चौराहा बना जानलेवा

शहर के प्रमुख ब्लैक स्पॉट में तीन इमली चौराहा और उसके आगे स्थित सर्विस रोड का कट सबसे खतरनाक माने जा रहे हैं। बीते तीन वर्षों (2022-2024) में यहां 14 दुर्घटनाएं और 12 मौतें हो चुकी हैं। हाल ही में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तय किया गया कि कागज़ी कार्रवाई से आगे बढ़ते हुए धरातल पर ठोस कदम उठाए जाएं। इसके बाद यातायात पुलिस ने निगम को ब्लैक स्पॉट समाप्त करने के उपाय बताए हैं और जोन 3 से पत्राचार भी हो चुका है।

तेज रफ्तार, अंधेरा और अनियोजित स्टॉप्स बन रहे हादसों की वजह

तीन इमली चौराहा और विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के पास स्थित कट में भारी वाहन, रात के अंधेरे और तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों की वजह से सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। ब्रिज के नीचे लोक परिवहन वाहनों के अनधिकृत स्टैंड, ठेले और अव्यवस्थित पार्किंग हालात को और बिगाड़ देते हैं। जोन 3 के एसीपी हिंदूसिंह मुवेल ने बताया कि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए रंबल स्ट्रिप, चेतावनी बोर्ड और रेडिटाम लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर के नीचे प्रकाश व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।

भारी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी और बस स्टॉप स्थानांतरित करने की योजना

बारिश के मौसम में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए कलेक्टर ने तीन इमली से इंदौर शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंध लगा दिया है। पहले यह समय शाम 5 से 7 बजे तक था। वहीं भंवरकुआं थाना क्षेत्र में विशेष जुपिटर हॉस्पिटल के सामने भी गंभीर स्थिति बनी हुई है। यहां पिछले तीन वर्षों में 7 दुर्घटनाएं और 6 मौतें हो चुकी हैं। यातायात पुलिस इस कट को बंद कर आगे खोलने और सिटी बस स्टॉप को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में है, ताकि सड़क पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




Indore News : इंदौर के दो न्यायाधीश मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में नियुक्त

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को नए न्यायाधीश मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 2 जुलाई को हुई बैठक में हाईकोर्ट के लिए छह नामों को मंजूरी दी गई है। इनमें से पांच न्यायिक अधिकारी और एक वकील शामिल हैं।

कॉलेजियम द्वारा जिन नामों को स्वीकृति दी गई है, उनमें जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता, आनंद सिंह बेहरावत, आलोक अवस्थी, अजय कुमार निरनकरी, जयकुमार पिल्लई और हिमांशु जोशी शामिल हैं। इन सभी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

इस सूची में विशेष बात यह है कि जस्टिस आनंद सिंह बेहरावत और हिमांशु जोशी इंदौर से ताल्लुक रखते हैं, जिससे शहर के न्यायिक क्षेत्र में गौरव बढ़ा है।

इसके अलावा, कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के लिए पांच न्यायिक अधिकारियों के नाम भी मंजूर किए हैं। इनमें रमेश कुमार गुप्ता, आलोक अवस्थी, रत्नेश चंद्र बिसेन, भगवती प्रसाद शर्मा और प्रदीप मित्तल शामिल हैं। यह नियुक्तियां मध्य प्रदेश न्यायपालिका को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।