Indore News : मकर संक्रांति पर सभी जिलों में होंगे आयोजन, सीएम ने दिए निर्देश

Indore: Events will be held in all districts on Makar Sankranti, CM gave instructions

मुख्यमंत्री पहुंचेे संघ कार्यालय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात देहरादून से सीधे इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि प्रदेश में मकर संक्रांति पर सभी जिलों में खेल व अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इनमें युवाओं को बड़े पैमाने पर शामिल किया जाए। सीएम बैठक के बाद रामबाग स्थित संघ के नए कार्यालय भी गए और आरएसएस के पदाधिकारियों से चर्चा की।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को निर्देश दिए कि मकर संक्रांति पर्व पर दो से तीन दिन आयोजन हों। आयोजनों से युवा वर्ग को जोड़ें। आयोजन में पारंपरिक खेलों के साथ विज्ञान से जुड़ी स्पर्धाएं भी होंगी।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हम सभी योजनाओं पर समान रूप से काम कर रहे हैं। 10 जनवरी को लाडली बहना योजना की राशि खातों में डाली जाएगी। हमारा जोर महिला सशक्तिकरण पर भी है। इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने चार श्रेणियों हमें बताई

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें चार श्रेणियां बताई हैं। युवा, महिला, किसान और गरीब। हम इन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। मोदी सरकार भी महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है।

जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात

देहरादून से शाम को इंदौर एयरपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री से महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुलाकात की। उसके बाद मुख्यमंत्री यादव सीधे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे वहां उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक ली। इसमें मेयर भार्गव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद थे।

संघ पदाधिकारियों से मुलाकात

वीसी में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री रामबाग स्थित आरएसएस के मालवा प्रांत के नए कार्यालय ‘सुदर्शन’ में गए। यहां उन्होंने प्रांत प्रचारक बलिराम पटेल व अन्य पदाधिकारियों से चर्चा की। यहां वे करीब 40 मिनट रुके। उनके साथ महापौर भार्गव भी थे।मकर संक्रांति पर सभी जिलों में होंगे आयोजन, सीएम ने दिए निर्देश।




इंदौर में कोरोनावायरस कोविड 19 मामले

Coronavirus covid 19 cases indore

कोरोना के नए वैरिएंट के मामले बढ़े

इंदौर में कोरोना Coronavirus के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। 24 घंटे के अंदर ही इंदौर में पांच मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से चार को होम आइसलोट किया गया है जबकि एक को एडमिट किया गया है। इन सभी को पहले वैक्सीन लग चुकी है। सभी मरीजों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए एम्स (भोपाल) भेज दिए गए हैं।

31 दिसंबर को दो मरीज मिले थे और एक जनवरी को तीन मरीज मिले हैं। 31 दिसम्बर को दो मरीज मिले इनमें एक बिचौली हप्सी निवासी 75 वर्षीय वृद्ध हैं जबकि दूसरा राजेंद्र नगर निवासी 20 वर्षीय युवक है। सोमवार को तीन पॉजिटिव मिले जिसमें से एक विजय नगर निवासी 79 वर्षीय वृद्ध हैं। वे हाल ही में अयोध्या से लौटे हैं। उन्हें हल्के लक्षण हैं और एडमिट किया गया है। दूसरा 34 वर्षीय युवक न्यू पलासिया का रहवासी है। एक अन्य अनूप नगर निवासी 69 वर्षीय बुजुर्ग है। वे थाईलैंड से लौटे थे। डॉ. मालाकार ने स्पष्ट किया कि सैंपल कलेक्शन (कोरोना) के लिए कुल 13 सेंटर हैं जिनमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज, मानपुर, महू, हातोद, देपालपुर, बेटमा व सांवेर हैं। शहरी में जिला अस्पताल, पीसी सेठी, बाणगंगा, मांगीलाल चूरिया, हुकुमचंद पॉलीक्लिनिक व मल्हारगंज सिविल हॉस्पिटल हैं। यहां आरटीपीसीआर की जांच होती है लेकिन डॉक्टर का परामर्श जरूरी है।




Indore News : वीसी के इलाज के लिए जज की गाड़ी छिनने वाले छात्रों के मामले में इंदौर के मेयर ने लगाई याचिका

Indore: Indore Mayor files petition in case of students snatching judge's car for VC's treatment

मेयर पुष्य मित्र भार्गव

इंदौर। ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं पर प्रकरण दर्ज होने का मुद्दा गरमाया हुआ है। ट्रेन में झांसी के एक विश्वविद्यालय के कुलपति की तबीयत बिगड़ने पर दोनों छात्र नेता स्टेशन पर खड़ी जज की कार छीन कर ले गए थे। इस मामले में इंदौर के मेयर और पूर्व अतिरिक्त महाअधिवक्ता पुष्य मित्र भार्गव ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की है। इसमें प्रदेश के प्रमुख सचिव, एसपी ग्वालियर और थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया गया है।

जज की अनुमति के बगैर ग्वालियर स्टेशन पर खड़ी उनकी कार ले जाने पर दोनों छात्रों पर लूट और डकैती की धाराएं लगाई गई हैं। दर्ज किए गए प्रकरण के खिलाफ मेयर भार्गव ने याचिका दायर की है। इसमें छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने की गुहार लगाई गई है।

बता दें, 11 दिसंबर को अभाविप के छात्र नेता हिमांशु श्रोत्रिय और सुकृत शर्मा हाईकोर्ट जज की गाड़ी को कथित रूप से लूटकर झांसी के निजी विश्वविद्यालय के कुलपति रणजीतसिंह यादव को ट्रेन में तबीयत खराब होने पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पास के अस्पताल ले गए थे। इस मामले में दोनों छात्रों पर पुलिस ने लूट और डकैती की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। अस्पताल तक पहुंचाए जाने के बाद भी कुलपति की जान नहीं बचाई जा सकी। मामले में पुलिस ने दोनों छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। सात दिन से वे जेल में थे। दोनों को सोमवार को जमानत मिल गई।

छात्रों का अभिनंदन करना चाहिए

मामले में इंदौर के मेयर भार्गव ने कहा कि दोनों छात्रों ने वीसी को बचाने के लिए अपने विवेक से निर्णय लिया। यह लूट की घटना नहीं हो सकती है। दोनों छात्रों का अभिनंदन करना चाहिए। कानून में प्रावधान है कि किसी की जान बचाने के लिए किया गया काम अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। हमने याचिका लगाकर कोर्ट से एफआईआर निरस्त करने की मांग की है। हम याचिका लगाकर यह भी मांग कर रहे है कि प्रोटोकॉल वाहन और सरकारी वाहनों का उपयोग संकट की घड़ी में करने के निर्देश दिए जाएं, अन्यथा समाज में दूसरों की मदद का भाव कम होगा।




Kidnapping : 75 हजार का लोन नहीं चुका पाई मां, कर्ज देने वालों ने किया मासूम बेटी का अपहरण

Mother could not repay loan Kidnapping innocent daughter indore

पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दिखी महिला और बच्ची।

इंदौर Indore में एक मां 75 हजार रुपए का लोन नहीं चुका पाई तो कर्ज loan देने वालों ने उसकी सात साल की बेटी का ही अपहरण Kidnapping कर लिया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बच्ची की जानकारी मिली। लोन दिलाने वाली महिला ने ही बच्ची को किडनैप किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वारदात रविवार दिन में रावजी बाजार थाना क्षेत्र के साउथ तोड़ा में हुई।

पुलिस ने बताया कि स्व सहायता समूह चलाने वाली ज्योति कुराड़िया ने बच्ची की मां को दो समूहों से 75 हजार रुपए का लोन दिलवाया था। बच्ची की मां कर्ज नहीं चुका पा रही थी और लेनदार ज्योति को परेशान कर रहे थे। इस वजह से ज्योति ने रुपए वसूलने के लिए साजिश रची। उसने रविवार को कर्जदार महिला की बच्ची को किडनैप कर लिया। उसे घर ले आई और हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया।

पहले अपहरण की बात कबूल नहीं की, बाद में मानी

परिजन थाने पहुंचे जिसके बाद एसीपी देवेंद्र धुर्वे ने विशेष टीम बनाई। टीम ने बच्ची के घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। एक फुटेज में आरोपी महिला बच्ची को साथ ले जाते दिखी। सिलसिलेवार फुटेज देखने पर महिला की लोकेशन का पता चल गया। पुलिस ने बच्ची के परिजन को महिला के फुटेज दिखाए तो उन्होंने तुरंत उसे पहचान लिया। अपहरणकर्ता महिला की पहचान ज्योति के रूप में होने के बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। पहले तो उसने अपहरण की घटना से इनकार किया लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद वह टूट गई और अपहरण कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को छुड़ाकर परिवार के सुपुर्द कर दिया।

फिरौती में चार लाख रुपए मांगने वाली थी

ज्योति ने बताया कि लेनदार उसे परेशान कर रहे थे और बच्ची की मां पैसे नहीं लौटा रही थी। उसने बच्ची की मां को कई बार कहा कि उसे लोग परेशान कर रहे हैं पर उसने पैसे नहीं दिए। इसके बाद उसने बच्ची के अपहरण की योजना बनाई। वह बच्ची के परिवार से चार लाख रुपए की फिरौती मांगने वाली थी।




Indore News : कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन ने की कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की

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प्रमोद टंडन

पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन ने कहा है कि कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। इससे इंदौर विकास की नई इबारत लिखेगा औऱ प्रदेश के विकास को भी नई गति मिलेगी।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रमोद टंडन ने कहा कि मप्र विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस तरह से जीती है वह जीत किसी के भी गले नहीं उतर रही है। भाजपा के राज में बेरोजगारी चरम पर रही, किसानों, महिलाओं पर अत्याचार हुए। इन सबके बाद भाजपा की इस तरह की जीत निश्चित तौर पर चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि मैं एक इंदौरी होने के नाते अब यह मांग करता हूं कि कैलाश विजयवर्गीय को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंदौर के साथ हमेशा भेदभाव किया गया है। इंदौर मध्यप्रदेश को सबसे अधिक पैसा कमाकर देता है। इंदौर के सामाजिक संगठन, व्यापारियों ने पूरे प्रदेश को आगे बढ़ाया है। कांग्रेस हो या भाजपा सभी ने इंदौर के साथ पक्षपात किया है। इंदौर कई सालों से इस बात की राह देख रहा है कि इंदौर का नेता मुख्यमंत्री बने। इंदौर मप्र की आर्थिक राजधानी है, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियों में मध्यभारत का मुख्य केंद्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंदौर की जनता को अपील करना चाहिए कि कैलाश विजयवर्गीय को मप्र का मुख्यमंत्री बनाया जाए। अगर वे मुख्यमंत्री बनते हैं तो इंदौर विकास की नई इबारत लिखेगा और इससे मप्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।

गौरतलब है कि भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा एक से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के संजय शुक्ला को हराया है। इसके बाद से कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज हुई है।




Indore News : दिसंबर में पीएससी की तीन परीक्षाएं, गरमाई राजनीति, अभ्यर्थी भी नाराज

Indore: Three PSC exams in December, politics heated up, candidates also angry

पीएससी ने अगले माह तीन परीक्षा आयोजित की है।

मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग ने दिसंबर माह में तीन परीक्षाएं आयोजित कर डाली। इससे अभ्यर्थी तो नाराज है, राजनीति भी गरमाने लगी है। कांग्रेस नेता दिसंबर माह के 20 दिनों मेें तीन परीक्षाएं कराने पर सवाल उठा रहे है और कह रहे है कि मध्य प्रदेश सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील है।

पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने इस मामाले में पीएससी मुख्यालय प्रदर्शन कर मांग पत्र भी सौंप चुके है। उनका कहना है कि एक माह में आखिर तीन परीक्षाएं आयोग किस आधार पर लेता है। अभ्यार्थी इतनी जल्दी तैयारियां कैसे कर सकेंगे। युवा अलग-अलग परीक्षाएं देते हैै। यह आयोग को सोचना चाहिए।

पीएससी ने राज्य वन सेवा 2022 की मुख्य परीक्षा 10 दिसंबर से आयोजित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 17 दिसंबर और राज्यसेवा 2022 मुख्य परीक्षा 26 से 31 दिसंबर तक करवाने की घोषणा की है।

इन तीन परीक्षा के अलावा 16 दिसंबर को सहायक कुलसचिव के साक्षात्कार भी रखे गए है। वहीं 17 और 18 दिसंबर को डीएफसीसीआईएल की भर्ती परीक्षा भी हैै। इसी महीने एकलव्य विद्यालय की कर्मचारी चयन परीक्षा भी है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो इनमें से दो या तीन परीक्षाओं में शामिल होते है।

इससे पहले पीएससी ने एक माह में इतनी परीक्षाएं आयोजित नहीं की। इस मामले में कांग्रेस राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने ट्वीट कर अलग-अलग परीक्षा में गैप रखने की मांग की है। कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा पहले से ही परीक्षा में हुए घोटालों से हताश है।

पहले चार सालों में एक भी नियुक्तियां नहीं की गई और एक के बाद एक तीन परीक्षाएं ली जा रही है। यह गलत है। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए समय लगता हैै। परीक्षा की तिथियों में अंतराल होना चाहिए।




Indore News : 3800 किलोमीटर की पैदल नर्मदा यात्रा पर निकले संत दादा गुरु के साथ 300 भक्तों का जत्था

इंदौर : मां नर्मदा के संरक्षण संवर्धन और पर्यावरण रक्षा के लिए 40 वर्षीय संत दादा गुरु ने 37 महीने से केवल जल आहार का उपवास कर रखा है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत ओंकारेश्वर के गोमुख घाट से पैदल से शुरू की है। 3800 किलोमीटर की यात्रा अगले पांच महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दादा गुरु ने 17 अक्टूबर 2020 से पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन संकल्प के साथ ही अन्न त्याग दिया था। तब से अब तक दादा गुरु केवल नर्मदा का जल की आहार के रूप में ले रहे हैं। ठंड, बारिश, गर्मी हर मौसम में केवल एक ही वस्त्र धारण करते हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान हुए सिर्फ लंगोट में नजर आ रहे हैं। अपने मलंग अंदाज के कारण वह हमेशा चर्चाओं में रहते हैं। जंगलों में यात्रा के दौरान पशु-पक्षियों के प्रति उनका प्रेम झलकता है। परिक्रमा के पहले ही दिन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी दादा गुरु के साथ पैदल चले और गणपति घाट पर परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की व भोजन और भजन भी अपने अंदाज में कराया। यात्रा के पहले दिन खेड़ीघाट ओम श्री मां आश्रम पर विश्राम किया गया। यहां पर आश्रम के संरक्षक पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह एवं व्यवस्थापक नरेंद्र सिंह ने बताया कि दादा गुरु और नर्मदा परिक्रमावासियों की सेवा करने में आनंद की अनुभूति होती है। एकादशी से ही परिक्रमा शुरू हो जाती है और रोजाना यहां पर सैकड़ो भक्त विश्राम करते हैं और उनकी जितनी सेवा बनती है, वह हम करते हैं।

रोजाना 20 से 25 किलोमीटर चलेगा 250 से 300 भक्तों का जत्था
इस विशाल यात्रा में तकरीबन 150 से 160 दिन का समय लगना है। इसके लिए 20 से 25 किमी रोजाना श्रद्धालु दादागुरु के साथ पैदल चलेंगे और देवस्थान या आश्रम पर रुकेंगे। जहां पर दादागुरु के अनुयायी परिक्रमावासियों को भोजन एवं रहने, ठहरने की व्यवस्ताएं देखेंगे, इसके लिए 100 से ज्यादा सेवादार समय-समय पर अपनी सेवाएं देने पहुंचेंगे। तकरीबन 3800 किमी की इस यात्रा में पांच महीने का
समय लगेगा।

13 से लेकर 90 साल तक के अनुयायी निकल पड़े पैदल यात्रा पर
3800 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा में 13 वर्ष की श्री कृष्णा बालक से लेकर 90 वर्ष की वृद्ध महिला भी शामिल है, तकरीबन 300 श्रद्धालु नर्मदा परिक्रमा के जत्थे में दादा गुरु के साथ रहेंगे। इस इस नर्मदा परिक्रमा की सबसे खास बात यह है कि इसमें हर आयु वर्ग की महिला*पुरुष बच्चे और कुछ पति-पत्नी भी यात्रा में शामिल रहेंगे। श्रद्धालु कमल सिंह डाबी ने बताया कि समय-समय पर सैकड़ो की संख्या में सेवादार यात्रा के सहभागी बनते हैं और अपनी अपनी सेवाएं परिक्रमा वासियों के लिए देंगे।




Mp Election 2023 : एमपी में कांग्रेस-बीजेपी की सरकार पर शर्त, लाखों की शर्त स्टांप पर लिखित में लगाई

इंदौर : मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों (Political Party) के दावे आए दिन सामने आते रहते हैं, कभी सट्टा बाजार कांग्रेस की सरकार बनाता नजर आता है तो कभी बीजेपी को बहुमत बताता है। लेकिन इसी बीच शर्तों का बाजार भी गम है कुछ दिनों पहले छिंदवाड़ा में कमलनाथ की जीत पर 10 लाख की शर्त लगी थी। ऐसे ही एक और शर्त देखने को मिली। जहां एक लाख की शर्त स्टंप के ऊपर लिखित में लगाई गई, जिसमें एक पक्ष ने कांग्रेस की सरकार बनने पर एक लाख देने की बात कही तो वही दूसरे पक्ष ने भाजपा (BJP) की सरकार बनने पर एक लाख देने की बात कही।

सोशल मीडिया पर वायरल एक स्टांप के फोटो से पता चलता है कि धनीराम भलावी पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सुखपर ने नीरज मालवीय निवासी हरई से एक लाख की शर्त लगाई है। नीरज मालवीय का कहना है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो नीरज मालवीय धनीराम भलावी को शर्त के बतौर एक लाख रुपए देगा। जिसका चेक उन्होंने अपने ही एक मित्र के पास जमा करवा रखा है, वहीं यदि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो धनीराम भलावी नीरज मालवीय को शर्त बतौर एक लाख रुपए देगा। जिसका चेक भी उन्होंने अपने एक मित्र के पास जमा कर रखा है। खैर इस शर्त का विजेता कौन होगा इस बात का फैसला 3 दिसंबर को होगा। लेकिन हम आपको बता दें कि इस तरह की शर्त को वैध नहीं माना जा सकता है। कानूनी रुप से ये एक गलत काम है।




Indore News : ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनी चार चरण की योजना, पुलिस-प्रशासन-आईडीए और निगम मिलकर करेंगे काम

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ट्रैफिक डीसीपी मनीष अग्रवाल

indore शहर में दो दिन से कई घंटों का ट्रैफिक जाम लग रहा है। लाखों लोग परेशान हैं और सारी व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और शहर की संस्थाओं ने आनन फानन में मीटिंग की और ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए चार चरणों का प्लान बनाया। मीटिंग में स्मार्ट सिटी, नगर निगम और आईडीए के साथ शहर की कई संस्थाओं ने भाग लिया।

दो दिन कैसे बिगड़े हालात

सोमवार को राजबाड़ा से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक जाम लगा था और मंगलवार को दशहरा मैदान से महू नाका के क्षेत्र में एक किमी से अधिक लंबा जाम लगा। यहां शाम पांच बजे से जाम लगना शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। वहीं मालवा मिल, जेल रोड, विजय नगर और राजबाड़ा क्षेत्र में लगातार ही जाम के हालात बने हुए हैं।

स्टाफ की कमी की बात भी उठी

मीटिंग में यह बात भी उठी की ट्रैफिक पुलिस के पास स्टाफ की कमी है। जिस तरह से शहर पर ट्रैफिक का लोड बढ़ रहा है व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मी नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात भोपाल तक पहुंचाने की बात कही है।

चार चरणों का प्लान बनाकर सभी विभागों को निर्देशित किया।

1. मेट्रो वाले क्षेत्रों के लिए बनेंगी विशेष टीमें

शहर में कई जगह मेट्रो का काम चलने से लगातार जाम लग रहा है। एयरपोर्ट रोड, लवकुश चौराहा, चंद्रगुप्त चौराहा, बापट, रेडिसन से विजय नगर तक के क्षेत्र में अधिक जाम लग रहा है। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि इन सभी क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी। मेट्रो का काम चलने तक यह टीमें लगातार जाम पर नजर रखेंगी और जाम की स्थिति में तुरंत ट्रैफिक मैनेजमेंट करेंगी।

2. डायवर्शन की रणनीति पर काम होगा

एबी रोड पर फ्लायओवर बन रहे हैं जिस वजह से वहां पर भी जाम लग रहा है। इससे बचने के लिए यहां डायवर्शन पर काम किया जाएगा। इसे भी ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें करेंगी।

3. सिग्नल की संख्या बदलेंगे

एमजी रोड, जवाहर मार्ग और राजबाड़ा क्षेत्र में जाम की शिकायत अधिक आ रही है। शहर के कुछ अन्य बाजार, रहवासी क्षेत्रों में भी इस तरह की परेशानी आ रही है। इन सभी क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से ट्रैफिक का वाल्यूम मैनेज किया जाएगा। जहां ट्रैफिक ज्यादा होगा वहां पर ज्यादा सिग्नल लगाए जाएंगे जहां पर कम ट्रैफिक होगा वहां पर कम सिग्नल लगाए जाएंगे।

4. नियम तोड़ने वालों पर होगी अधिक सख्ती

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब और अधिक सख्ती की जाएगी। शहर में जहां पर भी कैमरे लगे हैं वे सिग्नल तोड़ने वालों को के चालान बनाकर तुरंत मोबाइल पर नोटिस भेजेंगे। चालान नहीं भरा तो यह कोर्ट जाएगा और फिर कोर्ट से ही राहत मिलेगी।

दो दिन से शहर बेहाल

ट्रैफिक डीसीपी मनीष अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में सभी विभागों ने अपनी बात रखी। सभी विभाग मिलकर ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए योजना बना रहे हैं। पिछले दो तीन दिन से दिन से अचानक ट्रैफिक का लोड बढ़ गया है। हमने मीटिंग में इसकी समीक्षा की तो पता चला कि दीपावली की छुटिट्यां और चुनाव खत्म होने के बाद सोमवार को सभी बाजार पूरी तरह से खुले और लोगों की आवाजाही तेज हुई। इसके साथ सभी स्कूल, कालेज की बसें सड़कों पर आ गईं। शादियों का सीजन आने से खरीदारी तेजी से बढ़ी। सभी कारण एक साथ होने से सड़क पर ट्रैफिक का लोड बढ़ गया और जाम लगने लगा।




Mp election 2023 : लाखों की भीड़ में चले मोदी, भाजपा कार्यकर्ता और नागरिकों बनकर आए सुरक्षाकर्मी

pm narendra modi security spg nsg

पीएम नरेंद्र मोदी
– फोटो : pm narendra modi

विधानसभा चुनाव के लिए इंदौर में पीएम नरेंद्र मोदी Pm Narendra Modi का रोड शो आयोजित किया गया। लगभग डेढ़ किमी लंबे इस रोड शो को शहर के सबसे प्रमुख बाजारों के बीच में रखा गया। रोड शो के चारों तरफ सघन बस्ती और बाजार क्षेत्र था। लाखों लोगों की भीड़ के बीच पीएम मोदी लगभग 40 मिनट तक रहे। लोगों की यह भीड़ पीएम मोदी से सिर्फ 10 से 20 फीट की दूरी पर थी। इन सबके बावजूद इतनी पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था थी कि पूरे रोड शो के दौरान पीएम मोदी की गाड़ी की तरफ एक कंकड़ भी नहीं उछला। आइए जानते हैं कैसे बनाया गया पीएम मोदी का अभेद्य सुरक्षा घेरा-

पांच दिन पहले से हर घर को स्कैन किया

सुरक्षा बलों ने पांच दिन पहले से रोड शो के आसपास के हर घर को स्कैन किया। हर सदस्य का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर आदि लिए गए। घरों की पूरी तलाशी ली गई। कई घरों में यह तलाशी दो से तीन बार भी हुई।

गैस की टंकी और घासलेट, पेट्रोल भी ले गए

रोड शो के आसपास के घरों में एक भी गैस की टंकी नहीं रखने दी गई। सभी घरों से सुरक्षा बलों ने गैस टंकी निकाल दी और लोगों को पर्ची बनाकर दी। इसके साथ घासलेट, पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों को भी बाहर किया गया। लोगों से यह भी कहा गया कि यदि वे अपनी गैस टंकी और ज्वलनशील पदार्थ कहीं दूर किसी परिचित के यहां रख सकते हैं तो रख दें रोड शो के बाद में वापस ले सकते हैं।

नो फ्लाइ जोन घोषित किया

पीएम मोदी के रोड शो के दौरान नो फ्लाइ जोन घोषित किया गया। किसी भी तरह के प्लेन, हैलिकाप्टर के निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इससे आसामानी रास्तों से सुरक्षा पुख्ता हुई।

भाजपा कार्यकर्ता बनकर भीड़ में और नागरिक बनकर घरों में रहे सुरक्षाकर्मी

सबसे जरूरी बात यह थी कि रोड शो में बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता पहुंचेंगे। इसके साथ आसपास के घरों में और छतों पर भी लोग बड़ी संख्या में खड़े रहेंगे। इसके लिए कैसे सुरक्षा इंतजाम होंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में सुरक्षाबल भीड़ में शामिल रहे। सुरक्षाकर्मी भाजपा कार्यकर्ता बनकर भाजपा के गुटों में शामिल हुए और आम नागरिक बनकर घरों और छतों पर मौजूद रहे। हर नागरिक की गतिविधी पर पूरी नजर रखी गई।

पांच दिन से हर मूवमेंट पर नजर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रोड शो के क्षेत्र में पांच दिन पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में घूम रहे थे। हर दुकान, बाजार और घर में वे आना जाना कर रहे थे ताकि नागरिकों के मूवमेंट पर नजर रख सकें। इससे आसपास का पूरा क्षेत्र अच्छे से स्कैन होता रहा।

पत्रकारों के माइक, कैमरे से लेकर फूल और झंडों की थैली भी स्कैन हुई

रोड शो से पहले पीएम मोदी तक पहुंचने वाले हर रास्ते पर स्कैनिंग मशीनें लगाईं गई। कोई भी तकनीकी उपकरण जांच के बिना अंदर नहीं आने दिया गया। पत्रकारों के माइक, कैमरे, फूलों और झंडों की थैली और हर सामान को स्कैन किया गया। हर नागरिक चाहे वह महिला हो या पुरुष रोड शो के दौरान पूरी जांच के बाद ही अंदर आ सका।

पूरे क्षेत्र में लगे स्कैनिंग डिवाइस

रोड शो के आसपास के पूरे क्षेत्र में स्कैनिंग डिवाइस लगाए गए। यह स्कैनिंग डिवाइस आसपास किसी भी ज्वलनशील पदार्थ या बंदूक, कारतूस आदि को स्कैन करके अलर्ट कर देते हैं। भीड़ के आसपास कुछ दूरी पर हर जगह इन्हें फिट किया गया।

अधिक फूल फेंकना भी संभव नहीं, चार सुरक्षा घेरे बनाए गए

रोड शो के आसपास जहां लोगों के खड़े होने की जगह थी वहां पर चार सुरक्षा घेरे थे। जनता और पीएम मोदी के बीच पहले बैरिकेड्स फिर पुलिस फिर बैरिकेड्स और फिर एनएसजी का घेरा था। जो फूल फेंके जा रहे थे उन्हें भी पुलिस और एनएसजी का घेरा बार बार चेक कर रहा था।

इन सुरक्षा एजेंसियों ने संभाली कमान

एनएसजी Spg (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप), एसपीजी Nsg (नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड), इन्टेलिजेंस ब्यूरो, क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम पुलिस, इंदौर पुलिस, नगर निगम