Jee Mains 2024 : JEE मेन्स 2024 परिणाम

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JEE result 2024

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन जनवरी-2024 के परिणाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी कर दिए गए हैं। परिणामों में इंदौर के स्टूडेंट्स ने पुनः श्रेष्ठता साबित की है।

जेईई एक्सपर्ट कमल शर्मा ने बताया कि बच्चों ने अपने सतत परिश्रम से और बिना भटके अपने प्रयासों के दम पर एक बड़ी सफलता हासिल की है। परिणामों में इंदौर के सिद्धार्थ अग्रवाल ने 99.9776097, अक्षत तोमर ने 99.9696518, अभिनव सक्सेना ने 99.9563437, धैर्य पाटीदार ने 99.9559236 पर्सेन्टाइल अर्जित किए हैं। जारी किए गए परिणामों में प्रादेशिक स्तर पर 99 पर्सेन्टाइल से अधिक अर्जित करने वाले इंदौर के सर्वाधिक विद्यार्थी हैं।

अभी तक देखे गए परिणामों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर इंदौर के स्टूडेंट्स ने ओवरआल बेहतर स्कोर किया है। शर्मा ने बताया कि जेईई-मेन जनवरी सेशन की परीक्षा 24 जनवरी से 1 फरवरी के मध्य हुई। इस परीक्षा में जेईई-मेन में 12.31 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इसमें बीटेक के लिए 12.21 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया,परीक्षा में 95.8 प्रतिशत उपस्थिति रही। 11.70 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। देश के 291 एवं विदेश के 21 शहरों को मिलाकर 312 शहरों में परीक्षा हुई।




Indore News : एमसीयू-वीसी केजी सुरेश बोले कि मोजो और ग्रामीण पत्रकारिता पर पाठ्यक्रम ने फिल्म पत्रकारिता को नया रूप दिया

Indore MCU-VC KG Suresh says Course on Mojo and rural journalism started new form to film journalism

इंदौर में कुलपति डॉ. केजी सुरेश सहित अन्य लोग

मीडिया के क्षेत्र में लगातार बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में सर्वाधिक जिम्मेदारी हमारी बनती है। लिहाजा डिग्री कोर्स के साथ-साथ शार्ट टर्म डिप्लोमा भी शुरू किए गए हैं। यह कहना है माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर केजी सुरेश का।

बता दें कि शुक्रवार को इंदौर प्रवास के दौरान उन्होंने इंदौर प्रेस क्लब में चाय पर चर्चा कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे नवाचार की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, इन्हीं नवाचारों से विश्वविद्यालय को नई पहचान मिल रही है। मोजो और ग्रामीण पत्रकारिता पर विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। फिल्म पत्रकारिता के पाठ्यक्रम को नए सिरे से आकार दिया जा रहा है।

राजधानी भोपाल के माखन नगर में 52 एकड़ पर बने कैंपस की जानकारी देते हुए बताया कि करीब सौ आवासीय इकाईयों के अलावा विभागवार भवन, साढ़े आठ सौ सीटिंग का एक ऑडिटोरियम भी तैयार हो गया है। इस मौके पर वरिष्ठ प्राध्यापक व कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मान सिंह परमार तथा पत्रिका समागम के संपादक मनोज कुमार भी मौजूद रहे।

मोबाइल जर्नलिज्म के लिए डिप्लोमा

उन्होंने कहा, मोजो यानी मोबाइल जर्नलिज्म सबसे खास है। देखा जा रहा है कि आज हर स्मार्ट फोन धारक एक पत्रकार की भूमिका में है। यही नहीं प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकार भी अधिकांश काम मोबाइल पर ही कर रहे हैं। ऐसे में मोजो के जरिए हम उन लोगों को पत्रकारिता की औपचारिक ट्रेनिंग देना चाहते हैं, जो इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक हैं। यह इसलिए भी जरूरी है कि आने वाले दिनों में पत्रकारिता के लिए एक सामान्य डिग्री होना आवश्यक होने वाला है।

कम्यूनिटी रेडियो को मिल रहा प्रतिसाद

केजी सुरेश ने बताया, विश्वविद्यालय का अपना कम्यूनिटी रेडिया भी है। फ्रीक्वेंसी कम है पर गोविंदगढ़ कैंपस उंचाई पर होने के कारण इसका नेटवर्क सीहोर तक काम करता है। काफी अच्छा प्रतिसाद रेडियो को मिल रहा है। हाल ही में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड ने 10 लाख का करार हमसे किया है, जो इसके प्रभाव को दर्शाने वाली बात है।

फिल्म और रेडियो क्षेत्र में व्यापक अवसर

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने फिल्म और रेडियो क्षेत्र में भी अलग- अलग कोर्स शुरू किए हैं। इन दोनों क्षेत्र में भी व्यापक अवसर है। इसीलिए विश्वविद्यालय में दोनों क्षेत्रों के लिए कोर्स शुरू किए गए हैं। इसके लिए फिल्म टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।

भारतीय जनसंचार संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनवाने में डॉ. परमार की अहम भूमिका

प्रोफेसर सुरेश ने बताया कि भारतीय जनसंचार संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलवाने में डॉक्टर मान सिंह परमार की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष से और इसी समिति के अनुशंसा के आधार पर संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है। इस मौके पर इंदौर प्रेस क्लब की ओर से डॉ. परमार का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर इंदौर प्रेस क्लब की ओर से इंदौर की स्वच्छता के इतिहास विषय पर पीएचडी अवार्ड होने पर वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया प्राध्यापक डॉक्टर जितेंद्र जाखेटिया का सम्मान भी किया गया।




Indore News: Hearing Of Madhya Pradesh’s Famous Honeytrap Postponed, Now Sit Will Answer In Kamal Nath Case On – Amar Ujala Hindi News Live

Indore News: Hearing of Madhya Pradesh's famous honeytrap postponed, now SIT will answer in Kamal Nath case on

मध्य प्रदेश हनीट्रैप

मध्य प्रदेश के चर्चित सेक्स स्कैंडल हनी ट्रैप मामले की सुनवाई टल गई है। पहले शनिवार को इंदौर की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होना थी, लेकिन अब दो मार्च को सुनवाई होगी। इस मामले में गठित एसआईटी के चीफ हाल ही में आदर्श कटियार को बनाया गया हैै।

उन्हें खुद 2 मार्च को होने वाली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष पेश होकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिए गए नोटिस के बारे में जवाब देना होगा। पिछले माह हुई सुनवाई में सरकारी वकील ने कहा था कि कटियार की नियुक्ति अभी हुई है अौर ट्रेनिंग पर गए है। इस कारण वे कोर्ट में जबाव पेश करने नहीं आ सके।

हनीट्रैप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को दिए गए नोटिस के मामले में बताया जाएगा कि नोटिस के बाद कमल नाथ ने सीडी सौंपी या नहीं। कमलनाथ ने मीडिया के सामने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप की सीडी और पैन ड्राइव है।

इसके बाद आरोपियों के वकील ने आपत्ति ली थी और कहा था कि सीडी और पैनड्राइव एसआईटी के पास होना चाहिए। एसआईटी ने नाथ को नोटिस देकर सीडी को पूछताछ के लिए कार्यालय मेें उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं आए। पिछली सुनवाई में सरकारी वकील ने कहा था कि नाथ इस मामले मेें मदद नहीं कर रहे है। न तो उन्होंने सीडी एसआईटी के पास जमा की और न ही वे कार्यालय मेें पेश हुए।

आपको बता दे कि चार साल पहले इंदौर में हनीट्रैप मामले का खुलासा हुआ था। नगर निगम के तत्कालीन सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह ने ब्लैकमैलिंग का आरोप चार युवतियों पर लगाया था। इसके बाद पुलिस ने इंदौर और भोपाल में छापे मारे थे और आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता जैैन और श्वेता स्वप्निल जैन को गिरफ्तार किया था।




Ujjain News : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कराई पति की हत्या, कुछ ही घंटों में सभी आरोपी गिरफ्तार

Ujjain: Wife along with her lover got her husband murdered, within a few hours all the accused were arrested.

सांकेतिक तस्वीर

उज्जैन के नागदा जावरा हाईवे पर शुक्रवार शनिवार की दरमियानी रात को पुलिस ने युवक का शव बरामद किया था। युवक की मौत पर थाना बिरलाग्राम पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ करते हुए उसकी शिनाख्ती के प्रयास किए थे। इसमें उसकी पहचान अकबर पिता शब्बीर मंसूरी (35) निवासी ग्राम बछौड़ा के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अकबर की मृत्यु नुकीले धारदार हथियार से पेट में और सीने के नीचे चोट आने के साथ वाहन से कुचलने से होना पाया गया था। पुलिस ने कुछ घंटों में ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने जांच के बाद मुस्ताक को गिरफ्तार कर उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि मेरे तथा अकबर की पत्नी नफिजा के बीच काफी समय से प्रेम संबंध थे। नफिजा ने मुझे उसके पति को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। मुस्ताक ने बताया कि मैंने शाहरुख मंसुरी व अपने क्लीनर जितेन्द्र सोलंकी के साथ मिलकर अकबर की हत्या करने की साजिश रची थी। हम तीनों ने मेरे ट्रक में अकबर को ले जाकर चाकु तथा गिट्टी खोदने के कांटे से पेट तथा सीने में मारा तथा तकिये से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या की थी तथा मृतक को रोड पर लिटाकर उसको ट्रक से कुचल दिया था। मामला हत्या का होने के कारण जांच में जुटी टीम ने तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब जल्द पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर लेगी और हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार ट्रक व मोटरसाइकिल जब्त करेगी।

मृतक के भाई ने कहा था- भाभी ने करवा दी मेरे भाई की हत्या

जांच के दौरान मृतक के भाई कालू उर्फ अजीज ने पुलिस को बताया था कि अकबर उसकी पत्नी नफिजा व बच्चों के साथ रहता था व हुसैन की आरा मशीन पर काम करता था। अकबर व उसकी पत्नी में आए दिन विवाद होते रहते थे। महिदपुर रोड़ निवासी मुस्ताक का मेरे भाई अकबर के घर आना जाना था। मुझे ऐसी शंका है कि मेरे भाई अकबर की हत्या महिदपुर रोड़ निवासी मुस्ताक ने मेरी भाभी के साथ मिलकर की होगी।

यह थे हत्याकांड मे शामिल

हत्या के मामले मे पुलिस ने मुस्ताक पिता पीर मोहम्मद (42) निवासी महिदपुर रोड़ नई आबादी, शाहरुख पिता अजीज (28) निवासी महिदपुर रोड़ नई आबादी, जितेन्द्र पिता बने सिंह राजपुत (26) निवासी ग्राम बछौड़ा थाना नागदा और मृतक की पत्नी नफिजा मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया है।




इंदौर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम

indore ram mandir pran pratishtha event

मिनी कुंभ जैसा दिखा नजारा

दिव्य और अलौकिक स्वरूप में बने 350 वर्ष प्राचीन खातीपुरा श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत हुई। इसमें भव्य कलश यात्रा निकली जिसमें तीन हजार से ज्यादा मातृशक्तियां सिर पर कलश लेकर निकलीं। जय श्री राम के जयकारों से पूरा यात्रा मार्ग गुंजायमान हुआ। पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज ने बताया यज्ञ सम्राट मंगलपीठाधीश्वर स्वामी माधवाचार्य महाराज, जगद्गुरु द्वाराचार्य मलुकपीठाधीश्वर, राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज सहित देशभर से आए सैकड़ों साधु संत सम्मिलित हुए। अभय प्रशाल में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत हुई। हजारों भक्तों का जनसैलाब उमड़ा।

कलश यात्रा में खातीपुरा राम मंदिर की प्रतिकृति की झांकी भी साथ ही चल रही थी। यात्रा का जगह-जगह विभिन्न मंचों से गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया गया। यात्रा गणेश मंडल से शुरू होकर चिमनबाग चौराहा से होते हुए जेल रोड से एमजी रोड, कोठारी मार्केट होते हुए शीतला माता मंदिर के विभिन्न मार्गों से सीधे खातीपुरा श्री राम मंदिर पहुंची।




Indore News : इंदौर में मेट्रो रूट के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर, मास्टर प्लान में बदलाव

Indore News: Transit Oriented Development Corridor around Metro route in Indore, change in master plan

मेट्रो काॅरिडोर के आसपास होगा टीओडी आधारित विकास

इंदौर में 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो काॅरिडोर के दोनों तरफ टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेेड डेवलपमेंट काॅरिडोर) विकसित होंगे। इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने वर्ष 2021 के मास्टर प्लान में उपांतरण किए है और दावे आपत्तियां आमंत्रित की है। तैयार हो रहे 2041 के नए मास्टर प्लान में भी इसे कायम रखा जाएगा।

विदेशो की तर्ज पर टीओडी आधारित विकास मेट्रो काॅरिडोर के दोनों तरफ 500 मीटर चौड़ाई में होगा। इसके अंतर्गत जमीन मालिक मिक्स लैंड यूज के तहत निर्माण कर सकते है और अतिरिक्त एफएआर भी मिलेगा। इंदौर के सुपर काॅरिडोर की प्लानिंग इंदौर विकास प्राधिकरण पहले भी टीओडी आधार पर कर चुका है।

अब इसका दायरा एयरपोर्ट क्षेत्र, गांधी नगर, कुर्मेडी विजय नगर, रिंग रोड, पलासिया सहित 31 किलोमीटर के मेट्रो रुट तक बढ़ेगा। नगर तथा ग्राम निवेश के अफसरों के अनुसार 30 दिन में जो दावे आपत्तियां आएंगी। उसकी सुनवाई के बाद मौजूदा मास्टर प्लान में टीओडी काॅरिडोर को जोड़ा जाएगा। अभी इंदौर में गांधी नगर से खजराना चौराहे तक मेट्रो का काम चल रहा है। पांच किलोमीटर हिस्से में मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन भी हो चुका है।

क्या है टीओडी

ट्रांजिट ओरिएंटेेड डेवलपमेंट को सरकार ज्यादा आबादी वाले शहरों मेें बढ़ावा दे रही है, ताकि प्रमुख मार्गों के आसपास ही व्यावसायिक गतिविधियां, आवास व अन्य बुनियादी सुविधाएं लोगों को मिल सके और वे अनावश्यक परिवहन से बचे और लोक परिवहन को ज्यादा अपनाए।

अभी शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में नौकरी, बच्चों के स्कूल या बाजार के लिए शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाना पड़ता है। इस तरह के काॅरिडोर विकसित करते समय लोक परिवहन के ज्यादा विकल्प, पर्याप्त पार्किंग का भी ध्यान रखा जाता है। इंदौर के आठ किलोमीटर के सुपर काॅरिडोर को दस लेन इसे ध्यान मेें रखकर ही बनाया गया है, ताकि काॅरिडोर के आसपास की बसाहट के आवागमन के लिए सर्विस रोड ही पर्याप्त रहे, उन्हें मुख्य मार्ग पर आना ही न पड़े।




Indore News : सौर ऊर्जा अपनाने वालों को मकान योजना स्वीकृत कराने में छह प्रतिशत की छूट मिलेगी

Indore: Those adopting solar energy will get six percent concession in getting house plans approved.

इंदौर मे सोलर सिस्टम लगााने पर मिलेगी नक्शे में छूट।

इंदौर को सोलर सिटी बनाने के लिए अब नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिए है। लोग ज्यादा से ज्याद सोलर ऊर्जा लगाने के लिए आगे आए, इसके लिए नगर निगम 1500 वर्गफीट के प्लाॅटों का नक्शा पास करने की फीस में छह प्रतिशत रियायत देगा। इसके अलावा सोलर उपकरण लगाने वालों को सबसिडी भी ज्यादा मिलेगी।

अब शहर के 85 वार्डों में तालाबों के किनारे, प्रधानमंत्री आवास योजना की बहुमंजिला इमारतों की विशाल छतों पर सौर ऊर्जा पैनल्स लगाई जाएगी। शहर में अगले तीन माह में 40 हजार से ज्यादा परिवारों, बिजली उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा उत्पादन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि अगले वर्ष दिल्ली से सोलर सिटी पुरस्कार के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। मुझे उम्मीद हैं कि पर्यावरण हित और बिजली खर्च में कमी के लिए पूरा शहर इस मुहिम में आगे आएगा।

पांच वर्ष में निकल जाती है सोलर यूनिट की लागत

शहर को सोलर सिटी बनाए जाने की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने कहा कि सोलर यूनिट लगाने से पांच वर्ष में लागत खर्च निकल आती है, साथ ही अगले बीस वर्षों तक बिजली मिलती रहती है। कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए आम लोगों को सोलर एनर्जी को अपनाना चाहिए। सोलर सिटी के लिए बिजली कंपनी मात्र एक दिन में नेट मीटर लगाएगी। मेयर ने कहा कि शहर सीमा में आए 29 गांवों वाले क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर से चलेंगे। नक्शों के शुल्क में भी रियायत मिलगी।

और बढ़ेगी सबसिडी

प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे ने कहा कि नगर निगम की टीम के साथ बिजली कंपनी की टीम जागरूकता अभियान चलाएगी, वार्डों में भी प्रजेंटेशन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा प्रोत्साहन के लिए सब्सिडी में और बढोत्तरी होने वाली है।

मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने कहा कि शहर में मौजूदा 25 हजार बिजली उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर नेट मीटर योजना से अगले तीन माह में जोड़ने के लिए व्यापक अभियान संचालित किया जाएगा। तोमर ने कहा कि शहर में 1400 शासकीय इमारतों पर पैनल्स लगाए जाना हैं। निगम आयुक्त हर्षिका सिंह ने कहा कि 1500 वर्ग फीट से ज्यादा के प्लाटों पर नक्शे पास करने के लिए सोलर अपनाने वालों को फीस में 6 प्रतिशत रियायत दी जाएगी।




Indor News : आईआईटी इंदौर ने जांच की कि पेट के बैक्टीरिया अल्जाइमर रोग का कारण बन सकते हैं

iit indore investigated Stomach bacteria can cause Alzheimer’s Disease

खोज करने वाली टीम।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर (IIT INDORE) ने चोइथराम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर इंदौर के सहयोग से गट-ब्रेन एक्सिस डिसरप्शन और न्यूरोइन्फ्लेमेशन में सबसे प्रचलित गट बैक्टीरिया, हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी) की संभावित भूमिका की जांच की है। मस्तिष्क विकार के साथ इस जीवाणु संक्रमण के सह-संबंध पर एक नई खोज की गई है।

ऐसा संभव है कि गट माइक्रोबियल स्राव सबसे लंबी नसों में से एक के माध्यम से मस्तिष्क में प्रवेश कर सकते हैं, जो आंत को मस्तिष्क से जोड़ते हैं और न्यूरो-संबंधी बीमारियों को बढ़ने में मदद करते हैं और आगे जाकर, ये गट-ब्रेन एक्सिस को बदलते हैं। वहीं, गट-ब्रेन एक्सिस (जीबीए) में सेंट्रल और एंटरिक नर्वस सिस्टम के बीच बायडायरेक्शनल कम्युनिकेशन होता है, जो मस्तिष्क के भावनात्मक और संज्ञानात्मक केंद्रों को पेरिफेरल इंटेस्टाइन फंक्शन से लिंक करता है। यह अध्ययन जर्नल विरुलेंस में प्रकाशित हुआ था और इस शोध का नेतृत्व आईआईटी इंदौर में बायोसाइंसेज और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेम चंद्र झा और इंदौर के चोइथराम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉ. अजय कुमार जैन ने किया है।

इस समूह ने अल्जाइमर रोग और सिग्नल ट्रांसड्यूसर और ट्रांसक्रिप्शन 3 (STAT3) के एक्टिवेटर से जुड़े न्यूरोपैथोलॉजी में मोलेकुलर से संबंधित खास जानकारी का पता लगाया, जो एच. पाइलोरी सेक्रेटोम के कारण होने वाली न्यूरोइन्फ्लेमेशन का माध्यम बनता है। STAT3 एक ऐसा ट्रांसक्रिप्शन कारक है जो मनुष्यों में STAT3 जीन द्वारा एन्कोड होता है। अध्ययन के अनुसार, यह पाया गया है कि एच. पाइलोरी संक्रमण आंत में सूजन को बढ़ाता है और STAT3 और इसके डाउनस्ट्रीम अणुओं की गतिविधि को बदल देता है। यह सूजन और अल्जाइमर रोग से जुड़ी विशिष्टता के लिए एक ट्रांसक्रिप्शनल रेगुलेटर के रूप में कार्य कर सकता है, इस प्रकार अल्जाइमर रोग से संबंधित न्यूरोडीजेनेरेशन से जुड़े आणविक संकेत दे सकता है।

इस पर, डॉ. हेम चंद्र झा ने कहा, हमारी टीम ने ब्रेन फिजियोलॉजी पर रोगाणुरोधी-प्रतिरोधी (एएमआर) एच. पाइलोरी स्ट्रेन के प्रभाव का आकलन किया। अब हमारे पास पेट के बैक्टीरिया को न्यूरोलॉजिकल स्थितियों से जोड़ने वाला एक संभावित तंत्र है। यह अध्ययन पहले के एच. पाइलोरी संक्रमण के साथ-साथ न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं वाले रोगियों के उपचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही, STAT3 को रोकना न्यूरोइन्फ्लेमेशन और अल्ज़ाइमर रोग से जुड़ी रोग स्थितियों से बचाव के लिए एक संभावित रणनीति के रूप में भी उभरता है।




Indore News : पतंग की डोर देखकर छत पर गया युवक करंट की चपेट में आया, गिरकर गंभीर रूप से घायल

Indore News: A young man who went to the rooftop after seeing the string of a kite got electrocuted, fell seve

पतंग की डोर के चक्कर में युवक को लगा करंट।

मकर संक्राति पर रविवार को पतंग की डोर के कारण एक हादसा हो गया। पतंग की डोर देख छत पर गया युवक हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह कई फीट दूर तक उछला। करंट लगने और गिरने के कारण युवक की मौत हो गई। वह अपने मामा की दुकान पर गया था।

रविवार को यह घटना आईटीआई चौराहे पर हुई। 28 वर्षीय योगेंद्र पिता अशोक कुशवाह गौरी नगर में रहता था।वह अपने मामा की दुकान पर गया था। उसकी नजर दुकान की छत पर गई। छत पर पतंग की डोर अटकी हुई थी।

उसे पकड़ने के लिए योगेश छत पर चला गया। उसका ध्यान छत के पास से गुजर रही हाइटेेंशन लाइन पर नहीं गया। जैसे ही वह लाइन के करीब पहुंचा तो उसे करंट लगा और जोर से धमका हुआ। जिसे सुनकर मामा छत पर पहुंचे तो योगेंद्र छत पर एक तरफ बेहोश पड़ा था।

करंट के कारण वह कई फीट उछल कर गिरा था। इस कारण उसे चोट भी लग गई। मामा ने आसपास के व्यपाारियों की मदद से योगेंद्र को नीचे उतारा और एमवाय अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। योगेंद्र का विवाह नहीं हुआ था। परिवार में उसकी एक बहन है। पिता का कुछ वर्षों पहले निधन हो चुका था। इंदौर में वह अपने मामा के साथ रहता था।




Indore News : आचार संहिता के कारण नहीं हो सके टेंडर, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की मार्कशीटें खत्म

Indore: Tenders could not be conducted as per code of conduct, mark sheets of Devi Ahilya University finished,

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी

नवबंर में हुए विधानसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों की मार्कशीट अटका दी। विवि के अफसरों को आचार संहिता लगने से पहले टेंडर जारी करने की याद नहीं रही और विवि ने आचार संहिता में ही बीए, बीकाम, बीएससी प्रथम व द्वितीय वर्ष और एमए, एमकाम, एमएससी दूसरे और चौथे सेमेस्टर के रिजल्ट घोषित कर दिए, लेकिन रिजल्ट छापने के लिए अंकसूचियां ही नहीं थी।

स्टाॅक में रखी करीब 70 हजार मार्कशीट पर अंक चढ़ाकर अधिकारियों ने सिर्फ स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए अंकसूची कालेजों में पहुंचाई,अन्य कक्षा के विद्यार्थी अब तक मार्कशीट का इंतजार कर रहे है। डेढ़ लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं है, जिन्हें अपनी अंकसूची नहीं मिली।

अंकसूची नहीं होने से माइग्रेशन-ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री बनाने का काम भी प्रभावित हो चुकी है। विद्यार्थियों के दबाव में विवि प्रशाासन ने कम्प्युटराइज्ड मार्कशीट को सत्यापित करने की अनुमति दी है, ताकि विद्यार्थियों को अागे की पढ़ाई या नौकरी में परेशानी न हो।

रिजल्ट आने के बाद विद्यार्थियों को अंकसूची प्रिंट कर देने का जिम्मा विवि के आइटी सेंटर का रहता है। सितंबर अक्टूबर तक अफसरों को अंकसूची की कमी का पता चल गया था, लेकिन उसके बाद आचार संहिता लग गई और नई अंकसूची के टेंडर भी अटक गए।। विवि के स्टाॅक में भी 70 हजार अंकसूचियां थी,जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के रिजल्ट विवि घोषित कर चुका था,लेकिन अंक चढ़ाने के लिए मार्कशीट नहीं थी।

आइटी सेंटर ने विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग को इसके बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन अफसरों ने लापरवाही बरती। स्टाक में रखी अंकसूची विद्यार्थियों को देने का फैसला हुआ, लेकिन प्राथमिकता स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को दी गई और उनकी अंकसूची कालेजों में पहुंचाई।

अंकसूची नहीं मिलने से सबसे ज्यादा परेशान विद्यार्थी वे है जिन्होंने काॅलेज बदले है।अंकसूची नहीं होने से माइग्रेशन बनाने में दिक्कतें आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कम्प्युटराइज्ड अंकसूची को सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू की। उसके आधार पर अब विश्वविद्यालय माइग्रेशन बनाए जा रहे है। डीएवीवी के परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी के अनुसार जल्दी ही अंकसूची आ जाएगी। टेंडर जारी हो चुके है। एक माह में काॅलेजों में अंकसूचियां पहुंचा दी जाएगी।