Loksabha Election: इंदौर में लोकसभा प्रत्याशियों के नामांकन का विवाद

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इंदौर में लोकसभा प्रत्याशियों के नामांकन का विवाद।

इंदौर में लोकसभा चुनाव के लिए सोमवार को बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हुए। कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम Akshay Kanti Bam सुबह विधायक रमेश मेंदोला के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन वापस लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को लीड किया इसके बाद भाजपा के नेता एक एक करके कई निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नामांकन वापस करवाए। शाम होते होते इसमें एक बड़ा खुलासा हुआ। निर्दलीय प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर करके धोखे से नामांकन वापस करवाए हैं।

पूर्व वायु सैनिक ने लगाए गंभीर आरोप

प्रशासन ने शाम को नामांकन फार्म वापस लेने वाले प्रत्याशियों की सूची जारी की जिसमें पूर्व वायु सैनिक धर्मेंद्र झाला का भी नाम था। धर्मेंद्र ने दोपहर चार बजे ही सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था कि वे लोकसभा चुनाव में लड़ने के लिए बेहद उत्साहित हैं और अपना चुनाव चिन्ह लेने के लिए कलेक्टर कार्यालय जा रहे हैं। जैसे ही वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया गया। उन्हें बताया गया कि चुनाव में उनका नामांकन वे वापस ले चुके हैं। इसके बाद बवाल शुरू हुआ और धर्मेंद्र ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि नामांकन वापस लेने का वे सबूत दें। उन्होंने कहा कि जब वे सुबह से यहां पर आए ही नहीं तो कैसे नामांकन वापस हो गया। बाद में बताया गया कि किसी ने फर्जी हस्ताक्षर करके धर्मेंद्र का नामांकन वापस ले लिया। धर्मेंद्र ने कलेक्टर का लिखित शिकायत की है और अब वे कोर्ट जाने वाले हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज भी मांगे हैं।

ठीक इसी तरह दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप ठक्कर के साथ भी हुआ। उन्होंने भी यही आरोप लगाए कि जब उन्होंने नामांकन वापस ही नहीं लिया तो फिर नामांकन किस आधार पर वापस हुआ। किसके हस्ताक्षर से इसे वापस करवाया गया।

तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी लीलाधर चौहान ने कहा कि मैंने कोई फॉर्म नहीं उठाया, यह आपको किसने जानकारी दी। मैं तो गया ही नहीं, ये कैसे हो गया। आप मेरी तरफ से लिख दीजिए कि मैंने फॉर्म उठाया ही नहीं।

क्या होगा आगे

कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा है कि उन्होंने प्रत्याशियों से जांच का आवेदन लिया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्य देखे जाएंगे। जांच के बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकेगा। नियम है कि प्रत्याशी स्वयं, उनके प्रस्तावक या एजेंट में से कोई भी आकर नाम वापस ले सकता है। इस मामले में प्रस्तावक ने नाम वापस लिया है। फॉर्म में संबंधित प्रत्याशी धर्मेंद्र सिंह झाला के भी साइन हैं, जो सामान्यत: सही प्रतीत होते हैं। हैंड राइटिंग चेक करने की हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है। यदि उन्हें कोई संशय है तो कोर्ट में ही चैलेंज किया जा सकता है। हमने प्रक्रिया का पालन किया है, पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है।




Indore News: महू की पटाखा फैक्ट्री में बारूद, मजिस्टेरिया तौलते समय वजन गिरने से लगी आग

ndore: Fire broke out in Mhow's firecracker factory due to weight falling while weighing gunpowder, magisteria

इस फैक्ट्री में हुआ था विस्फोट।

महू के  आम्बाचंदन गांव की पटाखा फैक्ट्री में  आग लगने की घटना की मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो गई है। जांच में पता चला कि फैक्ट्री में बारुद तौलने के लिए बाट उपयोग में लाया जाता था। उसके जमीन पर गिरने से उठी चिंगारी से बारुद में आग लगी थी और फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में फैक्ट्री की अन्य खामियों का भी उल्लेख किया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

इंदौर के समीप महू के आम्बाचंदन गांव में 16 अप्रैल को पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। जिसमें तीन कर्मचारी झुलस गए थे। उपचार के दौरान उनकी एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। जांच मेें बताया गया कि कर्मचारी रोहित परमानंद, अर्जुन राठौर और उमेश चौहान एक कमरे में काम कर रहे थे।

वे सुतली बम बना रहे थे। कमरे में कच्चे माल के रुप में सुतली,सल्फर, एल्युमिनियम पाउडर और अन्य सामग्री रखी थी। तब तराजू पर रखा बाट जमीन पर गिर पड़ा। इससे चिंगारी उठी और बारुद ने आग पकड़ ली। जांच अधिकारी ने फैक्ट्री मालिक, मजदूर सहित 9 लोगों के बयान लिए थे। अधिकांश ने घटना की वजह यहीं बताई।

भंडार कक्ष में ही पटाखोंं का निर्माण

बाट के गिरने से चिंगारी उठी। कुछ ही पल बाद विस्फोट हुआ और तीनों कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री में लोहे का कम इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन फैक्ट्री में लोहे के दरवाजे लगे थे। इसके अलावा जहां विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। वही पर पटाखों को सुतली से बांधने का काम भी चल रहा था। घटना के समय फैक्ट्री में 15 किलो विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। फैक्ट्री मालिक का कहना है कि जितनी भंडारण की अनुमति दी जाती है, उतना ही माल फैक्ट्री में था। इंदौर के राऊ क्षेत्र में छह साल पहले आग लग गई थी। तब 9 लोगों की मौत उसमें हो गई थी।




Indore News:बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिव्य दरबार

Bageshwar Dham pandit dhirendra krishna shastri divya darbar

बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

मां अहिल्या की नगरी इंदौर में भव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 28 अप्रैल रविवार से हो रहा है। बागेश्वर धाम सरकार Bageshwar Dham Sarkar पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री Pandit dhirendra krishna shastri के मुखारविंद से मां कनकेश्वरी गरबा परिसर आईटीआई रोड पर कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस सात दिवसीय आयोजन में भक्ति की धारा बहेगी। स्वर्गीय राम रतन चौधरी एवं भगवती देवी चौधरी की पावन स्मृति में यह आयोजन हो रहा है। कथा के पहले दिन कलश यात्रा में निकलेगी और शाम को प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या भी होगी।

मुख्य यजमान अक्षत रामचंद्र चौधरी (खातीपुरा) ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद् कथा की शुरुआत 28 अप्रैल, रविवार को सुबह दस बजे कलश यात्रा के साथ होगी, यह कलश यात्रा कनकेश्वरी माता मंदिर परिसर से निकाली जाएगी। कथा शाम चार बजे से होगी। कथा बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से 28 अप्रैल से 4 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक होगी। कथा के लिए एक लाख वार्गफीट में तीन पंडालों को बनाया जा रहा है, जिसमें हजारों भक्तों के बैठने के लिए समुचित बैठक व्यवस्था रहेगी, राजस्थान के मुख्य खाटू श्याम मंदिर की प्रतिकृति मंच पर बनाई जा रही है जिसमें खाटू श्याम बाबा का दरबार भी बनाया जा रहा है, कथा के दौरान प्रतिदिन भगवान का मनोहारी श्रृंगार होगा और महाआरती की जाएगी। कथा के साथ-साथ भजन संध्या का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कथा के पहले दिन 28 अप्रैल को प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के भजन संध्या रात 8:00 बजे से रहेगी, उसके बाद 29 अप्रैल को गीताबेन रबारी की भजन संध्या होगी।

दो मई को लगेगा दिव्य दरबार

दो मई को दिव्य दरबार भी लगेगा जिसमें दुःखी पीड़ित लोगों की अर्जी भी लगेगी। भक्ति में भक्त रमेंगे, कथा में प्रतिदिन हजारों भक्त जुटकर कथा का रसपान करेंगे। पंडित शास्त्री कथा में विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करेंगे। सात दिनों तक जमकर भक्ति की धारा बहेगी। कथा के लिए भव्य पंडाल बनाए गए हैं जिसमें भक्त बैठकर कथा सुनेंगे, इस आयोजन की सभी तैयारियां अंतिम चरणों में है कई दिनों से पंडाल तैयार किया जा रहा है। मां कनकेश्वरी गरबा परिसर, आई टी आई रोड पर आयोजित होने जा रही है इस कथा में इंदौर सहित पूरे प्रदेश भर के भक्त जुटेंगे। शुक्रवार को विधायक रमेश मेंदोला ने कथा स्थल की तैयारी का जायजा लिया। पूरा आयोजन की व्यवस्था संभालने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है कथा में साधु संत भी सम्मिलित होंगे।




Indore News : पाक्सो एक्ट के एक मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी और उसके दोस्त को किया बरी

Pocso Act accused acquitted high court indore news

rape demo, सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : फाइल फोटो

पाक्सो एक्ट के एक मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी और उसके दोस्त को बरी कर दिया है। कोर्ट में सामने आया कि प्रेमिका ने अपनी मां के दबाव में अपने प्रेमी और उसके दोस्त पर केस दर्ज करवाया था। युवक और युवती के बीच में लंबे समय से संबंध थे और जब केस दर्ज करवाया गया तब युवती बालिग थी।

अधिवक्ता रजत रघुवंशी ने बताया कि बाणगंगा थाने में दर्ज मामले में आरोपी मन और अनुज को बरी किया गया है। दोनों पर पाक्सो और अन्य धाराओं में केस दर्ज थे। रजत ने बताया कि कोर्ट में युवती और उसकी मां युवती के बालिग होने के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। युवती ने शिकायत में यह भी बताया था कि दोनों आरोपी उसे बाइक पर जबरदस्ती हाथ पांव बांधकर बैठाकर ले गए थे। युवती की एक सहेली ने इस बात को भी खारिज करते हुए बयान दिया कि युवती खुद उसके सामने युवक के साथ सहमति से गई थी। कोर्ट ने यह भी पाया कि युवक और युवती के बीच प्रेम संबंध थे। इन सभी आधार पर कोर्ट ने मन और अनुज को बरी किया।

मां के दबाव में दर्ज करवाया था केस

युवती ने अपनी मां के दबाव में युवक और उसके दोस्त पर केस दर्ज करवाया था। युवती की मां को दोनों के बीच प्रेम संबंध की भी जानकारी नहीं थी। कोर्ट में युवती की मां युवती के जन्म से संबंधित दस्तावेज भी पेश नहीं कर पाई। जो जन्म प्रमाण पत्र दिया गया वह इंदौर में बना था और युवती का जन्म उप्र के बलिया में हुआ था। इस आधार पर कोर्ट ने वह जन्म प्रमाण पत्र खारिज कर दिया। कोर्ट ने युवती की मां से शादी का समय पूछा और उस आधार पर युवती के जन्म का समय जांचा। इसमें युवती घटना के वक्त बालिग निकली।




एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट

Mp board result 10th 12th

रिजल्ट का सेलिब्रेशन मनाती फाल्गुनी

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को दसवीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इंदौर की फाल्गुनी पवार ने कॉमर्स सब्जेक्ट में 12वीं कक्षा में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। फाल्गुनी पवार नंदा नगर के पिंक फ्लावर स्कूल की छात्रा है। फाल्गुनी को 96% अंक हासिल हुए हैं।

फाल्गुनी पवार के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। परिवार में पत्नी,बुजुर्ग मां व तीन बच्चों सहित छह लोग हैं। परिवार सालों से कुलकर्णी भट्टा (अब कुलकर्णी नगर) में सालों से कच्चे मकान में रहता है। कच्चे मकान पर टिन की छत होने से बारिश में काफी पानी टपकता है। तेज आंधी में टिन की चद्दरें उड़ने लगती है। इस पर पत्थरों से दबाकर रखा है। उसके पिता लक्ष्मण पवार (44) एक कंपनी में ऑफिस बॉय है। उनका वेतन 14 हजार रु. है। इस बार बेटी की 12वीं की परीक्षा व पढाई के लिए 24 हजार रु. नहीं थे। इसके लिए उन्होंने ऑफिस से मदद ली।

उनका कहना है कि बेटी आईएएस बनना चाहती है, उसके लिए वे संघर्ष करेंगे और कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पत्नी अंजू टिफिन सेंटर चलाती है लेकिन वह कभी चलता कभी नहीं। फाल्गुनी शुरू से ही काफी होनहार है। उसने 10वीं बोर्ड में 86% और 11वीं में 89% नंबर हासिल किए थे। उसकी प्रतिभा की स्कूल की टीचर, रिश्तेदार और परिचित सभी सराहना करते हैं। ऐसे में सरकार ही मदद करे तो बच्चों का बेहतर भविष्य बन सकता है।




Indore News : कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल होंगे

Indore news Congress politicians will join bjp

सीएम मोहन यादव

भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी शंकर लालवानी गुरुवार दोपहर में नामांकन भरेंगे। नामांकन रैली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों से विधायकों को इसके लिए भीड़ जुटाने के लिए कहा है। इससे पहले दोपहर 12 बजे दलाल बाग में कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं का भाजपा में प्रवेश करवाया जाएगा। पूर्व विधायक संजय शुक्ला और विशाल पटेल दावा है कि करीब आठ हजार कार्यकर्ता भाजपा में जाएंगे।

इससे पहले बुधवार को हुई कांग्रेस की नामांकन रैली को भाजपा नेताओं ने फ्लॉप शो करार दिया। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस की रैली में नाममात्र की भीड़ थी। सभी प्रदेश अध्यक्ष को चेहरा दिखाने आए लेकिन राजबाड़ा पर माल्यापर्ण के दौरान सब गायब हो गए। बुधवार को अक्षय कांति बम ने कांग्रेस से लोकसभा टिकट के लिए नामांकन भरा है।




बहन से कहासुनी होने पर 17 वर्षीय भाई ने किया सुसाइड

17 year old brother hanged himself after a fight with his sister

शौर्य (17) पुत्र अशोक कदम

बहन से कहासुनी होने पर 17 वर्षीय भाई ने सुसाइड कर लिया। बताया जा रहा है कि बहन को उसने चांटा मार दिया था जिसके बाद मां ने उसे डांट दिया था। इस पर उसने यह कदम उठा लिया। रात में परिवार शादी में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी बहन भाई की किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। एरोड्रम पुलिस ने बताया कि घटना पदमालय कॉलोनी एअरपोर्ट रोड की है। यहां रहने वाले शौर्य (17) पुत्र अशोक कदम ने अपने घर के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।

शौर्य के परिवार को बुधवार को सुबह रिश्तेदारों के यहां शादी में जाना था। रात में मां ने दोनों बहन भाई से कहा कि अपने कपड़े ठीक से रख लो सुबह शादी में जाना है। दोनों अपने कपड़े रख रहे थे तभी दोनों का झगड़ा हो गया। इस पर शौर्य ने अपनी छोटी बहन को चांटा मार दिया। मां ने शौर्य को डांटा और कहा कि वह बड़ा है उसे छोटी बहन को नहीं मारना चाहिए। इस पर शौर्य नाराज हो गया और ऊपर के कमरे में चला गया। जब शौर्य बहुत देर तक रात में नीचे नहीं आया तो मां और पिता ने बहन से कहा कि वह ऊपर जाकर उसे मनाकर ले आए। जब बहन ऊपर वाले कमरे में गई तो उसने दरवाजा नहीं खोला। इस पर पिता ने झांककर देखा तो शौर्य फंदे पर लटका हुआ दिखा। दरवाजा तोड़कर उसे अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शौर्य के पिता प्रापर्टी कारोबारी हैं और शौर्य ने वेंदात स्कूल से इसी साल 12 की एक्जाम दी है। वह निजी कोंचिग से इंजीनियरींग के लिये तैयारी कर रहा था। देर शाम को ही वह कोंचिग से घर पहुंचा था। इसी दौरान हॉल में भाई बहन बात कर रहे थे। तभी मां ने कहां ने कल शादी में चलपा है कपड़े पैक कर ले। इसके बाद दोनो रूम में कपड़े जमाने पहुंचे थे।




Indore News: प्रेमिका ने धर्म का हवाला देकर शादी से किया इंकार तो युवक ने लगा ली फांसी

Indore News: When girlfriend refused to marry citing religion, young man hanged himself

युवक ने होटल में लगाई फांसी

इंदौर मेें एक युवक ने प्रेमिका द्वारा शादी से इनकार करने पर फांसी लगा ली। युवक मुस्लिम था और उसकी प्रेमिका हिन्दू है। प्रेमिका ने कहा कि वह शादी नहीं कर सकती,क्योकि दोनो के धर्म अलग-अलग है। उसकी इस बात से युवक नाराज हो गया और  उसने अपनी शर्ट का फंदा बनाया और फांसी लगा ली।

दोनो विजय नगर क्षेत्र की होटल गैलेक्सी में रूके थे। युवक मोहम्मद मुस्तफा और उसकी प्रेमिका अकांक्षा रात को पब में गए थे। वहां से वे होटल आए और दोनो में शादी की बात पर विवाद होने लगा। मुस्तफा दो साल से शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन अकांक्षा टाल रही थी। दोनो की दोस्ती ढाई साल पहले पबजी गेम खेलने के दौरान हुई थी। वह पेशे से कबाड़ी था और स्टेशन क्षेत्र मेें उसकी दुकान थी।

अकांक्षा से पहले उसकी दोस्ती हुई और दोनो अक्सर मिलने लगे थे। दोनों इंदौर से बाहर भी कई बार घूमने साथ गए थे। दोनों एक दूसरे को प्रेम करने लगे, लेकिन युवती उससे शादी नहीं करना चाहती थी।

शर्ट को बनाया फंदा

होटल में मुस्तफा को अकांक्षा ने इनकार किया तो दोनो के बीच विवाद हुआ। अकांक्षा बाथरुम गई थी। वह कमरे में लौटी तो मुस्तफा शर्ट के बनाए फंदे में लटक रहा था। वह मदद के लिए होटल के रिसेप्शन की तरफ गई।

कर्मचारियों ने उसे फंदे से निकाला। तब तक उसकी सांसे चल रही थी। उसे अस्पताल ले गए,लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।




Indore News: मणि भगवान महावीर की जयंती, इंदौर में जैन समाज ने शोभा यात्रा निकाल दिया संदेश

Indore: Mani Bhagwan Mahavir's birth anniversary, processions of Jain community took out in Indore, gave messa

इंदौर में निकला जैन समाज का जुलूस।

इंदौर में महावीर जयंती पर सुबह श्वेताम्बर जैन समाज का जुलुूूस राजवाड़ा से निकला। जुलूस में समाजजनों ने गौवंश बचाने और स्वच्छता का संदेश दिया। हजारों समाजजन पारंपरिक वस्त्र पहने जुलूस में शामिल हुए। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जिनालयों से जैन समाज के जुलूस निकले।

राजवाड़ा पर जुलूस को सुबह आठ बजे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने हरी झंडी दिखाई। कांग्रेस प्रत्याक्षी अक्षय बम व विधायक गोलू शुक्ला भी जुलूस  में शामिल हुए। भगवान महावीर के जयघोष के साथ जुलूस में शामिल महिलाएं हाथों में गौवंश बचाने की तख्तियां लेकर चल रही थी। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित झांकी के अलावा एक झांकी स्वच्छता का संदेश भी दे रही थी।

राजवाड़ा से शुरू हुआ जुलूस खजूरी बाजार, मल्हारगंज, टोरी होते हुए जैन मंदिर इतवारिया बाजार पर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल महिलाएं पीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी। कुछ महिलाएं सतरंगी पगड़ी भी पहने हुए थी,जबकि पुरुष कुर्ता पायेजामा और भगवा रंग की पगड़ी पहन कर चल रहे थे। जुलूस में भजन मंडलियां और रथ भी शामिल थे। रथों पर बच्चे और समाज के वरिष्ठजन सवार थे। जुलूस का कई मंचों से पुष्पवर्षा से स्वागत भी हुआ। कुछ मंचों पर पोहे-चाय और शीतल पेय का इंतजाम भी था।

कांग्रेस प्रत्याशी ने छुए विजयवर्गीय के पैर

कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम और मंत्री विजयवर्गीय साथ साथ चल रहे थे। गौराकुंड चौराहा पर दोनों ने एक मंच से जुलूस का स्वागत किया। उससे पहले बम ने विजयवर्गीय के पैर छुए और उनसे कुछ देर चर्चा भी की। बाद में विजयवर्गीय ने राजवाड़ा की एक दुकान पर पोहे भी खाए।




Indore: तोलानी लोकसभा चुनाव लड़कर अपने पिता की परंपरा का पालन कर रहे हैं, चुनाव लड़ रहे हैं

Indore: Tolani is following his father's tradition by contesting Lok Sabha elections, contesting elections for

निर्दलीय उम्मीदवार परमानंद तोलानी।

इंदौर के परमानंद तोलानी ने गुरुवार को नामांकन पर्चा दाखिल किया। चाहे विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा का, वे हर चुनाव में किस्मत आजमाते है। अभी तक कोई चुनाव तो जीत नहीं पाए, लेकिन पिछले चुनाव में अब तक वे सबसे अधिक दस हजार वोट लाए।

परमानंद के पिता मेठाराम तोलानी ने भी कई लोकसभा चुनाव लड़े। 1988 में उनका निधन हो गया तो बेटे ने पिता की परंपरा निभाई। 1989 में परमानंद ने पहले चुनाव लड़ा। तब भाजपा से सुमित्रा महाजन उम्मीदवार थी और कांग्रेस से प्रकाशचंद सेठी मैदान में थे। उस चुनाव में परमानंद को सिर्फ 230 वोट मिले थे।

19 वां चुनाव लड़ रहे है परमानंद

परमानंद अम तक आठ लोकसभा और आठ विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में खड़े हो चुके है। इसके अलावा दो बार मेयर का चुनाव भी वे लड़ चुके है। 19 वीं बार वे चुनाव मैदान में है। एक बार नगर निगम मेयर पद महिला के लिए आरक्षित हो गया था तो परमानंद ने अपनी पत्नी को चुनाव में खड़ा किया था। नामांकन भरने के बाद वे सादगी से चुनाव प्रचार भी करते है।

महंगा हो गया नामांकन दाखिल करना

तोलानी कहते है कि 35 सालों में चुनाव लड़ना और नामांंकन पर्चा दाखिल करना महंगा हो गया है। पहली बार जब 1989 में चुनाव लड़ा था तो नामांकन राशि का खर्च 500 रुपये लगा था, लेकिन अब 25 हजार रुपये खर्च करना पड़ते है। राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को एक प्रस्तावक लगता है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावकों की संख्या दस रखी गई है। इससे काफी परेशानी आती है। तोलानी कहते है कि लगातार चुनाव लड़ने के कारण वे पहचान के मोहताज नहीं है। राजनीतिक दलों से जुड़े ज्यादातर लोग उन्हें पहचानने लगे है।