Indore Candidates Bjp And Rss Have Only One Concern That How To Get More Voting In Lok Sabha Seat – Amar Ujala Hindi News Live

मप्र लोकसभा चुनाव।

कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लिए जाने के बाद इंदौर में भाजपा की राह भले ही आसान हो गई हो, लेकिन चुनाव को लेकर मतदाता की उदासीनता ने उसकी नींद उड़ा रखी है। भाजपा संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पार्टी उम्मीदवार शंकर लालवानी की एक ही चिंता है कि आखिर मतदान के लिए वोटर को घर से बाहर कैसे निकालें। भाजपा अपने पन्ना प्रभारी, मंडल की टीम और बूथ स्तर के नेटवर्क के भरोसे है तो संघ ने शाखा स्तर के नेटवर्क को सक्रिय करने के साथ ही आनुषांगिक संगठनों की भी मदद ली है। पार्टी उम्मीदवार ने अपनी टीम को सक्रिय किया है और सामाजिक संगठनों में भी घुसपैठ कर रहे हैं।

ज्यादा से ज्यादा मतदान कैसे हो?

पिछले तीन दिन से अलग-अलग स्तर पर ये कवायद चल रही है कि ज्यादा से ज्यादा मतदान कैसे हो। अलग-अलग एजेंसियों से जो फीडबैक मिला है, उससे यही संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा नामांकन लेने के बाद जो स्थिति बनी है, उसमें भाजपा को भी बड़ा नुकसान हो रहा है। चुनाव को लेकर लोगों में किसी तरह का उत्साह नहीं है, पार्टी कार्यकर्ता भी कन्नी काटने लगे हैं। संगठन का मानना है कि कार्यकर्ताओं को तो जैसे-तैसे मैदान में ले आएंगे और मतदान के दिन वे पूरी मुस्तैदी से अपना बूथ संभाल लेंगे। लेकिन, आम नागरिक की जो उदासीनता है, उसे कैसे दूर किया जाए।

भाजपा को सीधा नुकसान हो सकता है

संगठन और संघ में जिम्मेदार पदों पर बैठे कई लोगों का मानना है कि एक बड़ा वर्ग इस बात से नाखुश है कि आखिर भाजपा के दिग्गजों ने कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन इस तरह दबाव डालकर वापस क्यों कराया? वे इसे सत्ता और अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग बताते हुए कहते हैं कि इसका फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। शहर का प्रबुद्ध वर्ग, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में युवाओं ने भी इसे ठीक नहीं माना है। इनके साथ ही एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो अब चुनाव से दूरी बनाकर चल रहा है। यदि इनकी चुनाव को लेकर यही उदासीनता रही तो जीत की स्थिति में होने के बावजूद भाजपा को इसका सीधा नुकसान होगा। इन सारे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ही भाजपा अपने हर स्तर के नेटवर्क के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाने के अभियान में जुट गई है। पार्टी का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व भी इस मामले में सक्रिय है और स्थानीय नेतृत्व को समय-समय पर निर्देश भी दे रहे हैं।

सामाजिक संगठनों की मदद भी ली जा रही

संघ ने भी शत-प्रतिशत मतदान के अपने अभियान को गति दे दी है। अलग-अलग समूहों में चल रही बैठकों के साथ ही घर-घर संपर्क अभियान में भी तेजी लाई गई है। रविवार को इसे वृहद स्तर पर संचालित किया जाएगा। संघ को मैदान से जो फीडबैक मिल रहा है, वह भाजपा तक भी पहुंचाया जा रहा है। पार्टी उम्मीदवार शंकर लालवानी से जुड़े लोग अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। ये लोग छोटे-छोटे समूहों में बैठक कर रहे हैं और जो लोग वोटों के समूह पर प्रभाव रखते हैं, उनसे भी मिल रहे हैं। सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जा रही है। खुद लालवानी रोज रात अपनी कोर टीम के साथ दिनभर के कामकाज का फीडबैक लेते हैं।




Mp Lok Sabha Election 2024 चौथे चरण की 8 सीटों पर मतदान देवास उज्जैन रतलाम इंदौर

वोट जरूर डालें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपन राजन ने एक वीडियो जारी कर लोगों से मतदान करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो साझा कर कहा कि आज प्रदेश के 8 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है, आप सभी से अनुरोध है कि मतदान केंद्र पर वोटर पर्ची के साथ कोई भी पहचान पत्र लेकर जाएं और वोट जरूर डालें। मतदाता सूची में आपका नाम होना जरूरी है।

पोलिंग बूथों के बाहर लगी लाइनें

रतलाम और खंडवा में मतदान शुरू होने से पहले ही वोटरों की लाइन लग गई हैं। सुबह छह बजे से ही लोग मतदान करने के लिए घरों से बाहर निकलकर पोलिंग बूथ पहुंचे और जल्द मतदान करने के लिए लाइन में गए।

खंडवा के 90 वर्षीय बुजुर्ग मतदाता धनपाल जैन सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंच गए। उनकी जिद थी कि वे सबसे पहले मतदान करेंगे। यह वाक्या खंडवा के बूथ क्रमांक 165 का है।

आठ सीटों पर 74 प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण की आठ सीटों पर 74 प्रत्याशी चुनावी मैदान हैं। इनमें 69 पुरुष और 5 महिलाएं हैं। सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार इंदौर में और सबसे कम पांच खरगोन में हैं। लेकिन, इंदौर में कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं है। इन आठ सीटों पर एक करोड़ 63 लाख 70 हजार 654 मतदाता मतदान करेंगे।

Mp Lok Sabha Phase 4 Election Live: चौथे चरण की आठ सीटों पर मतदान शुरू, धार में आंधी-बारिश से बूथ का टेंट गिरा

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में आज मध्य प्रदेश की आठ सीटों पर मतदान होगा। सुबह सात बजे से सभी पोलिंग बूथ पर मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। इससे पहले सुबह छह बजे मॉक पोल शुरू किया गया। सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान होगा।

इन आठ सीटों पर मतदान

आज सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, रतलाम, मंदसौर, खंडवा और धार सीट पर मतदान है। इनमें से ज्यादातर जिलों में मौसम भी खराब है। धार के मनावर में आंधी और बारिश के कारण एक बूथ का टेंट गिर गया।




Indore News: मालू को श्रद्धांजलि देने पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी

Indore: BJP state president arrived to pay tribute to Malu, consoled him after meeting his family members.

वीडी शर्मा ने मालू के घर पहुंचकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
– फोटो : सोशल मीडिया

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गोविंद मालू को श्रद्धांजलि देने शुक्रवार को मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा उनके निवास पर गए। उन्होंने मालू के परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। वीडी शर्मा के साथ कई नेता मौजूद थे। परिजनों ने बताया कि एक दिन पहले ही वे धार से लौटे थे। घर पर शाम को भोजन किया और अचानक दिल में तेज दर्द उठा था। शर्मा ने कहा कि वे लोगों से जीवंत संपर्क रखते थे और पार्टी के प्रति समर्पित थे। मालू को शुक्रवार को अनेक नेता, समाजजनों ने श्रद्धांजलि दी। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी टीनू जैन, प्रेस क्लब अध्यक्षअरविंद तिवारी, इंदौर जिला मीडिया प्रभारी वरुण पाल आदि उपस्थित थे।




Indore news: निगम घोटाले का मास्टरमाइंड इंजीनियर अभय राठौड़ गिरफ्तार, 25 हजार रुपये था इनाम

Indore: Engineer Abhay Rathore, mastermind of corporation scam, arrested, reward was Rs 25 thousand

फरार इंजीनियर अभय राठौर गिरफ्तार।

नगर निगम में 107 करोड़ के घोटाले को अंजाम देने वाले इंजीनियर अभय राठौर को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार कर लिया है। वह अपने बेटे के ससुराल में छिपा हुआ था। राठौर ने कुछ दिनों पहले एक नया मोबाइल नंबर लिया था। पुलिस को उस नंबर की जानकारी थी। जैसे ही उसने इंदौर में एक टैंकर ड्रायवर को उस नंबर से काॅल किया। पुलिस के पास उसकी लोकेशन आ गई। राठौर पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था।

पुलिस ने जब उसे एटा से गिरफ्तार किया तो रिश्तेदारों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने स्थानीय भाजपा नेताअेां को बुला लिया,लेकिन पुलिस ने घोटाले  और गिरफ्तारी वारंट व  ईनाम की जानकारी दी तो रिश्तेदारों ने उसकी गिरफ्तारी का विरोध नहीं किया। पुलिस अब उसे इंदौर लाएगी और घोटाले को लेकर पूछताछ करेगी। पूछताछ के दौरान घोटाले में शामिल अन्य अफसरों के नाम भी सामने आ सकते है। अभी तक घोटाले के मामले में पुलिस छह ठेकेदार व अफसरों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो ठेकेदार फरार है।

पानी की चोरी कर बेचता था

नगर निगम को उसके गुलाब बाग के बंगले पर अवैध नल कनेक्शन भी मिले, जो मेनलाइन से उसने जुड़वा रखा था। उसके तीन निजी टैंकर थे। टंकी से वह टैंकरों को भरता था और अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से पानी को बेचने का काम भी करत था।

नगर निगम ने उसके बंगले की टंकी खाली करवा कर अवैध नल कनेक्शनों का पता लगवाया। निगमायुक्त शिवम वर्मा राठौर की संपत्तियों का भी पता लगा रही है, ताकि घोटाले की राशि अफसर से ही वसूली जा सके। इस मामले में प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी बनाई है, जो घोटाले की जांच कर रही है।




Indore News: सत्र न्यायालय के समक्ष नहीं उपस्थित हुए बाप-बेटे, अक्षय और कांतिलाल बम का गिरफ्तारी वारंट जारी

इंदौर : कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम के खिलाफ 17 वर्ष पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह 8 जुलाई तक दोनों को गिरफ्तार कर पेश करे। अक्षय और कांतिलाल बम दोनों को जमीन विवाद और हत्या के प्रयास के मामले में शुक्रवार को जिला न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना था, लेकिन दोनों नहीं आए।अक्षय ने हाजिरी माफी आवेदन देकर कहा कि वह पारिवारिक कार्यक्रम के चलते शहर से बाहर है। उनके पिता कांतिलाल ने यह कहते हुए हाजिरी माफी आवेदन दिया था कि वे बीमारी हैं और डाक्टर ने उन्हें आराम करने के लिए कहा है। कोर्ट ने आवेदन निरस्त करते हुए दोनों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।

शुक्रवार को ही मामले के फरियादी की ओर से एक अन्य आवेदन भी प्रस्तुत हुआ था। इसमें आरोपितों को पूर्व में दी गई जमानत निरस्त करने की मांग थी, कोर्ट ने इसे भी निरस्त कर दिया है। गौरतलब है कि अक्षय बम, कांतिलाल बम के खिलाफ 17 वर्ष पुराने एक मामले में जिला न्यायालय ने 24 अप्रैल 2024 को हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाते हुए आरोपितों को आदेश दिया था कि वे 10 मई को सत्र न्यायालय के समक्ष उपस्थित हों, लेकिन वे नहीं हुआ।

लोक अभियोजक अभिजीतसिंह राठौर ने कोर्ट को बताया कि अक्षय ने आवेदन में पारिवारिक कार्यक्रम के चलते शहर से बाहर होने की बात कही है, लेकिन वे चुनाव के प्रचार में नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। उनके पिता कांतिलाल भी स्वस्थ्य हैं। अत: हाजिरी माफी आवेदन निरस्त किए जाएं। कोर्ट ने तर्क स्वीकारते हुए दोनों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।

यह है मामला

फरियादी युनूस पटेल के वकील मुकेश देवल के मुताबिक मामला कनाडिया क्षेत्र की जमीन का है। यह जमीन फरियादी यूनुस पटेल की थी। अक्षय बम, कांति बम और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने वर्ष 2007 में इस जमीन का सौदा 50 लाख रुपये में करते हुए एक अनुबंध किया था। बाद में आरोपितों ने चेक देकर इस जमीन की रजिस्ट्री भी करवा ली, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इधर आरोपितों ने बगैर फरियादी को बताए ही जमीन का नामांतरण भी करवा लिया।

4 अक्टूबर 2007 को फरियादी अपने खेत पर था कि आरोपित कांतिलाल बम, अक्षय बम, अन्य सात-आठ लोगों के साथ पहुंचे। उनके हाथ में बंदूक भी थी। बम ने कहा कि ये यूनुस गुड्डू है। इसे गोली मार दो। इस पर एक अन्य ने गोली चलाई जो फरियादी के कान के पास से निकल गई।




Loksabha Election 2024: कांग्रेस ने रैली निकाल जनता से अपील की है कि लोग नोटा को वोट दें 

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इंदौर में निकली नोटा के लिए रैली।

इंदौर में 13 मई को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने चुनाव से ठीक पहले अपना नामांकन वापस ले लिया है और अब वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस अब नोटा पर वोट देने की मांग कर रही है। इसी के चलते कांग्रेस ने नोटा के प्रचार में पोस्टर भी लगवाए थे। बुधवार को भाजपा पार्षद संध्या यादव ने नोटा के पोस्टर निकलवा दिए जिसके विरोध में अब कांग्रेस ने रैली निकाली है। उन्होंने जनता से अपील की है कि लोग नोटा को वोट दें।

गुरुवार शाम कांग्रेस ने नोटा के समर्थन में भाजपा विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी रमेश मेंदोला के विधानसभा क्षेत्र में परदेशीपुरा से पाटनीपुरा तक रैली निकाली। रैली में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला नेत्री शोभा ओझा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत चड्ढा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। लोकतंत्र बचाओ समिति के बैनर तले निकाली गई इस रैली में नोटा के समर्थन में मतदान करने के की अपील की गई। इसमें कांग्रेस के कार्यकर्ता नोटा के बैनर पोस्टर लेकर रैली में शामिल हुए।




इंडो नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2024

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गोल्ड मेडल के साथ खिलाड़ी।

6वें यूथ गेम्स काउंसिल ऑफ इंडिया एवं यूथ गेम्स डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत हाल ही में नेपाल में हुए इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में इंदौर के बच्चों ने एक बार फिर देश एवं शहर का नाम रोशन किया है। इंदौर की राज आर्चरी एकेडमी की अध्यक्ष शर्मिला भालसे जी ने बताया कि हमारे 4 तीरंदाजों ने अलग-अलग वर्ग में खेलते हुए देश को कुल 12 स्वर्ण पदक एवं दौड़ में 1 स्वर्ण पदक दिलाए हैं और शहर और देश का नाम रोशन किया है।

नेपाल में खेली गई इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में खेली गई तीन प्रतियोगिताओं में राज आर्चरी एकेडमी के 4 तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। चिरंजीव डामोर ने अंडर 9 कंपाउंड में खेलते हुए 160 अंकों में से 159 अंक पाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। चिरंजीव पहले भी इसी साल जनवरी में ह्यू इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। इस तरह उन्होंने पिछले 3 महीने में 6 स्वर्ण पदक प्राप्त किए। अंडर 14 रिकर्व राउंड में शिवेंद्र डामोर ने भी 3 इवेंट खेलते हुए 3 गोल्ड मेडल पे निशाना साधा। खनन विभाग में टीआई के रूप में कार्यरत चिरंजीव और शिवेंद्र के पिता चैन सिंह डामोर ने अपने व्यस्त समय से निकाल कर अपने बच्चों पर ध्यान दिया और उनका हौसला बढ़ाया।

ऑटो पार्ट्स की दुकान पर काम करते हैं पिता

प्रतिस्पर्धा में अंडर 14 कंपाउंड में खेलते हुए श्रेष्ठ यादव ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और 3 इवेंट्स में 160 में 159 प्वाइंट लेकर 3 स्वर्ण पदक हासिल किया। बच्चे के पिता चंद्रेश यादव ने ऑटो पार्ट्स की दुकान पर सेवा देते हुए भी अपने बच्चे का साथ दिया, हर दिन समय निकाल कर अपने बेटे के लिए खेल मैदान में आए और उसे प्रोत्साहित किया। सामान्य सी नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपने बच्चे की हर जरूरत पूरी किया और यह दिखाया कि खिलाड़ी को मुकाम पर पहुँचाने के लिए उनके माता पिता का बड़ा योगदान होता है।

तीन स्वर्ण पदक लिए

अंडर 19 रिकर्व राउंड में खेलते हुए राज आर्चरी एकेडमी के समीर यादव ने 3 इवेंट में 160 अंकों में से 150 अंक हासिल कर तीन स्वर्ण पदक प्राप्त किए। इनके दोनों माता पिता पुलिस सेवा में होने के कारण उन्हें अभिवावकों से ज्यादा समय नहीं मिल पाया, लेकिन उनके कोच सर (मनोज राजपूत) ने कभी उन्हें अकेले महसूस में नहीं होने दिया, माता पिता ने भी हर संभव कोशिश कर बच्चे की मदद की। समीर छठी कक्षा में से तीरंदाजी सिखना चाहते थे और उनके पिता भी यही चाहते थे। बहुत खोजने के बाद जब उन्हें इंदौर राज आर्चरी एकेडमी के बारे में पता चला और सिर्फ 6-8 महीने की कड़ी मेहनत से समीर ने पदक हासिल किया।

सुबह तीन बजे से कड़ी प्रैक्टिस

भारतीय सेना में जाने की तैयारी कर रहे राज आर्चरी एकेडमी के एक और छात्र राजकुमार ओसारी ने भी इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में 5000 मीटर 5 किमी में हिस्सा लेते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया जो राजकुमार का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। राजकुमार के पिता रामकरण ओसारी नर्मदा प्रोजेक्ट में काम करते हैं। राजकुमार घर से दूर हॉस्टल में रहकर ना सिर्फ भारतीय सेना में जाने के लिए पसीना बहा रहे हैं बल्कि अपना खर्चा चलाने के लिए नौकरी भी करते हैं। सुबह 3 बजे उठ कर वे कड़ी प्रैक्टिस करते हैं, और एक मिसाल कायम कर रहे हैं।

देश का नाम रोशन कर रहे बच्चे

राज आर्चरी एकेडमी की अध्यक्ष शर्मिला भालसे ने बताया कि, “इन पदक के पीछे का श्रेय सेना के सेवानिवृत्त अंतरराष्ट्रीय कोच राज राजपूत की मेहनत और छात्र के माता-पिता के संघर्ष को को जाता है। हिमालय इंटरनेशनल स्कूल धामनोद एवं साकेत इंटरनेशनल स्कूल अंजड़ बड़वानी में हाल ही में राज आर्चरी एकेडमी ने अपना कैंप किया और प्रतिभाशाली बच्चों को भी प्रोत्साहित किया और इस खेल में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन दिया। कैंप में बच्चों एवं विद्यालय से प्रिंसिपल विशाल शाह एवं स्कूल डायरेक्टर सुशील कोटवाले जी की शानदार प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई। हम देश को गौरवान्वित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इंदौर एवं पूरे देश का नाम रोशन करने वाले बच्चों के कोच राज सर ने कहा, यह बड़ा ही गर्व का विषय है कि बच्चे हमारे देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हम सभी माता-पिता का भी स्वागत करते हैं। बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए हमारी एकेडमी और ज्यादा मेहनत करेगी और आगे भी इसी तरह देश का नाम रोशन करती रहेगी।




Indore News: अक्षय कांति बम अब भाजपा

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अक्षय कांति बम

इंदौर के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। अक्षय ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख को नाम वापस लिया और अब इंदौर से कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ रहा है। अक्षय ने कहा है कि वे रामभक्त हैं और राम राज्य लाने के लिए भाजपा में चले गए हैं। मंगलवार को अक्षय आलीराजपुर में हुई भाजपा की सभा में पहुंचे थे। उन्होंने वहां पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात कही। अक्षय ने कहा मैंने डर या लालच की वजह से अपना नाम वापस नहीं लिया। जो आदमी 15 लाख रुपए की घड़ी पहनता है उसको कोई क्या डील में देगा? यहां मुझे जो भी दायित्व दिया जाएगा, जितने भी निचले स्तर से दिया जाएगा, एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।

अक्षय ने कहा मैं रामभक्त हूं। संघ शक्ति कलयुगे। यदि किसी को आगे बढ़ना है तो वह संघ और संगठन की शक्ति से ही आगे बढ़ सकता है। जहां संगठन मजबूत होगा, वहीं रामराज्य आएगा। हमें सनातन धर्म को पूरे विश्व में ले जाना है। राष्ट्र जागृति को जगाना है। स्वर्णिम भारत बनाने के लिए देश के हर वर्ग को जागृत करना है। मेरे बारे में कुछ लोग यहां-वहां की बात कर रहे हैं, वे भी इस पर विचार करें। मैं ये नहीं कहता कि कल मैंने कोई बहुत बड़ा काम किया, मैं अगर सांसद भी होता तो सनातन धर्म के लिए अपने पद से त्यागपत्र देता और काम करता। व्यक्तिगत निर्णय से सनातन धर्म का निर्णय लेना ज्यादा जरूरी है। अपने ऊपर हाल ही में लगी धारा 307 पर वे बोले कि मैं इस पर अभी कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि मामला कोर्ट में है।




Indore News: इंदौर के रणजीत हनुमान भंडारे में युवक की मौत

Indore News: Youth died in Indore's Ranjit Hanuman Bhandare, there was a huge crowd, death occurred at the exi

रणजीत हनुमान भंडारे के दौरान युवक की मौत

इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार देर रात भंडारे में एक की मौत हो गई। प्रसाद ग्रहण करने के बाद युवक एक्जिट गेट पर था।वहां बताते है कि काफी भीड़ थी। इस दौरान भगदड़ भी मची। तबी अचानक युवक की तबीयत बिगड़ी।

उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रशासन का कहना है कि भंडारे में 40 हजार से ज्यादा लोग थे। भीड़ जरुर ज्यादा थी,लेकिन भगदड़ नहीं मची। युवक की मौत भी हार्टअटैक से हुई। उसका वजन 120 किलो था।

रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार को भंडारा आयोजित किया गया। रात 11 बजे बाद भंडारे में बड़ी संख्या मेें लोग प्रसादी लेने आए। परिसर के एंट्री और एक्जिट गेट पर भारी भीड़ थी। वहां पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेरिकेड भी लगाए गए थे, लेकिन रात को एक्जिट गेट पर भीड़ ज्यादा होने लगी। प्रसादी लेकर लोगों को घर जाने की जल्दी थी।

इस बीच गोविंद काॅलोनी निवासी विजय पिता सुंदरलाल प्रजापति का संतुलन बिगड़ा और वह गेेट पर गिर पड़ा। उसे गेट पर तैनात पुलिस जवानों ने भीड़ से निकाला और अस्पताल ले गए। इस बीच एक अन्य युवक भी गेट पर मची हल्की भगदड़ में घायल हो गया। विजय को निजी अस्पताल में पहुंचाया गया, लेकिन डाक्टरों नेे उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना को लेकर प्रशासन का कहना है कि विजय की मौत साइलेंट अटैक की वजह से हुई। वह रात को चक्कर खाने के बाद गिर पड़ा था। वह भंडारे की लाइन में लगा था। अफसरों का कहना है कि भंडारा शाम साढ़े पांच बजे से शुरू हुआ था और रात दो बजे तक चलता रहा। भंडारे में 50 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए।




IndoreNews :कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था बीजेपी हाईकमान से इंदौर देगा बड़ा सरप्राइज

Kailash Vijayvargiya had told BJP high command will give big surprise from Indore this is insode story

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ अक्षय बम।

भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के सूरत जैसा खेल मध्यप्रदेश के इंदौर में दोहरा दिया। इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। ऐसे में अब भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी की राह आसान हो गई है। इंदौर के इस घटनाक्रम की पूरी पटकथा एमपी सरकार में मंत्री और इंदौर एक से विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने लिखी। विजयवर्गीय का साथ इंदौर दो के विधायक रमेश मेंदोला ने दिया। सूरत घटनाक्रम के बाद से ही दोनों नेताओं ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं।

देनवापोस्ट को विश्वस्त सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में एमपी की लोकसभा सीटों पर चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान और राजधानी दिल्ली में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कई मुलाकातें हुईं। इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने विजयवर्गीय से मध्यप्रदेश में चल रहे प्रचार अभियान के अलावा मालवा-निमाड़ समेत अन्य सीटों पर वन-टू-वन चर्चा भी की थी। इस दौरान विजयवर्गीय ने सभी सीटों पर भाजपा की जमीनी स्थिति से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत करवाया था।

इस दौरान इंदौर सीट को लेकर जब चर्चा हुई थी, तो विजयवर्गीय ने भाजपा हाईकमान को इशारा करते हुए कहा था कि इंदौर में आपको जल्द ही को बड़ा सरप्राइज मिलेगा। हाईकमान को विश्वास में लेने के बाद विजयवर्गीय और उनकी टीम इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने में जुट गई थी। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम से चर्चा होने के बाद विजयवर्गीय ने केंद्रीय नेतृत्व को फिर सूचना दी। दिल्ली दरबार से जैसे ही हरी झंडी मिली, इसके बाद अक्षय कांति बम का नामांकन वापस लेने के प्लान को अमलीजामा पहनाया गया।

सूत्रों के अनुसार, मंत्री विजयवर्गीय ने हाईकमान को भरोसे में लेकर एक होटल में इसकी प्लानिंग की थी। अक्षय ने नाम वापसी पर अनहोनी की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि कांग्रेसी नेता बवाल कर देंगे। नामांकन कब, किस दिन और कितने बजे वापस होगा इसे लेकर एक प्लान बनाया गया। इसके बाद इसमें भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की भी एंट्री हुई। अक्षय को फॉर्म वापस लेने भी मेंदोला के साथ भेजा गया, जबकि मंत्री विजयवर्गीय खुद बाहर डटे रहे। इसके साथ ही अक्षय कांति बम के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दरअसल, भाजपा इंदौर में भी सूरत की तरह क्लीन स्वीप के प्लान पर काम कर रही है। कांग्रेस के बाद बचे हुए सभी अन्य उम्मीदवारों की भी नाम वापसी हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो सूरत के बाद इंदौर दूसरा शहर होगा, जहां भाजपा निर्विरोध जीत सकती है। बता दें कि कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे। नाम वापसी दोपहर 3 बजे तक चलेगी।

इंदौर में हुए इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस खजुराहो सीट की तरह किसी निर्दलीय या छोटे दल के प्रत्याशी का समर्थन कर सकती है। इसके लिए प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सक्रिय हो गए हैं। खजुराहो लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया था। इस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वहां ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार आरबी प्रजापति को समर्थन कर दिया है। अब वे ही भाजपा प्रत्याशी वीडी शर्मा के सामने इंडिया गठबंधन का चेहरा हैं।

चार दिन पहले हत्या की कोशिश की धारा बढ़ाई गई

अक्षय कांति बम पर तीन अलग-अलग केस चल रहे हैं। चुनाव के बीच उनके खिलाफ 17 साल पुराना एक मामला फिर चर्चा में आया, जिसमें उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या को कोशिश) बढ़ा दी गई थी। अक्षय कांति बम की तरफ से दाखिल हलफनामे के मुताबिक, वे 14 लाख रुपये की घड़ी पहनते हैं। अक्षय की व्यक्तिगत रूप से चल संपत्ति साढ़े 8 करोड़ रुपये की है। इनमें शेयर आदि भी शामिल हैं। अचल संपत्ति में जमीनें हैं, जिनकी बाजार कीमत 47 करोड़ रुपये है। साढ़े छह करोड़ रुपये की विरासत भी है। अक्षय के नाम पर 56 करोड़ रुपये, जबकि पत्नी व बच्चों के नाम पर लगभग 22 करोड़ रुपये की संपत्ति है। कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपये के आसपास है।

अक्षय कांति बम ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को राजनेता और एजुकेशन फील्ड का पायनियर बताया है। वे इंदौर में तीन शैक्षणिक संस्थान चलाते हैं। उन्होंने इंदौर से ही एमबीए और लॉ की पढ़ाई की है। अक्षय कांति बम ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी टिकट की मांग की थी, हालांकि पार्टी ने अंतिम समय में राजा मंधवानी को मैदान में उतारा था। उस दौरान अक्षय के समर्थकों ने कांग्रेस के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।