Mp Crime News: ग्वालियर में चार साल के बच्चे की हत्या की अंदरूनी कहानी पुलिस के सामने आई
written by Denva Post Bureau | 20/03/2025
Gwalior Murder Case: चलो बेर खाने चलते हैं! 12 साल की बच्ची के ये शब्द चार साल के देवराज के कान में पड़ें तो वह उसके साथ चल पड़। लेकिन, कुछ दूर जाने के बाद उस बच्ची ने देवराज का गला दबा दिया, पत्थर उठाकर कई बार उसके सिर पर मारा और फिर उसे गड्ढे में डाल दिया। किसी की नजर न पड़े, इसके लिए उसने पत्थरों से गड्ढे को ढंक दिया। इससे देवराज की मौत हो गई। पुलिस ने ग्वालियर के सिरोल कॉस्मो आनंदा टाउनशिप के पास एक गड्ढे से उसका शव बरामद किया किया। आरोपी 12 साल की बच्ची भी पुलिस हिरासत में, उससे पूछताछ की जा रही है। लेकिन, 12 साल की बच्ची ने जिस तरह से चार साल के देवराज की हत्या की उससे सब की रूह कांप गई है। आइए, जानते हैं पूरा मामला क्या है?
दरअसल, ग्वालियर की सिरोल कॉस्मो आनंदा टाउनशिप से मंगलवार दोपहर चार साल मासूम देवराज लापता हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला तो परिजन थाने पहुंचे। बुधवार रात को पुलिस ने टाउनशिप के पास ही एक गड्ढे से देवराज का शव बरामद किया। साथ ही पुलिस ने खुलासा किया कि 12 साल की एक नाबालिग बच्ची ने उसकी हत्या की है। पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग बच्ची देवराज को बेर खिलाने के बहाने अपने साथ ले गई थी। जहां, उसने देवराज का गला दबाया, सिर पर पत्थर से हमला किया और फिर पिलर के लिए खोदे गड्ढे में डालकर उसे पत्थरों से ढंक दिया। हालांकि, अब तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि नाबालिग बच्ची ने देवराज की हत्या क्यों की?
Gwalior News : चारा खिलाने गई 19 वर्षीय युवती से दुष्कर्म
written by Denva Post Bureau | 20/03/2025
ग्वालियर जिले के तिघरा गांव में 19 वर्षीय युवती से दुष्कर्म और उसकी दादी पर हमले का मामला सामने आया है। आरोपी, जो पीड़िता का पड़ोसी है, ने उसे जबरन एक कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर युवती की दादी बचाने पहुंची, लेकिन आरोपी ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनका सिर पत्थर से टकरा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कमरे में खींचकर किया दुष्कर्म
तिघरा थाना प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि पीड़िता अपने घर के पास मवेशियों को चारा डालने गई थी। इसी दौरान पड़ोसी रोहित रजक दीवार फांदकर अंदर पहुंचा और जबरन युवती का मुंह दबाकर उसे कमरे में खींच ले गया। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
घटना के दौरान जैसे ही आरोपी की पकड़ ढीली हुई, पीड़िता ने शोर मचा दिया। उसकी आवाज सुनकर पास में काम कर रही दादी तुरंत मौके पर पहुंचीं। लेकिन आरोपी ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर पड़ीं और सिर पत्थर से टकराने के कारण घायल हो गईं। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
परिजनों ने की पुलिस से शिकायत
घटना के बाद युवती ने अपने परिजनों को सूचना दी और घायल दादी के साथ तिघरा थाना पहुंची। पुलिस ने तुरंत पीड़िता और उसकी दादी का मेडिकल परीक्षण कराया और युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी रोहित रजक के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज किया।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह पहले ही फरार हो चुका था। अब पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद से इलाके में आक्रोश है। ग्रामीणों और पीड़िता के परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर न्याय दिलाया जा सके।
Mp News : भिंड कलेक्टर अवमानना के दोषी, सजा की तैयारी में हाई कोर्ट, ग्वालियर कलेक्टर पर भी संकट
written by Deepak Sharma | 20/03/2025
MP High Court: हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना दो कलेक्टरों को भारी पड़ सकता है। एकल पीठ ने भिंड कलेक्टर (Bhind Collector) संजीव श्रीवास्तव को अवमानना के लिए दोषी मान लिया है और उन्हें दंड पर सुनवार्ई के लिए 11 मार्च को तलब किया है। जबकि ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान (Gwalior Collector) को 7 मार्च को सुबह 10:30 बजे कोर्ट के सामने उपस्थित होना होगा।
दरअसल हाई कोर्ट (MP High Court) में लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएचई (PHE) में नियमित किए गए कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए आरआरसी जारी है। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया, लेकिन विभाग ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर की। अवमानना याचिका लंबे समय से लंबित थी। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बैंच में अवमानना की सुनवाई की जा रही है।
कोर्ट के आदेश के पालन में उन्होंने क्या कार्रवार्ई की, वह भी नहीं बता पा रहे हैं। इसके चलते भिंड कलेक्टर की लगातार पेशी हो रही है। भिंड कलेक्टर ने कोर्ट के साथ धोखाधड़ी की कोशिश भी की। भिंड में पीडब्ल्यूडी की संपत्ति नहीं होने का दावा कलेक्टर ने किया। इस कारण कोर्ट ने उनकी कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
17 लाख का बकाया, ग्वालियर कलेक्टर देना होगा जवाब रामकुमार गुप्ता को ग्वालियर के पीडब्ल्यूडी में नियमित किया गया। इनके वेतन का एरियर्स 17 लाख रुपए है, बकाए की वसूली के लिए आरआरसी जारी है, लेकिन आरआरसी का पालन नहीं किया गया। 2018 से अवमानना याचिका लंबित है। ग्वालियर कलेक्टर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसको लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर को 7 मार्च सुबह 10:30 बजे तलब कर लिया है।
भुगतान के लिए क्या प्रयास किए, नहीं बता पाए भिंड कलेक्टर सुभाष सिंह भदौरिया ने अपने वेतन का बकाया लेने के लिए हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। बकाया राशि के लिए आरआरसी जारी हो चुकी है। बावजूद इसके पैसा नहीं दिया गया। कोर्ट ने कहा कि भिंड कलेक्टर ने पहले भी न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भिंड में पीडब्ल्यूडी की कोर्ई संपत्ति नहीं है। जब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया अपनी गलती का अहसास हुआ।
कलेक्टर के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ कोर्ट, अब मिलेगी सजा न्यायालय में उपस्थित होने के बाद कलेक्टर को अहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी कर रहे हैं। फिर भिंड में पीडब्ल्यूडी की संपत्तियां बताई गई। पीडब्ल्यूडी भिंड के ऊपर 3 करोड़ 50 लाख रुपए की आरआरसी जारी है। कोर्ट ने भिंड कलेक्टर से आरआरसी के भुगतान के लिए क्या प्रयास किए। इसकी जानकारी मांगी थी। गुरुवार को कलेक्टर का जवाब कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाया। इसके चलते उन्हें अवमानना के लिए दोषी मान लिया। दंड पर सुनवाई के लिए तलब किया है।
Gwalior News : 17 साल का लंबा इंतजार… अब मिला पंचायत सचिव को न्याय, ये है पूरा मामला
written by Deepak Sharma | 20/03/2025
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद 17 साल का लंबा संघर्ष जीता है। भिंड के मेंहगांव तहसील के अवधेश सोनी 17 साल बाद पंचायत सचिव बन गए हैं। 2008 में कन्हारी पंचायत सचिव के लिए मेरिट में पहले नंबर पर होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई थी। क्योंकि उनके पिता को दूसरी पंचायत कतरौल का निवासी बताया गया था।
पंचायत सचिव की नियुक्ति के लिए उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है। जबकि दूसरे नंबर पर मेरिट सूची में रहे भगवान सिंह बघेल को कन्हारी ग्राम पंचायत सचिव बना दिया गया था। अब हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पंचायत सचिव भगवान सिंह बघेल को हटाकर अवधेश सोनी को नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में भिंड कलेक्टर जिला पंचायत के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी सहित ग्राम पंचायत कन्हारी के ठहराव को भी कोर्ट ने मनमाना करार दिया है।
दरअसल, 2008 में अवधेश सोनी ने पंचायत सचिव की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। कक्षा 10वीं की मार्कशीट के आधार पर उन्हें पहला स्थान मिला था। जबकि दूसरे स्थान पर भगवान सिंह बघेल रहे थे। लेकिन अवधेश सोनी को यह कहकर पंचायत सचिव नियुक्त नहीं किया गया, क्योंकि वह दूसरी पंचायत कतरौल के रहने वाले बताए गए। जबकि उनकी अंकसूची मूल निवासी और जाति प्रमाण पत्र में उन्हें कन्हारी पंचायत का निवासी बताया गया।
अवधेश सोनी के पिता मेहगांव तहसील की कतरौल ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची में दर्ज थे। इसीलिए अवधेश सोनी को पंचायत सचिव की नियुक्ति नहीं दी गई। लेकिन अन्य दस्तावेजों को देखते हुए हाईकोर्ट ने भिंड कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों की प्रक्रिया को मनमाना पूर्ण बताया और पंचायत सचिव भगवान सिंह बघेल को हटाने के निर्देश दिए। उनके स्थान पर अब 17 साल बाद अवधेश सोनी पंचायत सचिव बनाए गए हैं। लेकिन अवधेश सोनी को इस दौरान लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। जबकि भगवान सिंह बघेल भी सालों बाद 2019 में पंचायत सचिव बन सके थे अब उन्हें हटाया गया है।