Gwalior: शादी में शराब न देने पर बवाल, दुल्हन सहित पूरे परिवार से मारपीट, घर से सामान और नकदी भी ले गए

ग्वालियर। ग्वालियर जिले में एक शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पड़ोसियों ने शराब के लिए पैसे नहीं मिलने पर पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। घटना में दूल्हे की मां, अन्य परिजन और यहां तक कि नई नवेली दुल्हन भी मारपीट का शिकार हुई। आरोप है कि हमलावर घर से सामान और नकदी भी ले गए। पीड़ित परिवार अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्वालियर देहात के आरोन थाना क्षेत्र के पटाई गांव निवासी महेश जाटव की 30 मार्च को शादी हुई थी। शादी के बाद महेश अपनी दुल्हन को घर लेकर आया, जहां परिवार और मेहमानों के साथ खुशियों का माहौल था। रात में सभी लोग भोजन कर रहे थे, तभी गांव के ही कुछ लोग वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने लगे।

परिवार द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि मनोज जाटव, हरनाम, भीम और नवल किशोर जाटव ने गाली-गलौज करते हुए अचानक हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दूल्हे की मां शीला जाटव जब बीच-बचाव करने आईं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान घर में आई नई दुल्हन को भी नहीं बख्शा गया और उसके साथ भी मारपीट की गई।

 

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घटना के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि हमलावर घर में रखा घरेलू सामान और नकदी भी अपने साथ ले गए। इस दौरान शादी में मौजूद मेहमानों ने भी विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच झड़प और बढ़ गई।

घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से दूल्हे की मां शीला जाटव परिवार सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई है।

इस संबंध में सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि पटाई गांव में शादी वाले परिवार और पड़ोसियों के बीच शराब के पैसे को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं और खुशियों के मौके भी विवाद का कारण बनते जा रहे हैं।




प्रदेश में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: चार शहरों में लगेंगी आधुनिक रेडियोथेरेपी मशीनें

भोपाल। मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा में रेडियोथेरेपी के लिए अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें स्थापित करने जा रही है। इस पहल से मरीजों को सस्ती और सुलभ उपचार सुविधा मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार, इन मशीनों की खरीद के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मशीनों की स्थापना और ट्रायल में लगभग एक वर्ष का समय लगने की संभावना है, जिसके बाद अगले वर्ष मार्च तक यह सुविधा शुरू हो सकती है।

सरकार ने पहले इन मशीनों को पीपीपी मॉडल पर लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन निवेशकों की कमी के चलते अब इन्हें सीधे सरकारी स्तर पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे सरकारी अस्पतालों में कैंसर उपचार की सुविधाएं और मजबूत होंगी।

वर्तमान में निजी अस्पतालों में रेडियोथेरेपी का खर्च काफी अधिक है, जहां मरीजों को इलाज के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को यह सुविधा नि:शुल्क मिलेगी। वहीं अन्य मरीजों के लिए भी शुल्क निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम रखा जाएगा।

इस योजना से खासतौर पर मध्यम और निम्न वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो महंगे इलाज के कारण उपचार से वंचित रह जाते हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रदेश में कैंसर उपचार की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।

चार प्रमुख शहरों को मिलेगा लाभ
यह सुविधा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा में शुरू की जाएगी, जिससे आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी और सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।




मध्यप्रदेश में व्हाट्सएप की जगह स्वदेशी ‘अरत्तई’ एप (arattai app) की एंट्री

arattai app
arattai app

ग्वालियर। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अब शिक्षा जगत भी धीरे-धीरे स्वदेशी विकल्पों को अपना रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध करीब 170 कॉलेजों में अब व्हाट्सएप की जगह ‘अरत्तई’ एप (arattai app) का उपयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय न केवल डिजिटल सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण है बल्कि यह भारतीय स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।

आधिकारिक सूचना और दस्तावेज होंगे ‘अरत्तई’ पर

विश्वविद्यालय के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद आदेश जारी किया है कि संस्थान से जुड़े सभी आधिकारिक कार्य, सूचना का आदान-प्रदान, नोटिस, मीटिंग अपडेट्स और छात्रों से संवाद अब केवल अरत्तई एप (arattai app) के माध्यम से ही किया जाएगा।

  • छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग आधिकारिक ग्रुप बनाए जाएंगे।
  • परीक्षा, प्रवेश और परिणाम से संबंधित जानकारी इसी एप पर साझा होगी।
  • विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म (जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम आदि) से साझा किए गए दस्तावेज मान्य नहीं होंगे।

छात्रों को मिलेगा नया डिजिटल अनुभव

राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 170 से अधिक महाविद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं को अब इस स्वदेशी प्लेटफॉर्म (arattai app) पर लाया जाएगा। इससे न केवल सूचना साझा करने की प्रक्रिया अधिक संगठित होगी बल्कि छात्रों को भी भारतीय तकनीक पर भरोसा बढ़ाने का अवसर मिलेगा।


क्या है ‘अरत्तई’ एप (arattai app)?

अरत्तई भारतीय आईटी कंपनी Zoho Corporation द्वारा वर्ष 2021 में लांच किया गया एक इंस्टेंट मैसेजिंग एप है।

  • “अरत्तई” शब्द तमिल भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप
  • यह एप व्हाट्सएप और टेलीग्राम का भारतीय विकल्प माना जाता है।
  • इसमें टेक्स्ट मैसेजिंग, फोटो-वीडियो शेयरिंग, दस्तावेज भेजने, वॉइस और वीडियो कॉल की सुविधा उपलब्ध है।
  • एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर इसे सुरक्षित और निजी संचार का भरोसा देता है।
  • सबसे खास बात, अरत्तई (arattai app) का सर्वर भारत में स्थित है। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ताओं का डेटा देश के बाहर नहीं जाता, जिससे साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी को मजबूती मिलती है।

क्यों जरूरी है स्वदेशी मैसेजिंग (arattai app) एप?

भारत में बीते कुछ वर्षों में डेटा प्राइवेसी और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। व्हाट्सएप जैसी विदेशी कंपनियां भारतीय उपयोगकर्ताओं का विशाल डेटा अपने सर्वर पर स्टोर करती हैं, जो भारत के बाहर स्थित हैं।
ऐसे में “अरत्तई” जैसे भारतीय एप (arattai app) कई मायनों में लाभकारी साबित हो सकते हैं –

  1. डेटा लोकलाइजेशन: सभी जानकारी भारत के सर्वर में ही सुरक्षित रहेगी।
  2. सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भरोसा: संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहेगी।
  3. आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा: भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा का मौका।
  4. यूजर-फ्रेंडली फीचर्स: व्हाट्सएप जैसे सभी फीचर्स के साथ ही भारतीय भाषाओं का सपोर्ट।

ग्वालियर विश्वविद्यालय के निर्णय का महत्व

ग्वालियर स्थित यह विश्वविद्यालय मध्यप्रदेश का एकमात्र संगीत और कला शिक्षा संस्थान है। यहां देशभर से हजारों छात्र शास्त्रीय संगीत, नृत्य, नाटक और ललित कला की शिक्षा लेने आते हैं। ऐसे में अरत्तई (arattai app) को अपनाने का फैसला कई मायनों में अहम है।

  • शैक्षणिक संचार का नया माध्यम : प्रशासन, शिक्षक और छात्र एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर जुड़े रहेंगे।
  • डिजिटल इंडिया को बढ़ावा : प्रधानमंत्री के डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रत्यक्ष समर्थन।
  • युवाओं में जागरूकता : छात्रों को स्वदेशी तकनीक अपनाने की प्रेरणा।

अन्य विश्वविद्यालय भी कर सकते हैं अनुकरण

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्वालियर विश्वविद्यालय का यह कदम दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी उदाहरण बनेगा। यदि देश के बड़े विश्वविद्यालय और सरकारी विभाग इस तरह के स्वदेशी एप्स को प्राथमिकता देंगे तो इससे –

  • विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी।
  • भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
  • छात्रों और युवाओं को भारतीय तकनीक पर गर्व महसूस होगा।

छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

विश्वविद्यालय के छात्रों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें व्हाट्सएप छोड़कर नए एप पर जाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगेगा, लेकिन लंबे समय में यह बदलाव सकारात्मक परिणाम देगा।

  • छात्रों की राय: “हमें गर्व है कि हम स्वदेशी एप (arattai app) का उपयोग करेंगे। अब हमारी जानकारी देश के बाहर नहीं जाएगी।”
  • शिक्षकों की राय: “यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल अनुशासन लाएगा और आधिकारिक दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।”

तकनीकी विशेषताएं (Features of Arattai)

  1. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शनसंदेश केवल भेजने और प्राप्त करने वाले तक सीमित।
  2. फोटो, वीडियो, ऑडियो और डॉक्यूमेंट शेयरिंग
  3. ग्रुप चैट और ब्रॉडकास्ट मैसेज की सुविधा।
  4. वॉइस और वीडियो कॉलिंग
  5. भारतीय भाषाओं का सपोर्ट – हिंदी, तमिल समेत कई क्षेत्रीय भाषाएं।
  6. डाटा स्टोरेज भारत में – विदेशी कंपनियों की तरह बाहर डेटा नहीं जाता।
  7. स्टिकर्स और कस्टम इमोजी – बातचीत को रोचक बनाने के लिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए भारत को अपने एप (arattai app) और तकनीक को बढ़ावा देना चाहिए।

  • कई बार विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर डेटा लीक की घटनाएं सामने आई हैं।
  • स्वदेशी एप को अपनाने से साइबर अटैक की आशंका घटेगी
  • सरकारी विभागों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह बदलाव अत्यंत आवश्यक है।

भविष्य की संभावनाएं

यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले समय में –

  • मध्यप्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान भी “अरत्तई” (arattai app) को अपनाएंगे।
  • सरकारी विभागों, पंचायतों और न्यायालयों में भी इसका उपयोग शुरू हो सकता है।
  • भारत एक मजबूत डिजिटल संचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेगा, जो पूरी तरह स्वदेशी होगा।

निष्कर्ष

राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा अरत्तई एप (arattai app) को व्हाट्सएप की जगह अपनाने का निर्णय केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।

  • यह कदम छात्रों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण देगा।
  • भारतीय स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को मजबूती मिलेगी।

इस निर्णय से निश्चित रूप से अन्य संस्थान भी प्रेरित होंगे और आने वाले वर्षों में भारत का डिजिटल संचार क्षेत्र पूरी तरह स्वदेशी विकल्पों पर आधारित हो सकता है।

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ग्वालियर: पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली और ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, चार गिरफ्तार

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ग्वालियर (मध्यप्रदेश)।ग्वालियर पुलिस ने एक बड़े ठगी (fake-police) और वसूली रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुधवार शाम चार ऐसे शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया, जो पुलिस की वर्दी पहनकर हाईवे पर वाहन चालकों से वसूली करते थे और युवाओं को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करते थे। आरोपितों के पास से नकली पुलिस वर्दी, पहचान पत्र और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह (fake-police) गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और ट्रक तथा डंपर चालकों से अवैध वसूली करता था। गिरफ्तार बदमाशों में से तीन आरोपी पहले से भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।


शिकायत से खुला राज़

यह मामला तब उजागर हुआ जब वैभव पाल नामक एक टाइपिस्ट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

वैभव “लीगल हाउस” नाम से एक टाइपिंग और फोटोकॉपी की दुकान चलाते हैं। कुछ दिन पहले उनके पास एक युवक आया और खुद को पुलिस विभाग में दारोगा बताकर नियुक्ति पत्र टाइप करवाने लगा।

उसके बाद उसी युवक ने अपने तीन साथियों को भी दुकान पर भेजा। संदेह होने पर वैभव ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की और बुधवार शाम चारों आरोपियों को दबोच लिया।


पकड़े गए आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

  • शिवम चतुर्वेदी (गिरोह का सरगना, निवासी सागर)
  • पवन यादव पुत्र ओमकार यादव (निवासी सागर)
  • नीरज यादव पुत्र कुंदन यादव (निवासी सागर)
  • रविंद्र यादव पुत्र अशोक यादव (निवासी सागर)

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने पहले भी दमोह जिले में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई थी।

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वर्दी पहनकर बनते थे अधिकारी

क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कभी निरीक्षक, कभी आरटीओ और कभी ट्रैफिक पुलिस अधिकारी बनकर सड़कों पर चेकिंग प्वाइंट लगाते थे।

  • वे खासतौर पर हाईवे पर ट्रक और डंपर चालकों को निशाना बनाते।
  • वाहन रोककर दस्तावेजों की जांच के नाम पर मोटी रकम वसूलते।
  • इस तरह कई महीनों से अवैध वसूली का खेल चल रहा था।

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

सिर्फ वसूली ही नहीं, आरोपियों का गिरोह (fake-police) बेरोजगार युवाओं को भी शिकार बनाता था।

  • वे खुद को पुलिस भर्ती से जुड़ा अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने का झांसा देते।
  • युवाओं से मोटी रकम ऐंठकर उन्हें नकली नियुक्ति पत्र थमा देते।
  • फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों की मदद से वे अपने झांसे को और पुख्ता करते थे।

पुलिस को मिले अहम सबूत

गिरोह से बरामद सामान में शामिल हैं:

  • पुलिस की नकली वर्दियां
  • फर्जी आईडी कार्ड और पहचान पत्र
  • नियुक्ति पत्रों के ड्राफ्ट
  • मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज

इन सबूतों से यह साबित हुआ कि गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से अपराध कर रहा था।

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पुलिस का बयान

ग्वालियर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया:

  • आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
  • यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने और किन जिलों में ठगी और वसूली की घटनाओं को अंजाम दिया है।
  • पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

दहशत में स्थानीय लोग

इस घटना के सामने आने के बाद ग्वालियर और आसपास के इलाके के लोग सकते में हैं।

  • ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि जब पुलिस की वर्दी में ठग (fake-police ) घूम रहे हों, तो असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
  • लोग अब प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

पुलिस की सख्त चेतावनी

ग्वालियर पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह की ठगी (fake-police) और वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • नकली पुलिस गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
  • लोगों से अपील की गई है कि संदिग्ध व्यक्तियों या नकली पुलिस की गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।
  • अधिकारी बोले कि यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है और भविष्य में इस तरह के अपराध रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष

ग्वालियर में पकड़ा गया यह नकली पुलिस (fake-police) गिरोह इस बात का सबूत है कि अपराधी किस हद तक जाकर ठगी कर सकते हैं।

  • कभी (fake-police )वर्दी पहनकर वसूली, तो कभी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी – इन बदमाशों ने अपराध की नई स्क्रिप्ट लिखी।
  • फिलहाल चारों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
  • अब देखना यह होगा कि जांच में और कितने राज़ सामने आते हैं और क्या प्रशासन ऐसे (fake-police) गिरोहों पर पूरी तरह से नकेल कस पाता है या नहीं।



Gwalior News : मप्र पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा, आधार कार्ड के हेरफेर से नियुक्ति

मध्य प्रदेश की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्वालियर-चंबल अंचल के कई जिलों में अब तक 17 ऐसे नवआरक्षकों की पहचान हुई है, जिन्होंने अपने आधार कार्ड में फोटो और फिंगरप्रिंट सॉल्वरों के नाम से अपडेट कराए। परीक्षा में खुद के स्थान पर उन्हें बैठाया।

परीक्षा में पास होने के बाद इन अभ्यर्थियों ने फिर से आधार में अपनी असली पहचान अपडेट कर ली, जिससे भर्ती प्रक्रिया में धांधली कर चयन प्राप्त कर लिया

यह फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ, जब पुलिस मुख्यालय ने दस्तावेजों की जांच में बार-बार आधार में बदलाव की प्रविष्टियां पकड़ीं। अधिकारियों को संदेह हुआ और गहराई से जांच की गई तो सामने आया कि परीक्षा के दौरान जिनके फिंगरप्रिंट और फोटो थे, वे अभ्यर्थी नहीं बल्कि सॉल्वर थे।

श्योपुर और मुरैना में पकड़े गए नवआरक्षकों पर मुकदमा दर्ज कर कुछ को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा सॉल्वर और उन आधार अपडेट करने वाले कियोस्क सेंटर संचालकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया।

जांच में शिवपुरी का एक कोचिंग संचालक भी संदेह के घेरे में है, जिस पर सॉल्वरों की व्यवस्था कराने का आरोप है। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है और इसमें कई और लोगों की संलिप्तता हो सकती है।

शिवपुरी में जिन छह नवआरक्षकों की पहचान फर्जी तरीके से चयनित होने के रूप में हुई है, वे सभी 18वीं बटालियन में कार्यरत थे। एफआईआर के बाद से सभी लापता हैं।

मुरैना में 106 नवआरक्षकों को आमद देनी थी, लेकिन फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद 22 नवआरक्षक अब तक रिपोर्टिंग के लिए नहीं पहुंचे हैं, जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज से भी मिलान कर रही पुलिस

पुलिस मुख्यालय द्वारा परीक्षा कक्षों के उस समय के सीसीटीवी फुटेज का मिलान दस्तावेजों से किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लिखित परीक्षा में असल में कौन बैठा था। दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और संदेहास्पद मामलों में कार्रवाई की जा रही है।

दोषियों के खिलाफ करेंगे कठोर कार्रवाई

सीएसपी मुरैना दीपाली चंदौरिया ने बताया कि कई नवआरक्षकों ने सॉल्वरों के जरिए परीक्षा दी थी। इसके लिए उन्होंने आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट और फोटो तक बदलवाए। अब तक सामने आए मामलों के आधार पर प्रदेशभर में नवआरक्षकों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।




Gwalior News : साबुन में मिला ब्लेड, नहाते समय निकला खून, बच्चे का गाल कटा, उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज

यदि आप साबुन का उपयोग करते हैं। यदि ऐसा है तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है… क्योंकि ग्वालियर में नहाने का साबुन में ब्लेड निकलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोस्तों के साथ खेल कर घर पहुंचे 10 साल की बच्चे ने जब डिटॉल साबुन चेहरे पर घिसा तो उसके गाल में कट लग गया है और लगातार खून बह रहता रहा। उसने आवाज देकर अपने पिता को बुलाया और पिता ने जब बाथरूम में पहुंचा तो खून ही खून नजर आया। पिता को जब बाथरूम में देखा तो साबुन में ब्लेड दिखी। पिता ने इस मामले को उपभोक्ता फॉर्म में शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें कि शहर के आनंद नगर इलाके में रहने वाले अंगद सिंह तोमर ने पास की ही मोहित किराना दुकान से 10 रुपये कीमत वाले 10 डेटॉल साबुन खरीदे थे। जब उनका 10 साल का बेटा अंश घर में मौजूद आखिरी डिटॉल साबुन से नहा रहा रहा था, तभी अचानक साबुन के अंदर से ब्लेड निकला। इसके चलते उसके चेहरे पर तेज कट लग गया। जब उसने अपने पिता को इसकी जानकारी दी तो अंगद तोमर इस तस्वीर को देखकर हैरान रह गए, क्योंकि वह सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि साबुन के अंदर से ब्लेड निकल सकता है। ऐसे में वह पास की मोहित किराना दुकान पर पहुंचे और उससे जब दूसरा 10 रुपये कीमत वाला साबुन खरीदा और उसे पानी में गलाया तो उसमें भी ब्लेड निकला। इस घटना से आहत होकर अंगद तोमर ने डिटॉल साबुन की शिकायत 1915 नंबर डायल करते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिकायत की है।

अंगद तोमर का आरोप है कि साबुन के अंदर से निकले हुए ब्लेड से उनके बच्चे की जान भी जा सकती थी। किराना संचालक ने भी इस मामले से पल्ला झडा लिया है, ऐसे में इस मामले की शिकायत उनके द्वारा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म पर सबूत के साथ कर दी गई है। उन्हें उम्मीद है कि इसके जरिए इस मामले में सख्त एक्शन लिया जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह आगे फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।




Gwalior News : उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ग्वालियर में कहा, ‘भारत सक्षम नेतृत्व में आतंकवादी हमले का डटकर सामना कर रहा है’

ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीयता ही हमारी पहचान है और राष्ट्र धर्म से ऊपर कोई धर्म नहीं हो सकता। धनखड़ ने कहा कि राजमाता का जीवन प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन त्याग और समर्पण के साथ जिया। आज भारत पहलगाम की चुनौती का सामना कर रहा है, लेकिन आज हमारे पास एक सशक्त भारत है, जिसके पास एक सक्षम नेतृत्व है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।

राष्ट्रवाद के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहीं विजयाराजे सिंधिया

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजमाता का संदेश था कि राष्ट्रवाद सर्वोपरि है। हम भारतीय हैं और भारतीयता ही हमारी असली पहचान है। राष्ट्रधर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। धनखड़ ने छात्रों से अपील की है कि वे हमेशा देश को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। हमेशा देश को सबसे ऊपर रखें। उन्होंने यह भी कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने राष्ट्रवाद के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहीं और अपना पूरा जीवन देश सेवा में समर्पित किया।

कृषि और किसानों की भूमिका पर बल

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में किसानों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता हमारे खेतों से होकर गुजरता है। भारत हमेशा से कृषि प्रधान देश रहा है और आज हम एक नई कृषि क्रांति के मुहाने पर खड़े हैं जो हमारे भविष्य को तय करेगी। धनखड़ ने किसानों के दुख-दर्द को समझने और उनके प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने किसानों को सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि ‘एग्रीप्रेन्योर’ यानी कृषि उद्यमी बनाना होगा।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय जवान, जय किसान’ की याद दिलाई, जिसे बाद में अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘जय विज्ञान’ से जोड़ा और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ तक बढ़ाया है। उपराष्ट्रपति ने छात्रों और शोधकर्ताओं से अपील की कि वे इस विजन को साकार करने के लिए नवाचार, विज्ञान और अनुसंधान के जरिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आप सभी को आगे बढ़कर इस दिशा में काम करना चाहिए ताकि यह नारा ज़मीन पर साकार हो सके।

शिवराज सिंह चौहान की सराहना

धनखड़ ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें किसानों की समस्याओं की गहरी समझ है और उन्होंने किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार की ईमानदार कोशिशों को पहचान रहे हैं। जो पहले कभी नहीं हुआ, वह अब किसानों के हित में हो रहा है।




Gwaliyer News : लोकायुक्त पुलिस ने रेवेन्यू इंस्पेक्टर को 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद लगभग हर रोज प्रदेश के किसी न किसी सरकारी दफ्तर में कोई न कोई अधिकारी या कर्मचारी घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा रहा है। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर से सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर को 30 हजार की रिश्वत लेते दबोचा है।

आपको बता दें कि, उत्तरप्रदेश के फरीदाबाद में रहने वाले प्रवीण सिंह ने दमोह के अंतर्गत आने वाले ग्राम ददोरी में 42 बीघा जमीन खरीदी थी। जिस पर बदामी कुशवाह और शिव प्रताप कुशवाह ने कब्जा कर रखा था। जमीन की नाप के बाद तहसील घाटीगांव के मोहना वृत्त में पदस्थ राजस्व निरीक्षक दिलीप नगर ने कब्जा मुक्त कराने के एवज में 50 हजार रिश्वत की डिमांड की थी। दोनों में 35 हजार रिश्वत देने पर सौदा तय हुआ, जिसमें से राजस्व निरीक्षक ने 5 हजार पहले ही ले लिए थे।

घेराबंदी कर दबोचा
मामले की शिकायत ने प्रवीण ने ग्वालियर लोकायुक्त से की थी, जिसके बाद टीम ने मंगलवार को आरोपी राजस्व निरीक्षक दिलीप नगर को उसके निवास बेलदार का पुरा काला सैयद रोड गिरवाई पर शिकायतकर्ता से 30 हजार रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया। इधर, पकड़े जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरआई के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की है।




Gwalior News : मप्र की सबसे बड़ी धोखाधड़ी, एसआईटी टीम ने बैंक मैनेजर समेत 6 लोगों को किया गिरफ्तार

प्रदेश में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट के मामले में एसआईटी ने उज्जैन में बड़ा एक्शन लिया है। एसआईटी ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बैंक अकाउंट होल्डर है, जिसमें ठगी के 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा एक कैश निकालने वाला है, जबकि दो बैंक कर्मचारी जिनमें बंधन बैंक का मैनेजर, एक महिला कैशियर सहित छह आरोपी शामिल हैं।

बंधन बैंक के कर्मचारी ही ठगी की रकम को निकालने और फ्रीज होने से बचाने में मदद करते थे। इसके अलावा दो अन्य टीम मध्य प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में दबिश दे रही है। प्रदेश के इस सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है। दिन रात साइबर एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। बैंक से ज्यादा से ज्यादा आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। सभी आरोपियों को उज्जैन से लेकर एसआईटी ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है।

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बता दें, मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने का डर दिखाकर ग्वालियर के रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को डिजिटल अरेस्ट कर 2.53 करोड रुपये ठगे गए थे। इस मामले में 26 दिन में तीन बैंक खातों में यह ठगी की पूरी रकम गई थी। मामला सामने आने के बाद तत्काल पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी थी। पता लगा कि जिन तीन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर हुए थे, उनसे करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा बैंक खातों में रुपये तत्काल ट्रांसफर किए गए थे। इनमें से एक उज्जैन स्थित बंधन बैंक का खाता था, जिसमें 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे और ये 10 लाख रुपये तत्काल निकाल लिए गए थे। दो दिन पहले इस बात का खुलासा होने के बाद एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने एसआईटी का गठन किया था।

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उज्जैन पहुंची थी एसआईटी

एसआईटी उज्जैन पहुंची थी। दिन भर दी गई दबिश में पुलिस की टीम ने जिस अकाउंट में रुपये ट्रांसफर हुए थे, उसे पकड़ा। इसके बाद जिसने 10 लाख रुपये निकाले थे उसे सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर हिरासत में लिया। दो बैंक कर्मचारी सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी की कुछ न कुछ भूमिका है। सभी को लेकर पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है।




Gwalior News : शादी समारोह में डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद, युवक को मारी गोली, इलाज के दौरान मौत

ग्वालियर जिले के डबरा देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबाई गांव में एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब डीजे पर डांस को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद के दौरान हुई फायरिंग में एक युवक को सिर में गोली लग गई, जिसे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को गंभीर हालत में इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया। जहां, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान सुनील रावत के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस कर रहे दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में यह कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक ने अपने पास रखी बंदूक से फायरिंग कर दी। बंदूक से निकली गोली सुनील रावत के सिर में लग गई। गंभीर हालत में सुनील को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे ग्वालियर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुनील ने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने मामले में गोली चलाने वाले आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। वहीं, अब सुनील की मौत के बाद इसे हत्या की धारा में बदला जा सकता है। डबरा देहात थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश में टीमें रवाना कर दी हैं।

शादी समारोह में इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। जहां एक ओर खुशियों का माहौल था, वहीं अब परिजन और ग्रामीण सदमे में हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।