Indore News : खंडवा में भूकंप के हल्के झटके, किसी नुकसान की खबर नहीं

Earthquake of 3.0 magnitude recorded in Madhya Pradesh

INDORE: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार सुबह रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सुबह 8:46 बजे आया और इसका केंद्र 21.63° उत्तरी अक्षांश और 76.43° पूर्वी देशांतर पर, 5 किलोमीटर की उथली गहराई में स्थित था।

भूकंप के झटके कुछ ही सेकंड तक रहे, लेकिन उथली गहराई होने के कारण लोगों ने इन्हें स्पष्ट रूप से महसूस किया। खंडवा के कुछ हिस्सों में हल्की दहशत फैल गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।

The epicentre was recorded at 21.63°N latitude and 76.43°E longitude

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया, “भूकंप हल्का रहा होगा। किसी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।” जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संपत्ति या बुनियादी ढांचे को कोई क्षति नहीं पहुँची है और किसी के घायल होने की सूचना भी नहीं है।

फिलहाल, स्थिति सामान्य है और एनसीएस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। अभी तक किसी आफ्टरशॉक की सूचना नहीं मिली है।




Khanda Earthquake : भूकंप हल्का कंपन मध्य प्रदेश महाराष्ट्र सीमा अमरावती के पास

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में बुधवार रात 9 बजकर 57 मिनट पर धरती अचानक हिल गई। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई, जिससे खंडवा शहर और आसपास के इलाकों में हल्का झटका महसूस किया गया। यह झटका भले ही कमजोर रहा, लेकिन कई लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

भूकंप का केंद्र अमरावती के पास

जिले के मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के मुताबिक, भूकंप का केंद्र महाराष्ट्र के अमरावती जिले में था, जो खंडवा से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भूकंप का प्रभाव खंडवा के पंधाना ब्लॉक के गांवों कोहदड, बोरगांव, रुस्तमपुर और पड़ोसी जिले बुरहानपुर के नेपानगर क्षेत्र में भी महसूस किया गया।

अधिक बारिश और एयर मूवमेंट बना झटकों की वजह

मौसम विशेषज्ञ गुप्ता ने बताया कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा हुई है। इसके कारण जमीन में पानी के जमा होने और भीतर की परतों में बने एयर मूवमेंट ने इस भूकंप जैसी स्थिति को जन्म दिया। उन्होंने इसे “मध्यम गति का भू-गति झटका” बताया।

मानसूनी तंत्र की सक्रियता भी बनी कारण

गुप्ता के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच मानसूनी तंत्र की बढ़ती सक्रियता और भूमि के तापमान में परिवर्तन भी ऐसी परिस्थितियों को जन्म देते हैं। भविष्य में भी हल्के झटके महसूस होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जनता के लिए जरूरी सलाह

  • विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता ने आम जनता को सतर्क रहने और निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
  • घर में टांड़ (ऊपर की शेल्फ) पर भारी सामान न रखें, उन्हें नीचे जमीन पर रखें।
  • गमलों को दीवार पर न सजाएं।
  • आपातकालीन नंबर जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस को मोबाइल में सेव रखें।
  • गैस सिलेंडर और बिजली के मेन स्विच का उपयोग न होने पर बंद रखें।
  • झटका महसूस होते ही तुरंत खुले स्थान पर जाएं और इमारतों से दूरी बनाए रखें।



सब कुछ हिलने लगा भूकंप से दिल्ली से लेकर बिहार तक सहमे लोग

नेपाल में शुक्रवार रात 6.4 की तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने यह जानकारी दी। एनसीएस के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नेपाल में 10 किलोमीटर की गहराई में था। दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों से बाहर निकल आए। बीते एक महीने में यह तीसरी बार है, जब नेपाल में भूकंप के तेज झटके आए हैं।

भूकंप के झटके इतनी तेज थे कि लोग अपने घरों से भागने लगे। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिल्ली की निवासी आरती ने बताया, “मैं बिस्तर पर लेटी हुई थी और बिस्तर हिलने लगा, मैंने अपनी बहन का पैर हिलाया जो मेरे बगल में सो रही थी…जब हम बालकनी में गए, तो बाहर से बहुत शोर आ रहा था।” दिल्ली की एक अन्य निवासी ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि आखिर ये हो क्या रहा है। उन्होंने कहा, “10 मिनट तो यही समझने में चले गए कि आखिर ये हो क्या रहा है। ऐसा लग रहा है कि अभी दोबारा आएगा।”

नेपाल में अकसर भूकंप आता रहता है। दरअसल नेपाल उस पर्वत श्रृंखला पर स्थित है जहां तिब्बती और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट मिलती हैं और ये हर सदी एक-दूसरे के तकरीबन दो मीटर पास खिसकती हैं जिसके परिणामस्वरूप दबाव उत्पन्न होता है और भूकंप आते हैं। इसकी जद में भारत के भी उत्तरी हिस्से अक्सर आ जाते हैं।

नेपाल का पड़ोसी होने के चलते बिहार में भी तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी पटने के निवासी अरुण कुमार ने बताया कि वह बिस्तर पर लेटे हुए थे और बिस्तर हिलने लगा। उन्होंने कहा, “हम समझ गए कि यह भूकंप था।” एक अन्य निवासी ने कहा, “मैं बिस्तर पर लेटा हुआ था और कंपन होने लगा और मैंने देखा कि छत का पंखा भी हिल रहा था इसलिए मैं अपने घर से बाहर आ गया।” नोएडा के रहने वाले तुषार ने कहा, “मैं टीवी देख रहा था और अचानक मुझे चक्कर जैसा महसूस हुआ… फिर मैंने टीवी पर भूकंप के बारे में देखा और अचानक अपने घर से बाहर आ गया।”

बता दें कि इससे पहले नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत में 16 अक्टूबर को 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल में 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए झटकों के कारण लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी।